शासन के निर्देश पर अभी लेखपालों से जो सर्वेक्षण हुआ है। सर्वेक्षण के फलस्वरूप हमारे पास जो report आई है report के आधार पर अभी मानव मृत्यु के पांच प्रकरण मिले हैं जिनमें दो नदी से डूबने के और तीन सर्पदंश के प्रकरण रहे हैं और उनमें सब को चार लाख रुपए की प्रत्येक व्यक्ति को आर्थिक सहायता के लिए यहां से bill बनाकर और पूरी सूचना जिला आपदा सहायता अधिकारी को प्रेषित कर दिया गया है और वहां से इन लोगों के खाते में online transaction धनराशि का कर दिया जाएगा। इसी प्रकार पशुहानि के अभी तक हमारे पास ग्यारह कुल प्रकरण मिले हैं जिनमें दुधारू पशुओं को सैंतीस हज़ार पांच सौ रुपए तथा गैर दुधारू पशु को बत्तीस हज़ार रुपए पशुहानि की दर से सहायता हेतु इनकी report और bill भी प्रेषित कर दिया गया है। इसी प्रकार मकान क्षति के करीब online एक सौ चालीस प्रकरण आए हैं। जिनमें कच्चे मकान कितने होंगे जिनमें ज्यादातर कच्चे मकान ही हैं। पक्के मकान के लिए पैंसठ सौ और कच्चे मकान के लिए चार हज़ार रुपए। आंशिक क्षति। और इस आंशिक क्षति में इनको चार हज़ार रुपए की सहायता राशि government से अनुमन्य है और इनका bill बना कर के जिला आपदा सहायता अधिकारी अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व महोदय के यहां प्रेषित कर दिया गया है और शीघ्र ही यह धनराशि NEFT के जरिए इनके खाते में पहुंच जाएगी। इस प्रकार से और भी survey का कार्य चल रहा है। SDM sir के निर्देश पर इस तरह के जो भी प्रकरण हैं उन पर सतर्क दृष्टि रखते हुए सभी लेखपालों को निर्देशित कर दिया गया है कि आप लोग ये ज्यादा से ज्यादा यह प्रकरण जो है वह उपलब्ध कराएं ताकि शासन की मंशा के अनुरूप यह सहायता राशि उपलब्ध कराई जा सके। पैंतीस प्रतिशत से अधिक जिनकी क्षति हुई है पानी में डूबने से उनका भी survey करा लिया गया है और लगभग नौ सौ से एक हज़ार भी लगभग पात्र व्यक्ति मिल रहे हैं और उन गांवों की भी सूची उपलब्ध करा ली गई है और शीघ्र ही उनके खाते में भी धनराशि प्रेषित कर दी जाएगी। रमा शंकर शुक्ल (रजिस्ट्रार / कानूनगो - मेजा)
शासन के निर्देश पर अभी लेखपालों से जो सर्वेक्षण हुआ है। सर्वेक्षण के फलस्वरूप हमारे पास जो report आई है report के आधार पर अभी मानव मृत्यु के पांच प्रकरण मिले हैं जिनमें दो नदी से डूबने के और तीन सर्पदंश के प्रकरण रहे हैं और उनमें सब को चार लाख रुपए की प्रत्येक व्यक्ति को आर्थिक सहायता के लिए यहां से bill बनाकर और पूरी सूचना जिला आपदा सहायता अधिकारी को प्रेषित कर दिया गया है और वहां से इन लोगों के खाते में online transaction धनराशि का कर दिया जाएगा। इसी प्रकार पशुहानि के अभी तक हमारे पास ग्यारह कुल प्रकरण मिले हैं जिनमें दुधारू पशुओं को सैंतीस हज़ार पांच सौ रुपए तथा गैर दुधारू पशु को बत्तीस हज़ार रुपए पशुहानि की दर से सहायता हेतु इनकी report और bill भी प्रेषित कर दिया गया है। इसी प्रकार मकान क्षति के करीब online एक सौ चालीस प्रकरण आए हैं। जिनमें कच्चे मकान कितने होंगे जिनमें ज्यादातर कच्चे मकान ही हैं। पक्के मकान के लिए पैंसठ सौ और कच्चे मकान के लिए चार हज़ार रुपए। आंशिक क्षति। और इस आंशिक क्षति में इनको चार हज़ार रुपए की सहायता राशि government से अनुमन्य है और इनका bill बना कर के जिला आपदा सहायता अधिकारी अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व महोदय के यहां प्रेषित कर दिया गया है और शीघ्र ही यह धनराशि NEFT के जरिए इनके खाते में पहुंच जाएगी। इस प्रकार से और भी survey का कार्य चल रहा है। SDM sir के निर्देश पर इस तरह के जो भी प्रकरण हैं उन पर सतर्क दृष्टि रखते हुए सभी लेखपालों को निर्देशित कर दिया गया है कि आप लोग ये ज्यादा से ज्यादा यह प्रकरण जो है वह उपलब्ध कराएं ताकि शासन की मंशा के अनुरूप यह सहायता राशि उपलब्ध कराई जा सके। पैंतीस प्रतिशत से अधिक जिनकी क्षति हुई है पानी में डूबने से उनका भी survey करा लिया गया है और लगभग नौ सौ से एक हज़ार भी लगभग पात्र व्यक्ति मिल रहे हैं और उन गांवों की भी सूची उपलब्ध करा ली गई है और शीघ्र ही उनके खाते में भी धनराशि प्रेषित कर दी जाएगी। रमा शंकर शुक्ल (रजिस्ट्रार / कानूनगो - मेजा)
- बहादुरपुर ब्लॉक के कोटवा में फिर दिखा तेंदुआ, दो शावक भी साथ; गांव में हड़कंप प्रयागराज। बहादुरपुर ब्लॉक के कोटवा गांव में तेंदुए की दस्तक से एक बार फिर दहशत फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार दोपहर के समय एक घर के बगल की झाड़ियों में तेंदुआ नजर आया। कुछ लोगों ने दावा किया कि उसके साथ दो शावक भी थे। खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया और लोग घरों से बाहर निकल आए। सूचना मिलते ही डिप्टी डीएफओ के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने आसपास की झाड़ियों और कछारी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुआ हाथ नहीं आया। विभाग की टीम इलाके में निगरानी बनाए हुए है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक साल से क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी लगातार सामने आ रही है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर आबादी के इतने करीब बार-बार तेंदुए क्यों पहुंच रहे हैं। लोग इस स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। वन विभाग की अपील: ग्रामीण सतर्क रहें, अकेले या अंधेरे में बाहर निकलने से बचें, बच्चों और पालतू पशुओं का विशेष ध्यान रखें। तेंदुए को घेरने या उसका पीछा करने की कोशिश बिल्कुल न करें। कहीं तेंदुआ दिखे तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें।1
- शासन के निर्देश पर अभी लेखपालों से जो सर्वेक्षण हुआ है। सर्वेक्षण के फलस्वरूप हमारे पास जो report आई है report के आधार पर अभी मानव मृत्यु के पांच प्रकरण मिले हैं जिनमें दो नदी से डूबने के और तीन सर्पदंश के प्रकरण रहे हैं और उनमें सब को चार लाख रुपए की प्रत्येक व्यक्ति को आर्थिक सहायता के लिए यहां से bill बनाकर और पूरी सूचना जिला आपदा सहायता अधिकारी को प्रेषित कर दिया गया है और वहां से इन लोगों के खाते में online transaction धनराशि का कर दिया जाएगा। इसी प्रकार पशुहानि के अभी तक हमारे पास ग्यारह कुल प्रकरण मिले हैं जिनमें दुधारू पशुओं को सैंतीस हज़ार पांच सौ रुपए तथा गैर दुधारू पशु को बत्तीस हज़ार रुपए पशुहानि की दर से सहायता हेतु इनकी report और bill भी प्रेषित कर दिया गया है। इसी प्रकार मकान क्षति के करीब online एक सौ चालीस प्रकरण आए हैं। जिनमें कच्चे मकान कितने होंगे जिनमें ज्यादातर कच्चे मकान ही हैं। पक्के मकान के लिए पैंसठ सौ और कच्चे मकान के लिए चार हज़ार रुपए। आंशिक क्षति। और इस आंशिक क्षति में इनको चार हज़ार रुपए की सहायता राशि government से अनुमन्य है और इनका bill बना कर के जिला आपदा सहायता अधिकारी अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व महोदय के यहां प्रेषित कर दिया गया है और शीघ्र ही यह धनराशि NEFT के जरिए इनके खाते में पहुंच जाएगी। इस प्रकार से और भी survey का कार्य चल रहा है। SDM sir के निर्देश पर इस तरह के जो भी प्रकरण हैं उन पर सतर्क दृष्टि रखते हुए सभी लेखपालों को निर्देशित कर दिया गया है कि आप लोग ये ज्यादा से ज्यादा यह प्रकरण जो है वह उपलब्ध कराएं ताकि शासन की मंशा के अनुरूप यह सहायता राशि उपलब्ध कराई जा सके। पैंतीस प्रतिशत से अधिक जिनकी क्षति हुई है पानी में डूबने से उनका भी survey करा लिया गया है और लगभग नौ सौ से एक हज़ार भी लगभग पात्र व्यक्ति मिल रहे हैं और उन गांवों की भी सूची उपलब्ध करा ली गई है और शीघ्र ही उनके खाते में भी धनराशि प्रेषित कर दी जाएगी। रमा शंकर शुक्ल (रजिस्ट्रार / कानूनगो - मेजा)1
- ब्रेकिंग न्यूज़ : प्रयागराज उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन प्रयागराज। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज में हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और हिंदी भाषा के प्रति अपनी अभिव्यक्ति एवं तर्क क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में श्री अनुपम परिहार, संपादक—सरस्वती पत्रिका, डॉ. विनम्रा सेन सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, हिंदी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय तथा डॉ. मृत्युंजय राव, असिस्टेंट प्रोफेसर, अंग्रेजी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय शामिल रहे। प्रतियोगिता में टीम के प्रतिभागियों के रूप में श्रेयांश शुक्ला, अनुज, आकांक्षा, काजल चौरसिया, काजल उपाध्याय, सतीश, राजनंदिनी, शिविका और अनन्या ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान हिंदी भाषा के महत्व, उसके प्रचार-प्रसार और वर्तमान समय में हिंदी की भूमिका को लेकर प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। आयोजन में विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला। — शुरू न्यूज संवाददाता: सौरभ यादव4
- Malviya Nagar prayagraj ki yah Gali Hai yahan Koi Safai karmi nahin aata Hai aata hai to usko bolo to kahta hamara Kam nahin Hai yahan ke sabhasad hamari baat sunte nahin Hai1
- सपा सांपनाथ,बसपा नागनाथ और कांग्रेस कालिया नाथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का विपक्ष पर बड़ा हमला यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सपा सांपनाथ है, बसपा नागनाथ है और कांग्रेस कालिया नाग है।ये तीनों पार्टियां भाजपा विरोधी हैं। केशव मौर्य ने दावा किया कि ये साथ लड़े तब भी हारेंगे और अलग-अलग लड़ेंगे तब भी हारेंगे। उनके इस बयान के बाद सियासत गरमा गई है।1
- प्रयागराज (मेजा तहसील) के डेलौहाँ गाँव से दिल दहला देने वाली ग्राउंड रिपोर्ट! 📍 स्कूल है या तालाब? 🏫🌧️⚠️ प्रयागराज (मेजा तहसील) के डेलौहाँ गाँव से दिल दहला देने वाली ग्राउंड रिपोर्ट! 📍 बारिश थमे कई दिन बीत गए, लेकिन प्राथमिक विद्यालय परिसर में आज भी घुटनों तक बदबूदार गंदा पानी भरा हुआ है। 🤢🦟 🚨 ज़मीनी हकीकत: 🏫 65 बच्चे, सिर्फ 2 कमरे: जलभराव की वजह से सभी बच्चों को ठसाठस 2 कमरों में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। 🚾 शौचालय जाना दुश्वार: बदबूदार पानी और कीड़े-मकोड़ों के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। 🦠 बीमारियों का खतरा: डेंगू, मलेरिया और इंफेक्शन फैलने की पूरी आशंका! एक तरफ विज्ञापनों में 'सब पढ़ें, सब बढ़ें' और 'पानी जमा न होने दें' के नारे दिए जाते हैं... और दूसरी तरफ इन 65 मासूमों का भविष्य गंदे पानी में सड़ रहा है! 💔 #MejaPrayagraj #PrayagrajNews #GroundReport #PrimarySchool #UPGovernment #PublicIssues #ViralReel #EducationSystem #UpEducation #BreakingNews #Prayagraj #ReelsIndia #ViralNews #StudentSafety #UPNews1
- तीन कंप्यूटर, एक ऑपरेटर और लंबी कतार: नैनी जोनल कार्यालय में जनता बेहाल हाउस टैक्स जमा करने और नाम-पता दुरुस्त कराने के लिए सुबह से लग रही कतार, घंटों इंतजार के बाद भी नहीं हो रहा काम प्रयागराज। नैनी नगर निगम के जोनल-5 कार्यालय में व्यवस्थाओं की कमी के चलते आम लोगों को हाउस टैक्स संबंधी कामों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गृह कर का बिल निकलवाने और टैक्स जमा करने के लिए कार्यालय में सुबह से ही लोगों की लंबी कतार लग रही हैं। इसके बावजूद काम की रफ्तार धीमी होने के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, हाउस टैक्स संबंधी कार्यों के लिए काउंटर पर तीन कंप्यूटर सिस्टम लगाए गए हैं, लेकिन काम करने के लिए केवल एक ही ऑपरेटर मौजूद रहता है। ऐसे में बाकी कंप्यूटरों का उपयोग नहीं हो पा रहा है। एक कर्मचारी पर अधिक काम का दबाव होने के कारण बिल निकालने से लेकर टैक्स जमा करने तक की प्रक्रिया में काफी समय लग रहा है। नगर निगम के दायरे में हाल में शामिल किए गए नए मोहल्लों के लोगों की समस्या भी कम होने के बजाय बढ़ गई है। लोगों का आरोप है कि सर्वे के दौरान कई लोगों के नाम, पते और अन्य विवरण गलत दर्ज हो गए हैं। अब इन गलतियों को दुरुस्त कराने के लिए लोगों को जोनल कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। टैक्स जमा कराने और रिकॉर्ड में सुधार कराने के लिए अलग-अलग व्यवस्था नहीं होने से दोनों तरह के कामों के लिए एक ही काउंटर पर भीड़ जुट रही है। इससे कतार और लंबी हो रही है। लोगों का कहना है कि जब नगर निगम में नए क्षेत्रों को शामिल कर टैक्स का दायरा बढ़ाया गया है तो संबंधित जोनल कार्यालय में भी पर्याप्त कर्मचारियों और अलग-अलग काउंटरों की व्यवस्था की जानी चाहिए। नागरिकों ने मांग की है कि अतिरिक्त ऑपरेटर तैनात करने के साथ नाम-पता और अन्य विवरणों में सुधार के लिए अलग काउंटर बनाया जाए, ताकि टैक्स जमा कराने वाले लोगों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। अरैल निवासी राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि वह बिल निकलवाने के लिए आधे घंटे से खड़े हैं, लेकिन कोई निकालने वाला मिल नहीं रहा है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ : प्रयागराज उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन प्रयागराज। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज में हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और हिंदी भाषा के प्रति अपनी अभिव्यक्ति एवं तर्क क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में श्री अनुपम परिहार, संपादक—सरस्वती पत्रिका, डॉ. विनम्रा सेन सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, हिंदी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय तथा डॉ. मृत्युंजय राव, असिस्टेंट प्रोफेसर, अंग्रेजी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय शामिल रहे। प्रतियोगिता में टीम के प्रतिभागियों के रूप में श्रेयांश शुक्ला, अनुज, आकांक्षा, काजल चौरसिया, काजल उपाध्याय, सतीश, राजनंदिनी, शिविका और अनन्या ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान हिंदी भाषा के महत्व, उसके प्रचार-प्रसार और वर्तमान समय में हिंदी की भूमिका को लेकर प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। आयोजन में विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला। — शुरु न्यूज संवाददाता: सौरभ यादव3