भारत विज्ञान यात्रा का महाराजगंज से हुआ आगाज, विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प गोरखपुर विज्ञान एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘भारत विज्ञान यात्रा’ का शुभारंभ 23 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के विशेष अवसर पर महाराजगंज से किया गया। यात्रा के आगामी चरणों में देश के विभिन्न स्थानों पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार, यह पहल विद्यार्थियों और आमजन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।भारत विज्ञान यात्रा के संस्थापक एस.टी. अली और सह-संस्थापक दिशांक श्रीवास्तव के नेतृत्व में शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य विज्ञान को सरल, रोचक और जनसुलभ बनाते हुए देशभर के लोगों को विज्ञान से जोड़ना है। प्रथम एपिसोड में विभिन्न विद्यालयों से आए बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की।कार्यक्रम में नक्षत्रशाला (तारामंडल), गोरखपुर से खगोलविद अमर पाल सिंह मुख्य वक्ता रहे, जबकि हरियाणा से आए वरिष्ठ विज्ञान संचारक एवं डायरेक्टर, लैब सॉल्यूशन्स, संजीव कुमार विशिष्ट वक्ता के रूप में शामिल हुए। संजीव कुमार ने विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान के व्यावहारिक और रोचक पहलुओं से परिचित कराया।कार्यक्रम के दौरान डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की टीम ने भी सहयोग किया। टीम की ओर से विशेष खगोलीय दूरबीनों और सोलर गॉगल्स के माध्यम से प्रतिभागियों को आकाश दर्शन कराया गया। इसके साथ ही विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जैसे कि वी०आर०,थ्री०डी० प्रिंटर, रॉकेट मॉडल्स, हाइड्रा रॉकेट्स आदि से विद्यार्थियों को विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियों को समझने का अवसर मिला। भारत विज्ञान यात्रा के संस्थापक एस.टी. अली ने कहा कि भारत में विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाना और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को इतना सरल बनाना आवश्यक है कि विज्ञान केवल एक विषय बनकर न रह जाए, बल्कि विद्यार्थियों और आम लोगों के दैनिक जीवन से सीधे जुड़ सके। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य देश में वैज्ञानिक सोच को मजबूत करने के साथ-साथ नई वैज्ञानिक प्रतिभाओं को तलाशना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि भारत वैश्विक वैज्ञानिक परिदृश्य में और अधिक अग्रणी भूमिका निभा सके। सह-संस्थापक दिशांक श्रीवास्तव ने कहा कि भारत विज्ञान यात्रा एक विशेष वैज्ञानिक पहल है, जो ‘विज्ञान सभी के लिए’ के मूल विचार को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना और उसे सरल एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत करना इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता खगोलविद अमर पाल सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान सभी के लिए अपार संभावनाओं से भरा क्षेत्र है। यह हमें ब्रह्मांड की विशालता को समझने और उसके प्रति जिज्ञासा विकसित करने के साथ-साथ हमारे अनेक सवालों के वैज्ञानिक उत्तर खोजने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान नई संभावनाओं के अनगिनत द्वार खोलता है और विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए विशेष प्रेरित करता है।विशिष्ट वक्ता विज्ञान संचारक संजीव कुमार ने विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों के जरिए विद्यार्थियों को चकित करने के साथ-साथ उन्हें विज्ञान के पीछे छिपे सिद्धांतों को समझाया। उन्होंने कहा कि समाज को अंधविश्वास से दूर रहते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार को अपनाना चाहिए। विज्ञान को खेल-खेल में सीखने पर जटिल वैज्ञानिक अवधारणाएं भी आसानी से समझी जा सकती हैं, क्योंकि विज्ञान हमारे आसपास हर जगह मौजूद है,जरूरत केवल उसे देखने, समझने और खोजने की है। इस अवसर पर ब्रजेश यादव ने कहा कि विज्ञान पूरे समाज को आगे बढ़ाने और नए तरीकों से सोचने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रगति की प्रक्रिया में वैज्ञानिक दृष्टिकोण की महत्वपूर्ण भूमिका है और समाज में वैज्ञानिक सोच को मजबूत करने के लिए सकारात्मक एवं वैज्ञानिक वातावरण तैयार करना समय की आवश्यकता है। साथ ही भारत विज्ञान यात्रा के एपिसोड- 1 में प्रतिभागी एवं युवा विज्ञान प्रेमियों को पूरे विज्ञान व्याख्यान एवं कार्यक्रम के दौरान उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, एकाग्रता, सजगता और समर्पण के लिए विशेष तौर पर प्रशस्ति पत्र एवं मेडल्स आदि से सम्मानित किया गया। और अन्य समस्त प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र आदि से सम्मानित भी किया गया। इनमें से प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कारों में भारत विज्ञान रत्न ,मनीष पटेल ने प्राप्त किया एवं भारत विज्ञान गौरव , मोहम्मद कयूम ने हासिल किया और भारत विज्ञान प्रतिभा के लिए युवराज ने एवं सांत्वना पुरस्कार के लिए अन्य विद्यार्थियों को भी चुना गया। टीम भारत विज्ञान यात्रा ने इन समस्त प्रतिभाशाली विज्ञान सितारों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। कार्यक्रम में आर.पी.आई.सी. के चेयरमैन डॉक्टर पंकज तिवारी जी , ग्रीन माउंट एकेडमी के संस्थापक जियावुल्लाह जी, कलावती देवी इंटर कॉलेज से अखिलेश मिश्रा जी, ग्रीन मांउट एकेडमी से शीतल पटेल , ज्योति विश्वकर्मा । एवं एडवाइज़र डे एंड नाईट फाउंडेशन मुस्तान शेरुल्लाह जी,अमरेश कुमार जी। और साथ ही टीम भारत विज्ञान यात्रा से नसीमनसर ,महताब आलम सहित दीपक कुमार यादव , एवं तमाम अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों ने भारत विज्ञान यात्रा के प्रथम आयोजन की भूरि भूरि प्रशंसा एवं सराहना करते हुए कहा कि समाज में इस तरह के विज्ञान आधारित कार्यक्रमों की व्यापक आवश्यकता है और ऐसे आयोजनों का निरंतर विस्तार किया जाना चाहिए।महाराजगंज से शुरू हुई भारत विज्ञान यात्रा अब देश के अन्य हिस्सों तक विज्ञान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार का संदेश पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ेगी। आयोजकों का लक्ष्य है कि विज्ञान को प्रयोगशालाओं और पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय उसे समाज के प्रत्येक व्यक्ति के अनुभव और जीवन का हिस्सा बनाया जाए।
भारत विज्ञान यात्रा का महाराजगंज से हुआ आगाज, विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प गोरखपुर विज्ञान एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘भारत विज्ञान यात्रा’ का शुभारंभ 23 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के विशेष अवसर पर महाराजगंज से किया गया। यात्रा के आगामी चरणों में देश के विभिन्न स्थानों पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार, यह पहल विद्यार्थियों और आमजन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।भारत विज्ञान यात्रा के संस्थापक एस.टी. अली और सह-संस्थापक दिशांक श्रीवास्तव के नेतृत्व में शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य विज्ञान को सरल, रोचक और जनसुलभ बनाते हुए देशभर के लोगों को विज्ञान से जोड़ना है। प्रथम एपिसोड में विभिन्न विद्यालयों से आए बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की।कार्यक्रम में नक्षत्रशाला (तारामंडल), गोरखपुर से खगोलविद अमर पाल सिंह मुख्य वक्ता रहे, जबकि हरियाणा से आए वरिष्ठ विज्ञान संचारक एवं डायरेक्टर, लैब सॉल्यूशन्स, संजीव कुमार विशिष्ट वक्ता के रूप में शामिल हुए। संजीव कुमार ने विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान के व्यावहारिक और रोचक पहलुओं से परिचित कराया।कार्यक्रम के दौरान डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की टीम ने भी सहयोग किया। टीम की ओर से विशेष खगोलीय दूरबीनों और सोलर गॉगल्स के माध्यम से प्रतिभागियों को आकाश दर्शन कराया गया।
इसके साथ ही विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जैसे कि वी०आर०,थ्री०डी० प्रिंटर, रॉकेट मॉडल्स, हाइड्रा रॉकेट्स आदि से विद्यार्थियों को विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियों को समझने का अवसर मिला। भारत विज्ञान यात्रा के संस्थापक एस.टी. अली ने कहा कि भारत में विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाना और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को इतना सरल बनाना आवश्यक है कि विज्ञान केवल एक विषय बनकर न रह जाए, बल्कि विद्यार्थियों और आम लोगों के दैनिक जीवन से सीधे जुड़ सके। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य देश में वैज्ञानिक सोच को मजबूत करने के साथ-साथ नई वैज्ञानिक प्रतिभाओं को तलाशना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि भारत वैश्विक वैज्ञानिक परिदृश्य में और अधिक अग्रणी भूमिका निभा सके। सह-संस्थापक दिशांक श्रीवास्तव ने कहा कि भारत विज्ञान यात्रा एक विशेष वैज्ञानिक पहल है, जो ‘विज्ञान सभी के लिए’ के मूल विचार को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना और उसे सरल एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत करना इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता खगोलविद अमर पाल सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान सभी के लिए अपार संभावनाओं से भरा क्षेत्र है। यह हमें ब्रह्मांड की विशालता को समझने और उसके प्रति जिज्ञासा विकसित करने के साथ-साथ हमारे अनेक सवालों के वैज्ञानिक उत्तर खोजने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान नई संभावनाओं के अनगिनत द्वार खोलता है और विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए विशेष प्रेरित करता है।विशिष्ट वक्ता विज्ञान संचारक संजीव कुमार ने विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों के जरिए विद्यार्थियों को चकित करने के साथ-साथ उन्हें विज्ञान के पीछे छिपे सिद्धांतों को समझाया। उन्होंने कहा कि समाज को अंधविश्वास से दूर रहते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार को अपनाना चाहिए। विज्ञान को खेल-खेल में सीखने पर जटिल वैज्ञानिक अवधारणाएं भी आसानी से समझी जा सकती हैं, क्योंकि विज्ञान हमारे आसपास हर जगह मौजूद है,जरूरत केवल उसे देखने, समझने और खोजने की है। इस अवसर पर ब्रजेश यादव ने कहा कि विज्ञान पूरे समाज को आगे बढ़ाने और नए तरीकों से सोचने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रगति की प्रक्रिया में वैज्ञानिक दृष्टिकोण की महत्वपूर्ण भूमिका है और समाज में वैज्ञानिक सोच को मजबूत करने के लिए सकारात्मक एवं वैज्ञानिक वातावरण तैयार करना समय की आवश्यकता है। साथ ही भारत विज्ञान यात्रा के एपिसोड- 1 में प्रतिभागी एवं युवा विज्ञान प्रेमियों को पूरे विज्ञान व्याख्यान एवं कार्यक्रम के दौरान उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, एकाग्रता, सजगता और समर्पण के लिए विशेष तौर पर प्रशस्ति पत्र एवं मेडल्स आदि से सम्मानित किया गया। और अन्य समस्त प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र आदि से सम्मानित भी किया गया। इनमें से प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कारों में भारत विज्ञान
रत्न ,मनीष पटेल ने प्राप्त किया एवं भारत विज्ञान गौरव , मोहम्मद कयूम ने हासिल किया और भारत विज्ञान प्रतिभा के लिए युवराज ने एवं सांत्वना पुरस्कार के लिए अन्य विद्यार्थियों को भी चुना गया। टीम भारत विज्ञान यात्रा ने इन समस्त प्रतिभाशाली विज्ञान सितारों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। कार्यक्रम में आर.पी.आई.सी. के चेयरमैन डॉक्टर पंकज तिवारी जी , ग्रीन माउंट एकेडमी के संस्थापक जियावुल्लाह जी, कलावती देवी इंटर कॉलेज से अखिलेश मिश्रा जी, ग्रीन मांउट एकेडमी से शीतल पटेल , ज्योति विश्वकर्मा । एवं एडवाइज़र डे एंड नाईट फाउंडेशन मुस्तान शेरुल्लाह जी,अमरेश कुमार जी। और साथ ही टीम भारत विज्ञान यात्रा से नसीमनसर ,महताब आलम सहित दीपक कुमार यादव , एवं तमाम अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों ने भारत विज्ञान यात्रा के प्रथम आयोजन की भूरि भूरि प्रशंसा एवं सराहना करते हुए कहा कि समाज में इस तरह के विज्ञान आधारित कार्यक्रमों की व्यापक आवश्यकता है और ऐसे आयोजनों का निरंतर विस्तार किया जाना चाहिए।महाराजगंज से शुरू हुई भारत विज्ञान यात्रा अब देश के अन्य हिस्सों तक विज्ञान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार का संदेश पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ेगी। आयोजकों का लक्ष्य है कि विज्ञान को प्रयोगशालाओं और पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय उसे समाज के प्रत्येक व्यक्ति के अनुभव और जीवन का हिस्सा बनाया जाए।
- युवाओं के लिए खुशखबरी! 🚨 1 लाख सरकारी नौकरी का वादा, युवाओं में उम्मीद की नई किरण। 🇮🇳1
- व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD), न होने से ट्रको के संचालन के परमिट पर सरकार ने रोक लगा रखा है हंगामा टाइम्स न्यूज़ कुशीनगर ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सरकार ने नियम बना तो दिए, लेकिन लागू करने के लिए व्यवस्था नहीं की गई, जिससे ट्रक मालिकों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को परेशान होना पड़ रहा है. उनका कहना था कि सरकार ने VLTD कंपलसरी किया है. यह GPS की तरह ट्रैकिंग डिवाइस है. इसे लगाने से कोई ऐतराज नहीं, लेकिन इसे लगाने के लिए थोड़ा समय दिया जाना चाहिए व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) तत्काल लग पाना मुश्किल हो रहा है. गाड़ियों के परमिट मिलना बंद हो गए हैं. ट्रैकिंग डिवाइस लगने तक अस्थाई परमिट से गाड़ियां चलती रहनी चाहिए. #KushinagarNews #BreakingNews2
- उद्गम पब्लिक स्कूल के बच्चों ने डीएम महेंद्र सिंह तंवर को बांधी राखी, नारी सशक्तिकरण का दिया संदेश कुशीनगर उद्गम पब्लिक स्कूल के बच्चों ने डीएम महेंद्र सिंह तंवर को बांधी राखी, नारी सशक्तिकरण का दिया संदेश बच्चों ने राखी बांधकर स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। इस दौरान नारी सशक्तिकरण पर प्रस्तुत कविताओं के जरिए बेटियों के सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बच्चों के प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उद्गम पब्लिक स्कूल के बच्चों ने डीएम महेंद्र सिंह तंवर को बांधी राखी, नारी सशक्तिकरण का दिया संदेश कुशीनगर उद्गम पब्लिक स्कूल के बच्चों ने डीएम महेंद्र सिंह तंवर को बांधी राखी, नारी सशक्तिकरण का दिया संदेश बच्चों ने राखी बांधकर स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। इस दौरान नारी सशक्तिकरण पर प्रस्तुत कविताओं के जरिए बेटियों के सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बच्चों के प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।1
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- हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए तीन मदरसा छात्र, गंभीर रूप से झुलसे1
- starpublicnews आज दिनांक 26-08-2026 सभी चन्द्रराशि का राशिफल। किसी भी समस्या को लेकर चिंतित है तो आप बिना किसी झिझक के फोन कर सकते है, आप का पूरा सहयोग होगा। पंडित Devisharn Shastri संपर्क सूत्र- 63076892261
- टायर यूनियन पडरौना के बैनर तले शहर के टायर पंचर दुकानदार अपनी मांगों के समर्थन में। तीन दिन तक हड़ताल पर रहे। हंगामा टाइम्स न्यूज़ कुशीनगर इस दौरान शहर की पंचर व टायर मरम्मत की दुकानें बंद रहीं। यूनियन ने पंचर बनाने और अन्य सेवाओं के लिए नई दर लागू करने की मांग उठाई। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण टायर मरम्मत, पंचर बनाने, मशीन, उपकरण और अन्य सामग्रियों की लागत काफी बढ़ गई है। इसके बावजूद वर्षों से पंचर बनाने का शुल्क नहीं बढ़ाया गया है। उनका कहना है कि बढ़ी हुई लागत के अनुरूप शुल्क लेने का प्रयास करने पर कभी कभी कुछ लोग लड़ाई झगड़ा करने पर उतारू हो जाते है, जिससे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसी कारण सभी सदस्यों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी कुशीनगर कार्यालय पहुंच अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा और नई दर सूची लागू करने की मांग की। #KushinagarNews #NewsUpdate1
- 🚨 महराजगंज: रास्ते के विवाद में पुलिस की मौजूदगी में दीवार ढहाने का वीडियो वायरल 🚨 महराजगंज: रास्ते के विवाद में पुलिस की मौजूदगी में दीवार ढहाने का वीडियो वायरल भिटौली। थाना क्षेत्र के बलुआ गांव का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में रास्ते के विवाद को लेकर पुलिस की मौजूदगी में एक दीवार ढहाए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वीडियो कब का है और दीवार ढहाने की कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई, यह भी फिलहाल स्पष्ट नहीं है। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित पुलिस/प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। जांच के बाद ही सामने आएगा कि वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है और कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई थी।1