हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, सबूत मिटाने के अपराध में भी 5 वर्ष की सजा हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, सबूत मिटाने के अपराध में भी 5 वर्ष की सजा (रिपोर्टर अनिल जटिया) प्रतापगढ़, 6 अगस्त। जिला एवं सेशन न्यायालय, प्रतापगढ़ की जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती आशा कुमारी ने हत्या के एक चर्चित मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अभियुक्त लक्ष्मण पुत्र मोहनलाल मीणा (39), निवासी पाडलिया, थाना सुहागपुरा को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके साथ ही साक्ष्य मिटाने के अपराध में 5 वर्ष के कठोर कारावास तथा 5 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। लोक अभियोजक तरुणदास वैरागी ने बताया कि प्रकरण के अनुसार 25 मई 2024 को मृतका देवली बाई के पुत्र महेश ने थाना सुहागपुरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी माता ने करीब दो वर्ष पूर्व लक्ष्मण के साथ नाता विवाह किया था। 24 मई 2024 को परिजनों से सूचना मिली कि देवली बाई का शव झन्या गांव के पास हाईवे किनारे पुल के नीचे पड़ा है। मौके पर पहुंचे परिजनों को लोगों ने बताया कि लक्ष्मण ने मारपीट कर देवली बाई की हत्या कर दी और सबूत मिटाने की नीयत से शव को पुल के नीचे नदी में फेंककर फरार हो गया। रिपोर्ट के आधार पर थाना सुहागपुरा पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 एवं 201 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान पूर्ण होने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों को सिद्ध करने के लिए 13 गवाहों के बयान, 47 दस्तावेजी साक्ष्य तथा 6 भौतिक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। सभी साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराया। न्यायालय ने आरोपी लक्ष्मण को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। मामले में राज्य पक्ष की ओर से लोक अभियोजक तरुणदास वैरागी ने प्रभावी पैरवी की।
हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, सबूत मिटाने के अपराध में भी 5 वर्ष की सजा हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, सबूत मिटाने के अपराध में भी 5 वर्ष की सजा (रिपोर्टर अनिल जटिया) प्रतापगढ़, 6 अगस्त। जिला एवं सेशन न्यायालय, प्रतापगढ़ की जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती आशा कुमारी ने हत्या के एक चर्चित मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अभियुक्त लक्ष्मण पुत्र मोहनलाल मीणा (39), निवासी पाडलिया, थाना सुहागपुरा को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके साथ ही साक्ष्य मिटाने के अपराध में 5 वर्ष के कठोर कारावास तथा 5 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। लोक अभियोजक तरुणदास वैरागी ने
बताया कि प्रकरण के अनुसार 25 मई 2024 को मृतका देवली बाई के पुत्र महेश ने थाना सुहागपुरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी माता ने करीब दो वर्ष पूर्व लक्ष्मण के साथ नाता विवाह किया था। 24 मई 2024 को परिजनों से सूचना मिली कि देवली बाई का शव झन्या गांव के पास हाईवे किनारे पुल के नीचे पड़ा है। मौके पर पहुंचे परिजनों को लोगों ने बताया कि लक्ष्मण ने मारपीट कर देवली बाई की हत्या कर दी और सबूत मिटाने की नीयत से शव को पुल के नीचे नदी में फेंककर फरार हो गया। रिपोर्ट के आधार पर थाना सुहागपुरा पुलिस ने भारतीय दंड संहिता
की धारा 302 एवं 201 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान पूर्ण होने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों को सिद्ध करने के लिए 13 गवाहों के बयान, 47 दस्तावेजी साक्ष्य तथा 6 भौतिक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। सभी साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराया। न्यायालय ने आरोपी लक्ष्मण को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। मामले में राज्य पक्ष की ओर से लोक अभियोजक तरुणदास वैरागी ने प्रभावी पैरवी की।
- हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, सबूत मिटाने के अपराध में भी 5 वर्ष की सजा हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, सबूत मिटाने के अपराध में भी 5 वर्ष की सजा (रिपोर्टर अनिल जटिया) प्रतापगढ़, 6 अगस्त। जिला एवं सेशन न्यायालय, प्रतापगढ़ की जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती आशा कुमारी ने हत्या के एक चर्चित मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अभियुक्त लक्ष्मण पुत्र मोहनलाल मीणा (39), निवासी पाडलिया, थाना सुहागपुरा को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके साथ ही साक्ष्य मिटाने के अपराध में 5 वर्ष के कठोर कारावास तथा 5 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। लोक अभियोजक तरुणदास वैरागी ने बताया कि प्रकरण के अनुसार 25 मई 2024 को मृतका देवली बाई के पुत्र महेश ने थाना सुहागपुरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी माता ने करीब दो वर्ष पूर्व लक्ष्मण के साथ नाता विवाह किया था। 24 मई 2024 को परिजनों से सूचना मिली कि देवली बाई का शव झन्या गांव के पास हाईवे किनारे पुल के नीचे पड़ा है। मौके पर पहुंचे परिजनों को लोगों ने बताया कि लक्ष्मण ने मारपीट कर देवली बाई की हत्या कर दी और सबूत मिटाने की नीयत से शव को पुल के नीचे नदी में फेंककर फरार हो गया। रिपोर्ट के आधार पर थाना सुहागपुरा पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 एवं 201 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान पूर्ण होने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों को सिद्ध करने के लिए 13 गवाहों के बयान, 47 दस्तावेजी साक्ष्य तथा 6 भौतिक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। सभी साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराया। न्यायालय ने आरोपी लक्ष्मण को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। मामले में राज्य पक्ष की ओर से लोक अभियोजक तरुणदास वैरागी ने प्रभावी पैरवी की।3
- प्रेस नोट संत गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर सवाई मानसिंह स्टेडियम से 25 रथों को किया गया रवाना जयपुर, 5 अगस्त। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में सवाई मानसिंह स्टेडियम में भव्य कलश वंदन यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बेरवा, उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी, मालवीय नगर विधायक श्री कालीचरण सर्राफ, जयपुर शहर सांसद श्रीमती मंजू शर्मा, सिविल लाइंस विधायक श्री गोपाल शर्मा, जयपुर शहर के पूर्व सांसद श्री रामचरण बोहरा, भाजपा जयपुर शहर जिला अध्यक्ष श्री अमित गोयल सहित प्रदेशभर के अनेक विधायक, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर अतिथियों ने संत गुरु रविदास महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी की पावन मिट्टी से युक्त कलश का विधिवत पूजन एवं वंदन किया। इसके पश्चात प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए 25 भव्य रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो संत गुरु रविदास महाराज के समता, मानवता, सामाजिक समरसता एवं भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने संत गुरु रविदास महाराज के विचारों को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए समाज से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया।1
- पूजा-पाठ के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, एक आरोपी गिरफ्तार1
- खरपतवार नियंत्रण की बदलती सोच: दलोट के किसान ने दो वर्षों से नहीं किया खरपतवारनाशी का उपयोग प्रतापगढ़ जिले के दलोट क्षेत्र में एक किसान ने सोयाबीन की खेती में खरपतवार नियंत्रण का अलग तरीका अपनाया है। किसान पिछले दो वर्षों से रासायनिक खरपतवारनाशी (वीडिसाइड) का उपयोग नहीं कर रहा है। इसके स्थान पर खेत में समय पर कुलपा चलाकर और निंदाई-गुड़ाई के माध्यम से खरपतवार पर नियंत्रण किया जा रहा है। किसान का कहना है कि कई बार खरपतवारनाशी के अनुचित उपयोग या प्रतिकूल परिस्थितियों में फसल पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसके बाद पौधों की रिकवरी के लिए अतिरिक्त पोषक तत्वों या टॉनिक का सहारा लेना पड़ता है। इसलिए उन्होंने यांत्रिक और पारंपरिक खरपतवार प्रबंधन को प्राथमिकता दी है। समय-समय पर हुई वर्षा और नियमित खेत प्रबंधन के कारण सोयाबीन की फसल स्वस्थ एवं संतुलित बढ़वार पर है। कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि खेत की परिस्थितियों के अनुसार रासायनिक एवं यांत्रिक दोनों विधियों का संतुलित उपयोग ही टिकाऊ खेती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।1
- नीमच जिले में जर्जर स्कूल भवन बना खतरा, बच्चों की पढ़ाई पर लगा ताला विद्यालय की जर्जर इमारत अब मासूम बच्चों की जान के लिए खतरा बन गई है। नीमच जिले की मनासा विधानसभा के ग्राम मालखेड़ा स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय की छत से लगातार प्लास्टर और मलबा गिर रहा है। हादसे की आशंका के चलते स्कूल में ताला लगाना पड़ा, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। परिसर में फैली गंदगी से स्वास्थ्य संबंधी खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने मांग की है कि भवन की तत्काल मरम्मत या नए सुरक्षित विद्यालय की व्यवस्था की जाए।1
- RJ प्रतापगढ़ पुलिया पर फिर हादसा... दो बाइक आपस में भिड़ीं, गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। प्रतापगढ़ पुलिया पर फिर हादसा... दो बाइक आपस में भिड़ीं, गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।1