जालौन जिले के थाना कैलिया क्षेत्र के ऊंचागांव निवासी मनोज कौरव ने मंगलवार को उरई स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज एक मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मनोज कौरव का आरोप है कि ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत चन्द्रप्रकाश ने रंजिश के चलते उनके विरुद्ध यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उनके अनुसार, घटना 5 जून की बताई गई है, जबकि मुकदमा करीब 14 दिन बाद उसी दिन थाना कैलिया में शिकायत देकर दर्ज किया गया। मनोज कौरव का यह भी दावा है कि वे चन्द्रप्रकाश को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते और न ही उनका उससे कोई परिचय या पुराना विवाद रहा है। मनोज कौरव ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराए जाने की गुहार लगाई है। उन्होंने विशेष रूप से कॉल डिटेल, घटना स्थल के साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कराने पर जोर दिया है, ताकि सभी वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्हें बाद में यह जानकारी मिली कि चन्द्रप्रकाश उन लोगों के यहां पंचायत सहायक हैं जिनसे उनका रंजिश विवाद है। मनोज कौरव का मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से न्यायोचित कार्रवाई करते हुए निष्पक्ष जांच के माध्यम से उन्हें न्याय दिलाने का आग्रह किया है।
जालौन जिले के थाना कैलिया क्षेत्र के ऊंचागांव निवासी मनोज कौरव ने मंगलवार को उरई स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज एक मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मनोज कौरव का आरोप है कि ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत चन्द्रप्रकाश ने रंजिश के चलते उनके विरुद्ध यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उनके अनुसार, घटना 5 जून की बताई गई है, जबकि मुकदमा करीब 14 दिन बाद उसी दिन थाना कैलिया में शिकायत देकर दर्ज किया गया। मनोज कौरव का यह भी दावा है कि वे चन्द्रप्रकाश को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते और न ही उनका उससे कोई परिचय या पुराना विवाद रहा है। मनोज कौरव ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराए जाने की गुहार लगाई है। उन्होंने विशेष रूप से कॉल डिटेल, घटना स्थल के साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कराने पर जोर दिया है, ताकि सभी वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्हें बाद में यह जानकारी मिली कि चन्द्रप्रकाश उन लोगों के यहां पंचायत सहायक हैं जिनसे उनका रंजिश विवाद है। मनोज कौरव का मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से न्यायोचित कार्रवाई करते हुए निष्पक्ष जांच के माध्यम से उन्हें न्याय दिलाने का आग्रह किया है।
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- जालौन जिले के कोच में एक आत्मनिर्भर बालिका शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस शिविर को कला, कौशल और संस्कारों का संगम बताया जा रहा है, जिसमें बालिकाओं को इन तीनों क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जा रहा है।1
- लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुई भीषण आगजनी की घटना में होनहार छात्र-छात्राओं की दर्दनाक मौत पर जनपद जालौन में गहरा शोक व्यक्त किया गया। इस हृदयविदारक घटना के विरोध में विश्व हिंदू महासंघ जनपद जालौन द्वारा नगर के चंद्रशेखर आजाद पार्क में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने दिवंगत विद्यार्थियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा। विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति ने इस हादसे को बेहद दुखद एवं हृदयविदारक बताया। उन्होंने कहा कि देश के उज्ज्वल भविष्य माने जाने वाले विद्यार्थियों का इस प्रकार असमय निधन पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। प्रजापति ने दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिवारों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। वहीं, संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष आशा प्रजापति ने घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी त्रासदियां सुरक्षा व्यवस्थाओं की गंभीर खामियों को उजागर करती हैं। उन्होंने भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। श्रद्धांजलि सभा में संगठन के पदाधिकारियों ने मोमबत्ती जलाकर दिवंगत छात्र-छात्राओं को नमन किया और हादसे में जान गंवाने वाले सभी विद्यार्थियों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस अवसर पर उपमा प्रजापति, निशा माहेश्वरी, शिशुपाल कुशवाहा, राजा पटेल, शशिकांत वर्मा, रूपेश साहू, स्वयं गोस्वामी, सत्यम याज्ञिक, हेमबाला, सोनम सोनी, हिमांशु दिवौलिया, रोली, अनीता द्विवेदी, नीलम गुप्ता, महादेवी कुशवाहा, प्रेमलता उपाध्याय, अनूप दीक्षित, दीपु निरंजन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- जनपद जालौन के जिला कारागार उरई में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण त्रैमासिक निरीक्षण किया गया, जिसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने औचक दौरा किया। उनके साथ जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जेल परिसर का गहन मुआयना कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, जिला न्यायाधीश ने बैरकों, रसोईघर, चिकित्सालय, स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने जेल में बंद बंदियों से सीधे बातचीत कर उनके रहने, खाने-पीने, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। बंदियों से यह भी पूछा गया कि उन्हें किसी प्रकार की समस्या या शिकायत तो नहीं है। जिला प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों ने कारागार में साफ-सफाई की स्थिति, भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं का भी निरीक्षण किया। एक डॉक्टरों की टीम ने भी बंदियों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाओं की समीक्षा की। इस निरीक्षण में कारागार में उपलब्ध अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। अधिकारियों ने बंदियों को शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की पड़ताल की और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने बताया कि जिला कारागार उरई में बंदियों को नियमानुसार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता अभियान और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी की जाती है, ताकि बंदियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। त्रैमासिक निरीक्षण के बाद जिला न्यायाधीश, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने कारागार प्रशासन की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया।2
- मंगलवार को जालौन में न्यायिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला कारागार का संयुक्त निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायालय के जिला न्यायाधीश विरजेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतिभा तथा जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने मिलकर कारागार का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान, इन अधिकारियों ने कारागार की सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता की स्थिति, उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और बंदियों को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच में एक आत्मनिर्भर बालिका शिविर का शुभारंभ किया गया है। इस शिविर के माध्यम से छात्राओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।1
- जनपद जालौन की ग्राम पंचायत लहचूरा कोरीपुरा में खेत में लगाई गई आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे पड़ोसी किसान नरेंद्र पाल सिंह पुत्र राजा भैया को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। आग की चपेट में आने से उनके खेत में रखे लगभग 40 सिंचाई पाइप पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। यह घटना कुलदीप पाल पुत्र मलखान पाल द्वारा अपने खेत में आग लगाने के कारण हुई। तेज हवा के कारण आग अनियंत्रित होकर पास के खेत तक फैल गई और वहां रखे सिंचाई पाइपों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में पाइप धू-धू कर जलने लगे, जिससे आसपास के किसानों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझाए जाने से आसपास के खेतों और अन्य कृषि उपकरणों को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। पीड़ित किसान नरेंद्र पाल सिंह ने प्रशासन से अपने नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं, ग्रामीणों ने किसानों से खेतों में आग लगाने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच में मोहर्रम के अवसर पर अकीदत के साथ अलम का जुलूस निकाला गया। इस जुलूस के माध्यम से इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत यानी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।1
- घाटमपुर में तैनात एक महिला सिपाही का अपने पति से विवाद हो गया, जिसके बाद उसने गुस्से में चूड़ियां पीसकर खा लीं। उसकी हालत बिगड़ने पर साथी पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे कानपुर के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यह पूरा मामला घाटमपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, घाटमपुर थाने में कार्यरत महिला सिपाही का नाम प्रियंका चौधरी है, और उसके पति संतोष मेरठ पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात हैं। सोमवार देर शाम संतोष घाटमपुर आए थे, जहाँ पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद संतोष वापस मेरठ लौट गए थे। मंगलवार को प्रियंका चौधरी थाने के CCTNS कक्ष में अपनी ड्यूटी पर थीं, तभी उनका पति से फोन पर फिर से विवाद हो गया। यह फोन पर हुई बातचीत विवाद में बदल गई, और इसी के तुरंत बाद महिला सिपाही प्रियंका ने चूड़ियां पीसकर खा लीं। तबीयत बिगड़ते देख उनके साथी पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें सीएचसी पहुंचाया, जहाँ शुरुआती उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें कानपुर के जिला अस्पताल भेज दिया।3