सड़क किनारे रोता मिला 8 माह का मासूम, खाकी ने दिखाई ममता; महिला सिपाहियों ने दूध पिलाकर मां का दिया एहसास भागलपुर: भागलपुर में एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई, जब आठ माह के मासूम बच्चे को सड़क किनारे झोले में छोड़ दिया गया। लेकिन इसी घटना के बीच खाकी वर्दी में छिपी ममता और इंसानियत की ऐसी तस्वीर भी सामने आई, जिसने लोगों का दिल जीत लिया। मामला नाथनगर के गुरुकुल स्कूल के समीप का है। सुबह-सुबह एक ई-रिक्शा चालक अपने काम पर जा रहा था। रास्ते में यात्री को उतारने के बाद जब वह वापस लौट रहा था, तभी उसे सड़क किनारे एक झोले से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर चालक ने अपना ई-रिक्शा रोका और झोले के पास पहुंचा। वहां करीब आठ माह का मासूम बच्चा रोता हुआ मिला। ई-रिक्शा चालक ने बिना देर किए बच्चे को उठाया और मधुसूदनपुर थाना पहुंचकर पुलिस के हवाले कर दिया। मासूम को थाने में देखकर वहां तैनात महिला सिपाहियों का दिल भी पसीज गया। बच्चे के लिए महिला सिपाही सिर्फ पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि कुछ देर के लिए उसकी मां बन गईं। महिला सिपाहियों ने बच्चे को अपनी गोद में लिया, उसे दूध पिलाया और प्यार से दुलारते हुए लोरी सुनाई। मां से दूर मासूम को पुलिस की महिला जवानों की गोद में कुछ पल के लिए ममता का एहसास मिला। थाने का माहौल भी कुछ देर के लिए ऐसा हो गया, मानो वर्दी के बीच मां की ममता उतर आई हो। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की उस संवेदनशील तस्वीर को सामने रखा, जिसे अक्सर अपराध और कार्रवाई की खबरों के बीच नजरअंदाज कर दिया जाता है। महिला सिपाहियों ने दिखा दिया कि खाकी सिर्फ कानून का पालन कराने वाली वर्दी नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर बेसहारा के लिए सहारा और मासूम के लिए मां की ममता भी बन सकती है। मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष संजय मंडल ने बताया कि बच्चे की मेडिकल जांच कराई गई है। अब आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को बाल संरक्षण विभाग को सौंपने की तैयारी की जा रही है। सड़क किनारे बेसहारा मिला यह मासूम आखिर किस मजबूरी में वहां छोड़ा गया, यह जांच का विषय है। लेकिन इस कहानी का सबसे भावुक पहलू यही रहा कि जिस मासूम को किसी ने सड़क किनारे अकेला छोड़ दिया, उसे कुछ समय के लिए ही सही, लेकिन खाकी वर्दी में ममता की गोद जरूर मिल गई।
सड़क किनारे रोता मिला 8 माह का मासूम, खाकी ने दिखाई ममता; महिला सिपाहियों ने दूध पिलाकर मां का दिया एहसास भागलपुर: भागलपुर में एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई, जब आठ माह के मासूम बच्चे को सड़क किनारे झोले में छोड़ दिया गया। लेकिन इसी घटना के बीच खाकी वर्दी में छिपी ममता और इंसानियत की ऐसी तस्वीर भी सामने आई, जिसने लोगों का दिल जीत लिया। मामला नाथनगर के गुरुकुल स्कूल के समीप का है। सुबह-सुबह एक ई-रिक्शा चालक अपने काम पर जा रहा था। रास्ते में यात्री को उतारने के बाद जब वह वापस लौट रहा था, तभी उसे सड़क किनारे एक झोले से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर चालक ने अपना ई-रिक्शा रोका और झोले के पास पहुंचा। वहां करीब आठ माह का मासूम बच्चा रोता हुआ मिला। ई-रिक्शा चालक ने बिना देर किए बच्चे को उठाया और मधुसूदनपुर थाना पहुंचकर पुलिस के हवाले कर दिया। मासूम को थाने में देखकर वहां तैनात महिला सिपाहियों का दिल भी पसीज गया। बच्चे के लिए महिला सिपाही सिर्फ पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि कुछ देर के लिए उसकी मां बन गईं। महिला सिपाहियों ने बच्चे को अपनी गोद में लिया, उसे दूध पिलाया और प्यार से दुलारते हुए लोरी सुनाई। मां से दूर मासूम को पुलिस की महिला जवानों की गोद में कुछ पल के लिए ममता का एहसास मिला। थाने का माहौल भी कुछ देर के लिए ऐसा हो गया, मानो वर्दी के बीच मां की ममता उतर आई हो। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की उस संवेदनशील तस्वीर को सामने रखा, जिसे अक्सर अपराध और कार्रवाई की खबरों के बीच नजरअंदाज कर दिया जाता है। महिला सिपाहियों ने दिखा दिया कि खाकी सिर्फ कानून का पालन कराने वाली वर्दी नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर बेसहारा के लिए सहारा और मासूम के लिए मां की ममता भी बन सकती है। मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष संजय मंडल ने बताया कि बच्चे की मेडिकल जांच कराई गई है। अब आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को बाल संरक्षण विभाग को सौंपने की तैयारी की जा रही है। सड़क किनारे बेसहारा मिला यह मासूम आखिर किस मजबूरी में वहां छोड़ा गया, यह जांच का विषय है। लेकिन इस कहानी का सबसे भावुक पहलू यही रहा कि जिस मासूम को किसी ने सड़क किनारे अकेला छोड़ दिया, उसे कुछ समय के लिए ही सही, लेकिन खाकी वर्दी में ममता की गोद जरूर मिल गई।
- 🚨 बांका से बड़ी खबर | महंगाई-बिजली को लेकर भाकपा-माले का हल्लाबोल! ⚡💰 शंभूगंज में प्रखंड मुख्यालय का घेराव, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन बांका जिले के शंभूगंज प्रखंड मुख्यालय में आज महंगाई और बिजली की समस्या को लेकर भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। 🔥 प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बिजली की अनियमित आपूर्ति समेत आम जनता से जुड़ी समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की। 📢 प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। 📝 👉 भाकपा-माले ने कहा—आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। 📍 शंभूगंज, बांका 📰 Banka Today News Digital1
- बिहार के सभी जिला का नाम एक साथ जान लीजिए? ✍️👆🤣😀🤣.🔥🔥💯 हमारे पेज को फॉलो करें / सच को आवाज जनता के साथ 🙏मगही शेर अभिषेक रंजन🙏1
- हरे-भरे आम का बड़े-बड़े 26 वृक्ष कहलगांव प्रखंड़ कार्यालय के पीछे कटाई हों रही है। बिहार सरकार के प्रस्तावीक योजना एक वृक्ष लगाओ मां के नाम पर,और दुसरी ओर 35 साल पुराना आम का 26 वृक्ष कटाई किया गया मशीन कटाई द्वारा कहलगांव प्रखंड़ कार्यालय परिसर प्रखंड कर्मचारी आवासीय के निकट में। अजय आजाद संवाददाता भागलपुर बिहार।1
- आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन को लेकर श्रीमान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सत्य भूषण आर्य ने किया प्रेस कांफ्रेंस आयोजित.1
- श्रावणी मेला खत्म, फिर भी नहीं थमा कांवरियों का उत्साह; भादो में भी गूंज रहा ‘बोल बम’ सुल्तानगंज। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला समाप्त हो चुका है, लेकिन बाबा भोलेनाथ के प्रति कांवरिया श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह अब भी बरकरार है। भादो मास में भी बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से कांवरिया श्रद्धालु लगातार सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर कांवर में पवित्र गंगाजल भरते हैं। इसके बाद पंडा-पुरोहितों से जल संकल्प कराने के बाद ‘बोल बम’ का जयघोष करते हुए करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर देवघर के लिए रवाना हो रहे हैं। बुधवार को बिहार के जमुई जिले से दर्जनों की संख्या में कांवरियों का जत्था ढोल-नगाड़ों के साथ सुल्तानगंज पहुंचा। गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के बाद कांवर में गंगाजल भरा गया। इसके बाद कांवरियों ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-झूमते बाबा की नगरी देवघर की ओर प्रस्थान किया। इस दौरान पूरा गंगा घाट और कांवरिया पथ ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजता रहा। कांवरियों ने बताया कि वे प्रत्येक वर्ष भादो मास में सुल्तानगंज पहुंचकर उत्तरवाहिनी गंगा से गंगाजल भरते हैं और पैदल देवघर जाकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं। उनका कहना है कि बाबा भोलेनाथ के प्रति आस्था ही उन्हें हर वर्ष इस कठिन यात्रा के लिए प्रेरित करती है।1
- जन्माष्टमी से पहले बाजार में रौनक, तेज बारिश ने बिगाड़ा कारोबार का गणित शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा। इसे लेकर गुरुवार को तारापुर बाजार में सुबह से ही चहल-पहल रही। राधा-कृष्ण की पोशाक, मुकुट, बांसुरी और सजावटी सामान की दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। इससे दुकानदारों को अच्छे कारोबार की उम्मीद जगी थी। लेकिन दोपहर करीब 2:30 बजे तेज गरज के साथ हुई बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बारिश इतनी तेज थी कि बाजार करने पहुंचे लोगों को दुकानों में छिपकर बारिश से बचना पड़ा। दुकानदार आनंद कुमार, मुकेश केसरी, संजीव कुमार और रोशन कुमार ने बताया कि जन्माष्टमी को लेकर इस वर्ष काफी मात्रा में राधा-कृष्ण की पोशाक और सजावटी सामान मंगाया गया है। पिछले दो-तीन दिनों से रिमझिम बारिश के कारण बाजार में भीड़ कम रही। गुरुवार को सुबह से ग्राहकों की आवाजाही शुरू हुई थी, लेकिन बारिश ने कारोबार प्रभावित कर दिया। मौसम खराब रहने पर दुकानदारों को नुकसान की चिंता सता रही है।1
- मुख्यमंत्री से सवाल पूछना पड़ा भारी? पत्रकार शाहीन को पुलिस ने पीटा, ‘खान’ नाम सुनते ही बढ़ गई मारपीट!1
- पत्रकार: मोदी कहते हैं कि अगर Covid के दौरान कांग्रेस की सरकार होती, तो लोगों को मुफ्त वैक्सीन नहीं मिलती जनता: कांग्रेस ने भारत को पोलियो मुक्त किया और मुफ्त वैक्सीन दी। जनता: कांग्रेस ने बहुत काम किया है, BJP की तरह हर काम का ढिंढोरा नहीं पीटती, जैसे जनता पर कोई बहुत बड़ा एहसान किया हो।1
- 🚨 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, 11 हजार वादियों को भेजा गया नोटिस! ⚖️ बांका से बड़ी खबर: व्यवहार न्यायालय, बांका में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सत्य भूषण आर्य की अध्यक्षता में जिले के सभी थाना अध्यक्षों की बैठक आयोजित की गई। 📌 बैठक में आगामी 12 सितंबर 2026 की राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। अब तक जिले के विभिन्न न्यायालयों द्वारा 6600 वादों में करीब 11,000 वादियों को नोटिस जारी किया जा चुका है। 👮♂️ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सभी थाना अध्यक्षों को समय पर नोटिस तामिला कराने का निर्देश दिया, ताकि वादी राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन न्यायालय में उपस्थित होकर सुलह-समझौते के आधार पर अपने मामलों का निस्तारण करा सकें। 🏆 पिछली राष्ट्रीय लोक अदालत में बांका जिले को पूरे बिहार में तीसरा स्थान मिलने पर थाना अध्यक्षों को शुभकामनाएं दी गईं और उनके योगदान की सराहना की गई। 📍 बांका टुडे न्यूज़ डिजिटल 📰 बांका की हर जरूरी खबर, सबसे पहले और भरोसे के साथ1