इटावा : स्कूली वाहनों में बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़, हादसों के बाद भी नहीं चेता प्रशासन...!! 👉 भूसे की तरह भरकर दौड़ाई जा रहीं स्कूली वैनें। 👉 प्रतिबंधित ओमिनी वैन में बच्चों की जान जोखिम में। 👉 वायरल वीडियो ने खोली स्कूल प्रबंधन और जिम्मेदारों की पोल। इटावा जनपद में लगातार हो रहे सड़क हादसों के बावजूद स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। सड़कों, हाइवे और गलियारों में आज भी क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को भरकर स्कूली वाहन धड़ल्ले से दौड़ाए जा रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद कई स्कूल अब भी प्राइवेट और असुरक्षित ओमिनी वैन का इस्तेमाल बच्चों के परिवहन में कर रहे हैं। वायरल वीडियो में इकदिल क्षेत्र के बताए जा रहे GVM स्कूल की एक ओमिनी वैन में बच्चों को भूसे की तरह ठूंसकर ले जाया जा रहा है। हालत यह है कि एक बच्चा ड्राइवर की गोद में बैठा दिखाई दे रहा है, जो किसी बड़े हादसे की आशंका को साफ दर्शाता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह ओमिनी वैन LPG गैस से संचालित बताई जा रही है। ऐसे में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर सफर कराना सीधे तौर पर बच्चों की जान को खतरे में डालना है। जनपद में करीब 2953 स्कूली वाहन रजिस्टर्ड बताए जाते हैं, लेकिन सरकार की ऑनबोर्ड प्रक्रिया के बावजूद कई वाहन अब तक सत्यापन और सुरक्षा मानकों की प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हुए हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई कब होगी और जिम्मेदार अधिकारी कब तक केवल कागजी खानापूर्ति करते रहेंगे? स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के बीच सबसे बड़ा सवाल अभिभावकों पर भी खड़ा होता है — यदि उन्हें इन असुरक्षित वाहनों की जानकारी है, तो आखिर अपने ही बच्चों को खतरे में क्यों भेजा जा रहा है? लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने स्कूली परिवहन व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस वायरल वीडियो के बाद कोई ठोस कार्रवाई करता है या फिर बच्चों की सुरक्षा यूं ही भगवान भरोसे छोड़ दी जाएगी।
इटावा : स्कूली वाहनों में बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़, हादसों के बाद भी नहीं चेता प्रशासन...!! 👉 भूसे की तरह भरकर दौड़ाई जा रहीं स्कूली वैनें। 👉 प्रतिबंधित ओमिनी वैन में बच्चों की जान जोखिम में। 👉 वायरल वीडियो ने खोली स्कूल प्रबंधन और जिम्मेदारों की पोल। इटावा जनपद में लगातार हो रहे सड़क हादसों के बावजूद स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। सड़कों, हाइवे और गलियारों में आज भी क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को भरकर स्कूली वाहन धड़ल्ले से दौड़ाए जा रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद कई स्कूल अब भी प्राइवेट और असुरक्षित ओमिनी वैन का इस्तेमाल बच्चों के परिवहन में कर रहे हैं। वायरल वीडियो में इकदिल क्षेत्र के बताए जा रहे GVM स्कूल की एक ओमिनी वैन में बच्चों को भूसे की तरह ठूंसकर ले जाया जा रहा है। हालत यह है कि एक बच्चा ड्राइवर की गोद में बैठा दिखाई दे रहा है, जो किसी बड़े हादसे की आशंका को साफ दर्शाता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह ओमिनी वैन LPG गैस से संचालित बताई जा रही है। ऐसे में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर सफर कराना सीधे तौर पर बच्चों की जान को खतरे में डालना है। जनपद में करीब 2953 स्कूली वाहन रजिस्टर्ड बताए जाते हैं, लेकिन सरकार की ऑनबोर्ड प्रक्रिया के बावजूद कई वाहन अब तक सत्यापन और सुरक्षा मानकों की प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हुए हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई कब होगी और जिम्मेदार अधिकारी कब तक केवल कागजी खानापूर्ति करते रहेंगे? स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के बीच सबसे बड़ा सवाल अभिभावकों पर भी खड़ा होता है — यदि उन्हें इन असुरक्षित वाहनों की जानकारी है, तो आखिर अपने ही बच्चों को खतरे में क्यों भेजा जा रहा है? लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने स्कूली परिवहन व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस वायरल वीडियो के बाद कोई ठोस कार्रवाई करता है या फिर बच्चों की सुरक्षा यूं ही भगवान भरोसे छोड़ दी जाएगी।
- शिरडी साईं बाबा को मिलने वाले दान के पैसों के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक पोस्ट में दावा किया गया है कि दान में मिला धन कहाँ इस्तेमाल हो रहा है, यह स्पष्ट नहीं है। इस जानकारी को व्यापक रूप से फैलाने की अपील की जा रही है ताकि श्रद्धालु इस विषय पर जागरूक हो सकें।1
- सोशल मीडिया पर एक वायरल मैसेज शिरडी साईं बाबा मंदिर में दिए गए दान के इस्तेमाल पर सवाल उठा रहा है। यह मैसेज दावा कर रहा है कि हिन्दुओं की कमाई साईं की झोली में जाने के बाद कहीं और इस्तेमाल हो रही है। लोगों से इसे व्यापक रूप से फैलाने की अपील की जा रही है।1
- इटावा में लूट की योजना बना रहे दो बदमाश सिकंदर उर्फ अखिल और नितिन पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली लगने से बदमाश सिकंदर उर्फ अखिल घायल हो गया। पुलिस ने उनके पास से अवैध तमंचे, कारतूस और एक बिना नंबर की काली स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की है।2
- उत्तर प्रदेश के इटावा में निजी ओमिनी वैन असुरक्षित तरीके से स्कूली बच्चों को ढो रही हैं। इन वैन में बच्चों को भूसे की तरह ठूंसा जा रहा है और ड्राइवर की गोद में भी बैठाया जा रहा है, जो बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। हजारों स्कूल वाहन अभी तक पंजीकृत नहीं हुए हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1
- इटावा में अन्नदाता किसान यूनियन ने प्रशासन को अवैध मिट्टी खनन रोकने के लिए एक ज्ञापन सौंपा। किसानों ने भट्ठे में हो रहे गैरकानूनी खनन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।1
- इटावा के ऊदी मोड़ चौराहे पर एक बस की चपेट में आने से पवन नाम का युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। वह अपने पिता को दुकान पर खाना देने जा रहा था तभी यह दर्दनाक हादसा हुआ। देर शाम हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।1
- इटावा : स्कूली वाहनों में बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़, हादसों के बाद भी नहीं चेता प्रशासन...!! 👉 भूसे की तरह भरकर दौड़ाई जा रहीं स्कूली वैनें। 👉 प्रतिबंधित ओमिनी वैन में बच्चों की जान जोखिम में। 👉 वायरल वीडियो ने खोली स्कूल प्रबंधन और जिम्मेदारों की पोल। इटावा जनपद में लगातार हो रहे सड़क हादसों के बावजूद स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। सड़कों, हाइवे और गलियारों में आज भी क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को भरकर स्कूली वाहन धड़ल्ले से दौड़ाए जा रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद कई स्कूल अब भी प्राइवेट और असुरक्षित ओमिनी वैन का इस्तेमाल बच्चों के परिवहन में कर रहे हैं। वायरल वीडियो में इकदिल क्षेत्र के बताए जा रहे GVM स्कूल की एक ओमिनी वैन में बच्चों को भूसे की तरह ठूंसकर ले जाया जा रहा है। हालत यह है कि एक बच्चा ड्राइवर की गोद में बैठा दिखाई दे रहा है, जो किसी बड़े हादसे की आशंका को साफ दर्शाता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह ओमिनी वैन LPG गैस से संचालित बताई जा रही है। ऐसे में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर सफर कराना सीधे तौर पर बच्चों की जान को खतरे में डालना है। जनपद में करीब 2953 स्कूली वाहन रजिस्टर्ड बताए जाते हैं, लेकिन सरकार की ऑनबोर्ड प्रक्रिया के बावजूद कई वाहन अब तक सत्यापन और सुरक्षा मानकों की प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हुए हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई कब होगी और जिम्मेदार अधिकारी कब तक केवल कागजी खानापूर्ति करते रहेंगे? स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के बीच सबसे बड़ा सवाल अभिभावकों पर भी खड़ा होता है — यदि उन्हें इन असुरक्षित वाहनों की जानकारी है, तो आखिर अपने ही बच्चों को खतरे में क्यों भेजा जा रहा है? लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने स्कूली परिवहन व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस वायरल वीडियो के बाद कोई ठोस कार्रवाई करता है या फिर बच्चों की सुरक्षा यूं ही भगवान भरोसे छोड़ दी जाएगी।1
- आज फरीदाबाद में 'जय जवान जय किसान लोकशक्ति संगठन' का विस्तार किया गया। इस अवसर पर संगठन के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं।2
- इटावा में एक 4 साल की मासूम बच्ची ने अपने पिता को बड़े प्यार से रोटी खिलाई। इस दिल छू लेने वाले दृश्य को देखकर सभी भावुक हो उठे।2