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जयपुर के बांसखोह सीएचसी केंद्र में सोनोग्राफी मशीन पिछले करीब चार साल से बंद पड़ी है, जिससे लाखों रुपये की यह मशीन अब एक खिलौने जैसी हो गई है। यह सुविधा स्टाफ की कमी के कारण निष्क्रिय है, विशेषकर सोनोग्राफी के लिए योग्य चिकित्सक की अनुपस्थिति में। इस मामले को कई बार उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। यदि एक सोनोग्राफी चिकित्सक उपलब्ध हो जाता है, तो केंद्र में यह महत्वपूर्ण सुविधा फिर से शुरू हो सकेगी और लोगों को इसका लाभ मिल पाएगा।
Yogesh Kumar Gupta
जयपुर के बांसखोह सीएचसी केंद्र में सोनोग्राफी मशीन पिछले करीब चार साल से बंद पड़ी है, जिससे लाखों रुपये की यह मशीन अब एक खिलौने जैसी हो गई है। यह सुविधा स्टाफ की कमी के कारण निष्क्रिय है, विशेषकर सोनोग्राफी के लिए योग्य चिकित्सक की अनुपस्थिति में। इस मामले को कई बार उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। यदि एक सोनोग्राफी चिकित्सक उपलब्ध हो जाता है, तो केंद्र में यह महत्वपूर्ण सुविधा फिर से शुरू हो सकेगी और लोगों को इसका लाभ मिल पाएगा।
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- दिल्ली में आकस्मिक निधन के बाद, सीआरपीएफ जवान नरसी लाल यादव को चौमूं के मंडा भिंडा गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सीआरपीएफ की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी, जिसके बाद वे पंचतत्व में विलीन हुए। इस भावुक अवसर पर उनकी 14 वर्षीय बेटी साक्षी ने पिता को मुखाग्नि देकर अपनी अंतिम जिम्मेदारी निभाई। अंतिम दर्शन और यात्रा में हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा, और पूरा गांव "भारत माता की जय" तथा "नरसी लाल यादव अमर रहें" के नारों से गूंज उठा। नम आंखों से पूरे क्षेत्र ने अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। परिजनों ने सरकार से मांग की है कि जवान को शहीद का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी बेटियों की निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित करने और प्रतिमा स्थापना के लिए भूमि आवंटित करने की भी मांग की। इस मौके पर विधायक डॉ. शिखा मील, पूर्व विधायक रामलाल शर्मा, प्रधान रामस्वरूप यादव, भाजपा नेता अरविंद यादव, पंचायत समिति सदस्य नरेंद्र यादव, ओमप्रकाश दुसाद सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।4
- दौसा में आदिवासी जिला कांग्रेस कमेटी की एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक रविवार को जिलाध्यक्ष रमन सीमला की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इन नीतियों के कारण आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन, आरक्षण और वन अधिकार लगातार प्रभावित हो रहे हैं, तथा संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के हितों की उपेक्षा एक गंभीर चिंता का विषय है। बैठक में कई प्रमुख मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन पर पारंपरिक अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग शामिल थी। इसके साथ ही, वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्र परिवारों को शीघ्र वनाधिकार पट्टे प्रदान करने, अनुसूचित जनजाति के आरक्षण एवं संवैधानिक अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता अस्वीकार करने, और आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल तथा रोजगार की सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दिया गया। आदिवासी युवाओं को सरकारी नौकरियों एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष बजट एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की भी मांग की गई। संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समाज को संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने वाली नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने वनाधिकार पट्टों के वितरण में अनावश्यक देरी और प्रशासनिक उदासीनता बरतने का भी आरोप लगाया। इसके अतिरिक्त, आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार की पर्याप्त व्यवस्था न होने से विकास प्रभावित हो रहा है, और आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं। वक्ताओं ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा आदिवासी समाज की आवाज़ एवं जनभावनाओं की अनदेखी की जा रही है, तथा अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पर्याप्त संसाधन एवं बजट उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष गणेश घोघरा, दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा, प्रदेश प्रभारी राधेश्याम मोबेल, प्रदेश महासचिव हरगुन भोपर जी, संभागीय प्रभारी श्रीमती कैलाशी मीणा जी, दौसा विधायक डी.सी. बैरवा जी, पूर्व विधायक जी.आर. खटाणा, पीसीसी सदस्य कमल मीणा, दौसा प्रधान प्रहलाद नारायण मीणा, उप जिला प्रमुख मानदाता मीणा, पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह महुआ, जिला महासचिव उमाशंकर बनियाना, प्रकाश मुड़ियाखेड़ा घनश्याम शर्मा, नगर अध्यक्ष, जिला प्रवक्ता भरत लाल सूरजपुरा सहित आदिवासी जिला कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक के अंत में, आदिवासी जिला कांग्रेस कमेटी, दौसा की ओर से सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प दोहराया गया।1
- जयपुर के सांगानेर स्थित बजरंग विहार, केशवपुरा के निवासियों ने क्षेत्र में गंभीर जलभराव की समस्या उजागर की है। निवासियों के अनुसार, उनकी कॉलोनी की गलियों और घरों में पानी भर जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है। उन्होंने अधिकारियों से इस समस्या का तत्काल समाधान करने और आवश्यक सुधार करने का आग्रह किया है।1
- दौसा में 05 जुलाई 2026, रविवार को आदिवासी जिला कांग्रेस कमेटी की जिला स्तरीय बैठक जिलाध्यक्ष श्री रमन सीमला की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियों के कारण आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन, आरक्षण और वन अधिकार लगातार प्रभावित हो रहे हैं, तथा संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों और अनुसूचित जनजाति समुदाय के हितों की उपेक्षा चिंता का विषय है। बैठक में कई प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन पर पारंपरिक अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने, वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्र परिवारों को शीघ्र वनाधिकार पट्टे प्रदान करने और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण एवं संवैधानिक अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार न करने की मांग शामिल थी। इसके अतिरिक्त, आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और रोजगार सुविधाओं के विस्तार, आदिवासी युवाओं को सरकारी नौकरियों एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष बजट एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की भी मांग की गई। समाज को संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हेतु संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान भी किया गया। वक्ताओं ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने वाली नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने वनाधिकार पट्टों के वितरण में अनावश्यक देरी और प्रशासनिक उदासीनता, आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार की पर्याप्त व्यवस्था न होने से विकास के प्रभावित होने, आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लगातार घटने तथा आदिवासी समाज की आवाज एवं जनभावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाया। यह भी कहा गया कि अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पर्याप्त संसाधन एवं बजट उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश घोघरा जी, दौसा सांसद श्री मुरारी लाल मीणा जी, प्रदेश प्रभारी श्री राधेश्याम मोबेल जी, प्रदेश महासचिव श्री हरगुन भोपर जी, संभागीय प्रभारी श्रीमती कैलाशी मीणा जी, दौसा विधायक श्री डी.सी. बैरवा जी, पूर्व विधायक श्री जी.आर. खटाणा जी, पीसीसी सदस्य श्री कमल मीणा जी, दौसा प्रधान श्री प्रहलाद नारायण मीणा जी, उप जिला प्रमुख श्री मानदाता मीणा जी, पूर्व जिला प्रमुख श्री अजीत सिंह महुआ जी, जिला महासचिव श्री उमाशंकर बनियाना जी, श्री प्रकाश मुड़ियाखेड़ा जी, श्री घनश्याम शर्मा जी, नगर अध्यक्ष, जिला प्रवक्ता भरत लाल सूरजपुरा सहित जिला आदिवासी कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक के अंत में सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प दोहराया गया।2
- छत्तीसगढ़ में एक अधिकारी से जुड़े मामले में भारी मात्रा में नकदी मिलने की खबर सामने आने के बाद देशभर में भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। इस घटना ने सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले के सामने आने के बाद, सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है। कई लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भ्रष्टाचार और काले धन पर और सख्त कदम उठाने की अपील कर रहे हैं। हालांकि, संबंधित एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं और सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।1
- जयपुर के बांसखोह सीएचसी केंद्र में सोनोग्राफी मशीन पिछले करीब चार साल से बंद पड़ी है, जिससे लाखों रुपये की यह मशीन अब एक खिलौने जैसी हो गई है। यह सुविधा स्टाफ की कमी के कारण निष्क्रिय है, विशेषकर सोनोग्राफी के लिए योग्य चिकित्सक की अनुपस्थिति में। इस मामले को कई बार उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। यदि एक सोनोग्राफी चिकित्सक उपलब्ध हो जाता है, तो केंद्र में यह महत्वपूर्ण सुविधा फिर से शुरू हो सकेगी और लोगों को इसका लाभ मिल पाएगा।1
- आज फागी में वैष्णव समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से समाज की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज के विकास और संगठन को और अधिक मजबूत बनाना था, जिसके लिए कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में कैलाश वैष्णव (रतनपुरा) को वैष्णव समाज का अध्यक्ष चुना गया। इसके साथ ही, छितर वैष्णव (विमलपुरा) को कोषाध्यक्ष, रामावतार वैष्णव (गडूडा) को उपाध्यक्ष और राकेश स्वामी (चान्दमा कला) को मीडिया प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक के दौरान समाज के सदस्यों के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) अभियान को तेज करने पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा, फागी क्षेत्र में समाज के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास के निर्माण हेतु भूमि खरीदने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष कैलाश वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए फागी में एक समाज भवन का निर्माण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से एकजुट होकर समाज हित के कार्यों में सहयोग देने और संगठन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। बैठक में उपस्थित समाजजनों ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए समाज के विकास कार्यों में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।2
- जयपुर के सांगानेर स्थित बजरंग विहार, केशव वाला कॉलोनी गंभीर जलभराव की समस्या से जूझ रही है। निवासियों के अनुसार, कॉलोनी के घरों के भीतर तक पानी भर गया है और पूरी कॉलोनी जलमग्न हो चुकी है। इस भारी जलभराव के कारण स्कूली बच्चों को आने-जाने में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने का आग्रह किया है।1
- जयपुर के जवाहर नगर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ 19 वर्षीय एक छात्रा ने अपने दोस्त की सड़क हादसे में हुई मौत से आहत होकर शनिवार शाम को आत्महत्या कर ली। छात्रा अपने दोस्त की एक दिन पहले हुई मौत के बाद से गहरे सदमे में थी। पुलिस के अनुसार, शनिवार को वह दोस्त के अंतिम संस्कार में शामिल होकर अपने गेस्ट हाउस के कमरे में लौटी और कुछ ही देर बाद चुन्नी का फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। छात्रा गेस्ट हाउस में किराए पर रहकर पढ़ाई कर रही थी। शाम को जब उसकी सहेली उससे मिलने कमरे पर पहुंची, तो दरवाजा खोलने पर छात्रा को फंदे से लटका पाया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सरला यादव के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया। पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस को कमरे से एक कॉपी में मोटे अक्षरों में लिखा एक पन्ने का सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस का मानना है कि छात्रा अपने दोस्त की मौत से बेहद व्यथित थी। पुलिस सुसाइड नोट की जांच कर रही है और उसके आधार पर पूरे मामले की गहन पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आत्महत्या के कारणों को लेकर स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुसाइड नोट की जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।1