**अगर कोई दुर्घटना हो गई तो दोष ट्रक ड्राइवर पर ही आएगा** स्टंटबाज़ी नहीं, समझदारी दिखाइए सड़कों पर बढ़ती भीड़ और तेज़ रफ्तार के बीच आजकल स्टंटबाज़ी एक फैशन बनती जा रही है। खासकर युवा वर्ग बाइक या कार से ऐसे खतरनाक करतब करता है, जिनसे न सिर्फ उनकी जान जोखिम में पड़ती है बल्कि सड़क पर चल रहे निर्दोष लोगों की ज़िंदगी भी खतरे में आ जाती है। दुर्भाग्य की बात यह है कि जब कोई हादसा हो जाता है, तो अक्सर दोष भारी वाहन चालकों, खासकर ट्रक ड्राइवरों पर डाल दिया जाता है। जबकि कई मामलों में दुर्घटना की असली वजह सामने वाले वाहन की लापरवाही, ओवरस्पीडिंग या स्टंटबाज़ी होती है। ट्रक ड्राइवर सीमित गति, भारी वजन और लंबे ब्रेकिंग सिस्टम के साथ वाहन चलाते हैं। अचानक सामने कोई बाइक स्टंट करते हुए आ जाए या तेज़ रफ्तार में कट मारे, तो ट्रक को तुरंत रोक पाना लगभग असंभव हो जाता है। ऐसे में हादसा हो जाए तो कानूनी और सामाजिक दबाव ट्रक चालक को ही झेलना पड़ता है, जबकि गलती किसी और की होती है। स्टंटबाज़ी केवल सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड की लोकप्रियता दिला सकती है, लेकिन इसके परिणाम ज़िंदगी भर का पछतावा या किसी निर्दोष की मौत भी हो सकते हैं। सड़क कोई स्टेज नहीं है और न ही यह अपनी बहादुरी दिखाने की जगह है। सड़क पर हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह यातायात नियमों का पालन करे और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखे। ज़रूरत है सोच बदलने की। स्टंट नहीं, संयम दिखाइए। रफ्तार नहीं, समझदारी अपनाइए। क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही किसी की पूरी ज़िंदगी बर्बाद कर सकती है — और याद रखिए, हादसे के बाद सच से ज़्यादा आरोप तेज़ चलते हैं, जिनका बोझ अक्सर निर्दोष ट्रक ड्राइवरों को उठाना पड़ता है।
**अगर कोई दुर्घटना हो गई तो दोष ट्रक ड्राइवर पर ही आएगा** स्टंटबाज़ी नहीं, समझदारी दिखाइए सड़कों पर बढ़ती भीड़ और तेज़ रफ्तार के बीच आजकल स्टंटबाज़ी एक फैशन बनती जा रही है। खासकर युवा वर्ग बाइक या कार से ऐसे खतरनाक करतब करता है, जिनसे न सिर्फ उनकी जान जोखिम में पड़ती है बल्कि सड़क पर चल रहे निर्दोष लोगों की ज़िंदगी भी खतरे में आ जाती है। दुर्भाग्य की बात यह है कि जब कोई हादसा हो जाता है, तो अक्सर दोष भारी वाहन चालकों, खासकर ट्रक ड्राइवरों पर डाल दिया जाता है। जबकि कई मामलों में दुर्घटना की असली वजह सामने वाले वाहन की लापरवाही, ओवरस्पीडिंग या स्टंटबाज़ी होती है। ट्रक ड्राइवर सीमित गति, भारी वजन और लंबे ब्रेकिंग सिस्टम के साथ वाहन चलाते हैं। अचानक सामने कोई बाइक स्टंट करते हुए आ जाए या तेज़ रफ्तार में कट मारे, तो ट्रक को तुरंत रोक पाना लगभग असंभव हो जाता है। ऐसे में हादसा हो जाए तो कानूनी और सामाजिक दबाव ट्रक चालक को ही झेलना पड़ता है, जबकि गलती किसी और की होती है। स्टंटबाज़ी केवल सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड की लोकप्रियता दिला सकती है, लेकिन इसके परिणाम ज़िंदगी भर का पछतावा या किसी निर्दोष की मौत भी हो सकते हैं। सड़क कोई स्टेज नहीं है और न ही यह अपनी बहादुरी दिखाने की जगह है। सड़क पर हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह यातायात नियमों का पालन करे और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखे। ज़रूरत है सोच बदलने की। स्टंट नहीं, संयम दिखाइए। रफ्तार नहीं, समझदारी अपनाइए। क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही किसी की पूरी ज़िंदगी बर्बाद कर सकती है — और याद रखिए, हादसे के बाद सच से ज़्यादा आरोप तेज़ चलते हैं, जिनका बोझ अक्सर निर्दोष ट्रक ड्राइवरों को उठाना पड़ता है।
- Haridwar जनपद के ग्रामीण क्षेत्र बढ़ेड़ी राजपुताना गांव में अचानक हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सोमवार देर शाम तेज बारिश के साथ गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी फसलों को काफी प्रभावित कर दिया। स्थानीय किसानों के अनुसार गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। खेतों में गिरे ओलों की वजह से कई जगह फसलें जमीन पर गिर गईं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। किसानों का कहना है कि इस समय फसल पकने की स्थिति में थी, ऐसे में ओलावृष्टि से आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करे और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते सहायता नहीं मिली तो उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।1
- देहरादून/उत्तराखंड राज्य की धामी सरकार के प्रयासों से विभिन्न विभागों में राज्य के युवाओं को रोजगार देने का काम जारी है। कई विभागों में भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अभी तक राज्य में 30000 से ज्यादा युवाओं को विभिन्न विभागों में रोजगार देने का काम किया जा चुका।1
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- Post by Rajkumar mehra press reporter1
- “यह सिर्फ construction नहीं… किसी परिवार के सपनों की शुरुआत है।”1
- Post by Graphics Solution1
- Post by Dpk Chauhan1
- The Aman Times ऊधम सिंह नगर के बन्नाखेड़ा स्थित मंड फार्म क्षेत्र में तेंदुए की दहशत बढ़ती जा रही है। एक फार्म हाउस के सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ दीवार फांदकर घर के अंदर घुसता हुआ और पालतू कुत्ते का शिकार करता हुआ दिखाई दिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है। खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर भी अब बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इलाके में तुरंत पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ा जाए और लोगों को राहत दी जाए।1
- Post by Rajkumar mehra press reporter1