मुंगेर में गंगा फिर उफान पर, खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर नीचे; बबुआ घाट के पास पशुपालकों ने ली शरण मुंगेर। जिले में गंगा नदी एक बार फिर उफान पर है। पिछले दो दिनों से जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 31 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से दियारा और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। इससे ग्रामीणों और खासकर पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। कई पशुपालक अपने मवेशियों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कुछ पशुपालकों ने बबुआ गंगा घाट के आसपास शरण ली है। निचले इलाकों में घुस रहा पानी सदर प्रखंड के जाफरनगर दियारा क्षेत्र के पशुपालकों ने बताया कि पिछले दो दिनों में गंगा का पानी तेजी से बढ़ा है। निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने से मवेशियों के लिए चारा जुटाना और उन्हें सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है। पशुपालक बाढ़ का पानी और बढ़ने से पहले ही मवेशियों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। कटाव भी तेज जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा किनारे कई इलाकों में कटाव भी तेज हो गया है। तेज बहाव से तट तेजी से कट रहे हैं। इससे नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में भय का माहौल है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है और जरूरत के अनुसार कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है। प्रशासन अलर्ट जिलाधिकारी निखिल धनराज निपाणीकर ने बताया कि गंगा के साथ दक्षिण बिहार की अन्य नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जरूरत के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुंगेर में गंगा फिर उफान पर, खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर नीचे; बबुआ घाट के पास पशुपालकों ने ली शरण मुंगेर। जिले में गंगा नदी एक बार फिर उफान पर है। पिछले दो दिनों से जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 31 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से दियारा और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। इससे ग्रामीणों और खासकर पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। कई पशुपालक अपने मवेशियों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कुछ पशुपालकों ने बबुआ गंगा घाट के आसपास शरण ली है। निचले इलाकों में घुस रहा पानी सदर प्रखंड के जाफरनगर दियारा क्षेत्र के पशुपालकों ने बताया कि पिछले दो दिनों में गंगा का पानी तेजी से बढ़ा है। निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने से मवेशियों के लिए चारा जुटाना और उन्हें सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है। पशुपालक बाढ़ का पानी और बढ़ने से पहले ही मवेशियों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। कटाव भी तेज जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा किनारे कई इलाकों में कटाव भी तेज हो गया है। तेज बहाव से तट तेजी से कट रहे हैं। इससे नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में भय का माहौल है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है और जरूरत के अनुसार कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है। प्रशासन अलर्ट जिलाधिकारी निखिल धनराज निपाणीकर ने बताया कि गंगा के साथ दक्षिण बिहार की अन्य नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जरूरत के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मुंगेर में गंगा फिर उफान पर, खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर नीचे; बबुआ घाट के पास पशुपालकों ने ली शरण मुंगेर। जिले में गंगा नदी एक बार फिर उफान पर है। पिछले दो दिनों से जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 31 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से दियारा और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। इससे ग्रामीणों और खासकर पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। कई पशुपालक अपने मवेशियों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कुछ पशुपालकों ने बबुआ गंगा घाट के आसपास शरण ली है। निचले इलाकों में घुस रहा पानी सदर प्रखंड के जाफरनगर दियारा क्षेत्र के पशुपालकों ने बताया कि पिछले दो दिनों में गंगा का पानी तेजी से बढ़ा है। निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने से मवेशियों के लिए चारा जुटाना और उन्हें सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है। पशुपालक बाढ़ का पानी और बढ़ने से पहले ही मवेशियों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। कटाव भी तेज जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा किनारे कई इलाकों में कटाव भी तेज हो गया है। तेज बहाव से तट तेजी से कट रहे हैं। इससे नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में भय का माहौल है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है और जरूरत के अनुसार कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है। प्रशासन अलर्ट जिलाधिकारी निखिल धनराज निपाणीकर ने बताया कि गंगा के साथ दक्षिण बिहार की अन्य नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जरूरत के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुंगेर में गंगा फिर उफान पर, खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर नीचे; बबुआ घाट के पास पशुपालकों ने ली शरण मुंगेर। जिले में गंगा नदी एक बार फिर उफान पर है। पिछले दो दिनों से जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 31 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से दियारा और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। इससे ग्रामीणों और खासकर पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। कई पशुपालक अपने मवेशियों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कुछ पशुपालकों ने बबुआ गंगा घाट के आसपास शरण ली है। निचले इलाकों में घुस रहा पानी सदर प्रखंड के जाफरनगर दियारा क्षेत्र के पशुपालकों ने बताया कि पिछले दो दिनों में गंगा का पानी तेजी से बढ़ा है। निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने से मवेशियों के लिए चारा जुटाना और उन्हें सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है। पशुपालक बाढ़ का पानी और बढ़ने से पहले ही मवेशियों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। कटाव भी तेज जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा किनारे कई इलाकों में कटाव भी तेज हो गया है। तेज बहाव से तट तेजी से कट रहे हैं। इससे नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में भय का माहौल है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है और जरूरत के अनुसार कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है। प्रशासन अलर्ट जिलाधिकारी निखिल धनराज निपाणीकर ने बताया कि गंगा के साथ दक्षिण बिहार की अन्य नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जरूरत के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- गोगरी थाना क्षेत्र के रजिस्ट्री मोड़ के समीप चलाया गया सगन वाहन चेकिंग अभियान,चालक इधर से उधर भागते नजर आए। गोगरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गोगरी रजिस्ट्री मोड़ के समीप गुरुवार को जिला पुलिस कप्तान भानु प्रताप सिंह के निर्देश पर सघन दोपहिया वाहन जांच अभियान चलाया गया। अभियान दिन के करीब तीन बजे तक जारी रहा। जांच के दौरान गोगरी थाना के एएसआई शिवचंद्र प्रसाद रजक, पीटीसी सरोज कुमार सहित पुलिस बल मौजूद रहे। पुलिस कर्मियों ने दोपहिया वाहन चालकों को रोककर हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस सहित वाहन के आवश्यक कागजातों की जांच की। जिन वाहन चालकों के कागजात सही पाए गए, उन्हें आवश्यक निर्देश देकर छोड़ दिया गया। वहीं, वाहन जांच अभियान के दौरान सड़क पर लोगों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी देखने को मिला। पुलिस ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने की अपील की।1
- Delhi पब्लिक स्कूल मुश्कीपुर, में जन्माष्टमी के अवसर पर स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति पेश किया गया । दिल्ली पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर राजीव कुमार, रंजन कुमार प्रिंसिपल, सतीश चौरसिया , शिक्षक- शिक्षिकाएं स्कूली छात्र- छात्राएं एवं अभिभावक रहें मौजूद #फोटोशूट #हाइलाइट1
- सुन सुन के दिल की बेटियां हमरो पजनी आगे बेटी का सुझाव समझो विषय1
- पहली ही बारिश में बह गया फुटपाथ, निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल पहली ही बारिश में खुली निर्माण की पोल! हवेली खड़गपुर के मुरादे पंचायत, वार्ड नंबर 8 स्थित सपाही खेल मैदान की तस्वीर है।1
- गंगा, गंडक, बागमती और कोसी के जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में फैला पानी, ग्रामीणों की चिंता बढ़ी गंगा, गंडक, बागमती और कोसी के जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में फैला पानी, ग्रामीणों की चिंता बढ़ी खगड़िया। जिले के मानसी प्रखंड क्षेत्र में गंगा, गंडक, बागमती और कोसी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। इससे नदी किनारे बसे लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को बाढ़ की आशंका सताने लगी है और वे अपने घर-गृहस्थी के सामान तथा पशुधन की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। सबसे अधिक चिंता पशु चारा को लेकर बनी हुई है। निचले इलाकों में पानी फैलने से हरे चारे की उपलब्धता प्रभावित होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो पशुओं के लिए चारा जुटाना मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से निचले इलाकों की निगरानी बढ़ाने, आवश्यकतानुसार नाव की व्यवस्था करने तथा पशु चारा उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते तैयारी नहीं की गई तो बाढ़ की स्थिति में परेशानी और बढ़ सकती है।1
- नाव चलेगा कल से | सारा रास्ता पानी से बंद हो चुका है | घर पर रहें सुरक्षित रहें | शाम्हो बेगूसराय । Mobile Tv News1
- गंगा का रौद्र रूप, जाफरनगर में तेज हुआ कटाव; आबादी से महज 60 फीट दूर पहुंची नदी,कचरा प्रबंधन केंद्र में घुसा पानी मुंगेर: गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ जिले के दियारा क्षेत्रों में कटाव का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सदर प्रखंड के गंगा पार स्थित जाफरनगर पंचायत के वार्ड संख्या चार और पांच में तेज कटाव से ग्रामीणों में दहशत है। नदी अब आबादी से महज करीब 60 फीट दूर रह गई है। कटाव की रफ्तार को देखते हुए ग्रामीणों ने घरों से जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना शुरू कर दिया है। जिले में गंगा का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार की सुबह गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर 38.33 से ऊपर 38.86 यानी 53 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है जाफरनगर पंचायत में कुल 12 वार्ड हैं, जिनमें 10 वार्ड—1, 2, 3, 4, 5, 8, 9, 10, 11 और 12—गंगा पार दियारा क्षेत्र में स्थित हैं। इनमें बड़ी आबादी निवास करती है। सबसे ज्यादा खतरा वार्ड चार और पांच में बना हुआ है, जहां गंगा की तेज धारा लगातार जमीन को काट रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के साथ कटाव की रफ्तार भी बढ़ रही है। समय रहते कटाव निरोधक कार्य नहीं कराया गया तो कई घर और जमीन गंगा की चपेट में आ सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय और कटाव निरोधक कार्य शुरू कराने की मांग की है। इधर, कुतलूपुर पंचायत स्थित कचरा प्रबंधन केंद्र में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है, जिससे व्यवस्था प्रभावित हुई है। कटाव की सूचना के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल आवश्यक कार्रवाई और लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। गंगा का रौद्र रूप, जाफरनगर में तेज हुआ कटाव; आबादी से महज 60 फीट दूर पहुंची नदी,कचरा प्रबंधन केंद्र में घुसा पानी मुंगेर: गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ जिले के दियारा क्षेत्रों में कटाव का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सदर प्रखंड के गंगा पार स्थित जाफरनगर पंचायत के वार्ड संख्या चार और पांच में तेज कटाव से ग्रामीणों में दहशत है। नदी अब आबादी से महज करीब 60 फीट दूर रह गई है। कटाव की रफ्तार को देखते हुए ग्रामीणों ने घरों से जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना शुरू कर दिया है। जिले में गंगा का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार की सुबह गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर 38.33 से ऊपर 38.86 यानी 53 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है जाफरनगर पंचायत में कुल 12 वार्ड हैं, जिनमें 10 वार्ड—1, 2, 3, 4, 5, 8, 9, 10, 11 और 12—गंगा पार दियारा क्षेत्र में स्थित हैं। इनमें बड़ी आबादी निवास करती है। सबसे ज्यादा खतरा वार्ड चार और पांच में बना हुआ है, जहां गंगा की तेज धारा लगातार जमीन को काट रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के साथ कटाव की रफ्तार भी बढ़ रही है। समय रहते कटाव निरोधक कार्य नहीं कराया गया तो कई घर और जमीन गंगा की चपेट में आ सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय और कटाव निरोधक कार्य शुरू कराने की मांग की है। इधर, कुतलूपुर पंचायत स्थित कचरा प्रबंधन केंद्र में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है, जिससे व्यवस्था प्रभावित हुई है। कटाव की सूचना के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल आवश्यक कार्रवाई और लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं।1
- बोरना पंचायत के नवटोलिया गांव के वार्ड संख्या 11 स्थित महादलित टोला में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती आयोजित। गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना पंचायत के नवटोलिया गांव स्थित वार्ड संख्या 11 के महादलित टोला में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर गुरुवार को विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्थानीय ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया। शिविर में मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल, विकास मित्र कैलाश रजक, वार्ड प्रतिनिधि मोहम्मद साबिर, समाजसेवी मोहम्मद शाकिर, रूपेश क्रांतिकारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। शिविर सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ, जिसके बाद विभिन्न सुविधाओं का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष स्वास्थ्य जांच स्टॉल लगाया गया। यहां सीएचओ मिली कुमारी एवं एएनएम कविता कुमारी ने स्थानीय ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की। जांच के बाद जरूरत के अनुसार ग्रामीणों के बीच दवाइयों का भी वितरण किया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया। वहीं, विकास मित्र कैलाश रजक द्वारा ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को सुना गया और उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की गई। शिविर में राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन तथा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित मामलों का निष्पादन किया गया। इससे ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाने से राहत मिली। शिविर के आयोजन से महादलित टोला के ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने इस तरह के शिविर को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की मांग की।1
- सैदपुर व अमनी पंचायत में संत रविदास विकास शिविर का आयोजन सैदपुर व अमनी पंचायत में संत रविदास विकास शिविर का आयोजन खगड़िया। मानसी प्रखंड की ग्राम पंचायत सैदपुर के वार्ड नंबर 1 स्थित मुशहरी टोला एवं पश्चिमी मुशहरी टोला, अमनी ग्राम पंचायत के मुखिया बिरन सदा की अध्यक्षता में में संत रविदास विकास शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आमजनों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों के समक्ष प्रस्तुत किए। शिविर में प्राप्त आवेदनों के आलोक में समस्याओं के निराकरण हेतु संबंधित टोले का निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, कर्मी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर समझने तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान सैदपुर पंचायत के मुखिया कुमकुम देवी के प्रतिनिधि जितेंद्र यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा और शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया गया।1