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सनावद के भैरूघाट पर नर्मदा-शिप्रा पाइपलाइन में लीकेज के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। पाइपलाइन के अचानक फट जाने से पानी का एक फव्वारा लगभग 40 फीट की ऊंचाई तक उठा, जिसने आसपास के क्षेत्र को प्रभावित किया। इस घटना से आसपास के रहवासियों को भारी नुकसान पहुंचा है। पानी के तेज बहाव के कारण आसपास के कई मकानों से फ्रिज और कूलर बह गए, और कुछ रहवासियों को चोटें भी आईं। इसके अतिरिक्त, पानी से एक निजी होटल को भी नुकसान पहुंचा है। पाइपलाइन फटने के सटीक कारणों की जांच अभी जारी है।
Praveen pal
सनावद के भैरूघाट पर नर्मदा-शिप्रा पाइपलाइन में लीकेज के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। पाइपलाइन के अचानक फट जाने से पानी का एक फव्वारा लगभग 40 फीट की ऊंचाई तक उठा, जिसने आसपास के क्षेत्र को प्रभावित किया। इस घटना से आसपास के रहवासियों को भारी नुकसान पहुंचा है। पानी के तेज बहाव के कारण आसपास के कई मकानों से फ्रिज और कूलर बह गए, और कुछ रहवासियों को चोटें भी आईं। इसके अतिरिक्त, पानी से एक निजी होटल को भी नुकसान पहुंचा है। पाइपलाइन फटने के सटीक कारणों की जांच अभी जारी है।
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- सनावद के भैरूघाट पर नर्मदा-शिप्रा पाइपलाइन में लीकेज के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। पाइपलाइन के अचानक फट जाने से पानी का एक फव्वारा लगभग 40 फीट की ऊंचाई तक उठा, जिसने आसपास के क्षेत्र को प्रभावित किया। इस घटना से आसपास के रहवासियों को भारी नुकसान पहुंचा है। पानी के तेज बहाव के कारण आसपास के कई मकानों से फ्रिज और कूलर बह गए, और कुछ रहवासियों को चोटें भी आईं। इसके अतिरिक्त, पानी से एक निजी होटल को भी नुकसान पहुंचा है। पाइपलाइन फटने के सटीक कारणों की जांच अभी जारी है।4
- खरगोन शहर के सनावद रोड पर गायत्री मंदिर के सामने स्थित एक शॉपिंग मॉल में शनिवार तड़के भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट था। यह भी जानकारी दी गई है कि इस मॉल में हाल ही में बिक्री शुरू की गई थी।1
- खलटाका पुलिस ने अवैध गोवंश परिवहन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने तीन सुपर कैरी वाहनों को जब्त किया है। साथ ही, 18 गोवंश को मुक्त कराया गया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।1
- अंजड़ नगर और आसपास के क्षेत्रों, विशेषकर ग्राम छोटा बड़दा से, अवैध रेत खनन और परिवहन का कारोबार लगातार बेखौफ जारी है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि दिन-रात रेत का अवैध उत्खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से इसका परिवहन किया जा रहा है। नागरिकों का आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई के अभाव में रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हो गए हैं, जिससे आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। जानकारी के अनुसार, रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का नगर में प्रवेश प्रतिदिन अल सुबह करीब 4 बजे से शुरू हो जाता है, और इनकी तेज तथा लापरवाहीपूर्ण गति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसी ही एक घटना शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बड़वानी रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के पास हुई, जहाँ रेत से भरे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने अंजड़ निवासी अजय शर्मा को लगभग टक्कर मार दी। वे संयोगवश बाल-बाल बच गए, अन्यथा एक गंभीर हादसा हो सकता था। इस घटना के तुरंत बाद, अजय शर्मा ने थाना प्रभारी आर.आर. चौहान को मोबाइल पर शिकायत की और सीएम हेल्पलाइन पर भी मामला दर्ज कराया। उन्होंने खनिज विभाग को भी सूचित करने का प्रयास किया, लेकिन खनिज निरीक्षक से संपर्क स्थापित नहीं हो सका। अजय शर्मा ने आरोप लगाया कि रेत परिवहन करने वाले अधिकांश ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर नंबर प्लेट तक नहीं लगी होती, और कई वाहनों के दस्तावेज संदिग्ध प्रतीत होते हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर ट्रैक्टर 15 से 20 वर्ष पुराने हैं। इसके अतिरिक्त, कई चालक बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाते हैं, और कुछ मामलों में अवयस्कों द्वारा भी ट्रैक्टर चलाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते अवैध रेत खनन और परिवहन पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन, पुलिस और खनिज विभाग से मांग की है कि अवैध रेत परिवहन में शामिल वाहनों की तत्काल जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों तथा खनन माफियाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो जनआंदोलन की स्थिति भी निर्मित हो सकती है। उनका कहना है कि लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अवैध रेत खनन एवं परिवहन पर तत्काल रोक लगाना अत्यंत आवश्यक है।1
- मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में सामने आए दो गंभीर मामलों को लेकर हिंदू संगठनों, विशेषकर बजरंग दल में, भारी आक्रोश देखा जा रहा है। संगठन ने प्रशासन से तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। पहला मामला धनगांव से सामने आया है, जहाँ एक हिंदू नाबालिग बालिका के साथ कथित छेड़छाड़ की गई। जब बालिका और उसके परिजनों ने इसका विरोध किया, तो उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। बताया जा रहा है कि घायल परिवार के सदस्य अभी भी अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। बजरंग दल का आरोप है कि वारदात को अंजाम देने वाला व्यक्ति क्षेत्र का एक सूचीबद्ध गुंडा है, इसके बावजूद पुलिस उसके खिलाफ अपेक्षित कठोर कार्रवाई नहीं कर रही है और मामले को सामान्य धाराओं में सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है। संगठन ने इस मामले में आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, दूसरा गंभीर मामला सिहाड़ा क्षेत्र के बढ़िया तुला में गोवंश हत्या से संबंधित है। बजरंग दल कार्यकर्ताओं के अनुसार, उन्हें रात के समय कुछ लोगों द्वारा गोवंश को मृत किए जाने की सूचना मिली थी। कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुँचकर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे मौके से फरार हो गए। घटनास्थल से गोवंश के अवशेष मिलने का दावा किया गया है। बजरंग दल के विभाग संयोजक आदित्य मिटाने ने कहा है कि दोनों मामलों में दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, जिसमें जिला बदर और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई भी शामिल हो। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर मामलों में भी अपराधियों पर नरमी बरती जा रही है। संगठन ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इन मामलों में शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे जिले में एक व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।3
- बड़वानी जिले के आमलियापानी क्षेत्र में प्रस्तावित ट्रेंचिंग ग्राउंड को लेकर शनिवार को पुलिस-प्रशासन और ग्रामीणों के बीच भीषण टकराव और हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। नगर पालिका को आवंटित की गई भूमि पर आधिकारिक कब्जा दिलाने पहुंची राजस्व, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम को स्थानीय ग्रामीणों के तीव्र आक्रोश और कड़े विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके चलते करीब डेढ़ घंटे तक दोनों पक्षों के बीच भारी खींचतान चलती रही। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब विरोध कर रहे महिला और पुरुष ग्रामीणों ने रास्ते में लोहे के पाइप, मोटरसाइकिलें और पानी के टैंकर लगाकर पूरे मार्ग को जाम कर दिया। प्रशासनिक अमले के पीछे न हटने पर कई ग्रामीण पुलिस के वाहनों के सामने ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल और राजस्व अधिकारियों ने मोर्चा संभालकर प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटाया और नगर पालिका को आवंटित 3 एकड़ भूमि पर कब्जा दिलाया। कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और मौके पर विवाद पैदा करने वाले कुल 56 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने तत्काल हिरासत में लिया था। इन सभी हिरासत में लिए गए ग्रामीणों को थाने ले जाकर उचित समझाइश दी गई, जिसके बाद प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें रिहा कर दिया गया। फिलहाल घटनास्थल पर शांति व्यवस्था बनी हुई है। इस पूरे विवाद को लेकर ग्रामीणों का तर्क है कि जहां यह ट्रेंचिंग ग्राउंड प्रस्तावित है, उसके ठीक पास में ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक भवन और पेयजल की मुख्य पानी की टंकी स्थित है। ग्रामीणों को आशंका है कि यहां शहर का कचरा डालने से पूरे क्षेत्र में भयंकर बदबू, पर्यावरण प्रदूषण और गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि इस 3 एकड़ जमीन पर केवल कचरा डंप नहीं किया जाएगा, बल्कि यहां पूरी तरह से आधुनिक और वैज्ञानिक कचरा प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी, जिससे आसपास कोई प्रदूषण नहीं होगा। नगर पालिका सीएमओ सोनाली शर्मा ने बताया कि पुलिस और राजस्व विभाग के माध्यम से भूमि का हैंडओवर मिलते ही नगर पालिका की टीम ने मौके पर बाउंड्रीवॉल और शुरुआती काम शुरू कर दिया है, और आगामी 5 से 6 माह के भीतर यह अत्याधुनिक कचरा प्रबंधन यूनिट पूरी तरह तैयार होकर चालू हो जाएगी। इस नई यूनिट के शुरू होते ही बड़गांव स्थित वर्तमान ट्रेंचिंग ग्राउंड को पूरी तरह से खाली कर वहां की समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा।1