मेरठ के चर्चित ललिता हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन करने वाले रवि गौतम और अन्य आंदोलनकारियों को गुरुवार को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया। इन प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद की गई थी। इस गिरफ्तारी को लेकर समर्थकों में भारी आक्रोश है। समर्थकों का आरोप है कि आंदोलनकारी शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जैसे वे अपराधी या आतंकवादी हों। समर्थकों ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में न्याय की मांग करना कोई अपराध नहीं है, इसलिए आंदोलनकारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मामले में पुलिस प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है, जिसे निष्पक्षता के साथ प्रकाशित किया गया है ताकि लोगों तक दोनों पक्षों की बात पहुंच सके।
मेरठ के चर्चित ललिता हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन करने वाले रवि गौतम और अन्य आंदोलनकारियों को गुरुवार को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया। इन प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद की गई थी। इस गिरफ्तारी को लेकर समर्थकों में भारी आक्रोश है। समर्थकों का आरोप है कि आंदोलनकारी शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जैसे वे अपराधी या आतंकवादी हों। समर्थकों ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में न्याय की मांग करना कोई अपराध नहीं है, इसलिए आंदोलनकारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मामले में पुलिस प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है, जिसे निष्पक्षता के साथ प्रकाशित किया गया है ताकि लोगों तक दोनों पक्षों की बात पहुंच सके।
- मेरठ के रामलीला ग्राउंड स्थित बिजली घर में पिछले चार दिनों से लगातार बिजली कटौती जारी है, जिससे परेशान होकर स्थानीय जनता ने सबस्टेशन का घेराव किया। स्थानीय निवासियों का आक्रोश इस बात को लेकर है कि बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है और इस संकट के बीच कोई भी उनकी समस्या सुनने को तैयार नहीं है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, बिजली घर का परिसर पानी में डूबा हुआ है। वहां तैनात कर्मचारी खुद जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। आक्रोशित लोगों ने सवाल उठाया है कि जब बिजली घर की स्थिति स्वयं इतनी दयनीय है, तो फिर बिजली संकट का समाधान कौन करेगा।1
- राकेश टिकैत ने कहा है कि लोगों के हक के लिए आंदोलन करने पड़ते हैं और यह देश केवल आंदोलन से ही बचेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी आंदोलनकारी पेट से पैदा नहीं होता है। इस दौरान राकेश टिकैत ने रवि गौतम के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए उनके नोएडा स्थित घर जाने और उनसे मुलाकात करने की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सभी आंदोलनकारियों का पूरा समर्थन करते हैं।1
- एक संदेश में, 'मेरे प्यारे देशवासियों' को सीधे संबोधित करते हुए संविधान पर विशेष जोर दिया गया है। यह संबोधन, हैशटैग जैसे #babasaheb, #ambedkar, #brambedkar और #jaibhim से ओतप्रोत है, जो संविधान के प्रति गहरे सम्मान और इसके निर्माता डॉक्टर बी.आर. अंबेडकर की विरासत को दर्शाता है।1
- 6 जुलाई को ट्रेन नंबर 11002 नांदेड़-सीएसएमटी नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कूपे की सजावट का एक वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे ने इस पर कड़ा एक्शन लिया है। दरअसल, एक दंपति ने निजी तौर पर एक ऑनलाइन डेकोरेटर बुक किया था, जिसने बिना अनुमति के 1AC कोच में प्रवेश कर कूपे को कथित तौर पर 'हनीमून' थीम में सजाया था। इस घटना को रेलवे ने एक गंभीर सुरक्षा चूक माना है। इस मामले में रेलवे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात टिकट चेकर को निलंबित कर दिया है। दक्षिण मध्य रेलवे ने इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं और बताया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- मेरठ में बुधवार से शुरू हुई और बुधवार रात्रि तक जारी रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। एक ओर जहां इस बारिश ने भीषण गर्मी से लोगों को राहत पहुंचाई है, वहीं दूसरी ओर भारी जलभराव के कारण स्थिति विकट हो गई है। जिले के सभी मार्ग पानी से पूरी तरह लबालब हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बरतते हुए जिला अधिकारी ने गुरुवार और शुक्रवार को सभी स्कूलों व विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। हालांकि बारिश का मौसम खुशनुमा लग रहा था, लेकिन चारों ओर फैले जलभराव ने इस मिजाज पर पानी फेर दिया है। अब इस जलजमाव के चलते बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है।1
- मेरठ के चर्चित ललिता हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन करने वाले रवि गौतम और अन्य आंदोलनकारियों को गुरुवार को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया। इन प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद की गई थी। इस गिरफ्तारी को लेकर समर्थकों में भारी आक्रोश है। समर्थकों का आरोप है कि आंदोलनकारी शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जैसे वे अपराधी या आतंकवादी हों। समर्थकों ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में न्याय की मांग करना कोई अपराध नहीं है, इसलिए आंदोलनकारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मामले में पुलिस प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है, जिसे निष्पक्षता के साथ प्रकाशित किया गया है ताकि लोगों तक दोनों पक्षों की बात पहुंच सके।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को रोहाना टोल पर पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी तीखी नोंक-झोंक भी हुई। हालांकि, अधिकारियों और सुरक्षा बलों से हुई इस बहस के बाद चंद्रशेखर आजाद वहां से आगे बढ़ गए हैं।1