केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि "भारत कोई धर्मशाला नहीं है, जहां कोई भी आकर बस जाए।" यह महत्वपूर्ण बयान रोहिंग्या और अन्य अवैध घुसपैठियों के संदर्भ में दिया गया है, जिस पर सरकार का मानना है कि देश की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अवैध रूप से देश में रहने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की योजना है कि भारत में आने वाले सभी विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके रिकॉर्ड सुनिश्चित किए जाएं। राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, घुसपैठ के मामलों पर लगातार और कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि ऐसी किसी भी गतिविधि को रोका जा सके। इस पूरे मामले में सरकार का मुख्य संदेश स्पष्ट है: अवैध घुसपैठ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी, राष्ट्रीय सुरक्षा देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और घुसपैठ के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि "भारत कोई धर्मशाला नहीं है, जहां कोई भी आकर बस जाए।" यह महत्वपूर्ण बयान रोहिंग्या और अन्य अवैध घुसपैठियों के संदर्भ में दिया गया है, जिस पर सरकार का मानना है कि देश की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अवैध रूप से देश में रहने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की योजना है कि भारत में आने वाले सभी विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके रिकॉर्ड सुनिश्चित किए जाएं। राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, घुसपैठ के मामलों पर लगातार और कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि ऐसी किसी भी गतिविधि को रोका जा सके। इस पूरे मामले में सरकार का मुख्य संदेश स्पष्ट है: अवैध घुसपैठ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी, राष्ट्रीय सुरक्षा देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और घुसपैठ के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- Som Mishraमझगवां, सतना, मध्य प्रदेशलुटेरों कितना गुमराह करोगे पब्लिक को 15 लाख तो दिए नहीं जो में मुद्दा था जिससे तुम्हारी सरकार बनी थी महंगाई का म बोलने वाले आज महंगाई कहां है उसका ध्यान नहीं जनता मर जाए इससे आपको कोई मतलब नहीं आपको तो जीत से मतलब है सरकार बननी चाहिए जनता मरे या जिए इससे आपको कोई मतलब नहीं भ्रष्टाचारियों की सरकार बीजेपी सरकार अबकी बार नारा है बीजेपी को भगाना है जय श्री राम34 min ago
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि "भारत कोई धर्मशाला नहीं है, जहां कोई भी आकर बस जाए।" यह महत्वपूर्ण बयान रोहिंग्या और अन्य अवैध घुसपैठियों के संदर्भ में दिया गया है, जिस पर सरकार का मानना है कि देश की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अवैध रूप से देश में रहने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की योजना है कि भारत में आने वाले सभी विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके रिकॉर्ड सुनिश्चित किए जाएं। राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, घुसपैठ के मामलों पर लगातार और कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि ऐसी किसी भी गतिविधि को रोका जा सके। इस पूरे मामले में सरकार का मुख्य संदेश स्पष्ट है: अवैध घुसपैठ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी, राष्ट्रीय सुरक्षा देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और घुसपैठ के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- पीलीभीत में 'नारी शक्ति' का रौद्र रूप देखने को मिला, जहाँ महिलाओं ने एक शराब के ठेके के विरोध में सड़क पर शराब की बोतलें बहा दीं। यह प्रदर्शन शराब पर चल रहे संग्राम का हिस्सा था, जिसमें महिलाओं ने इस ठेके को बंद करने की मांग को लेकर अपना कड़ा विरोध जताया। महिलाओं का कहना है कि इस शराब के ठेके के कारण गाँव के कई हंसते-खेलते परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं और घरों की आर्थिक स्थिति भी चरमरा गई है। इस मामले में महिला प्रधान ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि यह शराब का ठेका बंद नहीं हुआ, तो एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।1
- पूरनपुर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच लोगों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से प्रेस क्लब पूरनपुर द्वारा एक शरबत प्याऊ का आयोजन किया गया है। यह पहल स्टेशन चौराहे पर स्थित पुलिस चौकी के पास की गई, जहाँ राहगीरों और स्थानीय लोगों को गर्मी से निजात दिलाने के लिए ठंडे शरबत का वितरण किया जा रहा है।1
- पीलीभीत जिले के न्यूरिया थाना क्षेत्र में एक अत्यंत शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए रखी लकड़ी की चोरी हो गई है। इस घटना ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है और व्यापक रूप से यह भावना उभरी है कि अब लोगों के दिलों से इंसानियत के लिए कोई जगह नहीं बची है।1
- पीलीभीत में असलम खान आठ वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के अपराधी के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह मांग 'पीलीभीत की आवाज' और 'PILIBHIT LIVE' जैसे मंचों के माध्यम से उठाई जा रही है, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रदेश सरकार का ध्यान इस गंभीर मामले की ओर आकर्षित करना है।1
- पीलीभीत जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम ललौरी खेड़ा में एक शराब की दुकान को लेकर काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है।1