नवादा के मॉडर्न शैक्षणिक समूह ने सोमवार को 'शिक्षण शिक्षा में नवाचार और व्यावसायिक विकास' विषय पर एक दिवसीय शैक्षणिक संगोष्ठी और प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम मॉडर्न शैक्षणिक समूह के सचिव शैलेश कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें प्रशिक्षु शिक्षक-शिक्षिकाओं, शोधार्थियों और शिक्षा जगत से जुड़े कई गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य शिक्षण क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, नवीन शिक्षण पद्धतियों तथा शिक्षकों के व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था के समक्ष मौजूद चुनौतियों, अवसरों और उनके समाधान पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को समय के साथ स्वयं को अद्यतन रखना आवश्यक है। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नवादा के एसडीएम एवं एसडीपीओ गुलशन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते दौर में शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे शोध आधारित शिक्षण पद्धतियों और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर विद्यार्थियों को बेहतर एवं प्रभावी शिक्षा प्रदान करें, क्योंकि एक कुशल और समर्पित शिक्षक ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकता है। इस कार्यक्रम में मॉडर्न कॉलेज ऑफ एजुकेशन, त्रिवेणी कॉलेज ऑफ एजुकेशन तथा अन्य संबद्ध संस्थानों के शिक्षक, विद्यार्थी एवं शोधार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। संगोष्ठी के दौरान शिक्षा में नवाचार, डिजिटल शिक्षण, अनुसंधान और व्यावसायिक दक्षता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों एवं शोधार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तथा शिक्षकों के कौशल विकास के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं। उपस्थित लोगों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
नवादा के मॉडर्न शैक्षणिक समूह ने सोमवार को 'शिक्षण शिक्षा में नवाचार और व्यावसायिक विकास' विषय पर एक दिवसीय शैक्षणिक संगोष्ठी और प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम मॉडर्न शैक्षणिक समूह के सचिव शैलेश कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें प्रशिक्षु शिक्षक-शिक्षिकाओं, शोधार्थियों और शिक्षा जगत से जुड़े कई गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य शिक्षण क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, नवीन शिक्षण पद्धतियों तथा शिक्षकों के व्यावसायिक विकास को
बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था के समक्ष मौजूद चुनौतियों, अवसरों और उनके समाधान पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को समय के साथ स्वयं को अद्यतन रखना आवश्यक है। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नवादा के एसडीएम एवं एसडीपीओ गुलशन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते दौर में शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों की
भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे शोध आधारित शिक्षण पद्धतियों और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर विद्यार्थियों को बेहतर एवं प्रभावी शिक्षा प्रदान करें, क्योंकि एक कुशल और समर्पित शिक्षक ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकता है। इस कार्यक्रम में मॉडर्न कॉलेज ऑफ एजुकेशन, त्रिवेणी कॉलेज ऑफ एजुकेशन तथा अन्य संबद्ध संस्थानों के शिक्षक, विद्यार्थी एवं शोधार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। संगोष्ठी के दौरान शिक्षा में नवाचार,
डिजिटल शिक्षण, अनुसंधान और व्यावसायिक दक्षता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों एवं शोधार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तथा शिक्षकों के कौशल विकास के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं। उपस्थित लोगों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
- नवादा के मॉडर्न शैक्षणिक समूह ने सोमवार को 'शिक्षण शिक्षा में नवाचार और व्यावसायिक विकास' विषय पर एक दिवसीय शैक्षणिक संगोष्ठी और प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम मॉडर्न शैक्षणिक समूह के सचिव शैलेश कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें प्रशिक्षु शिक्षक-शिक्षिकाओं, शोधार्थियों और शिक्षा जगत से जुड़े कई गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य शिक्षण क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, नवीन शिक्षण पद्धतियों तथा शिक्षकों के व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था के समक्ष मौजूद चुनौतियों, अवसरों और उनके समाधान पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को समय के साथ स्वयं को अद्यतन रखना आवश्यक है। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नवादा के एसडीएम एवं एसडीपीओ गुलशन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते दौर में शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे शोध आधारित शिक्षण पद्धतियों और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर विद्यार्थियों को बेहतर एवं प्रभावी शिक्षा प्रदान करें, क्योंकि एक कुशल और समर्पित शिक्षक ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकता है। इस कार्यक्रम में मॉडर्न कॉलेज ऑफ एजुकेशन, त्रिवेणी कॉलेज ऑफ एजुकेशन तथा अन्य संबद्ध संस्थानों के शिक्षक, विद्यार्थी एवं शोधार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। संगोष्ठी के दौरान शिक्षा में नवाचार, डिजिटल शिक्षण, अनुसंधान और व्यावसायिक दक्षता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों एवं शोधार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तथा शिक्षकों के कौशल विकास के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं। उपस्थित लोगों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।4
- नवादा के राम नगर स्थित एक संकरी आम गली में, जहाँ से लोग गुज़रते हैं, वहाँ पड़ोसियों द्वारा जानबूझकर लगातार गंदा पानी बहाया जा रहा है, जिससे पूरा रास्ता दयनीय स्थिति में पहुँच गया है। 13 जून 2026 की एक घटना में, जब पीड़ित परिवार की महिला सदस्य ने इस गंदगी और अभद्रता का विरोध किया, तो पड़ोसी (श्यामदेव, पिता: परमेश्वर महतो और शंभू की पत्नी) सीधे उनके घर तक चढ़ आए। इन लोगों ने महिला के साथ बेहद बदतमीजी की, गाली-गलौज की और मारपीट करने का प्रयास किया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि ये पड़ोसी अपने पैसों और रसूख के घमंड में खुद को कानून से ऊपर समझते हैं। पूर्व में भी पुलिस में इसकी शिकायत की जा चुकी थी और पुलिस ने आकर उन्हें ऐसा करने से मना भी किया था, लेकिन उनके हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें किसी का डर नहीं है। इस घटना का वीडियो प्रमाण भी सामने आया है, जो पड़ोसियों द्वारा परिवार को लगातार प्रताड़ित किए जाने की गवाही दे रहा है। पीड़ित परिवार ने नवादा जिला प्रशासन और बिहार पुलिस से हाथ जोड़कर विनती की है कि इस वीडियो के आधार पर तुरंत कोई ठोस कदम उठाया जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए इन दबंगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी भी दिन कोई बड़ी अनहोनी घट सकती है, और वे न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।1
- नवादा जिला अंतर्गत गोविंदपुर थाना क्षेत्र के गोविंदपुर चौक से सोमवार दोपहर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए बाइक सवार दो युवकों को 24.5 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने शराब के साथ उनकी बाइक भी जब्त कर थाने लाई। थानाध्यक्ष विजय कुमार ने बताया कि उन्हें झारखंड से गोविंदपुर के रास्ते विदेशी शराब ले जाने की गुप्त सूचना मिली थी। इसी जानकारी के आधार पर, झारखंड की ओर से आ रही एक संदिग्ध बाइक को गोविंदपुर पुलिस ने रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान बाइक सवार युवकों के बैग से कुल 24.5 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। शराब मिलने के बाद पुलिस ने शराब और बाइक, जिसका नंबर बीआर 21 एएच 8131 है, को जब्त कर लिया और दोनों युवकों को गिरफ्तार कर थाने ले आई। गिरफ्तार किए गए शराब कारोबारियों की पहचान हर्ष उर्फ गोलू कुमार के रूप में हुई है, जो राजगीर गिरयक रोड, थाना राजगीर, जिला नालंदा के रामअनुज सिंह के पुत्र हैं। दूसरे गिरफ्तार युवक प्रिंस कुमार हैं, जो करमना, थाना सिलाव, जिला नालंदा के विरेन्द्र सिंह के पुत्र हैं। इन दोनों शराब कारोबारियों और जब्त शराब व बाइक पर शराब अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- नवादा जिला के हिसुआ प्रखंड क्षेत्र के मंझवे में सीतामढ़ी मोड़ के समीप सोमवार की सुबह 4:00 बजे मछली से लदा एक पिकअप वाहन पलट गया। यह पिकअप वाहन उत्तर प्रदेश से नालंदा जिले के बिहार शरीफ जा रहा था। इस हादसे के कारण मछली व्यवसाय को काफी नुकसान हुआ है, जिसकी वजह पिकअप चालक की आँखें बंद हो जाना बताई गई है।1
- बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भोजपुर दौरे के दौरान अपराधियों और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ एक बड़ा और सख्त बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति अवैध कब्जा करने, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने या प्रशासन को चुनौती देने की कोशिश करेगा, उसे 72 घंटे के भीतर इसका परिणाम भुगतना होगा। अपने बयान में सम्राट चौधरी ने दावा किया कि बिहार में अपराधियों के विरुद्ध लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है, जिसके चलते कई अपराधी राज्य छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के साथ तुलना करते हुए कहा, "बिहार में मैं हूं और उत्तर प्रदेश में बाबा हैं, वहां क्या होगा यह सब जानते हैं।" उपमुख्यमंत्री के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में गर्मागर्म चर्चाएं तेज हो गई हैं।1
- आनंद रौशन सर को जेल से रिहा कर दिया गया है। जेल से बाहर आते ही उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए उन पर जमकर दहाड़े। इस पूरे वाकये का वीडियो भी उपलब्ध है।1
- खबर के अनुसार, शिक्षक आनंद सर को जेल से रिहा कर दिया गया है। इस घटना को इस तरह से प्रस्तुत किया गया है कि एक शिक्षक को राजनीति का शिकार बनाया गया है, और इस पर सोचने के लिए प्रेरित किया गया है कि जब एक शिक्षक राजनीति का निशाना बनता है तो इसके क्या परिणाम होते हैं।1
- नवादा जिले में दबंग पड़ोसियों द्वारा सार्वजनिक गली में जानबूझकर गंदा पानी बहाकर परिवार को प्रताड़ित करने का एक मामला सामने आया है। एक शिकायतकर्ता ने वीडियो प्रमाण के साथ आरोप लगाया है कि उनके पड़ोसी लगातार आम गली में गंदा पानी बहा रहे हैं, जिससे पूरा रास्ता नारकीय बन चुका है। 13 जून 2026 को हुई एक घटना में, जब शिकायतकर्ता की पत्नी ने इस गंदगी और अभद्रता का विरोध किया, तो पड़ोसी— श्यामदेव (जो परमेश्वर महतो के पुत्र हैं) और शंभू की पत्नी— उनके घर तक चढ़ आए। इन लोगों ने शिकायतकर्ता की पत्नी के साथ बेहद बदतमीजी की, गाली-गलौज की और मारपीट करने की कोशिश भी की। शिकायतकर्ता के अनुसार, ये पड़ोसी अपने पैसों और रसूख के घमंड में खुद को कानून से ऊपर समझते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में पूर्व में भी पुलिस में शिकायत की जा चुकी है, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर आकर इन पड़ोसियों को मना भी किया था। हालांकि, पुलिस की चेतावनी के बावजूद उनके हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें किसी का डर नहीं है और उनकी दबंगई लगातार जारी है। वीडियो प्रमाण के आधार पर, पीड़ित परिवार ने नवादा जिला प्रशासन और बिहार पुलिस से हाथ जोड़कर विनती की है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और इन दबंग पड़ोसियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन ने इस वीडियो के आधार पर तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो किसी भी दिन कोई बड़ी अनहोनी घट सकती है, क्योंकि महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के साथ इस तरह का खिलवाड़ कब तक बर्दाश्त किया जाएगा, यह एक गंभीर चिंता का विषय है।1