फिरोजाबाद में तमेरा निवासी युवक की ट्रेन की चपेट में आने से हुई मौत: फिरोजाबाद में ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत: जसवंतनगर के तमेरा गांव में शोक की लहर जसवंतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम तमेरा निवासी 26 वर्षीय एक युवक की फिरोजाबाद में ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना सोमवार देर रात हुई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों में दुख का माहौल छा गया। जानकारी के अनुसार, ग्राम तमेरा निवासी अवशांत उर्फ नीतू पुत्र मुकेश बाबू सोमवार रात करीब 11 बजे फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के मालगोदाम के पास ट्रेन की चपेट में आ गया। इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया है कि मृतक फिरोजाबाद के नगला पिपरिया क्षेत्र के साथी मार्ग पर रहकर माईसेम सीमेंट की सप्लाई का काम करता था। घटना के समय वह किसी कार्य से रेलवे ट्रैक के पास पहुंचा था, तभी यह हादसा हो गया। मृतक अविवाहित था। परिजनों के अनुसार, उसके पिता मुकेश बाबू मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है। मृतक दो भाइयों में छोटा था, जबकि बड़ा भाई प्रशांत भी मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा बना हुआ है। घटना के बाद मृतक की मां सुमन देवी, पिता मुकेश बाबू और अन्य परिजनों का बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची फिरोजाबाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। मंगलवार शाम करीब तीन बजे जैसे ही युवक का शव गांव तमेरा पहुंचा, पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। युवक की असमय मौत से गांव में गहरा दुख व्याप्त है।
फिरोजाबाद में तमेरा निवासी युवक की ट्रेन की चपेट में आने से हुई मौत: फिरोजाबाद में ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत: जसवंतनगर के तमेरा गांव में शोक की लहर जसवंतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम तमेरा निवासी 26 वर्षीय एक युवक की फिरोजाबाद में ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना सोमवार देर रात हुई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों में दुख का माहौल छा गया। जानकारी के अनुसार, ग्राम तमेरा निवासी अवशांत उर्फ नीतू पुत्र मुकेश बाबू सोमवार रात करीब 11 बजे फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के मालगोदाम के पास ट्रेन की चपेट में आ गया। इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया है कि मृतक फिरोजाबाद के नगला पिपरिया क्षेत्र के साथी मार्ग पर रहकर माईसेम सीमेंट की सप्लाई का काम करता था। घटना के समय वह किसी कार्य से रेलवे ट्रैक के पास पहुंचा था, तभी यह हादसा हो गया। मृतक अविवाहित था। परिजनों के अनुसार, उसके पिता मुकेश बाबू मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है। मृतक दो भाइयों में छोटा था, जबकि बड़ा भाई प्रशांत भी मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा बना हुआ है। घटना के बाद मृतक की मां सुमन देवी, पिता मुकेश बाबू और अन्य परिजनों का बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची फिरोजाबाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। मंगलवार शाम करीब तीन बजे जैसे ही युवक का शव गांव तमेरा पहुंचा, पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। युवक की असमय मौत से गांव में गहरा दुख व्याप्त है।
- उत्तर प्रदेश में शादी समारोहों में 5 से 7 साल के छोटे बच्चे कंधों पर भारी लाइटें ढोते दिख रहे हैं। गरीबी और आर्थिक तंगी के कारण ये मासूम बचपन में ही मजदूरी करने को मजबूर हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और शिक्षा पर गंभीर असर पड़ रहा है। यह स्थिति बाल श्रम कानूनों के पालन और जिम्मेदार विभागों की अनदेखी पर गंभीर सवाल उठाती है।1
- *मोदी जी ने कहा कि मेरे देशवासियों सोना-चांदी एक साल तक ना खरीदें। उनके अनुसार क्या नव विवाहता सुहागन महिला एक साल तक मंगलसूत्र भी न पहने।* प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रमोदी जी गत दिवस तेलंगाना की एक जनसभा में बोलते हुए कहा कि हमारे देशवासी एक साल तक सोना चांदी न खरीदें। आम आदमी मध्यम व गरीब वर्ग के लोगों के लिए पहले से ही महंगा बजट के बाहर सोना पौने दो लाख रुपये में 10 ग्राम बिक रहा हैं। हिंदू परंपराओं के अनुसार अब सनातनी महिला अपना सुहाग का प्रतीक मंगलसूत्र कानों के कुंडल, पैरों में पायल व पैरों के उंगली में बिछिया पहनना जो वर पक्ष को शादी में अपनी दुल्हन को सुहाग के प्रतीक आभूषण न पहनना महिला सुहागन कैसे कहलायेंगी। ये हिंदू परंपराओं में महिलाओं के लिए कुठाराघात हैं। ये आभूषण उसके सुहाग के प्रतीक हैं। मोदी जी की इस बात से करोड़ों भारतीयों महिलाओं के लिए अच्छे दिन नहीं हैं। एक तरफ मोदी जी नारी शक्ति को बढ़ावा दे रहे हैं वहीं दूसरी तरफ सुहागन महिलाओं का श्रृंगार का प्रतीक मंगलसूत्र जैसे गहने छीन रहे हैं। मोदी जी को शायद याद नहीं होगा कि सुहागन पत्नी का सम्मान उसके मंगलसूत्र व पैरों में बिछिया से होता हैं। सोना-चांदी पहले से ही भारतीयों कारपोरेट घरानों व देश के पूंजी पतियों के हाथों में पहुंचकर महंगा हो जाने से देश के स्वर्णकार ( सुनारों) व कारीगरों का रोजगार संकट मय हो गया। अब देखते हैं। मोदी जी की बात का देश के कार्पोरेट्स पर पॉलिटिशियन पर टूरिस्ट पर पत्नी से छुपा कर बैंकॉक जाने वाले अय्याशों पर दहेज में सोने के 50 तोला जेवर मांगने वाले पर कितना असर पड़ता है जबकि इस देश के प्रसिद्ध मंदिरों के भंडारण से सैकड़ों टन सोना (आभूषण) देश के खज़ाने में आया हैं।आखिर वह कहां गया ? जबकि कहा जाता है कि हमारा हिंदुस्तान सोने की चिड़ियां हैं। रजत यादव पत्रकार नव भारत संवाद इटावा1
- भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा खरीददार है। हालांकि, क्या यह आर्थिक रूप से सही फैसला है, इस पर कई सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञ इस प्रवृत्ति के पीछे के जोखिमों और प्रभावों पर गौर कर रहे हैं।1
- इटावा में ब्राह्मण समाज की एक बैठक आयोजित की गई। इस दौरान चाय पर विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में ब्रह्म समाज द्वारा आयोजित 'चाय पर चर्चा' कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। इस अप्रत्याशित घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है, और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- इटावा में लूट की योजना बना रहे दो बदमाश सिकंदर उर्फ अखिल और नितिन पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली लगने से बदमाश सिकंदर उर्फ अखिल घायल हो गया। पुलिस ने उनके पास से अवैध तमंचे, कारतूस और एक बिना नंबर की काली स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की है।2
- इटावा : स्कूली वाहनों में बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़, हादसों के बाद भी नहीं चेता प्रशासन...!! 👉 भूसे की तरह भरकर दौड़ाई जा रहीं स्कूली वैनें। 👉 प्रतिबंधित ओमिनी वैन में बच्चों की जान जोखिम में। 👉 वायरल वीडियो ने खोली स्कूल प्रबंधन और जिम्मेदारों की पोल। इटावा जनपद में लगातार हो रहे सड़क हादसों के बावजूद स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। सड़कों, हाइवे और गलियारों में आज भी क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को भरकर स्कूली वाहन धड़ल्ले से दौड़ाए जा रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद कई स्कूल अब भी प्राइवेट और असुरक्षित ओमिनी वैन का इस्तेमाल बच्चों के परिवहन में कर रहे हैं। वायरल वीडियो में इकदिल क्षेत्र के बताए जा रहे GVM स्कूल की एक ओमिनी वैन में बच्चों को भूसे की तरह ठूंसकर ले जाया जा रहा है। हालत यह है कि एक बच्चा ड्राइवर की गोद में बैठा दिखाई दे रहा है, जो किसी बड़े हादसे की आशंका को साफ दर्शाता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह ओमिनी वैन LPG गैस से संचालित बताई जा रही है। ऐसे में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर सफर कराना सीधे तौर पर बच्चों की जान को खतरे में डालना है। जनपद में करीब 2953 स्कूली वाहन रजिस्टर्ड बताए जाते हैं, लेकिन सरकार की ऑनबोर्ड प्रक्रिया के बावजूद कई वाहन अब तक सत्यापन और सुरक्षा मानकों की प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हुए हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई कब होगी और जिम्मेदार अधिकारी कब तक केवल कागजी खानापूर्ति करते रहेंगे? स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के बीच सबसे बड़ा सवाल अभिभावकों पर भी खड़ा होता है — यदि उन्हें इन असुरक्षित वाहनों की जानकारी है, तो आखिर अपने ही बच्चों को खतरे में क्यों भेजा जा रहा है? लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने स्कूली परिवहन व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस वायरल वीडियो के बाद कोई ठोस कार्रवाई करता है या फिर बच्चों की सुरक्षा यूं ही भगवान भरोसे छोड़ दी जाएगी।1
- शिरडी साईं बाबा को मिलने वाले दान के पैसों के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक पोस्ट में दावा किया गया है कि दान में मिला धन कहाँ इस्तेमाल हो रहा है, यह स्पष्ट नहीं है। इस जानकारी को व्यापक रूप से फैलाने की अपील की जा रही है ताकि श्रद्धालु इस विषय पर जागरूक हो सकें।1
- सोशल मीडिया पर एक वायरल मैसेज शिरडी साईं बाबा मंदिर में दिए गए दान के इस्तेमाल पर सवाल उठा रहा है। यह मैसेज दावा कर रहा है कि हिन्दुओं की कमाई साईं की झोली में जाने के बाद कहीं और इस्तेमाल हो रही है। लोगों से इसे व्यापक रूप से फैलाने की अपील की जा रही है।1