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आये दिन बिहार में शराब पकड़ाती है.. फिर bhi मुख्यमंत्री शान से कहते है बिहार शराब मुक्त है.. क्या अजीब है बिहार की व्यवस्था..
RUBY JOURNALIST
आये दिन बिहार में शराब पकड़ाती है.. फिर bhi मुख्यमंत्री शान से कहते है बिहार शराब मुक्त है.. क्या अजीब है बिहार की व्यवस्था..
More news from बिहार and nearby areas
- भुनेश्वरी चौक के पास आदित्य इंटरप्राइजेज का शुभारंभ, विधायक डॉ. सियाराम सिंह ने किया उद्घाटन1
- रिश्वत लेते हुए पटोरी श्रम परवर्तन कार्यालय के डाटा ऑपरेटर मुकेश कुमार समेत अन्य दलालों के द्वारा पैसे लेते हुए वीडियो हुआ वायरल। समस्तीपुर पटोरी श्रम परिवर्तन कार्यालय के डाटा ऑपरेटर मुकेश कुमार द्वारा एक दिव्यांग से पैसा लेते हुए वीडियो हुआ वायरल । कार्रवाई करने का पटोरी अनुमंडलाधिकारी विकाश कुमार पांडे ने दिया आदेश।1
- बिहार पंचायत चुनाव में फिर बढ़ेगी देरी? मंत्री दीपक प्रकाश बोले- पहले परिसीमन, फिर आरक्षण रोस्टर बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर एक बार फिर समय-सीमा बढ़ने की संभावना सामने आई है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने शुक्रवार को कहा कि पंचायत चुनाव परिसीमन और आरक्षण रोस्टर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कराए जाएंगे। उन्होंने चुनाव की निर्धारित समय-सीमा बढ़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया। शुक्रवार सुबह पटना से मधेपुरा जाने के दौरान बख्तियारपुर फोरलेन मोड़ पर एनडीए कार्यकर्ताओं ने मंत्री का जोरदार स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने फूल-माला और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया। इस दौरान ‘दीपक प्रकाश जिंदाबाद’ और ‘एनडीए जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए। स्वागत के बाद मंत्री असम टी स्टॉल पर कुछ देर रुके और कार्यकर्ताओं से बातचीत की। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं और सुझाव भी सुने। पंचायत चुनाव को लेकर मंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले परिसीमन का काम पूरा होगा। इसके बाद आरक्षण रोस्टर तैयार किया जाएगा और फिर चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग इस दिशा में काम कर रहा है और सरकार आयोग को पूरा सहयोग दे रही है। ओबीसी आरक्षण और ट्रिपल टेस्ट के सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करेगी। हालांकि, उन्होंने चुनाव की निश्चित तारीख बताने से इनकार किया। मंत्री के बयान के बाद पंचायत चुनाव की तैयारियों और संभावित समय-सीमा को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।1
- घुटने की परेशानी से परेशान रिटायर्ड फौजी को उपचार के बाद मिली राहत “आज पटना सिटी के एक रिटायर्ड फौजी से हमारी बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि रिटायरमेंट के बाद से उन्हें लगातार घुटने की परेशानी बनी हुई थी। कई जगह इलाज कराने के बाद भी उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल रही थी। इसके बाद वे अचुआरा हॉल्ट के नजदीक स्थित अभ्यंग योग वाटिका पहुंचे, जहां उन्होंने घुटने की समस्या के लिए उपचार और प्राकृतिक चिकित्सा कराई। उनका कहना है कि उपचार के बाद उन्हें काफी राहत महसूस हुई और अब वे बेहतर महसूस कर रहे हैं। हमसे बातचीत के दौरान उन्होंने कहा—‘सच में, पैर ठीक लग रहा है।’ हालांकि किसी भी बीमारी के उपचार का परिणाम व्यक्ति की स्थिति और बीमारी के कारण पर निर्भर करता है, इसलिए योग्य चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है।” स्क्रीन पर अंतिम लाइन: 🌿 अभ्यंग योग वाटिका 📍 अचुआरा हॉल्ट के नजदीक 📞 8757335552 | 95042519511
- ऊंची ऊंची इमारत, रास्ते पर जलजमाव, खुद के रूपए से बना रहे चचरी पुल, आक्रोश में लोगों ने की धान की रोपनी सड़क पर धान की फसल लगाकर जलजमाव का जताया विरोध, चचरी पुल बनाकर घर से निकल रहे लोग ये किसी खेत में धान की रोपाई नहीं हो रही, यह पटना जिला अंतर्गत मोकामा नगर परिषद के वार्ड संख्या 1 और 2, पाठक गाछी जाने वाली मुख्य सड़क और मोहल्ले की गली के मौजूदा हालात का लोगों ने विरोध जताया है। यहाँ जलजमाव की समस्या से दोनो वार्ड के लगभग पच्चास घरों के लोग परेशान है। सड़कों पर पानी भरने से स्थानीय लोगों का रोज़मर्रा बुरी तरह प्रभावित हो गया है। बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल है, मरीजों को लेकर घर से निकलना कठिन है और हर दिन लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से सड़कों और गलियों में घुटने भर पानी जमा है। आवागमन की कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने पर ग्रामीणों ने लकड़ी और बांस का अस्थायी 'चचरी पुल' बनाकर आने-जाने को मजबूर है। जमा पानी में जहरीले कीड़े-मकोड़े, करंट लगने के खतरे के साथ-साथ डेंगू और डायरिया जैसी बीमारियों का डर सता रहा है। पूरे नगर परिषद क्षेत्र में बुडको द्वारा लगभग 50 करोड़ रुपए की लागत से नाला निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन लगभग हर वार्ड में काम अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण जलजमाव की गंभीर समस्या बन गई है। इस समस्या के विरोध में वार्ड पार्षद हरे कृष्णा सिंह, रवि भारद्वाज तथा स्थानीय लोगों ने प्रतीकात्मक रूप से सड़क में धान की रोपाई कर नगर प्रशासन और जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। हालात इतने खराब हैं कि कई परिवार अपने घर तक पहुँचने के लिए खुद की लागत से चचरी पुल का निर्माण कराया है। वहीं कई लोगों के चापाकल का भाग इस गंदे पानी में डूबा है और लोग यही पानी पीने को मजबूर है। लोगों ने नगर प्रशासन और जिला प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि वार्ड संख्या 1 और 2 के लोगों को राहत मिल सके।1
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