लहरिया सराय के चट्टी चौक पर चैती दुर्गा पूजा की धूम: 1970 से जारी है भक्ति का अटूट सिलसिला दरभंगा जिले की हृदय स्थली कहे जाने वाले लहरिया सराय के चट्टी चौक पर चैती दुर्गा पूजा के अवसर पर श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। शाम ढलते ही पूरा इलाका माता के जयकारों से गूँज उठता है और रंग-बिरंगी रोशनी से सराबोर हो जाता है। कविलपुर के ग्रामीणों की अटूट आस्था इस पूजा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रत्येक वर्ष कविलपुर के निवासी इसे पूरी निष्ठा और अटूट श्रद्धा के साथ आयोजित करते हैं। ग्रामीणों का यही समर्पण है कि आज चट्टी चौक की यह पूजा पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी रहती है। माता के दर्शन के लिए दूर-दराज से भक्तों का तांता लगा हुआ है। इतिहास: 1970 में रखी गई थी नींव चट्टी चौक पर चैती दुर्गा पूजा की शुरुआत करीब 56 वर्ष पहले, सन् 1970 में हुई थी। इसकी नींव कविलपुर निवासी स्वर्गीय धर्म नारायण झा जी के द्वारा रखी गई थी। उनके द्वारा जलाई गई भक्ति की यह लौ आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुकी है। युवाओं का सेवा भाव और अनुशासन इस आयोजन की सफलता में गाँव के युवाओं की भूमिका अत्यंत सराहनीय है। कविलपुर के युवा न केवल व्यवस्था संभालने में सहयोग कर रहे हैं, बल्कि इस बात का भी विशेष ध्यान रख रहे हैं कि यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। युवा लगातार माइक (Mice) के माध्यम से सड़क पर चल रहे लोगों और भक्तों को सचेत कर रहे हैं ताकि यातायात सुचारु रूप से चलता रहे और भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके। अनुशासन और सेवा का यह संगम इस पूजा को और भी भव्य बनाता है। परंपरा का निर्वाह आज भी नई पीढ़ी उसी हर्षोल्लास और पुरानी परंपराओं को संजोए हुए इस महापर्व को मना रही है। धर्म नारायण झा जी के पदचिह्नों पर चलते हुए गाँव के युवा और बुजुर्ग कंधे से कंधा मिलाकर इस आयोजन को सफल बना रहे हैं।
लहरिया सराय के चट्टी चौक पर चैती दुर्गा पूजा की धूम: 1970 से जारी है भक्ति का अटूट सिलसिला दरभंगा जिले की हृदय स्थली कहे जाने वाले लहरिया सराय के चट्टी चौक पर चैती दुर्गा पूजा के अवसर पर श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। शाम ढलते ही पूरा इलाका माता के जयकारों से गूँज उठता है और रंग-बिरंगी रोशनी से सराबोर हो जाता है। कविलपुर के ग्रामीणों की अटूट आस्था इस पूजा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रत्येक वर्ष कविलपुर के निवासी इसे पूरी निष्ठा और अटूट श्रद्धा के साथ आयोजित करते हैं। ग्रामीणों का यही समर्पण है कि आज चट्टी चौक की यह पूजा पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी रहती है। माता के दर्शन के लिए दूर-दराज से भक्तों का तांता लगा हुआ है। इतिहास: 1970 में रखी गई थी नींव चट्टी चौक पर चैती दुर्गा पूजा की शुरुआत करीब 56 वर्ष पहले, सन् 1970 में हुई थी। इसकी नींव कविलपुर निवासी स्वर्गीय धर्म नारायण झा जी के
द्वारा रखी गई थी। उनके द्वारा जलाई गई भक्ति की यह लौ आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुकी है। युवाओं का सेवा भाव और अनुशासन इस आयोजन की सफलता में गाँव के युवाओं की भूमिका अत्यंत सराहनीय है। कविलपुर के युवा न केवल व्यवस्था संभालने में सहयोग कर रहे हैं, बल्कि इस बात का भी विशेष ध्यान रख रहे हैं कि यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। युवा लगातार माइक (Mice) के माध्यम से सड़क पर चल रहे लोगों और भक्तों को सचेत कर रहे हैं ताकि यातायात सुचारु रूप से चलता रहे और भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके। अनुशासन और सेवा का यह संगम इस पूजा को और भी भव्य बनाता है। परंपरा का निर्वाह आज भी नई पीढ़ी उसी हर्षोल्लास और पुरानी परंपराओं को संजोए हुए इस महापर्व को मना रही है। धर्म नारायण झा जी के पदचिह्नों पर चलते हुए गाँव के युवा और बुजुर्ग कंधे से कंधा मिलाकर इस आयोजन को सफल बना रहे हैं।
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- दरभंगा जिले की हृदय स्थली कहे जाने वाले लहरिया सराय के चट्टी चौक पर चैती दुर्गा पूजा के अवसर पर श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। शाम ढलते ही पूरा इलाका माता के जयकारों से गूँज उठता है और रंग-बिरंगी रोशनी से सराबोर हो जाता है। कविलपुर के ग्रामीणों की अटूट आस्था इस पूजा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रत्येक वर्ष कविलपुर के निवासी इसे पूरी निष्ठा और अटूट श्रद्धा के साथ आयोजित करते हैं। ग्रामीणों का यही समर्पण है कि आज चट्टी चौक की यह पूजा पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी रहती है। माता के दर्शन के लिए दूर-दराज से भक्तों का तांता लगा हुआ है। इतिहास: 1970 में रखी गई थी नींव चट्टी चौक पर चैती दुर्गा पूजा की शुरुआत करीब 56 वर्ष पहले, सन् 1970 में हुई थी। इसकी नींव कविलपुर निवासी स्वर्गीय धर्म नारायण झा जी के द्वारा रखी गई थी। उनके द्वारा जलाई गई भक्ति की यह लौ आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुकी है। युवाओं का सेवा भाव और अनुशासन इस आयोजन की सफलता में गाँव के युवाओं की भूमिका अत्यंत सराहनीय है। कविलपुर के युवा न केवल व्यवस्था संभालने में सहयोग कर रहे हैं, बल्कि इस बात का भी विशेष ध्यान रख रहे हैं कि यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। युवा लगातार माइक (Mice) के माध्यम से सड़क पर चल रहे लोगों और भक्तों को सचेत कर रहे हैं ताकि यातायात सुचारु रूप से चलता रहे और भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके। अनुशासन और सेवा का यह संगम इस पूजा को और भी भव्य बनाता है। परंपरा का निर्वाह आज भी नई पीढ़ी उसी हर्षोल्लास और पुरानी परंपराओं को संजोए हुए इस महापर्व को मना रही है। धर्म नारायण झा जी के पदचिह्नों पर चलते हुए गाँव के युवा और बुजुर्ग कंधे से कंधा मिलाकर इस आयोजन को सफल बना रहे हैं।2
- Post by Sandeep_says1
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- केवटी: रामनवमी के अवसर पर केवटी प्रखंड के बनवारी स्थान से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान केवटी विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा भी शोभायात्रा में शामिल होकर श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया। शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहीं। महादेव-पार्वती, राम-लक्ष्मण-सीता और हनुमान जी की झांकियों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। जय श्रीराम के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। करीब 10 किलोमीटर लंबी यह यात्रा बनवारी स्थान से शुरू होकर एनएच-527 बी के रास्ते केवटी गांव, पुरानी टोल, रनवे चौक होते हुए केवटी चौक पहुंची और पुनः बनवारी स्थान लौटकर समाप्त हुई। लगभग 5 घंटे तक चली इस शोभायात्रा में महिला, पुरुष, बच्चे और साधु-संतों की भारी भागीदारी रही। वहीं, दूधिया में विश्व हिंदू परिषद के युवकों ने सैकड़ों मोटरसाइकिल के साथ जुलूस निकालकर धार्मिक उत्साह का प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।केवटी थानाध्यक्ष सदन राम अपने दल-बल के साथ पूरी रैली में मौजूद रहे और लगातार निगरानी करते दिखे, जिससे कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। इस कार्यक्रम में बनवारी स्थान के महंत रतन दास, पचारी स्थान के महंत मोनी बाबा, करुणानंद मिश्र, आकाश गुप्ता, मुखिया रूबी कुमारी, संतोष साहू, सतीश यादव, भोला यादव, मुकेश कुमार, विवेक दास, कुणाल कर्ण और श्रेयस दास समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।2
- Magar yaad rakhna… main dil ka jala hua hoon,#DilKaDard #AttitudeStatus #BrokenHeart #SadFeelings #LifeQuotes1
- मधुबनी जिला के राजनगर में रामनवमी के अवसर राजनगर पब्लिक पुस्तकालय प्रांगण से भव्य जुलूस निकाला गया। सनातनी युवकों द्वारा आहूत इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने गाजे बाजे के साथ प्रदर्शन किया। रामनवमी जुलूस पब्लिक पुस्तकालय से निकलकर चट्टीरोड अमलाटोली उसके बाद गंज, फिर चिचरी बुजुर्ग, होते हुए गंज, सुभाष चौक,स्टेशन रोड, भठ्ठी चौक, नरकटिया, चांदनी चौक , गांघी चौक, मिर्जापुर चौक तक जुलूस के साथ प्रदर्शन किया गया।जुलूस में जय श्री राम के जयकारों के साथ तरह तरह के नारे लगाने के साथ पुनः पब्लिक पुस्तकालय प्रांगण में जुलूस का समापन किया गया। ।केसरिया झण्डों से पटा नगर के सभी मुहल्लों में रामनवमी के अवसर पर शुक्रवार सुबह से ही भव्य तैयारी की गई थी। लोग अपने घरों मंदिरों अपने अपने प्रतिष्ठानों सहित सार्वजनिक स्थानों को भी साफ सफाई कर सुसज्जित किया था।2
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