हमीरपुर जिले के मौदहा विकासखंड में तैनात एक पंचायत सचिव (ग्राम विकास अधिकारी) का शव बुधवार को कस्बे के मराठीपुरा मोहल्ले स्थित उनके किराए के कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बताया गया कि पंचायत सचिव किराए के मकान में रहकर अपनी सेवाएं दे रहे थे। बुधवार को जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो आसपास के लोगों को संदेह हुआ। सूचना मिलने पर मौदहा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाया, जहां सचिव का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। पुलिस ने शव को तुरंत अपने कब्जे में लिया और आवश्यक पंचनामा कार्रवाई के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक मौदहा विकासखंड में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। हालांकि, आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले के सभी पहलुओं से गहन जांच कर रही है। परिजनों को भी इस घटना की सूचना दे दी गई है। कोतवाली पुलिस ने बताया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दुखद घटना से विभागीय कर्मचारियों और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
हमीरपुर जिले के मौदहा विकासखंड में तैनात एक पंचायत सचिव (ग्राम विकास अधिकारी) का शव बुधवार को कस्बे के मराठीपुरा मोहल्ले स्थित उनके किराए के कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बताया गया कि पंचायत सचिव किराए के मकान में रहकर अपनी सेवाएं दे रहे थे। बुधवार को जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो आसपास के लोगों को संदेह हुआ। सूचना मिलने पर मौदहा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाया, जहां सचिव का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। पुलिस ने शव को तुरंत अपने कब्जे में लिया और आवश्यक पंचनामा कार्रवाई के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक मौदहा विकासखंड में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। हालांकि, आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले के सभी पहलुओं से गहन जांच कर रही है। परिजनों को भी इस घटना की सूचना दे दी गई है। कोतवाली पुलिस ने बताया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दुखद घटना से विभागीय कर्मचारियों और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
- झांसी जिले के तुर्का लहचूरा गांव का जिक्र हुआ है, जो टहरौली तहसील, गुरसराय ब्लॉक और फतेहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस संदर्भ में रिंकू लक्ष्कार का नाम तुर्का लहचूरा से संबंधित बताया गया है। वहीं, प्रदीप कुमार दीक्षित को लहचूरा का प्रधान बताया गया है।1
- झाँसी के गुरसराय थाना क्षेत्र के ग्राम मढ़ौरी निवासी 50 वर्षीय धर्म कोरी पुत्र रामदयाल की एक सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब धर्म कोरी अपनी बाइक से घर से गुरसराय सब्जी लेने आ रहे थे। गुरसराय मंडी के पास पीछे से तेज गति से आ रहे एक डंपर ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में धर्म कोरी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही परिजन तुरंत मौके पर पहुँचे और उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसराय ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर से परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया है। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुँची और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।1
- मुख्य विकास अधिकारी श्री विधान जायसवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन सभागार में "फैमिली आईडी : एक परिवार-एक पहचान" योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, पात्र परिवारों का शत-प्रतिशत पंजीकरण करना और विभागीय समन्वय के माध्यम से योजना की प्रगति को गति प्रदान करना था। मुख्य विकास अधिकारी ने बल देते हुए कहा कि यह योजना शासन की एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है, जिससे पात्र परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से मिल सकेगा। बैठक में जनपद स्तरीय अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से और खण्ड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों तथा नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। समीक्षा के दौरान, मुख्य विकास अधिकारी ने पंजीकरण, सत्यापन, डेटा अद्यतन और लंबित प्रकरणों की स्थिति की विस्तार से जांच की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन परिवारों का अभी तक पंजीकरण नहीं हो पाया है, उन्हें चिह्नित कर विशेष अभियान चलाकर योजना से जोड़ा जाए और ग्राम पंचायत व नगरीय क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए, मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को नियमित रूप से अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और तकनीकी या प्रशासनिक समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र परिवार की पहचान कर उन्हें योजनाओं से लाभान्वित करना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी क्रम में, समाज कल्याण विभाग के एडीओ समाज कल्याण मुख्यालय शिव शंकर द्वारा अपने पदीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन न करने और लक्ष्यों की पूर्ति न करने पर उनका वेतन रोक दिया गया। उन्हें चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, समाज कल्याण विभाग के ब्लॉक स्तर पर तैनात सभी एडीओ समाज कल्याण का वेतन भी रोकने के साथ-साथ चेतावनी और स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के अंत में, मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को समन्वित प्रयासों से कार्य करने और योजना के लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी दोहराया कि अधिकारी फैमिली आईडी बनाने के कार्य में तेजी लाएं, अन्यथा लापरवाही बरतने वालों पर कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक, जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी, उपायुक्त श्रम रोजगार अशोक कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रतिभा सिंह, और अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।2
- जालौन जिले के थाना कैलिया क्षेत्र के ऊंचागांव निवासी मनोज कौरव ने मंगलवार को उरई स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज एक मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मनोज कौरव का आरोप है कि ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत चन्द्रप्रकाश ने रंजिश के चलते उनके विरुद्ध यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उनके अनुसार, घटना 5 जून की बताई गई है, जबकि मुकदमा करीब 14 दिन बाद उसी दिन थाना कैलिया में शिकायत देकर दर्ज किया गया। मनोज कौरव का यह भी दावा है कि वे चन्द्रप्रकाश को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते और न ही उनका उससे कोई परिचय या पुराना विवाद रहा है। मनोज कौरव ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराए जाने की गुहार लगाई है। उन्होंने विशेष रूप से कॉल डिटेल, घटना स्थल के साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कराने पर जोर दिया है, ताकि सभी वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्हें बाद में यह जानकारी मिली कि चन्द्रप्रकाश उन लोगों के यहां पंचायत सहायक हैं जिनसे उनका रंजिश विवाद है। मनोज कौरव का मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से न्यायोचित कार्रवाई करते हुए निष्पक्ष जांच के माध्यम से उन्हें न्याय दिलाने का आग्रह किया है।1
- महोबा में एक पावर प्लांट के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने इसे हत्या करार दिया है। मृतक के परिवार वालों ने पुलिस अधीक्षक (SP) से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है और मामले की गहन जांच की मांग की है।1
- जनता से यह सवाल पूछा गया है कि उन्हें मोदी जी की बातों पर कितना भरोसा है। इस संबंध में यह दृढ़ता से कहा गया है कि भारत आज जो कार्य कर रहा है, वह आने वाले 1000 वर्षों के भविष्य की नींव रखने वाला है। इसी को पूरी दुनिया के लिए भारत की सबसे बड़ी गारंटी बताया गया है।1
- हमीरपुर जिला अस्पताल के महिला वार्ड के शौचालय में मंगलवार सुबह एक नवजात शिशु का शव मिलने से पूरे अस्पताल परिसर में सनसनी फैल गई। सफाई कर्मचारी ने सुबह करीब 8 बजे डस्टबिन में पॉलिथीन में लिपटा शव देखा, जिसके बाद उसने तुरंत वार्ड इंचार्ज और अस्पताल प्रशासन को इसकी सूचना दी। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्राथमिक जांच में नवजात को 1-2 दिन का बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही सीएमओ डॉ. एके रावत जिला अस्पताल पहुंचे और उन्होंने इसे "बेहद गंभीर मामला" बताया। उन्होंने इमरजेंसी, महिला वार्ड और शौचालय के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तुरंत खंगालने के निर्देश दिए हैं, ताकि शव छोड़कर जाने वाले दोषी का पता लगाया जा सके और उस पर सख्त कार्रवाई की जा सके। जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह नवजात का शव मिलना अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का पूछना है कि बिना किसी की नजर में आए शव शौचालय तक कैसे पहुंचा और अस्पताल में आने-जाने वालों की निगरानी क्यों नहीं की गई। इस घटना से तीमारदारों में भी दहशत का माहौल है और उन्होंने अस्पताल प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने की मांग की है।1
- हमीरपुर जिले के कुरारा कस्बे में बेरी तिराहे के पास मंगलवार को दो युवकों के बीच सरेराह मारपीट का मामला सामने आया है। मामूली कहासुनी के बाद शुरू हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक ने दूसरे पर चप्पलें बरसानी शुरू कर दीं। इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो युवक सड़क पर एक-दूसरे से उलझे हुए हैं, और बहस के दौरान एक युवक अपना आपा खोकर सामने वाले को चप्पल से पीट रहा है। आस-पास खड़े लोग तमाशबीन बने रहे, हालांकि कुछ ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक आरोपी युवक कई चप्पलें मार चुका था। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों युवक बाइक से आमने-सामने आ गए थे और साइड देने को लेकर उनकी कहासुनी हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। बताया जा रहा है कि दोनों युवक कुरारा कस्बे के ही रहने वाले हैं। वीडियो वायरल होने के बाद कुरारा थाना पुलिस हरकत में आई है। थाना प्रभारी ने जानकारी दी है कि वीडियो उनके संज्ञान में है और दोनों युवकों की पहचान कराई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष ने इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी है, लेकिन तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की मारपीट शांति भंग करने का मामला है। सरेराह हुई इस मारपीट से इलाके में अफरा-तफरी मच गई है। लोगों का कहना है कि पुलिस को बाजार और तिराहों पर गश्त बढ़ानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।1