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बस्ती में 'पीला पंजा' देख सहमे अतिक्रमणकारी: कम्पनी बाग में चला सफाई अभियान, सड़कों पर पसरा सन्नाटा ​बस्ती। शहर की रगों में दौड़ते ट्रैफिक को 'जाम' के कैंसर से मुक्ति दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने अब अपनी कमर कस ली है। शनिवार को कम्पनी बाग क्षेत्र उस समय रणक्षेत्र जैसा नजर आया जब नगर पालिका की टीम दलबल के साथ सड़कों पर उतरी। लंबे समय से सरकारी जमीनों को अपनी जागीर समझकर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' करते हुए अवैध कब्जों को जमींदोज कर दिया। ​सड़कें हुईं चौड़ी, गुंडई हुई पस्त कम्पनी बाग इलाके में सड़क किनारे कुकुरमुत्तों की तरह उगे अवैध ठेलों, खोखों और अस्थायी ढांचों ने आम जनता का पैदल चलना मुहाल कर रखा था। पालिका की टीम ने सख्त लहजे में कार्रवाई करते हुए इन अवरोधों को मौके से हटा दिया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा रहा; जो कल तक सड़क को अपनी बपौती समझ रहे थे, आज वे अपनी अवैध दुकानों को समेटते नजर आए। ​साफ चेतावनी: 'सुधर जाएं वरना भुगतें' नगर पालिका के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी जारी की है कि यह महज एक दिन का तमाशा नहीं है। अगर दोबारा सड़क पर एक इंच भी कब्जा पाया गया, तो न सिर्फ सामान जब्त होगा बल्कि कानूनी कार्रवाई की ऐसी नजीर पेश की जाएगी जिसे शहर याद रखेगा। प्रशासन का संदेश साफ है— शहर की सड़कों पर हक आम जनता का है, चंद दबंगों का नहीं। ​जनता ने भरी हुंकार प्रशासन की इस आक्रामक शैली का स्थानीय नागरिकों ने दिल खोलकर स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण की वजह से एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती थी। आज की कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो शहर की सूरत बदली जा सकती है। ​"शहर को जाममुक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। अभियान निरंतर जारी रहेगा।" — पालिका प्रशासन ​अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती।

2 hrs ago
user_अजीत मिश्रा (खोजी)
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

बस्ती में 'पीला पंजा' देख सहमे अतिक्रमणकारी: कम्पनी बाग में चला सफाई अभियान, सड़कों पर पसरा सन्नाटा ​बस्ती। शहर की रगों में दौड़ते ट्रैफिक को 'जाम' के कैंसर से मुक्ति दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने अब अपनी कमर कस ली है। शनिवार को कम्पनी बाग क्षेत्र उस समय रणक्षेत्र जैसा नजर आया जब नगर पालिका की टीम दलबल के साथ सड़कों पर उतरी। लंबे समय से सरकारी जमीनों को अपनी जागीर समझकर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' करते हुए अवैध कब्जों को जमींदोज कर दिया। ​सड़कें हुईं चौड़ी, गुंडई हुई पस्त कम्पनी बाग इलाके में सड़क किनारे कुकुरमुत्तों की तरह उगे अवैध ठेलों, खोखों और अस्थायी ढांचों ने आम जनता का पैदल चलना मुहाल कर रखा था। पालिका की टीम ने सख्त लहजे में कार्रवाई करते हुए इन अवरोधों को मौके से हटा दिया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा रहा; जो कल तक सड़क को अपनी बपौती समझ रहे थे, आज वे अपनी अवैध दुकानों को समेटते नजर आए। ​साफ चेतावनी: 'सुधर जाएं वरना भुगतें' नगर पालिका के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी जारी की है कि यह महज एक दिन का तमाशा नहीं है। अगर दोबारा सड़क पर एक इंच भी कब्जा पाया गया, तो न सिर्फ सामान जब्त होगा बल्कि कानूनी कार्रवाई की ऐसी नजीर पेश की जाएगी जिसे शहर याद रखेगा। प्रशासन का संदेश साफ है— शहर की सड़कों पर हक आम जनता का है, चंद दबंगों का नहीं। ​जनता ने भरी हुंकार प्रशासन की इस आक्रामक शैली का स्थानीय नागरिकों ने दिल खोलकर स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण की वजह से एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती थी। आज की कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो शहर की सूरत बदली जा सकती है। ​"शहर को जाममुक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। अभियान निरंतर जारी रहेगा।" — पालिका प्रशासन ​अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती।

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  • अजीत मिश्रा (खोजी) 🚨बस्ती में गैस की कालाबाजारी का भंडाफोड़: संकट में अवसर तलाशने वालों पर पुलिस का कड़ा प्रहार🚨 ⭐"बस्ती पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गैस की कालाबाजारी करते 2 अभियुक्त गिरफ्तार, 16 भरे सिलेंडर जब्त।" ⭐"गैस की किल्लत में चांदी काट रहे थे 'कालाबाजारी के खिलाड़ी', पुलिस ने पहुंचाया सलाखों के पीछे!" ⭐"बस्ती: कोतवाली पुलिस और पूर्ति विभाग ने घेरा, रंगे हाथ पकड़े गए गैस तस्कर; क्षेत्र में हड़कंप।" ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती, उत्तर प्रदेश बस्ती। एक तरफ जहां आम जनता रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ 'सफेदपोश' और उनके गुर्गे इस आपदा को अवसर में बदलने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताज़ा मामला बस्ती जनपद का है, जहां आपूर्ति विभाग और थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गैस की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 19 गैस सिलेंडर (16 भरे और 3 खाली) बरामद किए हैं। कैसे चलता था 'काला खेल'? गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक संतोष कुमार, जो एक गैस एजेंसी का हॉकर है, और दूसरा उसका साथी संत कुमार, जो ब्रोकर का काम करता था, मिलकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे। ये लोग बिना किसी वैध पर्ची या टोकन के गैस सिलेंडर प्राप्त करते थे और फिर उन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर आम जनता की जेब पर डाका डाल रहे थे। पुलिस ने इनके पास से एक 'छोटा हाथी' (मैजिक वाहन) भी जब्त किया है, जिसका उपयोग सिलेंडरों की तस्करी के लिए किया जाता था। समीक्षात्मक पहलू: क्या केवल गिरफ्तारी काफी है? पुलिस और आपूर्ति विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह कई तीखे सवाल भी खड़े करती है: 🔥एजेंसी की भूमिका पर सवाल: आखिर एक हॉकर बिना किसी रिकॉर्ड के इतने सिलेंडर कैसे निकाल लेता था? क्या इसमें गैस एजेंसी के प्रबंधन की मिलीभगत नहीं है? 🔥संकट का फायदा: क्षेत्राधिकारी सदर, बस्ती, श्री सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि ईरान-इराक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण गैस आपूर्ति को लेकर जनता में जो पैनिक (घबराहट) है, ये अपराधी उसी का फायदा उठा रहे थे। 🔥सिस्टम में सेंध: यह घटना दर्शाती है कि वितरण प्रणाली में अभी भी कई ऐसे छेद हैं जिनका फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले फल-फूल रहे हैं। पुलिस की अपील और चेतावनी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी सभी गैस एजेंसियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। क्षेत्राधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पैनिक न करें और केवल वैध तरीके से, टोकन प्राप्त कर ही गैस सिलेंडर लें। यदि कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी की सूचना मिले, तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। बस्ती पुलिस की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' ने कालाबाजारी करने वालों की कमर तो तोड़ दी है, लेकिन प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में कोई 'संतोष' या 'संत कुमार' जनता के हक पर डाका न डाल सके। 🚨गिरफ्तारी टीम: थाना कोतवाली पुलिस एवं जनपद बस्ती आपूर्ति विभाग। 💰बरामदगी: 16 भरे सिलेंडर, 3 खाली सिलेंडर और एक मैजिक वाहन।
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    अजीत मिश्रा (खोजी)
🚨बस्ती में गैस की कालाबाजारी का भंडाफोड़: संकट में अवसर तलाशने वालों पर पुलिस का कड़ा प्रहार🚨
⭐"बस्ती पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गैस की कालाबाजारी करते 2 अभियुक्त गिरफ्तार, 16 भरे सिलेंडर जब्त।"
⭐"गैस की किल्लत में चांदी काट रहे थे 'कालाबाजारी के खिलाड़ी', पुलिस ने पहुंचाया सलाखों के पीछे!"
⭐"बस्ती: कोतवाली पुलिस और पूर्ति विभाग ने घेरा, रंगे हाथ पकड़े गए गैस तस्कर; क्षेत्र में हड़कंप।"
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती, उत्तर प्रदेश
बस्ती। एक तरफ जहां आम जनता रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ 'सफेदपोश' और उनके गुर्गे इस आपदा को अवसर में बदलने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताज़ा मामला बस्ती जनपद का है, जहां आपूर्ति विभाग और थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गैस की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 19 गैस सिलेंडर (16 भरे और 3 खाली) बरामद किए हैं।
कैसे चलता था 'काला खेल'?
गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक संतोष कुमार, जो एक गैस एजेंसी का हॉकर है, और दूसरा उसका साथी संत कुमार, जो ब्रोकर का काम करता था, मिलकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे। ये लोग बिना किसी वैध पर्ची या टोकन के गैस सिलेंडर प्राप्त करते थे और फिर उन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर आम जनता की जेब पर डाका डाल रहे थे। पुलिस ने इनके पास से एक 'छोटा हाथी' (मैजिक वाहन) भी जब्त किया है, जिसका उपयोग सिलेंडरों की तस्करी के लिए किया जाता था।
समीक्षात्मक पहलू: क्या केवल गिरफ्तारी काफी है?
पुलिस और आपूर्ति विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह कई तीखे सवाल भी खड़े करती है:
🔥एजेंसी की भूमिका पर सवाल: आखिर एक हॉकर बिना किसी रिकॉर्ड के इतने सिलेंडर कैसे निकाल लेता था? क्या इसमें गैस एजेंसी के प्रबंधन की मिलीभगत नहीं है?
🔥संकट का फायदा: क्षेत्राधिकारी सदर, बस्ती, श्री सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि ईरान-इराक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण गैस आपूर्ति को लेकर जनता में जो पैनिक (घबराहट) है, ये अपराधी उसी का फायदा उठा रहे थे।
🔥सिस्टम में सेंध: यह घटना दर्शाती है कि वितरण प्रणाली में अभी भी कई ऐसे छेद हैं जिनका फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले फल-फूल रहे हैं।
पुलिस की अपील और चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी सभी गैस एजेंसियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। क्षेत्राधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पैनिक न करें और केवल वैध तरीके से, टोकन प्राप्त कर ही गैस सिलेंडर लें। यदि कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी की सूचना मिले, तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
बस्ती पुलिस की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' ने कालाबाजारी करने वालों की कमर तो तोड़ दी है, लेकिन प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में कोई 'संतोष' या 'संत कुमार' जनता के हक पर डाका न डाल सके।
🚨गिरफ्तारी टीम: थाना कोतवाली पुलिस एवं जनपद बस्ती आपूर्ति विभाग।
💰बरामदगी: 16 भरे सिलेंडर, 3 खाली सिलेंडर और एक मैजिक वाहन।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • (ब्यूरो संतकबीरनगर) ग्राम स्वराज्य संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के कुशल निर्देशन में आज थाना कोतवाली खलीलाबाद परिसर में पुलिस कर्मियों के लिए एक विशेष ध्यान (Meditation) एवं योग सत्र का सफल आयोजन किया गया । मुख्य उद्देश्य: वर्तमान परिवेश में पुलिस ड्यूटी की अनिश्चितता, लंबी कार्य अवधि और अनियमितता के कारण उत्पन्न होने वाले मानसिक तनाव (Stress) को कम करना और कर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना । प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु: • विशेषज्ञ प्रशिक्षक: हार्टफुलनेस मेडिटेशन ट्रेनर आनन्द कुमार, अभय कुमार श्रीवास्तव एवं मनीष राय द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया । सिखाए गए गुर: तनाव मुक्ति, मानसिक संतुलन बनाए रखना और शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न योगासनों और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया । लाभ: प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित ध्यान से न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर होती है ।
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    (ब्यूरो संतकबीरनगर)
ग्राम स्वराज्य 
संतकबीरनगर।
पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर  संदीप कुमार मीना के कुशल निर्देशन में आज थाना कोतवाली खलीलाबाद परिसर में पुलिस कर्मियों के लिए एक विशेष ध्यान (Meditation) एवं योग सत्र का सफल आयोजन किया गया ।
मुख्य उद्देश्य: वर्तमान परिवेश में पुलिस ड्यूटी की अनिश्चितता, लंबी कार्य अवधि और अनियमितता के कारण उत्पन्न होने वाले मानसिक तनाव (Stress) को कम करना और कर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना ।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:
•	विशेषज्ञ प्रशिक्षक: हार्टफुलनेस मेडिटेशन ट्रेनर आनन्द कुमार,  अभय कुमार श्रीवास्तव एवं  मनीष राय द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया ।
सिखाए गए गुर: तनाव मुक्ति, मानसिक संतुलन बनाए रखना और शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न योगासनों और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया ।
लाभ: प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित ध्यान से न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर होती है ।
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    11 min ago
  • Jai mata di 🙏🙏🙏
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    Jai mata di 🙏🙏🙏
    user_Rohit nishad Rohit Kumar
    Rohit nishad Rohit Kumar
    Artist Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    13 hrs ago
  • यह ग्राम पंचायत भगवानपुर का टेकवा बागी गांव है । ग्राम पंचायत भगवानपुर ब्लॉक बघौली ,तहसील खलीलाबाद जनपद संत कबीर नगर उत्तर प्रदेश के अंतर्गत आता है । 👉🏾 जैसा की स्पष्ट दिखाई दे रहा है यह रास्ता बरसात के दिनों में पानी में डूब जाता है । रास्ते के ऊपर पानी जमा होता है । यह मार्ग टेकवाबागी नामक गांव में जाने के लिए मुख्य मार्ग है । ➡️ इस रास्ते के ऊपर पर मिट्टी डालकर ऊंचाई बढ़ाने चाहिए और इंटरलॉकिंग करना चाहिए। बार-बार टेकवा बागी के गांव की जनता ने पंचायती राज से इस सड़क निर्माण के लिए ज्ञापन दिया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुआ कोई संतोषजनक उत्तर अभी तक नहीं मिला है। शासन प्रशासन को इस रोड के मरम्मत करने के लिए संज्ञान में लेना चाहिए । यह क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र है तथा पंचायती राज के अंतर्गत आता है।
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    यह ग्राम पंचायत भगवानपुर का टेकवा बागी गांव है । ग्राम पंचायत भगवानपुर ब्लॉक बघौली ,तहसील खलीलाबाद जनपद संत कबीर नगर उत्तर प्रदेश के अंतर्गत आता है । 
👉🏾 जैसा की स्पष्ट दिखाई दे रहा है यह रास्ता बरसात के दिनों में पानी  में डूब जाता है । रास्ते   के ऊपर पानी जमा होता है । यह  मार्ग टेकवाबागी नामक गांव में जाने के लिए मुख्य मार्ग है । 
➡️ इस रास्ते  के ऊपर पर मिट्टी डालकर ऊंचाई बढ़ाने चाहिए और इंटरलॉकिंग करना चाहिए। बार-बार टेकवा बागी के गांव की जनता ने पंचायती राज से इस सड़क निर्माण के लिए ज्ञापन दिया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुआ कोई संतोषजनक उत्तर अभी तक नहीं मिला है। शासन प्रशासन को इस रोड के मरम्मत करने के लिए संज्ञान में लेना चाहिए । 
यह क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र है तथा पंचायती राज के अंतर्गत आता है।
    user_Kamalakant tiwari
    Kamalakant tiwari
    Journalist खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • Post by रिपोर्टरआलापुर अंबेडकरनगर
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    Post by रिपोर्टरआलापुर अंबेडकरनगर
    user_रिपोर्टरआलापुर अंबेडकरनगर
    रिपोर्टरआलापुर अंबेडकरनगर
    Voice of people अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by रवि चन्द्र पत्रकार
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    Post by रवि चन्द्र पत्रकार
    user_रवि चन्द्र पत्रकार
    रवि चन्द्र पत्रकार
    Nurse सहजनवा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सिद्धार्थनगर जिले के पथरा बाजार क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। यह घटना 3 अप्रैल को करीब 2:30 बजे टेढिया बाजार के सामने टेढिया नहर पुलिया के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार ट्रेलर और बाइक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। मृतकों की पहचान कोतवाली बांसी क्षेत्र के फुलवापुर गांव निवासी दिनेश (28) पुत्र बाढू और सतीश (24) पुत्र खेदन के रूप में हुई है। दोनों युवक बाइक (यूपी 55 ए जेड 1315, अपाचे) से पथरा बाजार की ओर जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, जब वे टेढिया नहर पुलिया पार कर आगे बढ़े, तभी सामने से आ रहे ट्रेलर (बीआर 24 जीडी 5035) से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटनाग्रस्त बाइक और ट्रेलर को पुलिस ने जब्त किया हादसे की सूचना मिलते ही पथरा बाजार पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल सतीश को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त बाइक और ट्रेलर को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। हादसे के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि मृतकों के परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फरार चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने की मांग की है।
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    सिद्धार्थनगर जिले के पथरा बाजार क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। यह घटना 3 अप्रैल को करीब 2:30 बजे टेढिया बाजार के सामने टेढिया नहर पुलिया के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार ट्रेलर और बाइक की आमने-सामने की टक्कर हो गई।
मृतकों की पहचान कोतवाली बांसी क्षेत्र के फुलवापुर गांव निवासी दिनेश (28) पुत्र बाढू और सतीश (24) पुत्र खेदन के रूप में हुई है। दोनों युवक बाइक (यूपी 55 ए जेड 1315, अपाचे) से पथरा बाजार की ओर जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, जब वे टेढिया नहर पुलिया पार कर आगे बढ़े, तभी सामने से आ रहे ट्रेलर (बीआर 24 जीडी 5035) से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई।
दुर्घटनाग्रस्त बाइक और ट्रेलर को पुलिस ने जब्त किया
हादसे की सूचना मिलते ही पथरा बाजार पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल सतीश को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त बाइक और ट्रेलर को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। हादसे के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि मृतकों के परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फरार चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने की मांग की है।
    user_Shashank Mishra
    Shashank Mishra
    Local News Reporter बंसी, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • ​बस्ती। शहर की रगों में दौड़ते ट्रैफिक को 'जाम' के कैंसर से मुक्ति दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने अब अपनी कमर कस ली है। शनिवार को कम्पनी बाग क्षेत्र उस समय रणक्षेत्र जैसा नजर आया जब नगर पालिका की टीम दलबल के साथ सड़कों पर उतरी। लंबे समय से सरकारी जमीनों को अपनी जागीर समझकर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' करते हुए अवैध कब्जों को जमींदोज कर दिया। ​सड़कें हुईं चौड़ी, गुंडई हुई पस्त कम्पनी बाग इलाके में सड़क किनारे कुकुरमुत्तों की तरह उगे अवैध ठेलों, खोखों और अस्थायी ढांचों ने आम जनता का पैदल चलना मुहाल कर रखा था। पालिका की टीम ने सख्त लहजे में कार्रवाई करते हुए इन अवरोधों को मौके से हटा दिया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा रहा; जो कल तक सड़क को अपनी बपौती समझ रहे थे, आज वे अपनी अवैध दुकानों को समेटते नजर आए। ​साफ चेतावनी: 'सुधर जाएं वरना भुगतें' नगर पालिका के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी जारी की है कि यह महज एक दिन का तमाशा नहीं है। अगर दोबारा सड़क पर एक इंच भी कब्जा पाया गया, तो न सिर्फ सामान जब्त होगा बल्कि कानूनी कार्रवाई की ऐसी नजीर पेश की जाएगी जिसे शहर याद रखेगा। प्रशासन का संदेश साफ है— शहर की सड़कों पर हक आम जनता का है, चंद दबंगों का नहीं। ​जनता ने भरी हुंकार प्रशासन की इस आक्रामक शैली का स्थानीय नागरिकों ने दिल खोलकर स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण की वजह से एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती थी। आज की कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो शहर की सूरत बदली जा सकती है। ​"शहर को जाममुक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। अभियान निरंतर जारी रहेगा।" — पालिका प्रशासन ​अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती।
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    ​बस्ती। शहर की रगों में दौड़ते ट्रैफिक को 'जाम' के कैंसर से मुक्ति दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने अब अपनी कमर कस ली है। शनिवार को कम्पनी बाग क्षेत्र उस समय रणक्षेत्र जैसा नजर आया जब नगर पालिका की टीम दलबल के साथ सड़कों पर उतरी। लंबे समय से सरकारी जमीनों को अपनी जागीर समझकर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' करते हुए अवैध कब्जों को जमींदोज कर दिया।
​सड़कें हुईं चौड़ी, गुंडई हुई पस्त
कम्पनी बाग इलाके में सड़क किनारे कुकुरमुत्तों की तरह उगे अवैध ठेलों, खोखों और अस्थायी ढांचों ने आम जनता का पैदल चलना मुहाल कर रखा था। पालिका की टीम ने सख्त लहजे में कार्रवाई करते हुए इन अवरोधों को मौके से हटा दिया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा रहा; जो कल तक सड़क को अपनी बपौती समझ रहे थे, आज वे अपनी अवैध दुकानों को समेटते नजर आए।
​साफ चेतावनी: 'सुधर जाएं वरना भुगतें'
नगर पालिका के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी जारी की है कि यह महज एक दिन का तमाशा नहीं है। अगर दोबारा सड़क पर एक इंच भी कब्जा पाया गया, तो न सिर्फ सामान जब्त होगा बल्कि कानूनी कार्रवाई की ऐसी नजीर पेश की जाएगी जिसे शहर याद रखेगा। प्रशासन का संदेश साफ है— शहर की सड़कों पर हक आम जनता का है, चंद दबंगों का नहीं।
​जनता ने भरी हुंकार
प्रशासन की इस आक्रामक शैली का स्थानीय नागरिकों ने दिल खोलकर स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण की वजह से एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती थी। आज की कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो शहर की सूरत बदली जा सकती है।
​"शहर को जाममुक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। अभियान निरंतर जारी रहेगा।" — पालिका प्रशासन
​अजीत मिश्रा (खोजी)
ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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