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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक तालाब से कई पासपोर्ट बरामद हुए हैं। इस घटना ने एक रहस्य को जन्म दिया है, जिसकी जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा शुरू कर दी गई है।
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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक तालाब से कई पासपोर्ट बरामद हुए हैं। इस घटना ने एक रहस्य को जन्म दिया है, जिसकी जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा शुरू कर दी गई है।
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- करौली जिले के पांचना बांध से पूरे 20 साल बाद नहरों में पानी छोड़ा गया है। यह कदम वर्षों से चले आ रहे जल विवाद के समाधान के बाद उठाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कमांड एरिया में पानी की टेस्टिंग शुरू हो गई है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, 39 गांवों के लिए नई लिफ्ट पेयजल परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। यह पहल करौली के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी मानी जा रही है, जो उन्हें कई लाभ पहुंचाएगी।1
- गृह मंत्री जवारसिंह जी को अपशब्द कहने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। इस संबंध में यह प्रश्न उठाया गया है कि सभ्य समाजों में मंत्रियों को इस तरह से गाली-गलौज करना किस हद तक उचित है। यह मांग उन लोगों पर कानून का शिकंजा कसने के लिए की गई है जिन्होंने मंत्री जी के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया है।1
- सोमवार को चौथ का बरवाड़ा में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ दिन में तेज धूप के बावजूद एकाएक बारिश शुरू हो गई। इस तेज बारिश के कारण कस्बे की कई सड़कें तुरंत पानी से भर गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। वहीं, किसानों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे, क्योंकि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है।1
- राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुई एक जघन्य घटना के बाद राज्य सरकार ने कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर, अपराध से कथित रूप से जुड़े तीन होटलों – होटल खुंगर, जॉय इन और होटल सफायर – पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई को केवल अवैध निर्माण के खिलाफ उठाया गया कदम नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे अपराधियों और उन्हें संरक्षण देने वाले तंत्र के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति का स्पष्ट संदेश बताया गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिलाओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और कानून से ऊपर कोई नहीं है। इस मामले को लेकर आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई जारी है।1
- राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोकरण में एक मदरसा विवाद ने तूल पकड़ लिया है। यह विवाद कथित तौर पर फर्जी पट्टों से संबंधित है, जिसके कारण इस पूरे मामले में अब जांच की मांग जोर पकड़ रही है।1
- पांचना के पानी को लेकर चले संघर्ष और गतिरोध के बाद, अब जल प्रवाह शुरू हो गया है।1
- चौथ का बरवाड़ा उपखंड की रजवाना ग्राम पंचायत में जांगिड़ मोहल्ले से कुड़ेर जाने वाले मुख्य मार्ग पर लंबे समय से जलभराव और कीचड़ की गंभीर समस्या बनी हुई है। इस कारण स्थानीय निवासियों, राहगीरों और स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीण मुकेश जांगिड़, रामेश्वर जांगिड़, ओमप्रकाश जांगिड़ और वाल्मीकि जांगिड़ ने बताया कि यह मार्ग मोहल्ले का प्रमुख रास्ता है, और स्कूल जाने वाले बच्चों को प्रतिदिन इसी पानी और कीचड़ से गुजरना पड़ता है, जिससे उनके फिसलने व दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। बरसात के दिनों में यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि लगातार जलभराव के कारण पूरे क्षेत्र में गंदगी फैल रही है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ-साथ दुर्गंध की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। इसके अतिरिक्त, तेज बारिश होने पर आसपास के मकानों में पानी घुसने का खतरा भी बना रहता है। इसे देखते हुए, ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांग है कि सड़क पर मिट्टी डलवाकर पानी की उचित निकासी की व्यवस्था की जाए और इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द से जल्द आरसीसी सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को इस दैनिक परेशानी से राहत मिल सके।1
- चौथ का बरवाड़ा कस्बे में वर्षा के बाद अस्पताल और सब्जी मंडी कैचमेंट क्षेत्र की नालियों की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आ गई है। नालियों की समय पर सफाई न होने और पानी की निकासी बाधित रहने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे कई स्थानों पर सड़कें धंस गईं और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इस स्थिति के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और विशेष रूप से अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों तथा सब्जी मंडी पहुँचने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें पानी से भरी सड़कों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया है कि हर साल बरसात में यही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल नालियों की सफाई करने, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में आमजन को इन समस्याओं से राहत मिल सके।1