अमृत सरोवर और डबरी से सशक्त हो रही ग्रामीण आजीविका: एमसीबी जिले में मछली पालन बना रोजगार और पोषण का नया आधार: मनेन्द्रगढ़/एमसीबी: ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए और टिकाऊ विकल्प के रूप में मछली पालन तेजी से उभर रहा है। एमसीबी जिले के अंतर्गत तीनों जनपद पंचायत क्षेत्रों में विगत वर्षों में निर्मित 780 से अधिक आजीविका डबरियों तथा मिशन अमृत सरोवर के अंतर्गत निर्मित सरोवरों में मछली पालन का कार्य प्रारंभ किया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों विशेषकर महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में नई राह मिली है। मिशन अमृत सरोवर के तहत जिले में प्रथम चरण में तैयार किए गए 87 अमृत सरोवरों में से 15 सरोवरों में इस वर्ष मछली पालन आरंभ किया गया है। इसके माध्यम से जहां ग्रामीणों को आजीविका का सशक्त साधन मिला है, वहीं गांवों में महिलाओं और परिवारों के पोषण स्तर में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है। परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका डबरी की मांग निरंतर बढ़ रही है। 780 डबरियों में प्रारंभ हुआ मत्स्य पालन: जिला पंचायत एमसीबी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र में पूर्व वर्षों में निर्मित 268 डबरियों में हितग्राही परिवारों द्वारा मछली पालन किया जा रहा है। जनपद पंचायत खड़गवां में 279 डबरियों में मत्स्य पालन आरंभ हो चुका है। जनपद पंचायत भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायतों की 234 से अधिक डबरियों में भी यह गतिविधि संचालित है। वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान मत्स्य पालन विभाग के सहयोग से जिले में स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। 15 महिला समूह अमृत सरोवरों से जुड़े: महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए मिशन अमृत सरोवर अब मत्स्य पालन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। जिले में जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ में 33, जनपद पंचायत खड़गवां में 23, जनपद पंचायत भरतपुर में 31 अमृत सरोवर स्थित हैं। इन सरोवरों से सिंचाई सुविधा के साथ-साथ 15 अमृत सरोवरों में महिला समूहों के माध्यम से मछली पालन किया जा रहा है, जिससे महिलाओं को सतत स्वरोजगार एवं आय के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। 241 नई आजीविका डबरी स्वीकृत: जिला पंचायत एमसीबी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंकिता सोम ने बताया कि मनरेगा अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में आजीविका सुदृढ़ीकरण हेतु 241 नई आजीविका डबरियों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इन पर कार्य प्रगतिरत है और आगामी समय में ये डबरियां जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण स्वरोजगार का मजबूत आधार बनेंगी।
अमृत सरोवर और डबरी से सशक्त हो रही ग्रामीण आजीविका: एमसीबी जिले में मछली पालन बना रोजगार और पोषण का नया आधार: मनेन्द्रगढ़/एमसीबी: ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए और टिकाऊ विकल्प के रूप में मछली पालन तेजी से उभर रहा है। एमसीबी जिले के अंतर्गत तीनों जनपद पंचायत क्षेत्रों में विगत वर्षों में निर्मित 780 से अधिक आजीविका डबरियों तथा मिशन अमृत सरोवर के अंतर्गत निर्मित सरोवरों में मछली पालन का कार्य प्रारंभ किया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों विशेषकर महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में नई राह मिली है। मिशन अमृत सरोवर के तहत जिले में प्रथम चरण में
तैयार किए गए 87 अमृत सरोवरों में से 15 सरोवरों में इस वर्ष मछली पालन आरंभ किया गया है। इसके माध्यम से जहां ग्रामीणों को आजीविका का सशक्त साधन मिला है, वहीं गांवों में महिलाओं और परिवारों के पोषण स्तर में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है। परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका डबरी की मांग निरंतर बढ़ रही है। 780 डबरियों में प्रारंभ हुआ मत्स्य पालन: जिला पंचायत एमसीबी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र में पूर्व वर्षों में निर्मित 268 डबरियों में हितग्राही परिवारों द्वारा मछली पालन किया जा रहा है। जनपद पंचायत खड़गवां में
279 डबरियों में मत्स्य पालन आरंभ हो चुका है। जनपद पंचायत भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायतों की 234 से अधिक डबरियों में भी यह गतिविधि संचालित है। वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान मत्स्य पालन विभाग के सहयोग से जिले में स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। 15 महिला समूह अमृत सरोवरों से जुड़े: महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए मिशन अमृत सरोवर अब मत्स्य पालन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। जिले में जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ में 33, जनपद पंचायत खड़गवां में 23, जनपद पंचायत
भरतपुर में 31 अमृत सरोवर स्थित हैं। इन सरोवरों से सिंचाई सुविधा के साथ-साथ 15 अमृत सरोवरों में महिला समूहों के माध्यम से मछली पालन किया जा रहा है, जिससे महिलाओं को सतत स्वरोजगार एवं आय के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। 241 नई आजीविका डबरी स्वीकृत: जिला पंचायत एमसीबी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंकिता सोम ने बताया कि मनरेगा अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में आजीविका सुदृढ़ीकरण हेतु 241 नई आजीविका डबरियों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इन पर कार्य प्रगतिरत है और आगामी समय में ये डबरियां जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण स्वरोजगार का मजबूत आधार बनेंगी।
- Mehtab Khanकोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश👏1 day ago
- चिरमिरी पुलिस ने 20 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ युवक को पकड़ा2
- Post by Prayas kaiwart1
- सुरेश आयाम जिला पंचायत सदस्य सूरजपुर राजू सिंह BDC जबरदस्त सुरेश भईया के द्वारा किसानों के हक की लड़ाई में धान मंडी टुकुडाड समिति प्रतापपुर1
- Post by Shivnath bagheL1
- Post by Manoj Gupta Driver1
- सिंगरौली में प्रभारी मंत्री श्रीमती संपतिया यूके ने सूर्या भवन में प्रेस वार्ता कर पत्रकारों को संबोधित किया ।1
- जिले की चार विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत अनमैपड मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है। इनकी 2003 की सूची मे मैपिंग नहीं हुई है । इन मतदाताओं के माता-पिता या दादा-दादी का नाम ही नहीं था। प्रारंभिक प्रकाशन में बचे मतदाताओं के हिसाब से जिले में विभिन्न वोटर्स को नोटिस जारी किया गया है। अब इन मतदाताओं को मान्य 11 में से कोई भी एक दस्तावेज देना होगा। तहसीलों में एआरओ सुनवाई भी कर रहे हैं। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर नाम मतदाता सूची से कटने का डर है। एसआईआर की प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 23 दिसंबर को हो चुका है।1
- सिंगरौली: देवसर विधायक मटिया गांव की सड़क की समस्या को देखते हुए, सरकार से सड़क की मांग करते ही नहीं? या फिर सरकार देती ही नहीं ? शासकीय भूमि होने के बाद भी नहीं बनाई जा रही है सड़क? स्थानी सरपंच का कहना है कि नहीं है पंचायत में सड़क पुलिया बनाने की बजट। पिछले 7 वर्षों से जनता मांग कर रही है सड़क?1