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राजस्थान के लाखेरी स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद एक मूक-बधिर और मंदबुद्धि महिला की तबीयत खराब हो गई। स्थिति को देखते हुए, आरपीएफ जवान धीरपाल राठी ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने रेलवे कर्मचारियों की मदद से महिला को एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल भिजवाया, जहाँ उसका उपचार शुरू किया गया।
Vishwanath Sharma
राजस्थान के लाखेरी स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद एक मूक-बधिर और मंदबुद्धि महिला की तबीयत खराब हो गई। स्थिति को देखते हुए, आरपीएफ जवान धीरपाल राठी ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने रेलवे कर्मचारियों की मदद से महिला को एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल भिजवाया, जहाँ उसका उपचार शुरू किया गया।
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- राजस्थान के टोंक जिले के चोरू क्षेत्र के निवासी रोडवेज बसों की मनमानी और प्रशासनिक उपेक्षा से बुरी तरह त्रस्त हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रोडवेज बसें नियमों की अनदेखी करते हुए कस्बे के भीतर आने के बजाय सीधे बाईपास से गुजर रही हैं। इस लापरवाही के कारण भीषण गर्मी में छात्र-छात्राओं, महिलाओं और बुजुर्गों को बस स्टैंड पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर जनसेवक गणेश शर्मा ने सोमवार को एक दिवसीय अन्न-जल त्याग अनशन शुरू किया, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं धरना स्थल पर एकत्र हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंचायत समिति सदस्य फोरूलाल मीना ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और गणेश शर्मा का अनशन समाप्त करवाया। गणेश शर्मा ने बताया कि वे इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक गुहार लगा चुके हैं और स्थानीय एसडीएम को भी कई बार लिखित ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यह लड़ाई आर-पार की होगी, क्योंकि शांतिपूर्ण ज्ञापन का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला है। अनशन समाप्त होने के बाद, ग्रामीणों और महिलाओं ने मिलकर एक सामूहिक प्रस्ताव तैयार किया और प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि अगले दो दिनों के भीतर रोडवेज बसों का कस्बे के अंदर से नियमित संचालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो 4 जून को नेशनल हाईवे-116 (टोंक–सवाई माधोपुर मार्ग) पर पूर्ण चक्का जाम कर दिया जाएगा।1
- मिर्ज़ापुर के रामबाग इलाके में एक किराए के मकान में रह रहे 50 वर्षीय जनरेटर ऑपरेटर राकेश पटेल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह मामला तब सामने आया जब उनकी बेटी लगातार फोन कर रही थी लेकिन राकेश पटेल से संपर्क नहीं हो पा रहा था। राकेश पटेल कई वर्षों से न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में कार्यरत थे और पिछले एक माह से वह अकेले रह रहे थे। बेटी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मकान का दरवाजा खुलवाया, जहाँ सीढ़ियों के पास राकेश पटेल का शव पड़ा मिला। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि अस्वस्थता के चलते वे सीढ़ियों से गिर गए होंगे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अपनी जांच शुरू कर दी है। अब सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे उनकी मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।1
- सवाई माधोपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित अटल सेवा केंद्र में वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के संबंध में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों के साथ अभियान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय पर आज रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले दर्शनार्थियों के लिए शीतल जल सेवा का शुभारंभ किया गया। पर्यावरण संरक्षण को समर्पित 'मानव सेवा प्रकृति प्रेमी ग्रुप सवाई माधोपुर' द्वारा यह पहल भीषण गर्मी को देखते हुए की गई, जिसकी अध्यक्षता ग्रुप के अध्यक्ष हनुमान सिंह नरूका ने की। बजरिया सिटी मॉल के पास जीप स्टैंड पर सुबह 7 बजे आर.ओ. के कैंपर रखवाकर इस सेवा की शुरुआत मनीष जैन और सुनीता जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। संगठन मंत्री रामबाबू कुमावत ने कहा कि दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को गर्मी में ठंडे पानी के लिए भटकना पड़ता है, इसलिए ग्रुप ने 'नर सेवा नारायण सेवा' के तहत यह अनूठी पहल की है। यह शीतल पेय एवं जल सेवा तपती गर्मी में जिला अस्पताल के साथ-साथ इस जीप स्टैंड पर भी प्रत्येक बुधवार और चतुर्थी को निरंतर जारी रहेगी। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में आमजन के लिए प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक शीतल जल सेवा पहले से ही अविरल चल रही है। इस अवसर पर अध्यक्ष हनुमान सिंह नरूका, सचिव राजेश सैनी, रुपेन्द्र सिंह सोलंकी, गणेश सैनी, खुशाल जैन, शिवराज और विनोद कुमावत सहित कई पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।1
- ग्राम पंचायत सारसोप में स्थानीय मोहल्लावासी लंबे समय से पेयजल संकट और गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे थे। नियमित एवं पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होने से लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसी परेशानी को देखते हुए मोहल्ला के निवासी, जिनमें शारूख खान, मलकान खान, घासी और हजारी प्रसाद जैसे लोग शामिल थे, ने स्वयं पहल करते हुए इस समस्या का समाधान करने का निर्णय लिया। सभी एकजुट होकर उन्होंने एक गंदे और उपेक्षित पड़े कुएं की साफ-सफाई की और उसमें मोटर स्थापित कर दी। ग्रामीणों के इस सामूहिक प्रयास के परिणामस्वरूप अब कुएं से स्वच्छ पानी की उपलब्धता शुरू हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही, महिलाओं और बुजुर्गों को दूर-दराज से पानी लाने की परेशानी से भी निजात मिली है। ग्रामीणों ने इस दौरान यह भी कहा कि यदि संबंधित विभाग द्वारा समय पर उचित व्यवस्था की गई होती, तो उन्हें स्वयं यह कदम नहीं उठाना पड़ता। मोहल्ला वासियों की इस आत्मनिर्भर पहल की क्षेत्र भर में सराहना की जा रही है।1
- ग्राम पंचायत सारसोप में लगातार बढ़ती पानी की समस्या के बीच कॉलोनी के निवासियों ने सामूहिक पहल करते हुए एक पुराने कुएँ की सफाई करवाई है। यह कुआँ लंबे समय से गंदगी, कचरा और मिट्टी के जमा होने के कारण उपयोग के लायक नहीं रहा था। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और श्रमदान के माध्यम से कुएँ को पूरी तरह साफ करके उसे दोबारा इस्तेमाल करने योग्य बनाया है, जिससे गर्मी के इस मौसम में गंभीर जल संकट के बीच लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय निवासियों ने पंचायत प्रशासन से यह मांग भी की है कि भविष्य में पानी की समस्या से बचने के लिए एक स्थायी जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।1
- राजस्थान के लाखेरी स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद एक मूक-बधिर और मंदबुद्धि महिला की तबीयत खराब हो गई। स्थिति को देखते हुए, आरपीएफ जवान धीरपाल राठी ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने रेलवे कर्मचारियों की मदद से महिला को एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल भिजवाया, जहाँ उसका उपचार शुरू किया गया।3