मुख्यमंत्री मोहन यादव के एक बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने मोहन यादव को "पर्ची वाले फर्जी मुख्यमंत्री" कहकर संबोधित किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि "पर्ची वाले फर्जी मुख्यमंत्री की भाषा का हल्कापन प्रदेश की जनता देख रही है।" यह बयानबाजी जीतू पटवारी के समर्थन में की गई है, जहाँ कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा है। इस घटना ने प्रदेश की राजनीति में एक नई जंग की शुरुआत का संकेत दिया है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी है या इसके पीछे कोई गहरा कारण है। कांग्रेस ने इतने कड़े शब्दों में जवाब क्यों दिया, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। पूरा वीडियो देखकर और इस बयानबाजी में किसे सही माना जाए, इस पर जनता से अपनी राय कमेंट में लिखने का आह्वान किया गया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के एक बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने मोहन यादव को "पर्ची वाले फर्जी मुख्यमंत्री" कहकर संबोधित किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि "पर्ची वाले फर्जी मुख्यमंत्री की भाषा का हल्कापन प्रदेश की जनता देख रही है।" यह बयानबाजी जीतू पटवारी के समर्थन में की गई है, जहाँ कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा है। इस घटना ने प्रदेश की राजनीति में एक नई जंग की शुरुआत का संकेत दिया है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी है या इसके पीछे कोई गहरा कारण है। कांग्रेस ने इतने कड़े शब्दों में जवाब क्यों दिया, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। पूरा वीडियो देखकर और इस बयानबाजी में किसे सही माना जाए, इस पर जनता से अपनी राय कमेंट में लिखने का आह्वान किया गया है।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव के एक बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने मोहन यादव को "पर्ची वाले फर्जी मुख्यमंत्री" कहकर संबोधित किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि "पर्ची वाले फर्जी मुख्यमंत्री की भाषा का हल्कापन प्रदेश की जनता देख रही है।" यह बयानबाजी जीतू पटवारी के समर्थन में की गई है, जहाँ कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा है। इस घटना ने प्रदेश की राजनीति में एक नई जंग की शुरुआत का संकेत दिया है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी है या इसके पीछे कोई गहरा कारण है। कांग्रेस ने इतने कड़े शब्दों में जवाब क्यों दिया, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। पूरा वीडियो देखकर और इस बयानबाजी में किसे सही माना जाए, इस पर जनता से अपनी राय कमेंट में लिखने का आह्वान किया गया है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शुजालपुर आगमन के साथ ही आज यह क्षेत्र प्रदेश की राजनीति और विकास का केंद्र बन गया है, जहाँ इसे कई बड़ी सौगातें मिलने जा रही हैं। मुख्यमंत्री शुजालपुर पहुँच चुके हैं और वे करोड़ों रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन तथा लोकार्पण करेंगे। इस महत्वपूर्ण अवसर पर आयुष चिकित्सालय, आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, उगली-कमालपुर मार्ग, जटाशंकर बायपास मार्ग और रेलवे ओवरब्रिज सहित अनेक परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी। साथ ही, विभिन्न पूर्ण हो चुके विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री आमजन को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं, आगामी कार्ययोजनाओं और क्षेत्र के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रकाश डालेंगे। शुजालपुर से ही प्रदेशव्यापी 'कॉलेज चलो अभियान' का भी शुभारंभ किया जाएगा।1
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कानून-व्यवस्था के संबंध में एक बड़ा फैसला लिया है। इस निर्णय के तहत, इंदौर शहर में तीन नए पुलिस थाने खोले जाएंगे, जिसके प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने अपनी मंजूरी दे दी है। यह घोषणा इंदौर पुलिस के लिए एक बड़ी सौगात मानी जा रही है।1
- भोपाल में रत्नवाला हाउस द्वारा एक महिला ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया गया है।3
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक बयान ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा छेड़ दी है। मुख्यमंत्री द्वारा मंच से दिया गया यह तंज अब सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है। डॉ. यादव ने अपने बयान में कहा, "हम अभिनंदन लाल, तो तुम टपोरी लाल!" इस टिप्पणी के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी काफी तेज हो गई है, जिसमें समर्थक और विरोधी दोनों ही अपने-अपने अंदाज में प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।1
- देश की मासूम बच्चियां पीने के पानी के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर कुओं से पानी भरने को मजबूर हैं, जिससे उनकी दुर्दशा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस स्थिति पर खेद व्यक्त किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में इन बच्चियों का जिक्र नहीं किया। पोस्ट में सरकार के उन दावों पर भी तीखा हमला किया गया, जिसमें कहा जाता है कि उन्होंने हर घर के नल में जल भेजने का काम किया है, जबकि सच्चाई यह है कि कई मासूम बेटियां आज भी अपनी जान हथेली पर रखकर कुओं से पानी लाने के लिए मजबूर हैं।1