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राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोकरण में एक मदरसा विवाद ने तूल पकड़ लिया है। यह विवाद कथित तौर पर फर्जी पट्टों से संबंधित है, जिसके कारण इस पूरे मामले में अब जांच की मांग जोर पकड़ रही है।

3 hrs ago
user_Etv9 national news
Etv9 national news
News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
3 hrs ago

राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोकरण में एक मदरसा विवाद ने तूल पकड़ लिया है। यह विवाद कथित तौर पर फर्जी पट्टों से संबंधित है, जिसके कारण इस पूरे मामले में अब जांच की मांग जोर पकड़ रही है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • राजस्थान में किसान इस समय बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मानसून की देरी के कारण कुछ किसानों ने बुवाई का काम शुरू कर दिया है, वहीं अन्य किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का सबब बन गई है। विशेषकर बारां क्षेत्र में किसान बारिश न होने से परेशानी में हैं।
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    राजस्थान में किसान इस समय बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मानसून की देरी के कारण कुछ किसानों ने बुवाई का काम शुरू कर दिया है, वहीं अन्य किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का सबब बन गई है। विशेषकर बारां क्षेत्र में किसान बारिश न होने से परेशानी में हैं।
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के एक इंडियन पेट्रोल पंप पर पेट्रोल चोरी का एक मामला सामने आया है। यह घटना सीएनजी से संबंधित थी, जिसमें चोरी करते हुए व्यक्ति को पकड़ा गया है।
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    उत्तर प्रदेश के एक इंडियन पेट्रोल पंप पर पेट्रोल चोरी का एक मामला सामने आया है। यह घटना सीएनजी से संबंधित थी, जिसमें चोरी करते हुए व्यक्ति को पकड़ा गया है।
    user_Sunilverma
    Sunilverma
    उनियारा, टोंक, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • लाखेरी उपखंड क्षेत्र में कुट्टी माफियाओं ने सरकारी जगहों और सार्वजनिक सड़कों पर अवैध बबूल से बनी कुट्टी के बड़े-बड़े ढेर लगा रखे हैं। आरोप है कि यह सब सभी विभागों के अधिकारियों की नाक के नीचे हो रहा है, बावजूद इसके किसी अधिकारी की नज़र इन अवैध ढेरों पर नहीं पड़ती। जानकारी के अनुसार, माफिया खरायता, पापड़ी, बड़ाखेड़ा, लबान, माखीदा सहित आसपास के पंचायत क्षेत्रों की वन भूमि से अवैध रूप से बबूल काटकर कुट्टी बना रहे हैं और उसे इन स्थानों पर जमा कर रहे हैं। बड़ाखेड़ा पंचायत में बबूल कटाई का ठेका लेने के बहाने माफिया यह सारा अवैध कुट्टी का खेल चला रहे हैं, जिससे शहर और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बबूलों की कटाई कर उनकी कुट्टी तैयार की जा रही है और ट्रेलरों के माध्यम से सप्लाई हो रही है। इसी क्रम में, रविवार को पापड़ी फाटक रोड पर पुलिया के नीचे बड़ी मात्रा में बबूलों की कुट्टी ट्रेलर में भरने का काम चल रहा था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एक पत्रकार ने जब इसके फोटो और वीडियो बनाए, तो वहां मौजूद कथित माफियाओं ने उनसे धक्का-मुक्की की और उन पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। पत्रकार ने किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई और अपने साथियों के साथ संबंधित विभागों को पूरी घटना की सूचना दी। इसके बाद, पत्रकार ने लाखेरी थाने में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है, साथ ही भविष्य में पत्रकारों और आमजन के साथ इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उपखंड क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से अवैध वन कटाई का काम ज़ोरों पर है। जब संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी जाती है, तो अधिकारियों और कर्मचारियों की माफियाओं से मिलीभगत के चलते वे ज़मीन को दूसरे विभाग की बताकर मामले से पल्ला झाड़ लेते हैं, जिससे कुट्टी माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। माफिया पंचायत स्तर पर सरकारी भूमि पर बबूल कटाई का ठेका लेकर, अधिकारियों की मिलीभगत से वन विभाग और सरकारी भूमि पर उगे बबूलों को काटकर कुट्टी बनाते हैं। शिकायत करने पर, माफिया शिकायतकर्ता को डराते-धमकाते हैं, और विभाग पंचायत की अनुमति का हवाला देकर या ज़मीन को दूसरे विभाग का बताकर कार्रवाई से बचते हैं। लोगों का कहना है कि हरे-भरे बबूलों की कटाई को लेकर पूर्व में भी प्रशासन और उपखंड अधिकारी के समक्ष शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मामले में, वन विभाग के फॉरेस्टर सुमेर सिंह ने मौके पर पहुंचकर बताया कि कुट्टी के ढेर वन विभाग की भूमि पर नहीं हैं, इसलिए विभागीय कार्रवाई नहीं बनती। उन्होंने मामले की जानकारी डीएफओ और रेंजर वन विभाग को भी दी है। इंद्रगढ़ के रेंजर जितेंद्र सिंह ने भी बयान दिया कि जिन बबूलों की कटाई की जा रही है, वे वन विभाग की भूमि पर नहीं हैं, और यदि किसी व्यक्ति के साथ अभद्रता या मारपीट हुई है, तो यह पुलिस का विषय है, जिस पर पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी। वहीं, ग्राम पंचायत बड़ाखेड़ा के सचिव सत्यनारायण सैनी ने बताया कि पंचायत ने अपनी भूमि पर स्थित बबूल हटाने के लिए टेंडर किया है, और संबंधित ठेकेदार पंचायत सीमा के भीतर निर्धारित स्थान पर सामग्री का भंडारण और कार्य कर सकता है। उन्होंने अवैध कुट्टी के परिवहन और पत्रकार के साथ हुई कथित धक्का-मुक्की जैसे पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। जंगलों में दिन पर दिन हो रही अवैध कटाई से जंगल खत्म होते जा रहे हैं, जबकि अधिकारी माफियाओं से मिलीभगत कर अपनी जेबें भर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ज्यूली फ्लोरा उन्मूलन अभियान के तहत वन विभाग द्वारा ज़िला स्तर पर टेंडर निकाले जाते हैं, जिससे राज्य सरकार को आमदनी होती है, लेकिन माफिया अवैध कटाई से राज्य सरकार को राजस्व की हानि पहुँचा रहे हैं।
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    लाखेरी उपखंड क्षेत्र में कुट्टी माफियाओं ने सरकारी जगहों और सार्वजनिक सड़कों पर अवैध बबूल से बनी कुट्टी के बड़े-बड़े ढेर लगा रखे हैं। आरोप है कि यह सब सभी विभागों के अधिकारियों की नाक के नीचे हो रहा है, बावजूद इसके किसी अधिकारी की नज़र इन अवैध ढेरों पर नहीं पड़ती। जानकारी के अनुसार, माफिया खरायता, पापड़ी, बड़ाखेड़ा, लबान, माखीदा सहित आसपास के पंचायत क्षेत्रों की वन भूमि से अवैध रूप से बबूल काटकर कुट्टी बना रहे हैं और उसे इन स्थानों पर जमा कर रहे हैं। बड़ाखेड़ा पंचायत में बबूल कटाई का ठेका लेने के बहाने माफिया यह सारा अवैध कुट्टी का खेल चला रहे हैं, जिससे शहर और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बबूलों की कटाई कर उनकी कुट्टी तैयार की जा रही है और ट्रेलरों के माध्यम से सप्लाई हो रही है।

इसी क्रम में, रविवार को पापड़ी फाटक रोड पर पुलिया के नीचे बड़ी मात्रा में बबूलों की कुट्टी ट्रेलर में भरने का काम चल रहा था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एक पत्रकार ने जब इसके फोटो और वीडियो बनाए, तो वहां मौजूद कथित माफियाओं ने उनसे धक्का-मुक्की की और उन पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। पत्रकार ने किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई और अपने साथियों के साथ संबंधित विभागों को पूरी घटना की सूचना दी। इसके बाद, पत्रकार ने लाखेरी थाने में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है, साथ ही भविष्य में पत्रकारों और आमजन के साथ इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि उपखंड क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से अवैध वन कटाई का काम ज़ोरों पर है। जब संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी जाती है, तो अधिकारियों और कर्मचारियों की माफियाओं से मिलीभगत के चलते वे ज़मीन को दूसरे विभाग की बताकर मामले से पल्ला झाड़ लेते हैं, जिससे कुट्टी माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। माफिया पंचायत स्तर पर सरकारी भूमि पर बबूल कटाई का ठेका लेकर, अधिकारियों की मिलीभगत से वन विभाग और सरकारी भूमि पर उगे बबूलों को काटकर कुट्टी बनाते हैं। शिकायत करने पर, माफिया शिकायतकर्ता को डराते-धमकाते हैं, और विभाग पंचायत की अनुमति का हवाला देकर या ज़मीन को दूसरे विभाग का बताकर कार्रवाई से बचते हैं। लोगों का कहना है कि हरे-भरे बबूलों की कटाई को लेकर पूर्व में भी प्रशासन और उपखंड अधिकारी के समक्ष शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस मामले में, वन विभाग के फॉरेस्टर सुमेर सिंह ने मौके पर पहुंचकर बताया कि कुट्टी के ढेर वन विभाग की भूमि पर नहीं हैं, इसलिए विभागीय कार्रवाई नहीं बनती। उन्होंने मामले की जानकारी डीएफओ और रेंजर वन विभाग को भी दी है। इंद्रगढ़ के रेंजर जितेंद्र सिंह ने भी बयान दिया कि जिन बबूलों की कटाई की जा रही है, वे वन विभाग की भूमि पर नहीं हैं, और यदि किसी व्यक्ति के साथ अभद्रता या मारपीट हुई है, तो यह पुलिस का विषय है, जिस पर पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी। वहीं, ग्राम पंचायत बड़ाखेड़ा के सचिव सत्यनारायण सैनी ने बताया कि पंचायत ने अपनी भूमि पर स्थित बबूल हटाने के लिए टेंडर किया है, और संबंधित ठेकेदार पंचायत सीमा के भीतर निर्धारित स्थान पर सामग्री का भंडारण और कार्य कर सकता है। उन्होंने अवैध कुट्टी के परिवहन और पत्रकार के साथ हुई कथित धक्का-मुक्की जैसे पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

जंगलों में दिन पर दिन हो रही अवैध कटाई से जंगल खत्म होते जा रहे हैं, जबकि अधिकारी माफियाओं से मिलीभगत कर अपनी जेबें भर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ज्यूली फ्लोरा उन्मूलन अभियान के तहत वन विभाग द्वारा ज़िला स्तर पर टेंडर निकाले जाते हैं, जिससे राज्य सरकार को आमदनी होती है, लेकिन माफिया अवैध कटाई से राज्य सरकार को राजस्व की हानि पहुँचा रहे हैं।
    user_Vishwanath Sharma
    Vishwanath Sharma
    संवाददाता इंद्रगढ़, बूंदी, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • एक कहानी का उल्लेख किया गया है जिसका केंद्रीय विषय 'बेटा चोर' है।
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    एक कहानी का उल्लेख किया गया है जिसका केंद्रीय विषय 'बेटा चोर' है।
    user_Shyam kumar Pokra
    Shyam kumar Pokra
    Bundi, Rajasthan•
    16 hrs ago
  • करौली जिले में पांचना बांध के कमांड क्षेत्र की नहरों में सफलतापूर्वक पानी छोड़ दिया गया है। यह कदम तकनीकी खामी को दूर किए जाने के बाद उठाया गया, जिससे क्षेत्र को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।
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    करौली जिले में पांचना बांध के कमांड क्षेत्र की नहरों में सफलतापूर्वक पानी छोड़ दिया गया है। यह कदम तकनीकी खामी को दूर किए जाने के बाद उठाया गया, जिससे क्षेत्र को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।
    user_Sawai Modhapur
    Sawai Modhapur
    Department of Motor Vehicles सवाई माधोपुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • करौली जिले के पांचना बांध से पूरे 20 साल बाद नहरों में पानी छोड़ा गया है। यह कदम वर्षों से चले आ रहे जल विवाद के समाधान के बाद उठाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कमांड एरिया में पानी की टेस्टिंग शुरू हो गई है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, 39 गांवों के लिए नई लिफ्ट पेयजल परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। यह पहल करौली के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी मानी जा रही है, जो उन्हें कई लाभ पहुंचाएगी।
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    करौली जिले के पांचना बांध से पूरे 20 साल बाद नहरों में पानी छोड़ा गया है। यह कदम वर्षों से चले आ रहे जल विवाद के समाधान के बाद उठाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कमांड एरिया में पानी की टेस्टिंग शुरू हो गई है।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर, 39 गांवों के लिए नई लिफ्ट पेयजल परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। यह पहल करौली के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी मानी जा रही है, जो उन्हें कई लाभ पहुंचाएगी।
    user_Ashutosh Trivedi
    Ashutosh Trivedi
    Video Creator सवाई माधोपुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक तालाब से कई पासपोर्ट बरामद हुए हैं। इस घटना ने एक रहस्य को जन्म दिया है, जिसकी जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा शुरू कर दी गई है।
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    उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक तालाब से कई पासपोर्ट बरामद हुए हैं। इस घटना ने एक रहस्य को जन्म दिया है, जिसकी जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा शुरू कर दी गई है।
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के सहियापुर गांव में एक तालाब की जेसीबी मशीन से सफाई का काम चल रहा था, तभी एक हादसा हो गया।
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    इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के सहियापुर गांव में एक तालाब की जेसीबी मशीन से सफाई का काम चल रहा था, तभी एक हादसा हो गया।
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Indragarh, Bundi•
    19 hrs ago
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