फर्रुखाबाद डॉ. अंकुर लाठर और एसपी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों अधिकारी ट्रैक्टर पर सवार होकर सदर तहसील के विकासखंड बढ़पुर स्थित बिलावलपुर और धर्मपुर कटरी के मजरा पंखे नगला पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ की स्थिति और राहत व्यवस्थाओं की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए। साथ ही सभी राहत चौकियां और शरणालय पूरी तरह सक्रिय रहें।डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव, गोताखोर, स्वास्थ्य टीम और अन्य आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। उन्होंने जलभराव, संपर्क मार्गों और राहत व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को नियमित चिकित्सा शिविर लगाने और दवा वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं पशुपालन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा।डीएम ने अधिकारियों से कहा कि शरणालय में आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के पात्र लोगों का विभिन्न सरकारी योजनाओं में पंजीकरण कराया जाए तथा शरणालय में रह रहे बच्चों को पास के प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई के लिए भेजा जाए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों ने शरणालय में रह रहे लोगों तथा उनके बच्चों को अपने हाथों से खाद्य सामग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, एसडीएम सदर संजय कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे बाईट - डॉ अंकुर लाठर डीएम फर्रुखाबाद डॉ. अंकुर लाठर और एसपी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों अधिकारी ट्रैक्टर पर सवार होकर सदर तहसील के विकासखंड बढ़पुर स्थित बिलावलपुर और धर्मपुर कटरी के मजरा पंखे नगला पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ की स्थिति और राहत व्यवस्थाओं की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए। साथ ही सभी राहत चौकियां और शरणालय पूरी तरह सक्रिय रहें।डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव, गोताखोर, स्वास्थ्य टीम और अन्य आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। उन्होंने जलभराव, संपर्क मार्गों और राहत व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को नियमित चिकित्सा शिविर लगाने और दवा वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं पशुपालन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा।डीएम ने अधिकारियों से कहा कि शरणालय में आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के पात्र लोगों का विभिन्न सरकारी योजनाओं में पंजीकरण कराया जाए तथा शरणालय में रह रहे बच्चों को पास के प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई के लिए भेजा जाए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों ने शरणालय में रह रहे लोगों तथा उनके बच्चों को अपने हाथों से खाद्य सामग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, एसडीएम सदर संजय कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे बाईट - डॉ अंकुर लाठर डीएम
फर्रुखाबाद डॉ. अंकुर लाठर और एसपी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों अधिकारी ट्रैक्टर पर सवार होकर सदर तहसील के विकासखंड बढ़पुर स्थित बिलावलपुर और धर्मपुर कटरी के मजरा पंखे नगला पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ की स्थिति और राहत व्यवस्थाओं की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए। साथ ही सभी राहत चौकियां और शरणालय पूरी तरह सक्रिय रहें।डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव, गोताखोर, स्वास्थ्य टीम और अन्य आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। उन्होंने जलभराव, संपर्क मार्गों और राहत व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को नियमित चिकित्सा शिविर लगाने
और दवा वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं पशुपालन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा।डीएम ने अधिकारियों से कहा कि शरणालय में आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के पात्र लोगों का विभिन्न सरकारी योजनाओं में पंजीकरण कराया जाए तथा शरणालय में रह रहे बच्चों को पास के प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई के लिए भेजा जाए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों ने शरणालय में रह रहे लोगों तथा उनके बच्चों को अपने हाथों से खाद्य सामग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, एसडीएम सदर संजय कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे बाईट - डॉ अंकुर लाठर डीएम फर्रुखाबाद डॉ.
अंकुर लाठर और एसपी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों अधिकारी ट्रैक्टर पर सवार होकर सदर तहसील के विकासखंड बढ़पुर स्थित बिलावलपुर और धर्मपुर कटरी के मजरा पंखे नगला पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ की स्थिति और राहत व्यवस्थाओं की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए। साथ ही सभी राहत चौकियां और शरणालय पूरी तरह सक्रिय रहें।डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव, गोताखोर, स्वास्थ्य टीम और अन्य आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। उन्होंने जलभराव, संपर्क मार्गों और राहत व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को नियमित चिकित्सा शिविर लगाने और दवा
वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं पशुपालन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा।डीएम ने अधिकारियों से कहा कि शरणालय में आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के पात्र लोगों का विभिन्न सरकारी योजनाओं में पंजीकरण कराया जाए तथा शरणालय में रह रहे बच्चों को पास के प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई के लिए भेजा जाए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों ने शरणालय में रह रहे लोगों तथा उनके बच्चों को अपने हाथों से खाद्य सामग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, एसडीएम सदर संजय कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे बाईट - डॉ अंकुर लाठर डीएम
- CITY NEWS रेलवे न्यायालय परिसर में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत हुआ वृक्षारोपण1
- फर्रुखाबाद डॉ. अंकुर लाठर और एसपी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों अधिकारी ट्रैक्टर पर सवार होकर सदर तहसील के विकासखंड बढ़पुर स्थित बिलावलपुर और धर्मपुर कटरी के मजरा पंखे नगला पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ की स्थिति और राहत व्यवस्थाओं की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए। साथ ही सभी राहत चौकियां और शरणालय पूरी तरह सक्रिय रहें।डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव, गोताखोर, स्वास्थ्य टीम और अन्य आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। उन्होंने जलभराव, संपर्क मार्गों और राहत व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को नियमित चिकित्सा शिविर लगाने और दवा वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं पशुपालन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा।डीएम ने अधिकारियों से कहा कि शरणालय में आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के पात्र लोगों का विभिन्न सरकारी योजनाओं में पंजीकरण कराया जाए तथा शरणालय में रह रहे बच्चों को पास के प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई के लिए भेजा जाए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों ने शरणालय में रह रहे लोगों तथा उनके बच्चों को अपने हाथों से खाद्य सामग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, एसडीएम सदर संजय कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे बाईट - डॉ अंकुर लाठर डीएम फर्रुखाबाद डॉ. अंकुर लाठर और एसपी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों अधिकारी ट्रैक्टर पर सवार होकर सदर तहसील के विकासखंड बढ़पुर स्थित बिलावलपुर और धर्मपुर कटरी के मजरा पंखे नगला पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ की स्थिति और राहत व्यवस्थाओं की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए। साथ ही सभी राहत चौकियां और शरणालय पूरी तरह सक्रिय रहें।डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव, गोताखोर, स्वास्थ्य टीम और अन्य आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। उन्होंने जलभराव, संपर्क मार्गों और राहत व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को नियमित चिकित्सा शिविर लगाने और दवा वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं पशुपालन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा।डीएम ने अधिकारियों से कहा कि शरणालय में आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के पात्र लोगों का विभिन्न सरकारी योजनाओं में पंजीकरण कराया जाए तथा शरणालय में रह रहे बच्चों को पास के प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई के लिए भेजा जाए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों ने शरणालय में रह रहे लोगों तथा उनके बच्चों को अपने हाथों से खाद्य सामग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, एसडीएम सदर संजय कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे बाईट - डॉ अंकुर लाठर डीएम4
- ग्राम पंचायत दहेलिया में श्मशान घाट के विकास कार्य में धांधली का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश ग्राम पंचायत दहेलिया में श्मशान घाट के विकास कार्य में धांधली का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश हरदोई (हरपालपुर) : ग्राम पंचायत दहेलिया के चियासर स्थित श्मशान घाट के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के नाम पर धांधली का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर धरातल पर कोई कार्य कराए बिना ही दो बार सरकारी बजट की निकासी करने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट में विकास के नाम पर एक रुपये का भी काम नहीं हुआ है। परिसर में लगे हैंडपंप लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिससे पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। वहीं, निर्मित शौचालय की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है और पूरे परिसर में जगह-जगह गाजरघास व झाड़ियां उगी हुई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा कागजों में विकास कार्य दर्शाकर श्मशान घाट के नाम पर दो बार सरकारी धन निकाल लिया गया, जबकि मौके पर कोई सुधार कार्य नहीं कराया गया।ग्रामीणों ने शासन व प्रशासन से मामले का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने, वित्तीय अनियमितता की रिकवरी करने तथा दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।2
- *इमाम हुसैन की याद में निकला चेहल्लुम का जूलूस* *सौरिख कन्नौज* अली अब्बास नकवी मेम्बर आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने बताया कि आज से लगभग चौदह सौ साल पहले इमाम हुसैन और उनके इकहत्तर साथियों को कर्बला इराक़ में दस मोहर्रम को एक आतंकवादी यजीद नाम का बादशाह था उसने भूखा प्यासा शहीद करबा दिया था यज़ीद यह चाहता था कि इमाम हुसैन उसकी बैयत कर लें मगर उन्होंने उसकी बैयत नहीं की सर को कटा दिया मगर उसके सामने झुके नहीं इमाम हुसैन का लाशा चालीस दिन बे गोरो कफ़न पड़ा रहा चालीस दिन के बाद उनको दफनाया गया उन्हीं की याद में उनका चेहल्लुम मनाते हैं ।इमाम हुसैन को हो सके तो उनको करीब से देखियेगा उनके 6 महीने के बच्चे से लेकर 80 साल के बुज़ुर्ग तक की शहादत कर्बला में हुई सच के लिए इमाम हुसैन की कुर्बानी इतिहास में भरी पढ़ी है अपने दिल पर काबू पाकर देखो कि कैसे 72 लोग लाखों पर भारी पड़ गए इमाम हुसैन का आंदोलन सत्य के लिए असत्य के विरुद्ध एक आंदोलन था कर्बला का ज़ुल्म हमे हमेशा यह याद दिलाएगा कि ज़ुल्म करने वाला चाहे जितना बड़ा आतंकवादी क्यों न हो एक दिन उसका मिटना तय है ।महात्मा गांधी जी ने कहा था कि यदि हमारे साथ इमाम हुसैन जैसे 72 साथी होते तो मैं एक दिन में भारत को आज़ाद करबा लेता। सुबह कबीरपुर और राजापुर के ताज़िए कर्बला में सुपुर्दे ख़ाक किये गए उसके बाद सौरिख मोहल्ला ऊंचा इमामबड़े में मजलिस हुई उसके बाद जुलूस सदर बाज़ार,सी एस बी रोड होता हुआ कर्बला पहुंचकर ताज़िए सुपुर्दे ख़ाक किये गए इस मौके पर मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष अली अब्बास नकवी,शब्बर अली,शमसुल कमर,नाजिम हुसैन निशात हुसैनआदि गणमान्य लोग मौजूद रहे तथा पुलिस प्रशासन की चाक चौबंद व्यवस्था रही। *इमाम हुसैन की याद में निकला चेहल्लुम का जूलूस* *सौरिख कन्नौज* अली अब्बास नकवी मेम्बर आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने बताया कि आज से लगभग चौदह सौ साल पहले इमाम हुसैन और उनके इकहत्तर साथियों को कर्बला इराक़ में दस मोहर्रम को एक आतंकवादी यजीद नाम का बादशाह था उसने भूखा प्यासा शहीद करबा दिया था यज़ीद यह चाहता था कि इमाम हुसैन उसकी बैयत कर लें मगर उन्होंने उसकी बैयत नहीं की सर को कटा दिया मगर उसके सामने झुके नहीं इमाम हुसैन का लाशा चालीस दिन बे गोरो कफ़न पड़ा रहा चालीस दिन के बाद उनको दफनाया गया उन्हीं की याद में उनका चेहल्लुम मनाते हैं ।इमाम हुसैन को हो सके तो उनको करीब से देखियेगा उनके 6 महीने के बच्चे से लेकर 80 साल के बुज़ुर्ग तक की शहादत कर्बला में हुई सच के लिए इमाम हुसैन की कुर्बानी इतिहास में भरी पढ़ी है अपने दिल पर काबू पाकर देखो कि कैसे 72 लोग लाखों पर भारी पड़ गए इमाम हुसैन का आंदोलन सत्य के लिए असत्य के विरुद्ध एक आंदोलन था कर्बला का ज़ुल्म हमे हमेशा यह याद दिलाएगा कि ज़ुल्म करने वाला चाहे जितना बड़ा आतंकवादी क्यों न हो एक दिन उसका मिटना तय है ।महात्मा गांधी जी ने कहा था कि यदि हमारे साथ इमाम हुसैन जैसे 72 साथी होते तो मैं एक दिन में भारत को आज़ाद करबा लेता। सुबह कबीरपुर और राजापुर के ताज़िए कर्बला में सुपुर्दे ख़ाक किये गए उसके बाद सौरिख मोहल्ला ऊंचा इमामबड़े में मजलिस हुई उसके बाद जुलूस सदर बाज़ार,सी एस बी रोड होता हुआ कर्बला पहुंचकर ताज़िए सुपुर्दे ख़ाक किये गए इस मौके पर मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष अली अब्बास नकवी,शब्बर अली,शमसुल कमर,नाजिम हुसैन निशात हुसैनआदि गणमान्य लोग मौजूद रहे तथा पुलिस प्रशासन की चाक चौबंद व्यवस्था रही।3
- Post by Ramjeet_kashyap_0011
- फर्रुखाबाद ब्रेकिग हिस्ट्रीशीटर सोनू उर्फ बिलैया की संदिग्ध परिस्थिति में मौत परिजन गंभीर हालत में जिला अस्पताल लोहिया लेकर पहुंचे डॉ ने हिस्ट्रीशीटर सोनू उर्फ बिलैया को किया मृत घोषित परिजनो ने धारदार हथियार से हमलाकर घायल करने का लगाया आरोप थाना कादरी गेट क्षेत्र का मामला फर्रुखाबाद ब्रेकिग हिस्ट्रीशीटर सोनू उर्फ बिलैया की संदिग्ध परिस्थिति में मौत परिजन गंभीर हालत में जिला अस्पताल लोहिया लेकर पहुंचे डॉ ने हिस्ट्रीशीटर सोनू उर्फ बिलैया को किया मृत घोषित परिजनो ने धारदार हथियार से हमलाकर घायल करने का लगाया आरोप थाना कादरी गेट क्षेत्र का मामला4
- उत्तर प्रदेश जनपद बाराबंकी से खबर हर छोटी बड़ी खबर आप तक बाराबंकी: चेहेल्लुम जुलूस के मार्ग पर गंदगी से ग्रामीणों में नाराजगी, ग्राम प्रधान पर लगाए लापरवाही के आरोप मसौली, बाराबंकी। ग्राम मसौली में चेहेल्लुम पर्व के अवसर पर निकाले गए ताजिया जुलूस के दौरान ग्रामीणों और बाहर से आए जायरीन ने जुलूस मार्ग पर फैली गंदगी को लेकर नाराजगी जताई। बड़ी ताजिया के साथ निकले इस जुलूस में हजारों लोग शामिल हुए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि जुलूस मार्ग की साफ-सफाई के लिए ग्राम पंचायत की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई। कई स्थानों पर भैंस का गोबर, गोबर मिला पानी और अन्य गंदगी फैली हुई थी, जिससे नंगे पैर चलने वाले अकीदतमंदों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि चेहेल्लुम के जुलूस में ताजिया के साथ बड़ी संख्या में लोग बिना चप्पल के चलते हैं, लेकिन रास्ते में फैली गंदगी के कारण उनके पैरों में गोबर और गंदा पानी लग रहा था। इससे बाहर से आए मेहमानों और जायरीन के बीच भी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों के अनुसार, जुलूस मार्ग पर रहने वाले लोगों ने स्थिति को संभालने के लिए स्वयं आगे आकर अंडों की ट्रे, दफ्ती और अन्य सामग्री बिछाकर रास्ते को चलने योग्य बनाया, जिससे जुलूस शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान को कम से कम धार्मिक आयोजन और बाहर से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जुलूस मार्ग की पहले से साफ-सफाई करानी चाहिए थी। उन्होंने भविष्य में ऐसे आयोजनों से पहले समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।1