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मनासा नगर में शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने मोहर्रम का पर्व शांति और सौहार्द के वातावरण में, 'या हुसैन' की गूंज के साथ मनाया। इस अवसर पर नगर के प्रमुख मार्गों से पारंपरिक ताजियों के जुलूस निकाले गए, जहाँ अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन की शहादत को नम आँखों से याद किया। इन जुलूसों में सभी समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आपसी सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश की। पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया था, और नगर परिषद के स्वयंसेवकों को भी जगह-जगह तैनात किया गया था। इस प्रकार, मनासा में मोहर्रम का पर्व पूरी श्रद्धा, शांति और आपसी भाईचारे के साथ संपन्न हुआ।
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मनासा नगर में शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने मोहर्रम का पर्व शांति और सौहार्द के वातावरण में, 'या हुसैन' की गूंज के साथ मनाया। इस अवसर पर नगर के प्रमुख मार्गों से पारंपरिक ताजियों के जुलूस निकाले गए, जहाँ अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन की शहादत को नम आँखों से याद किया। इन जुलूसों में सभी समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आपसी सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश की। पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया था, और नगर परिषद के स्वयंसेवकों को भी जगह-जगह तैनात किया गया था। इस प्रकार, मनासा में मोहर्रम का पर्व पूरी श्रद्धा, शांति और आपसी भाईचारे के साथ संपन्न हुआ।
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