जनपद जालौन की ग्राम पंचायत लहचूरा कोरीपुरा में खेत में लगाई गई आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे पड़ोसी किसान नरेंद्र पाल सिंह पुत्र राजा भैया को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। आग की चपेट में आने से उनके खेत में रखे लगभग 40 सिंचाई पाइप पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। यह घटना कुलदीप पाल पुत्र मलखान पाल द्वारा अपने खेत में आग लगाने के कारण हुई। तेज हवा के कारण आग अनियंत्रित होकर पास के खेत तक फैल गई और वहां रखे सिंचाई पाइपों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में पाइप धू-धू कर जलने लगे, जिससे आसपास के किसानों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझाए जाने से आसपास के खेतों और अन्य कृषि उपकरणों को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। पीड़ित किसान नरेंद्र पाल सिंह ने प्रशासन से अपने नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं, ग्रामीणों ने किसानों से खेतों में आग लगाने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जनपद जालौन की ग्राम पंचायत लहचूरा कोरीपुरा में खेत में लगाई गई आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे पड़ोसी किसान नरेंद्र पाल सिंह पुत्र राजा भैया को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। आग की चपेट में आने से उनके खेत में रखे लगभग 40 सिंचाई पाइप पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। यह घटना कुलदीप पाल पुत्र मलखान पाल द्वारा अपने खेत में आग लगाने के कारण हुई। तेज हवा के कारण आग अनियंत्रित होकर पास के खेत तक फैल गई और वहां रखे सिंचाई पाइपों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में पाइप धू-धू कर जलने लगे, जिससे आसपास के किसानों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझाए जाने से आसपास के खेतों और अन्य कृषि उपकरणों को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। पीड़ित किसान नरेंद्र पाल सिंह ने प्रशासन से अपने नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं, ग्रामीणों ने किसानों से खेतों में आग लगाने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
- जनपद जालौन के जिला कारागार उरई में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण त्रैमासिक निरीक्षण किया गया, जिसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने औचक दौरा किया। उनके साथ जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जेल परिसर का गहन मुआयना कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, जिला न्यायाधीश ने बैरकों, रसोईघर, चिकित्सालय, स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने जेल में बंद बंदियों से सीधे बातचीत कर उनके रहने, खाने-पीने, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। बंदियों से यह भी पूछा गया कि उन्हें किसी प्रकार की समस्या या शिकायत तो नहीं है। जिला प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों ने कारागार में साफ-सफाई की स्थिति, भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं का भी निरीक्षण किया। एक डॉक्टरों की टीम ने भी बंदियों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाओं की समीक्षा की। इस निरीक्षण में कारागार में उपलब्ध अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। अधिकारियों ने बंदियों को शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की पड़ताल की और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने बताया कि जिला कारागार उरई में बंदियों को नियमानुसार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता अभियान और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी की जाती है, ताकि बंदियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। त्रैमासिक निरीक्षण के बाद जिला न्यायाधीश, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने कारागार प्रशासन की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया।2
- मंगलवार को जालौन में न्यायिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला कारागार का संयुक्त निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायालय के जिला न्यायाधीश विरजेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतिभा तथा जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने मिलकर कारागार का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान, इन अधिकारियों ने कारागार की सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता की स्थिति, उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और बंदियों को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया।1
- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में एक व्यक्ति अपनी पत्नी और दो बेटियों की तलाश में दर दर भटक रहा है। व्यक्ति ने बताया है कि वह मथुरा में काम करके अपने परिजनों का भरण-पोषण करता है।2
- जालौन नगर में सोमवार को लागू साप्ताहिक बंदी के बावजूद कुछ दुकानदारों द्वारा खुलेआम प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना का मामला सामने आया है। प्रशासन ने साप्ताहिक बंदी का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद कई दुकानों के शटर खुले पाए गए, जिससे आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार को एसबीआई बैंक रोड के किनारे स्थित कुछ दुकानें खुली देखी गईं, जबकि अधिकांश व्यापारियों ने साप्ताहिक बंदी का ईमानदारी से पालन करते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। आरोप है कि कुछ दुकानदारों ने दबंगई दिखाते हुए प्रशासनिक निर्देशों को पूरी तरह नजरअंदाज कर अपना कारोबार जारी रखा। स्थानीय निवासियों ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि ऐसे दुकानदारों को प्रशासन का कोई खौफ नहीं है और वे खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि साप्ताहिक बंदी का नियम है, तो उसका पालन सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए, अन्यथा नियमों का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि साप्ताहिक बंदी का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि सभी व्यापारियों के साथ निष्पक्ष व्यवहार हो सके।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच में एक आत्मनिर्भर बालिका शिविर का शुभारंभ किया गया है। इस शिविर के माध्यम से छात्राओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।1
- जालौन के जिला कारागार उरई में त्रैमासिक निरीक्षण के लिए जिला न्यायाधीश पहुंचे, जिनके साथ डीएम राजेश कुमार पांडेय, एसपी विनय कुमार सिंह और जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य भी मौजूद रहे। अधिकारियों की इस टीम ने जेल में बंद बंदियों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्थाओं की गहनता से जांच की। निरीक्षण के दौरान बंदियों से उनके स्वास्थ्य और कारागार की सफाई व्यवस्था से जुड़ी परेशानियों के बारे में बातचीत की गई। इस जांच में कारागार की सभी व्यवस्थाएं सकुशल पाई गईं। बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी जांच-पड़ताल की गई, और उनके स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टरों की एक टीम ने भी बंदियों से अलग से बातचीत की। यह त्रैमासिक निरीक्षण जनपद न्यायाधीश, डीएम और एसपी द्वारा किया गया।4
- उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद के गोहन थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुरा गांव में आज, 22 जून 2026 को एक व्यक्ति का शव बरामद होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान गिरजाशंकर तिवारी के रूप में हुई है, जिनकी उम्र करीब 75 वर्ष है। उनके सिर पर चोट के निशान मिले हैं। जानकारी के अनुसार, गिरजाशंकर तिवारी रात में अपने खेत पर स्थित ट्यूबवेल पर सोए थे। सुबह लगभग 5:30 बजे उनके पुत्र ने उन्हें देखा तो उनका शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा, जिसमें अपर पुलिस अधीक्षक भी शामिल थे, जिन्होंने स्थिति का मुआयना किया और आवश्यक जानकारी जुटाई। पुलिस द्वारा पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है, साथ ही तहरीर प्राप्त कर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत करके आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- जनपद जालौन की ग्राम पंचायत लहचूरा कोरीपुरा में खेत में लगाई गई आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे पड़ोसी किसान नरेंद्र पाल सिंह पुत्र राजा भैया को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। आग की चपेट में आने से उनके खेत में रखे लगभग 40 सिंचाई पाइप पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। यह घटना कुलदीप पाल पुत्र मलखान पाल द्वारा अपने खेत में आग लगाने के कारण हुई। तेज हवा के कारण आग अनियंत्रित होकर पास के खेत तक फैल गई और वहां रखे सिंचाई पाइपों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में पाइप धू-धू कर जलने लगे, जिससे आसपास के किसानों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझाए जाने से आसपास के खेतों और अन्य कृषि उपकरणों को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। पीड़ित किसान नरेंद्र पाल सिंह ने प्रशासन से अपने नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं, ग्रामीणों ने किसानों से खेतों में आग लगाने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1