जयकारों से गूंजा टांगीनाथ धाम, भगवान परशुराम जयंती पर उमड़ा आस्था का महासैलाब जयकारों से गूंजा टांगीनाथ धाम, भगवान परशुराम जयंती पर उमड़ा आस्था का महासैलाब डुमरी प्रखंड स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल बाबा टांगीनाथ धाम में भगवान शिव के छठे अवतार भगवान परशुराम की जयंती श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। जानकारी देते हुए रविवार सुबह ग्यारह बजे बताया गया कि जयंती के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुँचे और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। भगवान परशुराम की तपोस्थली माने जाने वाले टांगीनाथ धाम में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। मान्यता है कि यहाँ भगवान परशुराम का अक्षय फरसा आज भी जमीन में स्थापित है। जयंती के पावन अवसर पर दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने दिव्य फरसे की पूजा कर सुख-समृद्धि एवं मंगल कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं। भक्तों ने पवित्र कुंड में स्नान करने के बाद भगवान शिव एवं भगवान परशुराम का जलाभिषेक किया। धूप, दीप एवं नैवेद्य अर्पित कर विधि-विधान से आरती की गई और परिवार की खुशहाली व मनोकामना पूर्ति के लिए आशीर्वाद मांगा गया। मंदिर परिसर में आयोजित भजन-कीर्तन, धार्मिक वंदना तथा “भगवान परशुराम की जय” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। श्रद्धालुओं का कहना है कि परशुराम जयंती के दिन यहाँ पूजा करने का विशेष धार्मिक महत्व है, क्योंकि यह स्थल भगवान परशुराम की तपस्या और शक्ति से जुड़ा हुआ माना जाता है। दिनभर श्रद्धालुओं के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा, जिससे धाम एवं आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह और चहल-पहल बनी रही। #टांगीनाथधाम #भगवानपरशुरामजयंती #धार्मिकआस्था #गुमलाखबर #झारखंडसमाचार #डुमरी #हरहरमहादेव #सनातनसंस्कृति
जयकारों से गूंजा टांगीनाथ धाम, भगवान परशुराम जयंती पर उमड़ा आस्था का महासैलाब जयकारों से गूंजा टांगीनाथ धाम, भगवान परशुराम जयंती पर उमड़ा आस्था का महासैलाब डुमरी प्रखंड स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल बाबा टांगीनाथ धाम में भगवान शिव के छठे अवतार भगवान परशुराम की जयंती श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। जानकारी देते हुए रविवार सुबह ग्यारह बजे बताया गया कि जयंती के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुँचे और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। भगवान परशुराम की तपोस्थली माने जाने वाले टांगीनाथ धाम में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। मान्यता है कि यहाँ भगवान परशुराम का अक्षय फरसा आज भी जमीन में स्थापित है। जयंती के पावन अवसर पर दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने दिव्य फरसे की पूजा कर सुख-समृद्धि एवं मंगल कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं। भक्तों ने पवित्र कुंड में स्नान करने के बाद भगवान शिव एवं भगवान परशुराम का जलाभिषेक किया। धूप, दीप एवं नैवेद्य अर्पित कर विधि-विधान से आरती की गई और परिवार की खुशहाली व मनोकामना पूर्ति के लिए आशीर्वाद मांगा गया। मंदिर परिसर में आयोजित भजन-कीर्तन, धार्मिक वंदना तथा “भगवान परशुराम की जय” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। श्रद्धालुओं का कहना है कि परशुराम जयंती के दिन यहाँ पूजा करने का विशेष धार्मिक महत्व है, क्योंकि यह स्थल भगवान परशुराम की तपस्या और शक्ति से जुड़ा हुआ माना जाता है। दिनभर श्रद्धालुओं के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा, जिससे धाम एवं आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह और चहल-पहल बनी रही। #टांगीनाथधाम #भगवानपरशुरामजयंती #धार्मिकआस्था #गुमलाखबर #झारखंडसमाचार #डुमरी #हरहरमहादेव #सनातनसंस्कृति
- जिला मुख्यालय में रविवार को आयोजित जेपीएससी परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आए। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।* इस दौरन उपायुक्त ने कार्तिक उरॉव महाविद्यालय गुमला, संत इग्गासियुस उच्च विद्यालय गुमला, उर्सुलाईनद कॉन्वेंट बालिका उच्च विद्यालय गुमला, संत पांत्रिक उच्च विद्यालय गुमला, सरस्वती विद्या मंदिर उच्च विद्यालय गुमला, एस0 एस0 बालिका उच्च विद्यालय गुमला, संत अन्ना उच्च विद्यालय दाउद नगर गुमला, सहित विभिन्न परीक्षा केन्दों का निरक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर मौजूद व्यवस्थाओं का जाएजा लिया और संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने सभी केंद्रा अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं में बैठने की व्यवस्था, प्रश्न पत्र वितरण प्रक्रिया, सीसीटीवी निगरानी तथा प्रवेश द्वार पर जांच की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई है। ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल की संभावना को रोका जा सके। इसके अलावा अभ्यर्थियों की सघन तलाशी के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाए और इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगे। इस दौरान मुख्य रूप से अपर समाहत्ता शशिन्द्र कुमार बडाईक, अनुमण्डल पदाधिकारी राजीव निरज, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खॉ, व अन्य उपस्थित थे।4
- जयकारों से गूंजा टांगीनाथ धाम, भगवान परशुराम जयंती पर उमड़ा आस्था का महासैलाब डुमरी प्रखंड स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल बाबा टांगीनाथ धाम में भगवान शिव के छठे अवतार भगवान परशुराम की जयंती श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। जानकारी देते हुए रविवार सुबह ग्यारह बजे बताया गया कि जयंती के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुँचे और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। भगवान परशुराम की तपोस्थली माने जाने वाले टांगीनाथ धाम में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। मान्यता है कि यहाँ भगवान परशुराम का अक्षय फरसा आज भी जमीन में स्थापित है। जयंती के पावन अवसर पर दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने दिव्य फरसे की पूजा कर सुख-समृद्धि एवं मंगल कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं। भक्तों ने पवित्र कुंड में स्नान करने के बाद भगवान शिव एवं भगवान परशुराम का जलाभिषेक किया। धूप, दीप एवं नैवेद्य अर्पित कर विधि-विधान से आरती की गई और परिवार की खुशहाली व मनोकामना पूर्ति के लिए आशीर्वाद मांगा गया। मंदिर परिसर में आयोजित भजन-कीर्तन, धार्मिक वंदना तथा “भगवान परशुराम की जय” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। श्रद्धालुओं का कहना है कि परशुराम जयंती के दिन यहाँ पूजा करने का विशेष धार्मिक महत्व है, क्योंकि यह स्थल भगवान परशुराम की तपस्या और शक्ति से जुड़ा हुआ माना जाता है। दिनभर श्रद्धालुओं के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा, जिससे धाम एवं आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह और चहल-पहल बनी रही। #टांगीनाथधाम #भगवानपरशुरामजयंती #धार्मिकआस्था #गुमलाखबर #झारखंडसमाचार #डुमरी #हरहरमहादेव #सनातनसंस्कृति1
- चैनपुर-टोंगो: भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट के बीच टोंगो स्थित संत पीटर उच्च विद्यालय के बच्चों ने एक सराहनीय पहल करते हुए जल संरक्षण को लेकर जागरूकता रैली निकाली। यह प्रभात फेरी स्कूल परिसर से शुरू होकर टोंगो चौक तक पहुंची, जिसमें सैकड़ों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।1
- रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत ग्राम सेमरबुढ़नी में प्रस्तावित नए अस्पताल निर्माण को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। भूमि सीमांकन के लिए पहुंचे विभागीय जेई को ग्रामीणों के विरोध के कारण बिना काम किए ही वापस लौटना पड़ा। ग्राम प्रधान विजय खलखो ने बताया कि गांव में कुछ वर्ष पूर्व ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर के तहत उप स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाया गया था, लेकिन आज तक वहां से ग्रामीणों को कोई भी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस कारण लोगों में सरकार की योजनाओं के प्रति विश्वास लगातार कम होता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पहले से निर्मित स्वास्थ्य केंद्र ही निष्क्रिय पड़ा है, तो नए अस्पताल के निर्माण का कोई औचित्य नहीं है। उनका आरोप है कि केवल भवन निर्माण के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं तक नहीं मिल रही हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से मांग की कि पहले से बने उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) को चालू कर उसमें डॉक्टर, दवाइयां और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके बाद ही नए स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण पर विचार किया जाए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक वे नए अस्पताल निर्माण कार्य का विरोध जारी रखेंगे। मौके पर बिनोद प्रसाद, भुषण तिर्की, बिनोद महली, मिखाईल लकड़ा समेत अन्य कई ग्रामीण उपस्थित थे।2
- लोहरदगा के उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने 19 अप्रैल 2026 को होने वाली जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के सफल आयोजन के लिए समाहरणालय में पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।1
- Post by उमेश उरांव1
- सिसई (गुमला)। प्रखंड क्षेत्र के छारदा रोड में भूतपूर्व जमींदार स्व गुरूबाबू अम्बिका प्रसाद के पुण्य स्मृति में नवनिर्मित अम्बिकेश्वर शिव मंंदिर की स्थापना व नर्मदेश्वर शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शनिवार को 1151 कलश के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें हज़ारों की संख्या में महिला पुरूषों व बच्चों ने उत्साहपूर्वक व भक्तिभाव के साथ भाग लिया। वहीं इस कार्यक्रम में हिन्दू जागृत मंच के प्रदेश अध्यक्ष आजात शत्रु ॠषिनाथ साहदेव, प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा व तोरपा विधानसभा के पूर्व विधायक कोचे मुंडा, जिप सदस्य सिसई उतरी विजयलक्ष्मी कुमारी, पंसस बरगांव रेखा देवी, हेमा गुप्ता, राजकिशोर प्रसाद शर्मा, शंभु प्रसाद शर्मा, विहिप बजरंग दल सिसई के प्रखंड अध्यक्ष पंकज साहु, संरक्षक रोहित शर्मा, सुप्रदीप साहु, मनोज वर्मा, मुकेश ताम्रकर, दीपक अधिकारी, अरुण नारायण सिंह, राजकिशोर सोनी, प्रयाग साहु, घनश्याम आर्य सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। कलश यात्रा के साथ ही तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ कर दिया गया। इस त्रिदिवासी धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान पीयूष मिश्रा सह रश्मि मिश्रा, रोहित मिश्रा सह श्रुति मिश्रा, मुकेश श्रीवास्तव डेविड सह उर्वशी देवी हैं। कलश यात्रा मंंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर छारदा रोड स्थित कंस नदी पहुंची जहां मुख्य पुरोहित सूर्यनारायण पाठक के सानिध्य में नदी तट पर विधिवत् पूजा अर्चना कराते हुए मंत्रोचारण के साथ जल भरणी का रस्म निभाई गयी। सभी श्रधालु कलश में जल भरकर जय श्री राम, हर हर महादेव का नारा लगाते हुए वापस मंंदिर प्रांगण पहुंचे वहीं मंंदिर परिसर में बने यज्ञ शाला के पांच परिक्रमा कराते हुए जल से भरे कलशों को स्थापित किया गया। तत्पश्चात सभी श्रधालुओं को शर्बत व जलपान कराया गया। इस दौरान सिसई का पुरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। वहीं संध्या में विग्रह का नगर भ्रमण कराया गया। कलश यात्रा एवं नगर भ्रमण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने हेतु पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रही। जिसमें महिला जवान भी शामिल थी। 20 अप्रैल दिन सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा किया जायेगा और महाभण्डारे के वितरण के साथ ही रात्रि में भक्ति जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। कलश यात्रा को सफल बनाने में विहिप बजरंग दल के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का भरपूर योगदान रहा। वहीं ओडिशा के कारीगरों द्वारा उत्कल वास्तुकला के अनूठे शैली से निर्मित की गई है जो गुमला जिला में पहला मंंदिर है इस मंंदिर के निर्माण से सिसई को एक अलग पहचान मिली है।4
- रामायण दर्शन और भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ जरडा गांव, एकल विद्यालय अभियान की रथ यात्रा पहुंचते ही उमड़ा जनसैलाब जारी प्रखंड अंतर्गत जरडा गांव में उस समय धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा, जब एकल विद्यालय अभियान की रथ यात्रा गांव पहुंची। जानकारी देते हुए रविवार सुबह दस बजे बताया गया कि रथ यात्रा के आगमन से पूरे गांव में उत्साह, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने पूरे जोश और उमंग के साथ रथ यात्रा का स्वागत किया। रथ यात्रा के दौरान रामायण दर्शन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को आकर्षक और भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जहां श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर भगवान के नाम का गुणगान करते नजर आए। भजनों की मधुर धुनों से पूरा गांव गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम के दौरान एकल विद्यालय अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा के महत्व के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार करना और बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम में गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता देखने को मिली। उपस्थित ग्रामीणों ने ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को समाज में सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने वाला बताया। ग्रामीणों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन गांव में आपसी एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में सकारात्मक संदेश गया। #उपायुक्त_गुमला #जिला_प्रशासन_गुमला #प्रखंड_विकास_पदाधिकारी_जारी #अंचल_अधिकारी_जारी #एकल_विद्यालय_अभियान #गुमला_समाचार #जारी_प्रखंड #झारखंड_न्यूज #Jarada #JariBlock #EkalVidyalaya #RamayanDarshan #BhajanKirtan #GumlaNews #JharkhandNews #धार्मिक_आयोजन #संस्कृति_और_संस्कार #ग्रामीण_भारत #PositiveNews #SocialWork #VillageEvent1