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सूरत के सचिन GIDC क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक कंपनी के गेट से केमिकल युक्त पानी बहता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों द्वारा पर्यावरण नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है। वीडियो में बहते हुए पानी का रंग सामान्य बारिश के पानी से बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए 'कलर टेक्स' नामक कंपनी को जिम्मेदार बताया है, हालांकि इस नाम की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। फिलहाल, इस वायरल वीडियो और कंपनी पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच का इंतजार है, जिसके बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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सूरत के सचिन GIDC क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक कंपनी के गेट से केमिकल युक्त पानी बहता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों द्वारा पर्यावरण नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है। वीडियो में बहते हुए पानी का रंग सामान्य बारिश के पानी से बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए 'कलर टेक्स' नामक कंपनी को जिम्मेदार बताया है, हालांकि इस नाम की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। फिलहाल, इस वायरल वीडियो और कंपनी पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच का इंतजार है, जिसके बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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- सहारनपुर जिले के बेहट क्षेत्र में बरसात के मौसम के दौरान तेज बारिश देखने को मिली है। इस मौसम के बीच बच्चे अपनी मस्ती में मग्न नजर आए।1
- मध्य प्रदेश में उपयंत्री द्वारा लगाए गए आरोपों ने सतना से लेकर भोपाल तक हड़कंप मचा दिया है। उपयंत्री ने पूरे सिस्टम पर चोरी का इल्ज़ाम लगाते हुए दावा किया है कि विभाग के प्रत्येक कर्मचारी द्वारा कमीशन लिया जाता है। इस खुलासे के बाद सरकार के 'ना खाऊंगा ना खाने दूंगा' वाले स्लोगन पर भी सवाल उठने लगे हैं और इसे ज़मीन पर मुंह के बल गिरता हुआ बताया जा रहा है। अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि यदि उपयंत्री द्वारा लगाए गए ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो क्या संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में खलबली मची हुई है।1
- यमुनानगर के साढ़ौरा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए विवाद के चलते पिछले कई दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों का धरना शुक्रवार को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। नगर पालिका के सेनेटरी इंस्पेक्टर फूल कुमार सैनी ने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा दोनों मामलों में मुकदमे दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन रोकने का निर्णय लिया है। बीते शनिवार को अतिक्रमण हटाते समय हुई घटनाओं से नाराज होकर सफाई कर्मचारियों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल शुरू की थी। थाना प्रभारी लखविंदर सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों को मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी। इसके बाद सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए कर्मचारियों ने काम पर लौटने की सहमति जताई है। हालांकि, कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही, तो वे दोबारा धरना-प्रदर्शन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।1
- यमुनानगर और जगाधरी में बरसात के कारण हो रहे जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए मेयर सुमन बहमनी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। मेयर ने जलभराव की समस्या को लेकर गंभीरता दिखाई और अधिकारियों को नालों में किसी भी प्रकार की रुकावट या ब्लॉकेज को तुरंत दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी बाधाओं को तत्काल हटाने के आदेश दिए गए हैं।1
- पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर निशाना साधा है। इस दौरान उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली और नीतियों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।1
- सूरत के सचिन GIDC क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक कंपनी के गेट से केमिकल युक्त पानी बहता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों द्वारा पर्यावरण नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है। वीडियो में बहते हुए पानी का रंग सामान्य बारिश के पानी से बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए 'कलर टेक्स' नामक कंपनी को जिम्मेदार बताया है, हालांकि इस नाम की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। फिलहाल, इस वायरल वीडियो और कंपनी पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच का इंतजार है, जिसके बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- डोईवाला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सेवा सप्ताह के उपलक्ष्य में एक विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक बृजभूषण गैरोला, नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी, सिविल जज सांची अग्रवाल और सीएमओ देहरादून डॉ. मनोज कुमार शर्मा की उपस्थिति में संपन्न हुआ। शिविर के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया और विभिन्न निःशुल्क स्वास्थ्य जांच व उपचार सेवाओं का लाभ उठाया। सीएमओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। वहीं, विधायक बृजभूषण गैरोला और सिविल जज सांची अग्रवाल ने ऐसे आयोजनों को ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि समय पर स्वास्थ्य जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों का पता शुरुआती अवस्था में ही लगाना संभव हो जाता है।1
- पहाड़ों में हुई अत्यधिक बरसात के कारण सढोरा नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे यमुनानगर की शिव कॉलोनी में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। नदी का पानी अनियंत्रित होकर आवासीय इलाकों में फैल गया, जिसके चलते स्थानीय लोगों के घरों और दुकानों के भीतर तक पानी घुस गया है। इस संकट से जूझ रहे निवासियों का कहना है कि हर वर्ष उन्हें इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ता है। लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है, क्योंकि बार-बार हो रही इस समस्या के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की नृशंस हत्या के मामले में जनपद न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। यह घटना 30 मई 2026 को शिकोहाबाद में हुई थी। अदालत ने इस मामले में महज 41 दिनों के भीतर फैसला सुनाकर त्वरित न्याय का उदाहरण पेश किया है। अभियोजन पक्ष ने 13 गवाहों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा था। भारतीय कानून के अनुसार, मृत्युदंड की सजा पर अमल से पहले उच्च न्यायालय सहित अन्य आवश्यक कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाएं पूरी की जानी अनिवार्य हैं।1