।। प्रभारी मंत्री की बैठक से आबकारी अधिकारी 'फरार', होली के 'जाम' में डूबा रहा विभाग।। प्रभारी मंत्री की बैठक से आबकारी अधिकारी 'फरार', होली के 'जाम' में डूबा रहा विभाग! बस्ती। जनपद के प्रभारी मंत्री आशीष कुमार पटेल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक उस समय विवादों के घेरे में आ गई, जब जिले के आबकारी अधिकारी की कुर्सी खाली नजर आई। विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की इस अहम बैठक से आबकारी अधिकारी का नदारद रहना न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक अनुशासन पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। मंत्री का पारा चढ़ा, स्पष्टीकरण का चाबुक बैठक के दौरान जब आबकारी विभाग की समीक्षा शुरू हुई, तो संबंधित अधिकारी को अनुपस्थित देख प्रभारी मंत्री आशीष कुमार पटेल बेहद नाराज हो गए। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए भारी सभा में ही आबकारी अधिकारी के खिलाफ तत्काल स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दे दिया। मंत्री की इस सख्त नाराजगी से प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। कच्ची शराब का काला धंधा तेज, अधिकारी 'निद्रा' में हैरानी की बात यह है कि होली जैसे संवेदनशील त्यौहार के समय, जब जिले में कच्ची शराब का अवैध कारोबार चरम पर रहा, तब आबकारी विभाग पूरी तरह पंगु नजर आया। हाल ही में जिले में रिकॉर्ड शराब बिक्री का ढोल पीटने में व्यस्त यह विभाग धरातल पर अवैध शराब पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या विभाग को सिर्फ राजस्व के 'रिकॉर्ड' से मतलब है? जब प्रभारी मंत्री कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे, तब जिम्मेदार अधिकारी का गायब रहना उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बैठक के अन्य प्रमुख बिंदु: सड़कों की मरम्मत: मंत्री ने PWD को जिले की क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल पैचिंग करने और NHI को नेशनल हाईवे पर बने अवैध कटों को बंद करने का सख्त आदेश दिया। जल जीवन मिशन: जल जीवन मिशन के तहत अधूरी पड़ी परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए ताकि जनता को पानी की समस्या न हो। जाम से मुक्ति: शहर को जाम के झाम से बचाने के लिए ऑटो रिक्शा का रूट तय करने का प्रस्ताव भी बैठक में प्रमुखता से उठा। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तो संतोष जताया, लेकिन आबकारी अधिकारी की 'लापरवाही' पूरी चर्चा का केंद्र बनी रही। अब देखना यह है कि मंत्री की फटकार के बाद क्या विभाग अपनी कुंभकर्णी नींद से जागता है या फिर अवैध शराब का धंधा यूं ही फलता-फूलता रहेगा।
।। प्रभारी मंत्री की बैठक से आबकारी अधिकारी 'फरार', होली के 'जाम' में डूबा रहा विभाग।। प्रभारी मंत्री की बैठक से आबकारी अधिकारी 'फरार', होली के 'जाम' में डूबा रहा विभाग! बस्ती। जनपद के प्रभारी मंत्री आशीष कुमार पटेल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक उस समय विवादों के घेरे में आ गई, जब जिले के आबकारी अधिकारी की कुर्सी खाली नजर आई। विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की इस अहम बैठक से आबकारी अधिकारी का नदारद रहना न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक अनुशासन पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। मंत्री का पारा चढ़ा, स्पष्टीकरण का चाबुक बैठक के दौरान जब आबकारी विभाग की समीक्षा शुरू हुई, तो संबंधित अधिकारी को अनुपस्थित देख प्रभारी मंत्री आशीष कुमार पटेल बेहद नाराज हो गए। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए भारी सभा में ही आबकारी अधिकारी के खिलाफ तत्काल स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दे दिया। मंत्री की इस सख्त नाराजगी से प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। कच्ची शराब का काला धंधा तेज, अधिकारी 'निद्रा' में हैरानी की बात यह है कि होली जैसे संवेदनशील त्यौहार के समय, जब जिले में कच्ची शराब का अवैध कारोबार चरम पर रहा, तब आबकारी विभाग पूरी तरह पंगु नजर आया। हाल ही में जिले में रिकॉर्ड शराब बिक्री का ढोल पीटने में व्यस्त यह विभाग धरातल पर अवैध शराब पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या विभाग को सिर्फ राजस्व के 'रिकॉर्ड' से मतलब है? जब प्रभारी मंत्री कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे, तब जिम्मेदार अधिकारी का गायब रहना उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बैठक के अन्य प्रमुख बिंदु: सड़कों की मरम्मत: मंत्री ने PWD को जिले की क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल पैचिंग करने और NHI को नेशनल हाईवे पर बने अवैध कटों को बंद करने का सख्त आदेश दिया। जल जीवन मिशन: जल जीवन मिशन के तहत अधूरी पड़ी परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए ताकि जनता को पानी की समस्या न हो। जाम से मुक्ति: शहर को जाम के झाम से बचाने के लिए ऑटो रिक्शा का रूट तय करने का प्रस्ताव भी बैठक में प्रमुखता से उठा। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तो संतोष जताया, लेकिन आबकारी अधिकारी की 'लापरवाही' पूरी चर्चा का केंद्र बनी रही। अब देखना यह है कि मंत्री की फटकार के बाद क्या विभाग अपनी कुंभकर्णी नींद से जागता है या फिर अवैध शराब का धंधा यूं ही फलता-फूलता रहेगा।
- अजीत मिश्रा (खोजी) 🚨बस्ती में गैस की कालाबाजारी का भंडाफोड़: संकट में अवसर तलाशने वालों पर पुलिस का कड़ा प्रहार🚨 ⭐"बस्ती पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गैस की कालाबाजारी करते 2 अभियुक्त गिरफ्तार, 16 भरे सिलेंडर जब्त।" ⭐"गैस की किल्लत में चांदी काट रहे थे 'कालाबाजारी के खिलाड़ी', पुलिस ने पहुंचाया सलाखों के पीछे!" ⭐"बस्ती: कोतवाली पुलिस और पूर्ति विभाग ने घेरा, रंगे हाथ पकड़े गए गैस तस्कर; क्षेत्र में हड़कंप।" ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती, उत्तर प्रदेश बस्ती। एक तरफ जहां आम जनता रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ 'सफेदपोश' और उनके गुर्गे इस आपदा को अवसर में बदलने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताज़ा मामला बस्ती जनपद का है, जहां आपूर्ति विभाग और थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गैस की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 19 गैस सिलेंडर (16 भरे और 3 खाली) बरामद किए हैं। कैसे चलता था 'काला खेल'? गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक संतोष कुमार, जो एक गैस एजेंसी का हॉकर है, और दूसरा उसका साथी संत कुमार, जो ब्रोकर का काम करता था, मिलकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे। ये लोग बिना किसी वैध पर्ची या टोकन के गैस सिलेंडर प्राप्त करते थे और फिर उन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर आम जनता की जेब पर डाका डाल रहे थे। पुलिस ने इनके पास से एक 'छोटा हाथी' (मैजिक वाहन) भी जब्त किया है, जिसका उपयोग सिलेंडरों की तस्करी के लिए किया जाता था। समीक्षात्मक पहलू: क्या केवल गिरफ्तारी काफी है? पुलिस और आपूर्ति विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह कई तीखे सवाल भी खड़े करती है: 🔥एजेंसी की भूमिका पर सवाल: आखिर एक हॉकर बिना किसी रिकॉर्ड के इतने सिलेंडर कैसे निकाल लेता था? क्या इसमें गैस एजेंसी के प्रबंधन की मिलीभगत नहीं है? 🔥संकट का फायदा: क्षेत्राधिकारी सदर, बस्ती, श्री सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि ईरान-इराक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण गैस आपूर्ति को लेकर जनता में जो पैनिक (घबराहट) है, ये अपराधी उसी का फायदा उठा रहे थे। 🔥सिस्टम में सेंध: यह घटना दर्शाती है कि वितरण प्रणाली में अभी भी कई ऐसे छेद हैं जिनका फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले फल-फूल रहे हैं। पुलिस की अपील और चेतावनी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी सभी गैस एजेंसियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। क्षेत्राधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पैनिक न करें और केवल वैध तरीके से, टोकन प्राप्त कर ही गैस सिलेंडर लें। यदि कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी की सूचना मिले, तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। बस्ती पुलिस की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' ने कालाबाजारी करने वालों की कमर तो तोड़ दी है, लेकिन प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में कोई 'संतोष' या 'संत कुमार' जनता के हक पर डाका न डाल सके। 🚨गिरफ्तारी टीम: थाना कोतवाली पुलिस एवं जनपद बस्ती आपूर्ति विभाग। 💰बरामदगी: 16 भरे सिलेंडर, 3 खाली सिलेंडर और एक मैजिक वाहन।1
- किरन सेंट्रल एकेडमी में पेरेंट्स मीटिंग व रिजल्ट वितरण कार्यक्रम सम्पन्न रिपोर्ट -दुर्गेश मिश्र नाथनगर, संत कबीर नगर। किरन सेंट्रल एकेडमी महुआ पार नाथनगर में पेरेंट्स मीटिंग एवं वार्षिक परीक्षा परिणाम वितरण कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में अभिभावकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इस दौरान विद्यालय प्रशासन ने छात्र-छात्राओं के वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर रिपोर्ट कार्ड वितरित किए तथा अभिभावकों को बच्चों की शैक्षिक प्रगति की जानकारी दी। विद्यालय के विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। नर्सरी, एलकेजी एवं यूकेजी वर्ग में सौम्या चौरसिया ने 1400 में 1389 अंक (99.21 प्रतिशत) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। कक्षा 1 से 3 वर्ग में सत्यम यादव (कक्षा 1) ने 1600 में 1599 अंक (99.93 प्रतिशत) प्राप्त कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। कक्षा 3(ए), 4(ए), 5(ए) वर्ग में अमृता (कक्षा 5ए) ने 1600 में 1587 अंक (99.18 प्रतिशत) के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा 3(बी), 4(बी), 5(बी) वर्ग में आयुष निगम (कक्षा 5बी) ने 1600 में 1582 अंक अर्जित कर बेहतर प्रदर्शन किया। कक्षा 6, 7 एवं 8 वर्ग में रेनू (कक्षा 8) ने 1600 में 1575 अंक (98.87 प्रतिशत) प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित किया। विद्यालय में योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों द्वारा शिक्षण कार्य, स्मार्ट क्लास, कम्प्यूटर लैब, वाई-फाई सुविधा, प्रत्येक कक्षा में सीसीटीवी कैमरे एवं नवोदय, अटल आवासीय तथा सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा की विशेष तैयारी की व्यवस्था उपलब्ध है। साथ ही सभी मार्गों पर वाहन सुविधा भी प्रदान की जा रही है। कार्यक्रम को सफल बनाने में मैनेजर रितेश कुमार, प्रिंसिपल आशुतोष कुमार एवं डायरेक्टर महेश यादव का विशेष योगदान रहा।4
- (ब्यूरो संतकबीरनगर) ग्राम स्वराज्य संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के कुशल निर्देशन में आज थाना कोतवाली खलीलाबाद परिसर में पुलिस कर्मियों के लिए एक विशेष ध्यान (Meditation) एवं योग सत्र का सफल आयोजन किया गया । मुख्य उद्देश्य: वर्तमान परिवेश में पुलिस ड्यूटी की अनिश्चितता, लंबी कार्य अवधि और अनियमितता के कारण उत्पन्न होने वाले मानसिक तनाव (Stress) को कम करना और कर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना । प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु: • विशेषज्ञ प्रशिक्षक: हार्टफुलनेस मेडिटेशन ट्रेनर आनन्द कुमार, अभय कुमार श्रीवास्तव एवं मनीष राय द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया । सिखाए गए गुर: तनाव मुक्ति, मानसिक संतुलन बनाए रखना और शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न योगासनों और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया । लाभ: प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित ध्यान से न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर होती है ।2
- Jai mata di 🙏🙏🙏1
- यह ग्राम पंचायत भगवानपुर का टेकवा बागी गांव है । ग्राम पंचायत भगवानपुर ब्लॉक बघौली ,तहसील खलीलाबाद जनपद संत कबीर नगर उत्तर प्रदेश के अंतर्गत आता है । 👉🏾 जैसा की स्पष्ट दिखाई दे रहा है यह रास्ता बरसात के दिनों में पानी में डूब जाता है । रास्ते के ऊपर पानी जमा होता है । यह मार्ग टेकवाबागी नामक गांव में जाने के लिए मुख्य मार्ग है । ➡️ इस रास्ते के ऊपर पर मिट्टी डालकर ऊंचाई बढ़ाने चाहिए और इंटरलॉकिंग करना चाहिए। बार-बार टेकवा बागी के गांव की जनता ने पंचायती राज से इस सड़क निर्माण के लिए ज्ञापन दिया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुआ कोई संतोषजनक उत्तर अभी तक नहीं मिला है। शासन प्रशासन को इस रोड के मरम्मत करने के लिए संज्ञान में लेना चाहिए । यह क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र है तथा पंचायती राज के अंतर्गत आता है।1
- Post by रिपोर्टरआलापुर अंबेडकरनगर1
- Post by रवि चन्द्र पत्रकार1
- बस्ती। शहर की रगों में दौड़ते ट्रैफिक को 'जाम' के कैंसर से मुक्ति दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने अब अपनी कमर कस ली है। शनिवार को कम्पनी बाग क्षेत्र उस समय रणक्षेत्र जैसा नजर आया जब नगर पालिका की टीम दलबल के साथ सड़कों पर उतरी। लंबे समय से सरकारी जमीनों को अपनी जागीर समझकर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' करते हुए अवैध कब्जों को जमींदोज कर दिया। सड़कें हुईं चौड़ी, गुंडई हुई पस्त कम्पनी बाग इलाके में सड़क किनारे कुकुरमुत्तों की तरह उगे अवैध ठेलों, खोखों और अस्थायी ढांचों ने आम जनता का पैदल चलना मुहाल कर रखा था। पालिका की टीम ने सख्त लहजे में कार्रवाई करते हुए इन अवरोधों को मौके से हटा दिया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा रहा; जो कल तक सड़क को अपनी बपौती समझ रहे थे, आज वे अपनी अवैध दुकानों को समेटते नजर आए। साफ चेतावनी: 'सुधर जाएं वरना भुगतें' नगर पालिका के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी जारी की है कि यह महज एक दिन का तमाशा नहीं है। अगर दोबारा सड़क पर एक इंच भी कब्जा पाया गया, तो न सिर्फ सामान जब्त होगा बल्कि कानूनी कार्रवाई की ऐसी नजीर पेश की जाएगी जिसे शहर याद रखेगा। प्रशासन का संदेश साफ है— शहर की सड़कों पर हक आम जनता का है, चंद दबंगों का नहीं। जनता ने भरी हुंकार प्रशासन की इस आक्रामक शैली का स्थानीय नागरिकों ने दिल खोलकर स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण की वजह से एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती थी। आज की कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो शहर की सूरत बदली जा सकती है। "शहर को जाममुक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। अभियान निरंतर जारी रहेगा।" — पालिका प्रशासन अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती।1