रसड़ा(बलिया)। तहसील बार एसोसिएशन का गहमा गहमी चुनाव में कड़े टक्कर में अध्यक्ष पद पर प्रमोद कुमार सिंह ने दो मतों जीत कर कब्जा जमाया। सदस्यों ने नव निर्वाचित सदस्यों को माल्यार्पण कर स्वागत किया। चुनाव अधिकारी उदय नारायण सिंह एवं सहयोगी विपिन चंद्र श्रीवास्तव, भुवनेश्वर उपाध्याय, अमर बहादुर सिंह के देख रख ने 126 सदस्यों ने मतदान में भाग लिया। अध्यक्ष पद प्रमोद कुमार सिंह 64 मत पाकर विजई घोषित किए गए जबकि उनके प्रतिद्वंदी संजय पांडेय ने 62 मत प्राप्त किए। उपाध्यक्ष वरिष्ठ पद पर देवेंद्र प्रताप सिंह 70 मत उपाध्यक्ष कनिष्ठ पद पर अनिल कुमार, कोषाध्यक्ष पद पर सुरेंद्रनाथ 71 मत पाकर विजई घोषित किए गए। उसके बाद कार्यकारिणी सदस्य पद पर अमरजीत कुमार भारती 70 मत, अजय कुमार सिंह 65मत, कुंदन कनौजिया 106 मत, बबलू प्रसाद 88 मत, विंध्याचल भारती 86 मत, विकास कुमार76 मत, रमेश कुमार यादव 69 मत पाकर चुने गए। इसके पूर्व महामंत्री सुनील कुमार श्रीवास्तव, आय व्यय मंत्री कपिलेश्वर दयाल, पुस्तकालय मंत्री प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त प्रकाशन मंत्री जय प्रकाश भारती, संयुक्त प्रशासन मंत्री अजीत कुमार ठाकुर के साथ कार्यकारिणी के सदस्य जमशेद अली, श्री निवास पाण्डेय, अरविंद कुमार तिवारी, अखिलेश कुमार यादव, धीरेन्द्र सिंह निर्विरोध चुन लिए गए थे। चुनाव अधिकारी उदय नारायण सिंह ने विजई प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करते हुए बताया कि कोषाध्यक्ष पद पर तीन मत नोटा पड़ा है । इस मौके पर निवर्तमान अध्यक्ष सुनील कुमार चौरसिया, पूर्व अध्यक्ष द्वारिका सिंह, देवेंद्र सिंह, अजय कुमार सिंह, रामजी सिंह, जितेंद्र कन्नौजिया, के के तिवारी, अनिल प्रजापति आदि अधिवक्ताओं ने स्वागत किया। फोटो सहित
रसड़ा(बलिया)। तहसील बार एसोसिएशन का गहमा गहमी चुनाव में कड़े टक्कर में अध्यक्ष पद पर प्रमोद कुमार सिंह ने दो मतों जीत कर कब्जा जमाया। सदस्यों ने नव निर्वाचित सदस्यों को माल्यार्पण कर स्वागत किया। चुनाव अधिकारी उदय नारायण सिंह एवं सहयोगी विपिन चंद्र श्रीवास्तव, भुवनेश्वर उपाध्याय, अमर बहादुर सिंह के देख रख ने 126 सदस्यों ने मतदान में भाग लिया। अध्यक्ष पद प्रमोद कुमार सिंह 64 मत पाकर विजई घोषित किए गए जबकि उनके प्रतिद्वंदी संजय पांडेय ने 62 मत प्राप्त किए। उपाध्यक्ष वरिष्ठ पद
पर देवेंद्र प्रताप सिंह 70 मत उपाध्यक्ष कनिष्ठ पद पर अनिल कुमार, कोषाध्यक्ष पद पर सुरेंद्रनाथ 71 मत पाकर विजई घोषित किए गए। उसके बाद कार्यकारिणी सदस्य पद पर अमरजीत कुमार भारती 70 मत, अजय कुमार सिंह 65मत, कुंदन कनौजिया 106 मत, बबलू प्रसाद 88 मत, विंध्याचल भारती 86 मत, विकास कुमार76 मत, रमेश कुमार यादव 69 मत पाकर चुने गए। इसके पूर्व महामंत्री सुनील कुमार श्रीवास्तव, आय व्यय मंत्री कपिलेश्वर दयाल, पुस्तकालय मंत्री प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त प्रकाशन मंत्री जय प्रकाश भारती, संयुक्त प्रशासन मंत्री
अजीत कुमार ठाकुर के साथ कार्यकारिणी के सदस्य जमशेद अली, श्री निवास पाण्डेय, अरविंद कुमार तिवारी, अखिलेश कुमार यादव, धीरेन्द्र सिंह निर्विरोध चुन लिए गए थे। चुनाव अधिकारी उदय नारायण सिंह ने विजई प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करते हुए बताया कि कोषाध्यक्ष पद पर तीन मत नोटा पड़ा है । इस मौके पर निवर्तमान अध्यक्ष सुनील कुमार चौरसिया, पूर्व अध्यक्ष द्वारिका सिंह, देवेंद्र सिंह, अजय कुमार सिंह, रामजी सिंह, जितेंद्र कन्नौजिया, के के तिवारी, अनिल प्रजापति आदि अधिवक्ताओं ने स्वागत किया। फोटो सहित
- “एक बेटी की पुकार” संगोष्ठी में दहेज प्रथा के खिलाफ उठी मजबूत आवाज, समाज को जागरूक करने का लिया संकल्प... गाजीपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर “एक बेटी की पुकार : दहेज रूपी अभिशाप से मुक्ति की ओर एक संकल्प” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन संगम पैलेस, बवेडी गाजीपुर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। संगोष्ठी के दौरान अंजली, आकांक्षा, शिखा, प्रियंका और ऐंजल ने दहेज प्रथा के खिलाफ एक प्रभावशाली एकांकी प्रस्तुत की, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। वहीं आद्या सिंह उर्फ सोनी सिंह ने जब मंच से दहेज प्रथा के कारण बच्चियों पर होने वाले अत्याचारों का उल्लेख किया तो कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं और माहौल भावुक हो उठा। कार्यक्रम में नन्ही बच्ची अक्षिता सिंह ने भी दहेज प्रथा के खिलाफ अपनी भावुक बात रखी, जिसने सभी का दिल छू लिया। संगोष्ठी में आस्था पटेल ने दहेज प्रथा को समाज के लिए गंभीर अभिशाप बताते हुए इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया। डा. रितु श्रीवास्तव ने कहा कि जब पूरा विश्व महिला सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब भी दहेज जैसी कुरीतियाँ बेटियों के सम्मान और जीवन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि विवाह जैसे पवित्र संस्कार को दहेज की लालच ने कलंकित कर दिया है, जिसके कारण अनेक बेटियाँ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं। इस दौरान आद्या सिंह ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि देश में हर वर्ष हजारों महिलाएं दहेज से जुड़ी हिंसा और उत्पीड़न का शिकार होती हैं। भारत में प्रतिवर्ष लगभग 6 हजार से अधिक महिलाओं की मृत्यु दहेज संबंधी घटनाओं में होती है, जबकि प्रतिदिन औसतन 18 से 20 महिलाओं की जान दहेज की लालच के कारण चली जाती है। मुख्य अतिथि डा. दीप्ति सिंह ने कहा कि बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता इस समस्या के समाधान की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। जब महिलाएं शिक्षित और आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तब वे अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठा सकेंगी। विशिष्ट अतिथि नगर पालिका परिषद गाजीपुर की चेयरमैन सरिता अग्रवाल ने कहा कि जब तक समाज की हर बेटी को सम्मान और सुरक्षा नहीं मिलेगी, तब तक महिला सशक्तिकरण का सपना अधूरा रहेगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने संकल्प लिया कि न तो दहेज लेंगे और न ही दहेज देंगे तथा समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे। कार्यक्रम का संचालन जयति और संजीव ने संयुक्त रूप से किया, जबकि प्रभात सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- स्नातक और परास्नातक मेधावी छात्राओं के लिए यह योजना होगी।1
- जय योगी1
- सर्राफा दुकान से सोने के आभूषण लेकर फरार। सीसीटीवी में कैद हुआ संदिग्ध। बेल्थरारोड: उभाव थाना क्षेत्र के सीयर कस्बे में ज्वेलरी की दुकान पर मंगलवार दोपहर एक व्यक्ति द्वारा सामान देखने के बहाने सोने के आभूषण लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद आसपास के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर लगभग 1 बजे एक अज्ञात व्यक्ति बेल्थरा रोड स्थित सत्यम सर्राफ की दुकान पर पहुंचा। उसने दुकानदार से सोने के आभूषण दिखाने को कहा और काफी देर तक अलग-अलग आभूषण देखता रहा। इसी दौरान मौका पाकर वह कुछ सोने के आभूषण लेकर चुपके से दुकान से निकल गया। घटना की जानकारी तब हुई जब दुकानदार ने सामान की जांच की। इसके बाद दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई, जिसमें पूरा घटनाक्रम साफ तौर पर कैद हो गया है। फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति आभूषण देखते और मौके का फायदा उठाकर निकलते हुए दिखाई दे रहा है। दुकानदार और स्थानीय व्यापारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति फुटेज में दिखाई दे रहे संदिग्ध को पहचानता हो तो इसकी सूचना तुरंत दुकान मालिक या पुलिस को दे, ताकि आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। वहीं घटना के बाद बाजार के व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी की है।1
- ग्राम पंचायत बनगावा में नाली समस्या बहुत ही भारी समस्या है लोग रास्ते पर अपनी सीवर का पानी बहने को मजबूर है लेकिन ग्राम प्रधान और सचिव बनवाने को तैयार नहीं लोग कई बार मौखिक रूप से सूचित किया गया लेकिन सुनने को तैयार नहीं है , ऐसे अधिकारी और ग्राम प्रधान की कार्यों की जांच अवश्य होनी चाहिए1
- मऊ। आगामी 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन को लेकर यातायात पुलिस ने गाजीपुर तिराहा पर जागरूकता अभियान चलाकर वाहन स्वामियों को जागरूक किया।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- रसोई गैस की किल्लत से बढ़ी परेशानी, एजेंसियों पर कालाबाजारी का आरोप सिलेंडर लेने पहुंचे उपभोक्ताओं और एजेंसी कर्मियों में हुई कहासुनी, समय पर आपूर्ति न मिलने से बढ़ा आक्रोश। बलिया। जिले में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गैस सिलेंडर समय पर न मिलने के कारण उपभोक्ताओं को घंटों एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई जगहों पर सिलेंडर लेने पहुंचे उपभोक्ताओं और एजेंसी कर्मचारियों के बीच कहासुनी और बकझक की स्थिति भी देखने को मिल रही है। जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रसोई गैस की आपूर्ति पिछले कुछ दिनों से प्रभावित बताई जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग कराने के कई दिन बाद भी गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में लोगों को या तो इंतजार करना पड़ रहा है या फिर अधिक कीमत देकर सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि गैस की कमी का हवाला देकर कुछ जगहों पर कालाबाजारी की जा रही है। लोगों का कहना है कि एजेंसी पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने की बात कही जाती है, जबकि खुले बाजार में अधिक दाम देकर आसानी से सिलेंडर मिल जा रहा है। इससे आम उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इधर गैस एजेंसी से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि ऊपर से गैस सिलेंडरों की आपूर्ति कम आ रही है, जिसके कारण सभी उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि जितनी मात्रा में सिलेंडर मिलते हैं, उसी के अनुसार वितरण किया जा रहा है। रसोई गैस की किल्लत से सबसे अधिक परेशानी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को हो रही है। कई परिवारों को खाना बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।1