*जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने किया डीग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण* अमर दीप सेन डीग, 03 अप्रैल। जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं जनोपयोगी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का सघन जायजा लिया तथा स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां और अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मान सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने ओपीडी में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों के पंजीकरण की जानकारी ली। उन्हें अवगत कराया गया कि सुबह से 321 मरीजों का पंजीकरण किया जा चुका है। जिला कलेक्टर ने चिकित्सालय में उपलब्ध विशेषज्ञों, विशेषकर डेंटिस्ट और सर्जन की उपलब्धता के विषय में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अस्पताल के विभिन्न वार्डों—जिसमें पुरुष एवं महिला वार्ड शामिल हैं—का निरीक्षण करते हुए उन्होंने मरीजों को मिल रही सुविधाओं को बारीकी से परखा। जिला कलेक्टर ने अस्पताल में जांच सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि आज कुल 472 टेस्ट किए गए हैं। उन्होंने मशीनों की क्रियाशीलता और मरीजों को जांच रिपोर्ट दिए जाने की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की। मरीजों की सुविधा और समय की बचत के दृष्टिगत, जिला कलेक्टर ने दो शिफ्टों में जांच करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को जल्द से जल्द रिपोर्ट प्राप्त हो सके। साथ ही, अस्पताल परिसर में पड़े पुराने सामान व कबाड़ की नियमानुसार नीलामी करने के निर्देश भी दिए। मीडिया से मुखातिब होते हुए जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने बताया कि सीएचसी, डीग को हाल ही में जिला अस्पताल के रूप में क्रमोन्नत किया गया है, जिसके फलस्वरूप स्वास्थ्य सेवाओं की मांग में वृद्धि हुई है। उन्होंने सी-सेक्शन डिलीवरी को जल्द से जल्द शुरू करने पर विशेष जोर दिया और इसके लिए आवश्यक उपकरणों एवं मशीनों की मांग को राज्य स्तर पर त्वरित रूप से फॉलो-अप करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि मरीजों को सी-सेक्शन डिलीवरी और अन्य गंभीर चिकित्सा सेवाओं के लिए भरतपुर या अन्य शहरों में न जाना पड़े, बल्कि उन्हें डीग में ही उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने डायलिसिस यूनिट की संख्या बढ़ाने और मरीजों तथा उनके परिजनों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने बताया कि क्रमोन्नत जिला अस्पताल के लिए नए भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं इस निर्माण कार्य की निरंतर मॉनिटरिंग करेंगे ताकि यह जल्द से जल्द पूर्ण हो और अस्पताल को नए भवन में स्थानांतरित किया जा सके, जिससे मरीजों को अधिक विस्तृत और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा, अस्पताल में सर्जनों और अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार के स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण लगातार किए जाएंगे। आगामी ग्रीष्म ऋतु की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, जिला कलेक्टर ने अस्पताल प्रशासन को हीट स्ट्रोक और मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए पूर्ण और पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और आवश्यक जीवन रक्षक उपकरणों का सुचारू रूप से कार्य करना सुनिश्चित किया जाए।
*जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने किया डीग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण* अमर दीप सेन डीग, 03 अप्रैल। जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं जनोपयोगी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का सघन जायजा लिया तथा स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां और अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मान सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने ओपीडी में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों के पंजीकरण की जानकारी ली। उन्हें अवगत कराया गया कि सुबह से 321 मरीजों का पंजीकरण किया जा चुका है। जिला कलेक्टर ने चिकित्सालय में उपलब्ध विशेषज्ञों, विशेषकर डेंटिस्ट और सर्जन की
उपलब्धता के विषय में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अस्पताल के विभिन्न वार्डों—जिसमें पुरुष एवं महिला वार्ड शामिल हैं—का निरीक्षण करते हुए उन्होंने मरीजों को मिल रही सुविधाओं को बारीकी से परखा। जिला कलेक्टर ने अस्पताल में जांच सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि आज कुल 472 टेस्ट किए गए हैं। उन्होंने मशीनों की क्रियाशीलता और मरीजों को जांच रिपोर्ट दिए जाने की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की। मरीजों की सुविधा और समय की बचत के दृष्टिगत, जिला कलेक्टर ने दो शिफ्टों में जांच करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को जल्द से जल्द रिपोर्ट प्राप्त हो सके। साथ ही, अस्पताल परिसर में पड़े पुराने सामान व कबाड़ की नियमानुसार नीलामी करने के निर्देश भी दिए। मीडिया से मुखातिब होते हुए जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने बताया कि सीएचसी, डीग को हाल ही में जिला
अस्पताल के रूप में क्रमोन्नत किया गया है, जिसके फलस्वरूप स्वास्थ्य सेवाओं की मांग में वृद्धि हुई है। उन्होंने सी-सेक्शन डिलीवरी को जल्द से जल्द शुरू करने पर विशेष जोर दिया और इसके लिए आवश्यक उपकरणों एवं मशीनों की मांग को राज्य स्तर पर त्वरित रूप से फॉलो-अप करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि मरीजों को सी-सेक्शन डिलीवरी और अन्य गंभीर चिकित्सा सेवाओं के लिए भरतपुर या अन्य शहरों में न जाना पड़े, बल्कि उन्हें डीग में ही उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने डायलिसिस यूनिट की संख्या बढ़ाने और मरीजों तथा उनके परिजनों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने बताया कि क्रमोन्नत जिला अस्पताल के लिए नए भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं
इस निर्माण कार्य की निरंतर मॉनिटरिंग करेंगे ताकि यह जल्द से जल्द पूर्ण हो और अस्पताल को नए भवन में स्थानांतरित किया जा सके, जिससे मरीजों को अधिक विस्तृत और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा, अस्पताल में सर्जनों और अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार के स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण लगातार किए जाएंगे। आगामी ग्रीष्म ऋतु की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, जिला कलेक्टर ने अस्पताल प्रशासन को हीट स्ट्रोक और मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए पूर्ण और पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और आवश्यक जीवन रक्षक उपकरणों का सुचारू रूप से कार्य करना सुनिश्चित किया जाए।
- MSP पर जल्द शुरू होगी खरीद:- डीग कुम्हेर विधायक डॉ शैलेश दिगंबर किसानों।को।जल्द मिलेगा लाभ1
- गोवर्धन थाना क्षेत्र में मजार तोड़ने को लेकर हुए विवाद के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए हिंदू महासभा की जिला अध्यक्ष छाया गौतम को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि उन्हें मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की गई। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। छाया गौतम के खिलाफ धारा 126, 135 और 170 के तहत चालान किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यदि अन्य किसी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।इस मौके पर एडवोकेट पवन दुबे,गौ रक्षक श्रेयस , रजत शर्मा सहित दर्जनों हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता गोवर्धन तहसील पहुंचे जहां वकील जमानत की अरजी को एस डी एम कोर्ट ने स्वीकार कर जमानत दे दी बाइट..रजत शर्मा3
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- बरसाना भूमाफियाओं के हौसले बुलंद गरीबों की जमीन को कब्जा रहे1
- शुरू हुई बिन मौसम की बरसात। रात्रि में 7:40 से शुरू हुई बिन मौसम की बरसात तेज हवा के साथ नदबई भरतपुर से लाइव।1
- Post by RPR NEWS TV1
- *जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने किया डीग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण* अमर दीप सेन डीग, 03 अप्रैल। जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं जनोपयोगी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का सघन जायजा लिया तथा स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां और अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मान सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने ओपीडी में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों के पंजीकरण की जानकारी ली। उन्हें अवगत कराया गया कि सुबह से 321 मरीजों का पंजीकरण किया जा चुका है। जिला कलेक्टर ने चिकित्सालय में उपलब्ध विशेषज्ञों, विशेषकर डेंटिस्ट और सर्जन की उपलब्धता के विषय में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अस्पताल के विभिन्न वार्डों—जिसमें पुरुष एवं महिला वार्ड शामिल हैं—का निरीक्षण करते हुए उन्होंने मरीजों को मिल रही सुविधाओं को बारीकी से परखा। जिला कलेक्टर ने अस्पताल में जांच सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि आज कुल 472 टेस्ट किए गए हैं। उन्होंने मशीनों की क्रियाशीलता और मरीजों को जांच रिपोर्ट दिए जाने की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की। मरीजों की सुविधा और समय की बचत के दृष्टिगत, जिला कलेक्टर ने दो शिफ्टों में जांच करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को जल्द से जल्द रिपोर्ट प्राप्त हो सके। साथ ही, अस्पताल परिसर में पड़े पुराने सामान व कबाड़ की नियमानुसार नीलामी करने के निर्देश भी दिए। मीडिया से मुखातिब होते हुए जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने बताया कि सीएचसी, डीग को हाल ही में जिला अस्पताल के रूप में क्रमोन्नत किया गया है, जिसके फलस्वरूप स्वास्थ्य सेवाओं की मांग में वृद्धि हुई है। उन्होंने सी-सेक्शन डिलीवरी को जल्द से जल्द शुरू करने पर विशेष जोर दिया और इसके लिए आवश्यक उपकरणों एवं मशीनों की मांग को राज्य स्तर पर त्वरित रूप से फॉलो-अप करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि मरीजों को सी-सेक्शन डिलीवरी और अन्य गंभीर चिकित्सा सेवाओं के लिए भरतपुर या अन्य शहरों में न जाना पड़े, बल्कि उन्हें डीग में ही उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने डायलिसिस यूनिट की संख्या बढ़ाने और मरीजों तथा उनके परिजनों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने बताया कि क्रमोन्नत जिला अस्पताल के लिए नए भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं इस निर्माण कार्य की निरंतर मॉनिटरिंग करेंगे ताकि यह जल्द से जल्द पूर्ण हो और अस्पताल को नए भवन में स्थानांतरित किया जा सके, जिससे मरीजों को अधिक विस्तृत और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा, अस्पताल में सर्जनों और अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार के स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण लगातार किए जाएंगे। आगामी ग्रीष्म ऋतु की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, जिला कलेक्टर ने अस्पताल प्रशासन को हीट स्ट्रोक और मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए पूर्ण और पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और आवश्यक जीवन रक्षक उपकरणों का सुचारू रूप से कार्य करना सुनिश्चित किया जाए।4
- बृज यातायात एवं पर्यावरण जनजागरूकता समिति रजि उत्तर प्रदेश के संस्थापक अध्यक्ष विनोद दीक्षित ने प्रदेश मुख्यमंत्री से:मथुरा ट्रांसपोर्ट नगर में 3 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण में घोटाले की जांच एवं सड़क निर्माण कराए जाने की शिकायत की है । सेवा में,माननीय मुख्यमंत्री जी,उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ। विषय: मथुरा ट्रांसपोर्ट नगर में 3 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण में संभावित घोटाले की जांच एवं सड़क निर्माण कराए जाने के संबंध में। महोदय, सविनय निवेदन है कि मथुरा स्थित ट्रांसपोर्ट नगर का मुख्य मार्ग विगत कई वर्षों से अत्यंत जर्जर अवस्था में पड़ा हुआ है, जिसके कारण आम जनता, वाहन चालकों एवं व्यापारियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। महोदय, उक्त समस्या के संबंध में मैंने पूर्व में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके उपरांत स्थानीय मीडिया द्वारा भी इस विषय को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा वहां एक शिलान्यास पट्टिका स्थापित कर दी गई। उक्त शिलान्यास पट्टिका पर मथुरा जनपद के माननीय सांसद, विधायक एवं एमएलसी के नाम अंकित हैं तथा उसमें ₹300 लाख (3 करोड़ रुपये) की लागत से दिनांक 16/08/2025 को सड़क निर्माण दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त, नगर निगम मथुरा द्वारा उक्त क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगाए गए हैं तथा समय-समय पर मरे हुए पशु भी वहां फेंके जाते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध एवं अस्वच्छता का वातावरण बना हुआ है, जो जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। किन्तु वास्तविक स्थिति यह है कि उक्त सड़क आज भी जर्जर अवस्था में है। न तो वहां कोई निर्माण कार्य किया गया है और न ही किसी प्रकार का मरम्मत अथवा पैचवर्क किया गया है। इससे यह प्रतीत होता है कि उक्त कार्य में गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं घोटाले की आशंका है। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि— उक्त प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यदि किसी प्रकार का घोटाला पाया जाए तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उक्त सड़क का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए। क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को सुधारते हुए कूड़ा एवं मृत पशुओं के निस्तारण की उचित व्यवस्था कराई जाए, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।2
- शराब ठेके दार ने शासन प्रशासन को दी खोली चुनौती लाठी डंडों से मारने की धमकी1