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ब्रैकिग कैलारस *माकपा जिला समिति ने किया, शक्कर कारखाना चलाओ आन्दोलन का समर्थन*। *सरकार की नीतियों के चलते बंद हुआ शक्कर कारखाना*। *बादल सरोज*। *आमरण अनशन दूसरे दिन जारी रहा कृमिक अनशन पर बैठे कार्यकर्ता*। *=============* कैलारस - शक्कर कारखाना प्रांगण से - शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति के वैनर तले आन्दोलन लगातार जारी है। विधायक पंकज उपाध्याय आज दूसरे दिन आमरण अनशन पर बैठे। इस मौके पर आम सभा का आयोजन किया गया। जिसे संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव बादल सरोज ने कहा कि संघर्ष तेज करके ही हम सरकार को झुकाया जा सकता है। मुझे उम्मीद है कि हमारा संघर्ष तेज होगा। शक्कर कारखाना बचेगा और जरुर चलेगा। दिल्ली के किसान आंदोलन के सामने भी सरकार हारी है, किसान जीते हैं, चंबल के किस भी जीतेंगे। सभा को सर्व श्री महेश दत्त मिश्रा, विधायक फूल सिंह बरैया, पूर्व विधायक सतपाल सिंह सिकरवार नीटू , मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी,जसवीर गुर्जर, ओमप्रकाश श्रीवास, मुरारी लाल धाकड़ माकपा,रामलखन डण्डौतिया, पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह आदि ने संबोधित किया। संघर्ष समिति आगामी आन्दोलन के चरणों की शीघ्र ही करेगी। आमरण अनशन अंश अंश और क्रमिक भूख हड़ताल नियमित रूप से जारी रहेगी।

8 hrs ago
user_Lokesh shukla
Lokesh shukla
कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago

ब्रैकिग कैलारस *माकपा जिला समिति ने किया, शक्कर कारखाना चलाओ आन्दोलन का समर्थन*। *सरकार की नीतियों के चलते बंद हुआ शक्कर कारखाना*। *बादल सरोज*। *आमरण अनशन दूसरे दिन जारी रहा कृमिक अनशन पर बैठे कार्यकर्ता*। *=============* कैलारस - शक्कर कारखाना प्रांगण से - शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति के वैनर तले आन्दोलन लगातार जारी है। विधायक पंकज उपाध्याय आज दूसरे दिन आमरण अनशन पर बैठे। इस मौके पर आम सभा का आयोजन किया गया। जिसे संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव बादल सरोज ने कहा कि संघर्ष तेज करके ही हम सरकार को झुकाया जा सकता है। मुझे उम्मीद है कि हमारा संघर्ष तेज होगा। शक्कर कारखाना बचेगा और जरुर चलेगा। दिल्ली के किसान आंदोलन के सामने भी सरकार हारी है, किसान जीते हैं, चंबल के किस भी जीतेंगे। सभा को सर्व श्री महेश दत्त मिश्रा, विधायक फूल सिंह बरैया, पूर्व विधायक सतपाल सिंह सिकरवार नीटू , मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी,जसवीर गुर्जर, ओमप्रकाश श्रीवास, मुरारी लाल धाकड़ माकपा,रामलखन डण्डौतिया, पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह आदि ने संबोधित किया। संघर्ष समिति आगामी आन्दोलन के चरणों की शीघ्र ही करेगी। आमरण अनशन अंश अंश और क्रमिक भूख हड़ताल नियमित रूप से जारी रहेगी।

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  • ब्रैकिग कैलारस *माकपा जिला समिति ने किया, शक्कर कारखाना चलाओ आन्दोलन का समर्थन*। *सरकार की नीतियों के चलते बंद हुआ शक्कर कारखाना*। *बादल सरोज*। *आमरण अनशन दूसरे दिन जारी रहा कृमिक अनशन पर बैठे कार्यकर्ता*। *=============* कैलारस - शक्कर कारखाना प्रांगण से - शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति के वैनर तले आन्दोलन लगातार जारी है। विधायक पंकज उपाध्याय आज दूसरे दिन आमरण अनशन पर बैठे। इस मौके पर आम सभा का आयोजन किया गया। जिसे संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव बादल सरोज ने कहा कि संघर्ष तेज करके ही हम सरकार को झुकाया जा सकता है। मुझे उम्मीद है कि हमारा संघर्ष तेज होगा। शक्कर कारखाना बचेगा और जरुर चलेगा। दिल्ली के किसान आंदोलन के सामने भी सरकार हारी है, किसान जीते हैं, चंबल के किस भी जीतेंगे। सभा को सर्व श्री महेश दत्त मिश्रा, विधायक फूल सिंह बरैया, पूर्व विधायक सतपाल सिंह सिकरवार नीटू , मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी,जसवीर गुर्जर, ओमप्रकाश श्रीवास, मुरारी लाल धाकड़ माकपा,रामलखन डण्डौतिया, पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह आदि ने संबोधित किया। संघर्ष समिति आगामी आन्दोलन के चरणों की शीघ्र ही करेगी। आमरण अनशन अंश अंश और क्रमिक भूख हड़ताल नियमित रूप से जारी रहेगी।
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    ब्रैकिग कैलारस *माकपा जिला समिति ने किया, शक्कर कारखाना चलाओ आन्दोलन का समर्थन*।
*सरकार की नीतियों के चलते बंद हुआ शक्कर कारखाना*। *बादल सरोज*।
*आमरण अनशन दूसरे दिन जारी रहा कृमिक अनशन पर बैठे कार्यकर्ता*।
*=============*
कैलारस - शक्कर कारखाना प्रांगण से - 
शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति के वैनर तले आन्दोलन लगातार जारी है। विधायक पंकज उपाध्याय आज दूसरे दिन आमरण अनशन पर बैठे। इस मौके पर आम सभा का आयोजन किया गया। जिसे संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव बादल सरोज ने कहा कि संघर्ष तेज करके ही हम सरकार को झुकाया जा सकता है। मुझे उम्मीद है कि हमारा संघर्ष तेज होगा। शक्कर कारखाना बचेगा और जरुर चलेगा। दिल्ली के किसान आंदोलन के सामने भी सरकार हारी है, किसान जीते हैं, चंबल के किस भी जीतेंगे।
सभा को सर्व श्री महेश दत्त मिश्रा, विधायक फूल सिंह बरैया, पूर्व विधायक सतपाल सिंह सिकरवार नीटू , मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी,जसवीर गुर्जर, ओमप्रकाश श्रीवास, मुरारी लाल धाकड़ माकपा,रामलखन डण्डौतिया, पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह आदि ने संबोधित किया।
संघर्ष समिति आगामी आन्दोलन के चरणों की शीघ्र ही करेगी।
आमरण अनशन अंश अंश और क्रमिक भूख हड़ताल नियमित रूप से जारी रहेगी।
    user_Lokesh shukla
    Lokesh shukla
    कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • 🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की कुछ यादगार झलकियाँ 🇮🇳 आज हमारे महान राष्ट्र के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मंच से अपने विचार और देशभक्ति की भावनाएँ व्यक्त करने का अवसर मिला। ❤️ यह मंच केवल भाषण देने का नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को याद करने का अवसर था। हमारी आज़ादी हमें विरासत में नहीं मिली, इसे असंख्य वीरों के संघर्ष और बलिदान से हासिल किया गया है। आइए, हम सब मिलकर अपने देश की एकता, अखंडता और सम्मान को हमेशा सर्वोपरि रखें। 🇮🇳 जय हिन्द! 🇮🇳 वन्दे मातरम्! ❤️ #IndependenceDay #15August #JaiHind #VandeMataram #HarGharTiranga #India #PatrioticSpeech #IndependenceDay2026 #IndependenceDay #15August #JaiHind #VandeMataram #HarGharTiranga #India #PatrioticSpeech #IndependenceDay2026
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    🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की कुछ यादगार झलकियाँ 🇮🇳

आज हमारे महान राष्ट्र के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मंच से अपने विचार और देशभक्ति की भावनाएँ व्यक्त करने का अवसर मिला। ❤️

यह मंच केवल भाषण देने का नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को याद करने का अवसर था।

हमारी आज़ादी हमें विरासत में नहीं मिली, इसे असंख्य वीरों के संघर्ष और बलिदान से हासिल किया गया है।
आइए, हम सब मिलकर अपने देश की एकता, अखंडता और सम्मान को हमेशा सर्वोपरि रखें। 🇮🇳

जय हिन्द! 🇮🇳
वन्दे मातरम्! ❤️

#IndependenceDay #15August #JaiHind #VandeMataram #HarGharTiranga #India #PatrioticSpeech #IndependenceDay2026


#IndependenceDay #15August #JaiHind #VandeMataram #HarGharTiranga #India #PatrioticSpeech #IndependenceDay2026
    user_Vishal vs sharma
    Vishal vs sharma
    Teacher कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मिलावट अपने स्तर को पार कर गई मुरैना शहर में क्या बिक रहा है मुरैना बाजार से गुड़ मंगाया 20 केजी इसमें 2 किलो के लगभग क्या निकला मेरी समझ में नहीं आ रहा है जनता क्या करे शुद्ध वस्तु बाजार से गायब हो गई है क्या करें शासन प्रशासन सब नाम के
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    मिलावट अपने स्तर को पार कर गई मुरैना शहर में क्या बिक रहा है 
मुरैना बाजार से गुड़  मंगाया 20 केजी इसमें 2 किलो के लगभग क्या निकला मेरी समझ में नहीं आ रहा है जनता क्या करे शुद्ध वस्तु बाजार से गायब हो गई है क्या करें शासन प्रशासन सब नाम के
    user_Satish Tiwari
    Satish Tiwari
    Farmer जौरा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • जौरा विधायक पंकज उपाध्याय का आमरण अनशन दूसरे दिन भी रहा प्रारंभ। जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने किसानों की मजदूरों की बेरोजगारों की एक बड़ी समस्या को ध्यान में रखते हुए काफी दिनों से शक्कर कारखाने को चलाने की आवाज उठाई जा रही थी क्योंकि सरकार उनकी आवाज को सुनने के लिए तैयार नहीं थी तो उन्होंने 15 अगस्त 2026 से कैलारस शक्कर कारखाने पर आमरण अनशन किया प्रारंभ जिसमें सैकड़ो की संख्या में किसान और स्थानीय नेता और समाज सेवी संगठनों ने भी दिया समर्थन।
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    जौरा विधायक पंकज उपाध्याय का आमरण अनशन दूसरे दिन भी रहा प्रारंभ।
जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने किसानों की मजदूरों की बेरोजगारों की एक बड़ी समस्या को ध्यान में रखते हुए काफी दिनों से शक्कर कारखाने को चलाने की आवाज उठाई जा रही थी क्योंकि सरकार उनकी आवाज को सुनने के लिए तैयार नहीं थी तो उन्होंने 15 अगस्त 2026 से कैलारस शक्कर कारखाने पर आमरण अनशन किया प्रारंभ जिसमें सैकड़ो की संख्या में किसान और स्थानीय नेता और समाज सेवी संगठनों ने भी दिया समर्थन।
    user_Mahesh singh
    Mahesh singh
    Local News Reporter जौरा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • 41 साल 7 माह 9 दिन की बेदाग सेवा को भावुक विदाई, चंदन पैलेस में गूंजा सम्मान शिक्षा विभाग के कर्मठ सेवक रामलखन धाकड़ का भव्य विदाई समारोह, सहकर्मियों ने सुनाए सेवाकाल के अनुभव; सम्मान और स्नेह से भर आया माहौल विजयपुर शिक्षा विभाग में 41 साल 7 माह 9 दिन तक पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं देने वाले ग्राम इकलौद निवासी रामलखन धाकड़ के शासकीय सेवाकाल का आज भावुक और यादगार समापन हुआ। वर्षों तक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारियों को निभाने वाले रामलखन धाकड़ के सम्मान में चंदन पैलेस में भव्य विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उनके सहकर्मी, शिक्षक, विभागीय कर्मचारी, शुभचिंतक और परिचित मौजूद रहे। जैसे-जैसे वक्ताओं ने उनके लंबे सेवाकाल की यादें साझा कीं, समारोह का माहौल कभी भावुक हुआ तो कभी पुरानी यादों और मुस्कुराहटों से खिल उठा। रामलखन धाकड़ की शासकीय सेवा की शुरुआत 12 दिसंबर 1984 को शासकीय प्राथमिक विद्यालय इकलौद से हुई थी।एक छोटे से विद्यालय से शुरू हुआ उनका सफर देखते ही देखते चार दशक से अधिक लंबे सेवाकाल में बदल गया।शिक्षा विभाग में काम करते हुए उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियों का निर्वहन किया और विभागीय कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी। इसके बाद 20 अक्टूबर 2004 को उनकी पदस्थापना पीटीआई के पद पर शासकीय माध्यमिक विद्यालय श्योपुर में हुई। यहां भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता से निभाया। इसके बाद 13 नवंबर 2013 को उन्हें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विजयपुर में पदस्थ किया गया।विजयपुर में सेवाकाल के दौरान भी वे विभागीय दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाते रहे। *चार दशक से ज्यादा की सेवा, फिर भी नहीं मिला नोटिस* रामलखन धाकड़ के लंबे सेवाकाल की सबसे खास बातों में से एक यह भी बताई गई कि उनके अनुसार 41 साल 7 माह 9 दिन की शासकीय सेवा के दौरान उन्हें कभी कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ। चार दशक से अधिक लंबे सरकारी सेवाकाल में इस तरह का रिकॉर्ड अपने आप में उनके कार्य के प्रति सजगता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।विदाई समारोह में वक्ताओं ने उनके इसी अनुशासित कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी सेवा में लंबा समय बिताना अपने आप में उपलब्धि है, लेकिन इतने लंबे समय तक जिम्मेदारियों को निभाते हुए साथियों और अधिकारियों का विश्वास बनाए रखना उससे भी बड़ी उपलब्धि है। उनके सेवाकाल में कई अधिकारियों द्वारा उन्हें सम्मानित किए जाने का भी उल्लेख किया गया। *जब सम्मान के साथ छलक आए भाव* विदाई समारोह में सबसे भावुक क्षण उस समय आया, जब सहकर्मियों और परिचितों ने रामलखन धाकड़ के साथ बिताए वर्षों की यादें साझा कीं। किसी ने उनके अनुशासन को याद किया तो किसी ने उनके व्यवहार और सहयोगी स्वभाव की चर्चा की। वर्षों तक एक साथ काम करने वाले सहकर्मियों के लिए यह महज एक कर्मचारी की विदाई नहीं थी, बल्कि एक ऐसे साथी से विदा लेने का क्षण था, जिसके साथ उन्होंने अपने जीवन का लंबा हिस्सा काम करते हुए बिताया।समारोह में वक्ताओं ने कहा कि नौकरी की अवधि समाप्त हो सकती है, लेकिन व्यक्ति के अच्छे व्यवहार, कार्यशैली और लोगों के दिलों में बनाई गई जगह कभी सेवानिवृत्त नहीं होती। रामलखन धाकड़ ने अपने लंबे सेवाकाल में विभाग के प्रति जो योगदान दिया, उसकी यादें हमेशा उनके सहकर्मियों और परिचितों के बीच बनी रहेंगी। *विद्यालय से शुरू हुआ सफर, चार दशक बाद सम्मान के साथ विराम* 12 दिसंबर 1984 को शासकीय प्राथमिक विद्यालय इकलौद से शुरू हुआ रामलखन धाकड़ का सफर आज 41 साल 7 माह 9 दिन बाद एक नए पड़ाव पर पहुंचा। इस लंबे सफर में समय बदला, विद्यालय बदले, जिम्मेदारियां बदलीं और पीढ़ियां बदलती गईं, लेकिन उनकी सेवा यात्रा लगातार आगे बढ़ती रही। उनका यह सेवाकाल केवल तारीखों और पदस्थापना का विवरण नहीं है, बल्कि शिक्षा विभाग के साथ जुड़ी उनकी चार दशक से अधिक की जिंदगी की कहानी है। यही वजह रही कि विदाई समारोह में मौजूद लोगों के लिए यह दिन सामान्य कार्यक्रम से कहीं अधिक भावनात्मक बन गया। *सहकर्मियों ने दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं* चंदन पैलेस में आयोजित समारोह में सहकर्मियों और शुभचिंतकों ने रामलखन धाकड़ को सम्मानित करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए सुख, समृद्धि, स्वस्थ और खुशहाल जीवन की शुभकामनाएं दीं। सभी ने कहा कि शासकीय सेवा से विदाई का अर्थ जीवन से विराम नहीं है, बल्कि यह जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। समारोह के दौरान सम्मान और शुभकामनाओं का सिलसिला चलता रहा। पुराने सहकर्मियों के साथ तस्वीरें खिंचवाई गईं और लंबे सेवाकाल से जुड़ी यादों को साझा किया गया।कई अवसरों पर माहौल भावुक हुआ तो कई बार पुरानी घटनाओं को याद कर लोगों के चेहरों पर मुस्कान भी दिखाई दी। रामलखन धाकड़ के लिए भी यह दिन निश्चित रूप से जीवन के यादगार दिनों में शामिल हो गया। जिस विभाग में उन्होंने अपने जीवन के 41 साल से अधिक समय को समर्पित किया, उसी विभाग से जुड़े साथियों के बीच सम्मान के साथ विदाई मिलना उनके लिए गौरव का क्षण रहा। *विदाई नहीं, यादों का नया अध्याय* शासकीय सेवा से विदाई के इस अवसर पर एक बात साफ दिखाई दी—सेवा की अवधि समाप्त हो सकती है, लेकिन सेवा से बनी पहचान और रिश्ते कभी समाप्त नहीं होते। रामलखन धाकड़ की चार दशक से अधिक लंबी यात्रा इसका उदाहरण बनी।इकलौद के विद्यालय से शुरू हुआ सफर श्योपुर और विजयपुर तक पहुंचा और आज सम्मान के साथ एक पड़ाव पर आकर ठहर गया। चंदन पैलेस में आयोजित विदाई समारोह उनके 41 साल 7 माह 9 दिन के सेवाकाल की यादों, उपलब्धियों, अनुशासन और सहकर्मियों के स्नेह का गवाह बना। एक ओर सरकारी सेवा की जिम्मेदारियों से उन्हें औपचारिक विदाई दी गई, वहीं दूसरी ओर सहकर्मियों ने यह संदेश भी दिया कि रामलखन धाकड़ का विभाग से रिश्ता आज खत्म नहीं हुआ, बल्कि अब वह सरकारी जिम्मेदारियों से मुक्त होकर यादों और रिश्तों के एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। चार दशक से अधिक की बेदाग सेवा के बाद मिली यह विदाई सिर्फ एक कर्मचारी की विदाई नहीं, बल्कि एक लंबे सेवाकाल, समर्पण और साथियों के बीच बनाई गई अमिट पहचान को सलाम करने का अवसर बन गई। चंदन पैलेस में गूंजती तालियों और शुभकामनाओं के बीच रामलखन धाकड़ ने शासकीय सेवा को अलविदा कहा, लेकिन अपने पीछे ऐसी यादें छोड़ गए जिन्हें उनके सहकर्मी लंबे समय तक याद करते रहेंगे।
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    41 साल 7 माह 9 दिन की बेदाग सेवा को भावुक विदाई, चंदन पैलेस में गूंजा सम्मान शिक्षा विभाग के कर्मठ सेवक रामलखन धाकड़ का भव्य विदाई समारोह, सहकर्मियों ने सुनाए सेवाकाल के अनुभव; सम्मान और स्नेह से भर आया माहौल

विजयपुर शिक्षा विभाग में 41 साल 7 माह 9 दिन तक पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं देने वाले ग्राम इकलौद निवासी रामलखन धाकड़ के शासकीय सेवाकाल का आज भावुक और यादगार समापन हुआ। वर्षों तक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारियों को निभाने वाले रामलखन धाकड़ के सम्मान में चंदन पैलेस में भव्य विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उनके सहकर्मी, शिक्षक, विभागीय कर्मचारी, शुभचिंतक और परिचित मौजूद रहे। जैसे-जैसे वक्ताओं ने उनके लंबे सेवाकाल की यादें साझा कीं, समारोह का माहौल कभी भावुक हुआ तो कभी पुरानी यादों और मुस्कुराहटों से खिल उठा। रामलखन धाकड़ की शासकीय सेवा की शुरुआत 12 दिसंबर 1984 को शासकीय प्राथमिक विद्यालय इकलौद से हुई थी।एक छोटे से विद्यालय से शुरू हुआ उनका सफर देखते ही देखते चार दशक से अधिक लंबे सेवाकाल में बदल गया।शिक्षा विभाग में काम करते हुए उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियों का निर्वहन किया और विभागीय कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी। इसके बाद 20 अक्टूबर 2004 को उनकी पदस्थापना पीटीआई के पद पर शासकीय माध्यमिक विद्यालय श्योपुर में हुई। यहां भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता से निभाया। इसके बाद 13 नवंबर 2013 को उन्हें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विजयपुर में पदस्थ किया गया।विजयपुर में सेवाकाल के दौरान भी वे विभागीय दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाते रहे।
*चार दशक से ज्यादा की सेवा, फिर भी नहीं मिला नोटिस*
रामलखन धाकड़ के लंबे सेवाकाल की सबसे खास बातों में से एक यह भी बताई गई कि उनके अनुसार 41 साल 7 माह 9 दिन की शासकीय सेवा के दौरान उन्हें कभी कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ। चार दशक से अधिक लंबे सरकारी सेवाकाल में इस तरह का रिकॉर्ड अपने आप में उनके कार्य के प्रति सजगता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।विदाई समारोह में वक्ताओं ने उनके इसी अनुशासित कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी सेवा में लंबा समय बिताना अपने आप में उपलब्धि है, लेकिन इतने लंबे समय तक जिम्मेदारियों को निभाते हुए साथियों और अधिकारियों का विश्वास बनाए रखना उससे भी बड़ी उपलब्धि है। उनके सेवाकाल में कई अधिकारियों द्वारा उन्हें सम्मानित किए जाने का भी उल्लेख किया गया।
*जब सम्मान के साथ छलक आए भाव*
विदाई समारोह में सबसे भावुक क्षण उस समय आया, जब सहकर्मियों और परिचितों ने रामलखन धाकड़ के साथ बिताए वर्षों की यादें साझा कीं। किसी ने उनके अनुशासन को याद किया तो किसी ने उनके व्यवहार और सहयोगी स्वभाव की चर्चा की। वर्षों तक एक साथ काम करने वाले सहकर्मियों के लिए यह महज एक कर्मचारी की विदाई नहीं थी, बल्कि एक ऐसे साथी से विदा लेने का क्षण था, जिसके साथ उन्होंने अपने जीवन का लंबा हिस्सा काम करते हुए बिताया।समारोह में वक्ताओं ने कहा कि नौकरी की अवधि समाप्त हो सकती है, लेकिन व्यक्ति के अच्छे व्यवहार, कार्यशैली और लोगों के दिलों में बनाई गई जगह कभी सेवानिवृत्त नहीं होती। रामलखन धाकड़ ने अपने लंबे सेवाकाल में विभाग के प्रति जो योगदान दिया, उसकी यादें हमेशा उनके सहकर्मियों और परिचितों के बीच बनी रहेंगी।
*विद्यालय से शुरू हुआ सफर, चार दशक बाद सम्मान के साथ विराम*
12 दिसंबर 1984 को शासकीय प्राथमिक विद्यालय इकलौद से शुरू हुआ रामलखन धाकड़ का सफर आज 41 साल 7 माह 9 दिन बाद एक नए पड़ाव पर पहुंचा। इस लंबे सफर में समय बदला, विद्यालय बदले, जिम्मेदारियां बदलीं और पीढ़ियां बदलती गईं, लेकिन उनकी सेवा यात्रा लगातार आगे बढ़ती रही। उनका यह सेवाकाल केवल तारीखों और पदस्थापना का विवरण नहीं है, बल्कि शिक्षा विभाग के साथ जुड़ी उनकी चार दशक से अधिक की जिंदगी की कहानी है। यही वजह रही कि विदाई समारोह में मौजूद लोगों के लिए यह दिन सामान्य कार्यक्रम से कहीं अधिक भावनात्मक बन गया।
*सहकर्मियों ने दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं*
चंदन पैलेस में आयोजित समारोह में सहकर्मियों और शुभचिंतकों ने रामलखन धाकड़ को सम्मानित करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए सुख, समृद्धि, स्वस्थ और खुशहाल जीवन की शुभकामनाएं दीं। सभी ने कहा कि शासकीय सेवा से विदाई का अर्थ जीवन से विराम नहीं है, बल्कि यह जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। समारोह के दौरान सम्मान और शुभकामनाओं का सिलसिला चलता रहा। पुराने सहकर्मियों के साथ तस्वीरें खिंचवाई गईं और लंबे सेवाकाल से जुड़ी यादों को साझा किया गया।कई अवसरों पर माहौल भावुक हुआ तो कई बार पुरानी घटनाओं को याद कर लोगों के चेहरों पर मुस्कान भी दिखाई दी। रामलखन धाकड़ के लिए भी यह दिन निश्चित रूप से जीवन के यादगार दिनों में शामिल हो गया। जिस विभाग में उन्होंने अपने जीवन के 41 साल से अधिक समय को समर्पित किया, उसी विभाग से जुड़े साथियों के बीच सम्मान के साथ विदाई मिलना उनके लिए गौरव का क्षण रहा।
*विदाई नहीं, यादों का नया अध्याय*
शासकीय सेवा से विदाई के इस अवसर पर एक बात साफ दिखाई दी—सेवा की अवधि समाप्त हो सकती है, लेकिन सेवा से बनी पहचान और रिश्ते कभी समाप्त नहीं होते। रामलखन धाकड़ की चार दशक से अधिक लंबी यात्रा इसका उदाहरण बनी।इकलौद के विद्यालय से शुरू हुआ सफर श्योपुर और विजयपुर तक पहुंचा और आज सम्मान के साथ एक पड़ाव पर आकर ठहर गया। चंदन पैलेस में आयोजित विदाई समारोह उनके 41 साल 7 माह 9 दिन के सेवाकाल की यादों, उपलब्धियों, अनुशासन और सहकर्मियों के स्नेह का गवाह बना। एक ओर सरकारी सेवा की जिम्मेदारियों से उन्हें औपचारिक विदाई दी गई, वहीं दूसरी ओर सहकर्मियों ने यह संदेश भी दिया कि रामलखन धाकड़ का विभाग से रिश्ता आज खत्म नहीं हुआ, बल्कि अब वह सरकारी जिम्मेदारियों से मुक्त होकर यादों और रिश्तों के एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। चार दशक से अधिक की बेदाग सेवा के बाद मिली यह विदाई सिर्फ एक कर्मचारी की विदाई नहीं, बल्कि एक लंबे सेवाकाल, समर्पण और साथियों के बीच बनाई गई अमिट पहचान को सलाम करने का अवसर बन गई। चंदन पैलेस में गूंजती तालियों और शुभकामनाओं के बीच रामलखन धाकड़ ने शासकीय सेवा को अलविदा कहा, लेकिन अपने पीछे ऐसी यादें छोड़ गए जिन्हें उनके सहकर्मी लंबे समय तक याद करते रहेंगे।
    user_बलवीर धाकड़
    बलवीर धाकड़
    Court reporter विजयपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • विदिशा, MP - 20 साल से पाली बकरी को माना था बेटी,कार्ड छपवाकर 500 लोगों को कराया भोज
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    विदिशा, MP - 20 साल से पाली बकरी को माना था बेटी,कार्ड छपवाकर 500 लोगों को कराया भोज
    user_Dileep kushwah
    Dileep kushwah
    Court reporter विजयपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बाड़ी अवैध मादक पदार्थ और मेडिसिन की तस्करी का मामला, करौली की लांगरा थाना पुलिस ने की कार्रवाई, बाड़ी अवैध मादक पदार्थ और मेडिसिन की तस्करी का मामला, करौली की लांगरा थाना पुलिस ने की कार्रवाई, मेडिकल स्टोर संचालक को किया गिरफ्तार, कोर्ट में पेश कर लिया दो दिन की रिमांड पर, अवैध मादक पदार्थ कोडीन से जुड़ा है मामला, कफ सीरप टोसेक्स की हो रही थी सप्लाई, बाड़ी से करौली जिले में दी जा रही थी अवैध रूप से सप्लाई, मंडरायल में एक व्यक्ति पकड़ा और खेप हुई बरामद तो चला नेटवर्क का पता, जय अंबे मेडिकल स्टोर के हिमांशु सिंघल को किया गिरफ्तार, कोडीन एक विषैला मादक पदार्थ जो हीरोइन का है विकल्प, प्रतिबंध के बाबजूद अवैध सप्लाई जारी, लांगरा एसएचओ लाल बहादुर मीणा ने दी जानकारी।
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    बाड़ी अवैध मादक पदार्थ और मेडिसिन की तस्करी का मामला, करौली की लांगरा थाना पुलिस ने की कार्रवाई,
बाड़ी अवैध मादक पदार्थ और मेडिसिन की तस्करी का मामला, करौली की लांगरा थाना पुलिस ने की कार्रवाई,
मेडिकल स्टोर संचालक को किया गिरफ्तार,
कोर्ट में पेश कर लिया दो दिन की रिमांड पर,
अवैध मादक पदार्थ कोडीन से जुड़ा है मामला,
कफ सीरप टोसेक्स की हो रही थी सप्लाई,
बाड़ी से करौली जिले में दी जा रही थी अवैध रूप से सप्लाई,
मंडरायल में एक व्यक्ति पकड़ा और खेप हुई बरामद तो चला नेटवर्क का पता,
जय अंबे मेडिकल स्टोर के हिमांशु सिंघल को किया गिरफ्तार,
कोडीन एक विषैला मादक पदार्थ जो हीरोइन का है विकल्प,
प्रतिबंध के बाबजूद अवैध सप्लाई जारी,
लांगरा एसएचओ लाल बहादुर मीणा ने दी जानकारी।
    user_रोहित वर्मा
    रोहित वर्मा
    Farmer बारी, धौलपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • जौरा थाना पुलिस की सराहनीय भूमिका जौरा से गायब हुई चार नाबालिक बच्चियों को महज 12 घंटे में ही किया दस्तेआब। जौरा थाना पुलिस की सराहनीय भूमिका जौरा शहर से गायब हुई चार नाबालिक बच्चियों को महज 12 घंटे में ही किया दस्ते आब आपको बता दें कि कुशवाहा समाज के वरिष्ठ भाजपा नेता रवि कुशवाहा एवं पुलिस के सहयोग से चारों नाबालिक बच्चियों को गुजरात रेलवे स्टेशन से दस्तयाब कर लिया गया है पुलिस टीम बच्चियों को लेने के लिए हुई रवाना।
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    जौरा थाना पुलिस की सराहनीय भूमिका जौरा से गायब हुई चार नाबालिक बच्चियों को महज 12 घंटे में ही किया दस्तेआब।
जौरा थाना पुलिस की सराहनीय भूमिका जौरा शहर से गायब हुई चार नाबालिक बच्चियों को महज 12 घंटे में ही किया दस्ते आब आपको बता दें कि कुशवाहा समाज के वरिष्ठ भाजपा नेता रवि कुशवाहा एवं पुलिस के सहयोग से चारों नाबालिक बच्चियों को गुजरात रेलवे स्टेशन से दस्तयाब कर लिया गया है पुलिस टीम बच्चियों को लेने के लिए हुई रवाना।
    user_Mahesh singh
    Mahesh singh
    Local News Reporter जौरा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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