कसरावद न्यूज़ के माध्यम से विष्णु प्रजापत ने रिपोर्ट किया है कि 31 मई 2026 को पेट्रोल पंप पर ₹121 प्रति लीटर का भाव देखकर वे हैरान रह गए। मात्र एक महीने पहले, पेट्रोल की कीमत ₹107 प्रति लीटर थी, जो कुछ ही दिनों में बढ़कर पहले ₹112, फिर ₹115 और अब सीधे ₹121 प्रति लीटर तक पहुँच गई है। यह लगभग ₹14 प्रति लीटर की जबरदस्त बढ़ोतरी है जो सिर्फ एक महीने के भीतर दर्ज की गई है और इसने महंगाई का जोरदार झटका दिया है। पेट्रोल के लगातार बढ़ते दामों का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। बाइक, कार और अन्य वाहनों के रखरखाव का खर्च बढ़ने के साथ-साथ, परिवहन लागत में वृद्धि से फल, सब्जियां, दूध और अन्य सभी आवश्यक वस्तुओं के दाम भी आसमान छू सकते हैं। यह गंभीर चिंता जताई गई है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहीं, भारतीय रुपये की कीमत कमजोर हुई या सरकार द्वारा टैक्स में कोई राहत नहीं मिली, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल के दामों में और अधिक वृद्धि देखने को मिल सकती है। इस स्थिति को लेकर जनता से अपने क्षेत्रों में पेट्रोल के भाव और ₹121 प्रति लीटर की कीमत के आम जनता पर पड़ने वाले प्रभावों पर अपनी राय साझा करने का भी आह्वान किया गया है।
कसरावद न्यूज़ के माध्यम से विष्णु प्रजापत ने रिपोर्ट किया है कि 31 मई 2026 को पेट्रोल पंप पर ₹121 प्रति लीटर का भाव देखकर वे हैरान रह गए। मात्र एक महीने पहले, पेट्रोल की कीमत ₹107 प्रति लीटर थी, जो कुछ ही दिनों में बढ़कर पहले ₹112, फिर ₹115 और अब सीधे ₹121 प्रति लीटर तक पहुँच गई है। यह लगभग ₹14 प्रति लीटर की जबरदस्त बढ़ोतरी है जो सिर्फ एक महीने के भीतर दर्ज की गई है और इसने महंगाई का जोरदार झटका दिया है। पेट्रोल के लगातार बढ़ते दामों का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। बाइक, कार और अन्य वाहनों के रखरखाव का खर्च बढ़ने के साथ-साथ, परिवहन लागत में वृद्धि से फल, सब्जियां, दूध और अन्य सभी आवश्यक वस्तुओं के दाम भी आसमान छू सकते हैं। यह गंभीर चिंता जताई गई है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहीं, भारतीय रुपये की कीमत कमजोर हुई या सरकार द्वारा टैक्स में कोई राहत नहीं मिली, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल के दामों में और अधिक वृद्धि देखने को मिल सकती है। इस स्थिति को लेकर जनता से अपने क्षेत्रों में पेट्रोल के भाव और ₹121 प्रति लीटर की कीमत के आम जनता पर पड़ने वाले प्रभावों पर अपनी राय साझा करने का भी आह्वान किया गया है।
- सनावद के भैरूघाट पर नर्मदा-शिप्रा पाइपलाइन में लीकेज के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। पाइपलाइन के अचानक फट जाने से पानी का एक फव्वारा लगभग 40 फीट की ऊंचाई तक उठा, जिसने आसपास के क्षेत्र को प्रभावित किया। इस घटना से आसपास के रहवासियों को भारी नुकसान पहुंचा है। पानी के तेज बहाव के कारण आसपास के कई मकानों से फ्रिज और कूलर बह गए, और कुछ रहवासियों को चोटें भी आईं। इसके अतिरिक्त, पानी से एक निजी होटल को भी नुकसान पहुंचा है। पाइपलाइन फटने के सटीक कारणों की जांच अभी जारी है।4
- खरगोन शहर के सनावद रोड पर गायत्री मंदिर के सामने स्थित एक शॉपिंग मॉल में शनिवार तड़के भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट था। यह भी जानकारी दी गई है कि इस मॉल में हाल ही में बिक्री शुरू की गई थी।1
- मध्य प्रदेश के महू तहसील में इंदौर-खंडवा मार्ग पर स्थित भेरू घाट पर नर्मदा-शिप्रा पाइपलाइन अचानक फूट गई। पाइपलाइन से इतना पानी बहने लगा कि यह नजारा कश्मीर में बर्फबारी जैसा नहीं, बल्कि ऐसा लग रहा था मानो कोई बादल फट गया हो। इस घटना की चपेट में कई वाहन चालक आ गए। नर्मदा की पाइपलाइन फूटने के कारण यह मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया।1
- कानवन पुलिस ने गुजरात के खेड़ा जिले के वागजीपुर गाँव से चोरी हुए एक आयशर वाहन को जब्त कर लिया है और इस मामले में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को यह सफलता 27 मई, 2026 की रात्रि में मुखबिर से मिली सूचना के बाद हाथ लगी थी, जिसमें बताया गया था कि दो व्यक्ति चोरी का आयशर वाहन बेचने के उद्देश्य से सादलपुर की तरफ से नागदा कानवन की ओर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही, कानवन थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया के नेतृत्व में थाना कानवन की टीम मनासा फाटा, महू-नीमच फोरलेन रोड पर पहुँची। पुलिस ने आयशर वाहन को रोका, तो उसमें बैठे दोनों व्यक्तियों ने मौके से भागने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम मनीष उर्फ उमेश और रवि बताए। वाहन की जाँच करने पर उस पर प्लेट नंबर GJ 07 TU 7123 दर्ज पाया गया। आरोपियों से आयशर वाहन के वैध दस्तावेज़ और उनके ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में पूछने पर उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। उनकी बातें संदिग्ध प्रतीत होने और चोरी के वाहन की आशंका होने पर पुलिस ने आयशर वाहन के असल मालिक का पता लगाया। आरोपियों द्वारा वाहन और उसके मालिक के संबंध में भी कोई जानकारी नहीं देने पर, कानवन पुलिस ने आयशर वाहन को मौके पर जब्त कर लिया और आरोपी रवि तथा उमेश को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई थाना कानवन के सिलसिला क्रमांक 1/2026 के तहत धारा 35(1-ii), 106 बीएनएसएस और 303(2) बीएनएस के अंतर्गत की गई है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने यह आयशर वाहन गुजरात के खेड़ा जिले के अतरसुमा से चोरी किया था। कानवन पुलिस ने तत्काल गुजरात के अतरसुमा थाना को इस घटना से अवगत कराया है। पुलिस अब आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों में पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। यह पूरी कार्यवाही धार के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल वेलापुरकर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी अरविंद सिंह तोमर के निर्देशन में संपन्न हुई। गिरफ्तार आरोपियों में मनीष उर्फ उमेश (पिता लाखन ओसारी, भील, निवासी रुंणजी, थाना गौतमपुरा) और रवि (पिता कैलाश भील, 25 वर्ष, निवासी ग्राम खंडवा, थाना सागौर, जिला धार) शामिल हैं। आरोपी मनीष उर्फ उमेश का पूर्व से ही आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके विरुद्ध उज्जैन जिले के बड़नगर थाना में धारा 309(6) बीएनएस के तहत एक प्रकरण पूर्व में भी दर्ज है। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया के साथ प्रधान आरक्षक रामेन्द्र सिंह चौहान, आरक्षक नवीन राठौड़, आरक्षक भगवती चौहान, आरक्षक अजयपाल सिंह राठौर और आरक्षक संजय शिवहरे सहित कानवन टीम की अहम भूमिका रही।1
- धार भोज अस्पताल से सरकारी 108 एम्बुलेंस के कर्मचारियों को मरीजों को उनके घर छोड़ने के लिए रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद किया गया है। यह घटना सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में कथित भ्रष्टाचार को उजागर करती है, जहाँ निःशुल्क सेवा प्रदान करने वाले कर्मचारी खुलेआम मरीजों से पैसों की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या इन कर्मचारियों को शासन द्वारा रिश्वत लेने की छूट दी गई है, या फिर यह पूरी तरह से अस्पताल प्रशासन की मिलीभगत का परिणाम है। लोगों द्वारा इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है कि सरकार को ऐसे कृत्यों में शामिल दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।2
- मध्य प्रदेश के महू क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ इंदौर-खंडवा मार्ग स्थित भेरूघाट पर नर्मदा परियोजना की एक पाइपलाइन अचानक फूट गई। पाइपलाइन से हजारों लीटर पानी इतनी तेज रफ्तार से सड़क किनारे बहने लगा कि दूर से देखने पर यह दृश्य किसी प्राकृतिक जलप्रपात जैसा दिखाई दिया, जैसा कि अक्सर पहाड़ी इलाकों में झरने बहते हैं। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पानी का तीव्र बहाव स्पष्ट दिख रहा है, और लोग इस बड़े पैमाने पर हुई जल बर्बादी को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची और पाइपलाइन की मरम्मत का काम तुरंत शुरू किया गया। यह घटना केवल पानी की बर्बादी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने क्षेत्र में पानी की आपूर्ति व्यवस्था और विभागीय प्रबंधन पर भी कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े कर दिए हैं।1