श्रावणी मेला खत्म, फिर भी नहीं थमा कांवरियों का उत्साह; भादो में भी गूंज रहा ‘बोल बम’ सुल्तानगंज। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला समाप्त हो चुका है, लेकिन बाबा भोलेनाथ के प्रति कांवरिया श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह अब भी बरकरार है। भादो मास में भी बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से कांवरिया श्रद्धालु लगातार सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर कांवर में पवित्र गंगाजल भरते हैं। इसके बाद पंडा-पुरोहितों से जल संकल्प कराने के बाद ‘बोल बम’ का जयघोष करते हुए करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर देवघर के लिए रवाना हो रहे हैं। बुधवार को बिहार के जमुई जिले से दर्जनों की संख्या में कांवरियों का जत्था ढोल-नगाड़ों के साथ सुल्तानगंज पहुंचा। गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के बाद कांवर में गंगाजल भरा गया। इसके बाद कांवरियों ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-झूमते बाबा की नगरी देवघर की ओर प्रस्थान किया। इस दौरान पूरा गंगा घाट और कांवरिया पथ ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजता रहा। कांवरियों ने बताया कि वे प्रत्येक वर्ष भादो मास में सुल्तानगंज पहुंचकर उत्तरवाहिनी गंगा से गंगाजल भरते हैं और पैदल देवघर जाकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं। उनका कहना है कि बाबा भोलेनाथ के प्रति आस्था ही उन्हें हर वर्ष इस कठिन यात्रा के लिए प्रेरित करती है।
श्रावणी मेला खत्म, फिर भी नहीं थमा कांवरियों का उत्साह; भादो में भी गूंज रहा ‘बोल बम’ सुल्तानगंज। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला समाप्त हो चुका है, लेकिन बाबा भोलेनाथ के प्रति कांवरिया श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह अब भी बरकरार है। भादो मास में भी बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से कांवरिया श्रद्धालु लगातार सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर कांवर में पवित्र गंगाजल भरते हैं। इसके बाद पंडा-पुरोहितों से जल संकल्प कराने के बाद ‘बोल बम’ का जयघोष करते हुए करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर देवघर के लिए रवाना हो रहे हैं। बुधवार को बिहार के जमुई जिले से दर्जनों की संख्या में कांवरियों का जत्था ढोल-नगाड़ों के साथ सुल्तानगंज पहुंचा। गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के बाद कांवर में गंगाजल भरा गया। इसके बाद कांवरियों ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-झूमते बाबा की नगरी देवघर की ओर प्रस्थान किया। इस दौरान पूरा गंगा घाट और कांवरिया पथ ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजता रहा। कांवरियों ने बताया कि वे प्रत्येक वर्ष भादो मास में सुल्तानगंज पहुंचकर उत्तरवाहिनी गंगा से गंगाजल भरते हैं और पैदल देवघर जाकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं। उनका कहना है कि बाबा भोलेनाथ के प्रति आस्था ही उन्हें हर वर्ष इस कठिन यात्रा के लिए प्रेरित करती है।
- गोगरी थाना क्षेत्र के रजिस्ट्री मोड़ के समीप चलाया गया सगन वाहन चेकिंग अभियान,चालक इधर से उधर भागते नजर आए। गोगरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गोगरी रजिस्ट्री मोड़ के समीप गुरुवार को जिला पुलिस कप्तान भानु प्रताप सिंह के निर्देश पर सघन दोपहिया वाहन जांच अभियान चलाया गया। अभियान दिन के करीब तीन बजे तक जारी रहा। जांच के दौरान गोगरी थाना के एएसआई शिवचंद्र प्रसाद रजक, पीटीसी सरोज कुमार सहित पुलिस बल मौजूद रहे। पुलिस कर्मियों ने दोपहिया वाहन चालकों को रोककर हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस सहित वाहन के आवश्यक कागजातों की जांच की। जिन वाहन चालकों के कागजात सही पाए गए, उन्हें आवश्यक निर्देश देकर छोड़ दिया गया। वहीं, वाहन जांच अभियान के दौरान सड़क पर लोगों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी देखने को मिला। पुलिस ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने की अपील की।1
- Delhi पब्लिक स्कूल मुश्कीपुर, में जन्माष्टमी के अवसर पर स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति पेश किया गया । दिल्ली पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर राजीव कुमार, रंजन कुमार प्रिंसिपल, सतीश चौरसिया , शिक्षक- शिक्षिकाएं स्कूली छात्र- छात्राएं एवं अभिभावक रहें मौजूद #फोटोशूट #हाइलाइट1
- नवगछिया में हर साल कोई न कोई गांव बाढ़ की चपेट में रहता है आखिर कब तक? राघोपुर, नवगछिया में गंगा का प्रकोप जारी है 💔 शंकरपुर के चैती दुर्गा मंदिर और हनुमान मंदिर गंगा में समा गए। दर्जनों घर बह चुके हैं, सैकड़ों परिवार बेघर होकर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। प्रशासन युद्धस्तर पर बचाव कार्य में जुटा है, फिर भी कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा। पिछले साल इस्माईलपुर-बिंद टोली, इस साल राघोपुर — हर साल यही तबाही, हर बार सिर्फ तात्कालिक बचाव, स्थाई समाधान नदारद। आखिर कब तक? कमेंट में बताएं 👇 Dron : @bhagalpurcallingofficial #naugachia1
- राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती मनाने को लेकर बैठक की गई। मुंगेर: नगर भवन के समीप स्थित बड़ा महावीर मंदिर में गुरुवार को मुंगेर जिला ब्रह्मर्षि समाज की बैठक 23 सितंबर 2026 दिन बुधवार को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती मनाने को लेकर की गई बैठक की अध्यक्षता मुंगेर जिला ब्रह्मर्षि समाज के वरिष्ठ सदस्य व शिक्षक नेता श्री नवल किशोर प्रसाद सिंह ने किया। सदस्यों ने बैठक में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती मनाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया। ब्रह्मर्षि समाज के कोषाध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील कुमार ने कहा कि इस बार राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती भव्य रूप से मनाई जाएगी। बैठक में ब्रह्मर्षि समाज के वरिष्ठ सदस्य व शिक्षक नेता श्री नवल किशोर प्रसाद सिंह ब्रह्मर्षि समाज के कोषाध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील कुमार ब्रह्मर्षि समाज के वरिष्ठ संस्थापक सदस्य श्री अशोक शंकर सिंह ब्रह्मर्षि चेतना मंच के प्रवक्ता व अधिवक्ता प्रणव कुमार नवेंदु कुमार सिंह मणि शंकर भोलू ऋतुराज बसंत नंदकिशोर कुमर आदि अन्य दर्जनों जिला ब्रह्मर्षि समाज के सदस्यगण उपस्थित थे।1
- मुंगेर में गंगा फिर उफान पर, खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर नीचे; बबुआ घाट के पास पशुपालकों ने ली शरण मुंगेर। जिले में गंगा नदी एक बार फिर उफान पर है। पिछले दो दिनों से जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 31 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से दियारा और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। इससे ग्रामीणों और खासकर पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। कई पशुपालक अपने मवेशियों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कुछ पशुपालकों ने बबुआ गंगा घाट के आसपास शरण ली है। निचले इलाकों में घुस रहा पानी सदर प्रखंड के जाफरनगर दियारा क्षेत्र के पशुपालकों ने बताया कि पिछले दो दिनों में गंगा का पानी तेजी से बढ़ा है। निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने से मवेशियों के लिए चारा जुटाना और उन्हें सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है। पशुपालक बाढ़ का पानी और बढ़ने से पहले ही मवेशियों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। कटाव भी तेज जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा किनारे कई इलाकों में कटाव भी तेज हो गया है। तेज बहाव से तट तेजी से कट रहे हैं। इससे नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में भय का माहौल है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है और जरूरत के अनुसार कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है। प्रशासन अलर्ट जिलाधिकारी निखिल धनराज निपाणीकर ने बताया कि गंगा के साथ दक्षिण बिहार की अन्य नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जरूरत के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुंगेर में गंगा फिर उफान पर, खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर नीचे; बबुआ घाट के पास पशुपालकों ने ली शरण मुंगेर। जिले में गंगा नदी एक बार फिर उफान पर है। पिछले दो दिनों से जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 31 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से दियारा और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। इससे ग्रामीणों और खासकर पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। कई पशुपालक अपने मवेशियों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कुछ पशुपालकों ने बबुआ गंगा घाट के आसपास शरण ली है। निचले इलाकों में घुस रहा पानी सदर प्रखंड के जाफरनगर दियारा क्षेत्र के पशुपालकों ने बताया कि पिछले दो दिनों में गंगा का पानी तेजी से बढ़ा है। निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने से मवेशियों के लिए चारा जुटाना और उन्हें सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है। पशुपालक बाढ़ का पानी और बढ़ने से पहले ही मवेशियों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। कटाव भी तेज जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा किनारे कई इलाकों में कटाव भी तेज हो गया है। तेज बहाव से तट तेजी से कट रहे हैं। इससे नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में भय का माहौल है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है और जरूरत के अनुसार कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है। प्रशासन अलर्ट जिलाधिकारी निखिल धनराज निपाणीकर ने बताया कि गंगा के साथ दक्षिण बिहार की अन्य नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जरूरत के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- चौथम में जदयू की बैठकः फरक्का जल संधि संवाद कार्यक्रम को सफल बनाने पर चर्चा, 9 सितंबर को होगा आयोजन चौथम में जदयू की बैठकः फरक्का जल संधि संवाद कार्यक्रम को सफल बनाने पर चर्चा, 9 सितंबर को होगा आयोजन खगड़िया | चौथम गौतम कुमार चौरसिया खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड में जदयू कार्यकारिणी समिति एवं पंचायत अध्यक्षों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी 9 सितंबर को होने वाले फरक्का जल संधि संवाद सह नीतीश कार्य संवाद कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के शामिल होने की जानकारी दी गई। गुरुवार को दोपहर दो बजे तक चली बैठक की अध्यक्षता जदयू प्रखंड अध्यक्ष अशोक राय ने की, जबकि संचालन जिला प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने किया। बैठक में प्रखंड कार्यकारिणी समिति के सदस्यों एवं पंचायत अध्यक्षों ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जदयू जिलाध्यक्ष अनुराधा कुमारी कुशवाहा ने कहा कि पार्टी के पदाधिकारियों तथा महिला-पुरुष कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह दिखाई दे रहा है। यह कार्यक्रम की सफलता का संकेत है। उन्होंने कहा कि पार्टी के विधायकों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है, जिससे कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यकर्ताओं की एकजुटता से संवाद कार्यक्रम सफल होगा। जिलाध्यक्ष ने सभी कार्यकर्ताओं से 9 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। बैठक में महिला सेल की जिलाध्यक्ष राका सहाय, उपाध्यक्ष निर्मला कुमारी, सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रभाकर चौधरी, युवा जिलाध्यक्ष सावन कुमार बंटी, पंकज पटेल, उमेश रंजन भारती, संजय रंजन राय, मालिक सिंह, सुनील कुमार सिंह, देवेंद्र चौरसिया, नरेश कुमार सिंह और पवन सिंह समेत कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।1
- तारापुर के पारामाउण्ट एकेडमी में नन्हे-मुन्नों ने राधा-कृष्ण बन बिखेरा भक्ति का रंग तारापुर। कृष्ण जन्माष्टमी के एक दिन पूर्व गुरुवार को पारामाउण्ट एकेडमी, तारापुर में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम के साथ कृष्ण जन्मोत्सव मनाया। नर्सरी से कक्षा एक तक के बच्चों ने राधा-कृष्ण, सुदामा, बलराम, गोपी, नंद और यशोदा का रूप धारण कर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। राधा-कृष्ण पर आधारित भक्ति गीतों पर बच्चों के नृत्य ने सभागार में मौजूद लोगों को भाव-विभोर कर दिया। संगीत शिक्षक पवन भारती ने तबला और राम कुमार पंडित ने हारमोनियम की मधुर धुन से कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया। राधा-कृष्ण की जोड़ी समारोह का विशेष आकर्षण रही। कृष्ण-सुदामा की प्रस्तुति ने सच्ची मित्रता, जबकि कृष्ण-बलराम की जोड़ी ने भाईचारे और पारिवारिक एकता का संदेश दिया। गोपियों संग कृष्ण की रासलीला पर सभागार तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थापक सह निदेशक महेश कुमार सिंह सहित विद्यालय परिवार ने बाल कृष्ण की तस्वीर के समक्ष पुष्प अर्पित कर किया। संचालन शिक्षिका आभा प्रिया ने किया।1
- बोरना पंचायत के नवटोलिया गांव के वार्ड संख्या 11 स्थित महादलित टोला में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती आयोजित। गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना पंचायत के नवटोलिया गांव स्थित वार्ड संख्या 11 के महादलित टोला में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर गुरुवार को विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्थानीय ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया। शिविर में मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल, विकास मित्र कैलाश रजक, वार्ड प्रतिनिधि मोहम्मद साबिर, समाजसेवी मोहम्मद शाकिर, रूपेश क्रांतिकारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। शिविर सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ, जिसके बाद विभिन्न सुविधाओं का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष स्वास्थ्य जांच स्टॉल लगाया गया। यहां सीएचओ मिली कुमारी एवं एएनएम कविता कुमारी ने स्थानीय ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की। जांच के बाद जरूरत के अनुसार ग्रामीणों के बीच दवाइयों का भी वितरण किया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया। वहीं, विकास मित्र कैलाश रजक द्वारा ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को सुना गया और उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की गई। शिविर में राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन तथा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित मामलों का निष्पादन किया गया। इससे ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाने से राहत मिली। शिविर के आयोजन से महादलित टोला के ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने इस तरह के शिविर को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की मांग की।1
- गंगा, गंडक, बागमती और कोसी के जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में फैला पानी, ग्रामीणों की चिंता बढ़ी गंगा, गंडक, बागमती और कोसी के जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में फैला पानी, ग्रामीणों की चिंता बढ़ी खगड़िया। जिले के मानसी प्रखंड क्षेत्र में गंगा, गंडक, बागमती और कोसी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। इससे नदी किनारे बसे लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को बाढ़ की आशंका सताने लगी है और वे अपने घर-गृहस्थी के सामान तथा पशुधन की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। सबसे अधिक चिंता पशु चारा को लेकर बनी हुई है। निचले इलाकों में पानी फैलने से हरे चारे की उपलब्धता प्रभावित होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो पशुओं के लिए चारा जुटाना मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से निचले इलाकों की निगरानी बढ़ाने, आवश्यकतानुसार नाव की व्यवस्था करने तथा पशु चारा उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते तैयारी नहीं की गई तो बाढ़ की स्थिति में परेशानी और बढ़ सकती है।1