भागलपुर जिले के कहलगांव निवासी अनुपम कुमार सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और आध्यात्मिक जागरण के उद्देश्य से भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों की पदयात्रा पर निकल चुके हैं। अपनी इस पावन यात्रा के प्रथम पड़ाव में उन्होंने बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर में विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना की। देवघर में दर्शन और जलाभिषेक करने के उपरांत अनुपम कुमार अब नवादा के हिसुआ होते हुए काशी विश्वनाथ धाम के लिए पैदल यात्रा कर रहे हैं और रास्ते में लोगों को सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का संदेश भी दे रहे हैं। अनुपम कुमार ने बताया कि उनकी इस यात्रा का उद्देश्य केवल सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना नहीं, बल्कि समाज में सनातन धर्म, सेवा, सद्भाव, प्रेम और मानवता का संदेश पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से वे पूरे विश्वास और श्रद्धा के साथ इस कठिन लेकिन प्रेरणादायक यात्रा को पूर्ण करेंगे। अनुपम की इस आध्यात्मिक पदयात्रा को लेकर उनके परिजनों, मित्रों एवं शुभचिंतकों में काफी उत्साह है और सभी ने उनके सफल एवं मंगलमय सफर की कामना करते हुए भगवान शिव से प्रार्थना की है।
भागलपुर जिले के कहलगांव निवासी अनुपम कुमार सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और आध्यात्मिक जागरण के उद्देश्य से भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों की पदयात्रा पर निकल चुके हैं। अपनी इस पावन यात्रा के प्रथम पड़ाव में उन्होंने बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर में विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना की। देवघर में दर्शन और जलाभिषेक करने के उपरांत अनुपम कुमार अब नवादा के हिसुआ होते हुए काशी विश्वनाथ धाम के लिए पैदल यात्रा कर रहे हैं और रास्ते में लोगों को सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का संदेश भी दे रहे हैं। अनुपम कुमार ने बताया कि उनकी इस यात्रा का उद्देश्य केवल सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना नहीं, बल्कि समाज में सनातन धर्म, सेवा, सद्भाव, प्रेम और मानवता का संदेश पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से वे पूरे विश्वास और श्रद्धा के साथ इस कठिन लेकिन प्रेरणादायक यात्रा को पूर्ण करेंगे। अनुपम की इस आध्यात्मिक पदयात्रा को लेकर उनके परिजनों, मित्रों एवं शुभचिंतकों में काफी उत्साह है और सभी ने उनके सफल एवं मंगलमय सफर की कामना करते हुए भगवान शिव से प्रार्थना की है।
- भागलपुर जिले के कहलगांव निवासी अनुपम कुमार सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और आध्यात्मिक जागरण के उद्देश्य से भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों की पदयात्रा पर निकल चुके हैं। अपनी इस पावन यात्रा के प्रथम पड़ाव में उन्होंने बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर में विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना की। देवघर में दर्शन और जलाभिषेक करने के उपरांत अनुपम कुमार अब नवादा के हिसुआ होते हुए काशी विश्वनाथ धाम के लिए पैदल यात्रा कर रहे हैं और रास्ते में लोगों को सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का संदेश भी दे रहे हैं। अनुपम कुमार ने बताया कि उनकी इस यात्रा का उद्देश्य केवल सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना नहीं, बल्कि समाज में सनातन धर्म, सेवा, सद्भाव, प्रेम और मानवता का संदेश पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से वे पूरे विश्वास और श्रद्धा के साथ इस कठिन लेकिन प्रेरणादायक यात्रा को पूर्ण करेंगे। अनुपम की इस आध्यात्मिक पदयात्रा को लेकर उनके परिजनों, मित्रों एवं शुभचिंतकों में काफी उत्साह है और सभी ने उनके सफल एवं मंगलमय सफर की कामना करते हुए भगवान शिव से प्रार्थना की है।1
- बिहार के नवादा जिले में कश्मीर के रूप में मशहूर ककोलत में पर्यटकों और सैलानियों के लिए एक खास खबर सामने आई है। ककोलत के जंगलों की वादियों, इसकी खूबसूरती और ठंडे झरने का लुत्फ उठाने के लिए अब एंट्री फीस घटा दी गई है, जिसके तहत पर्यटकों को प्रति व्यक्ति महज ₹20 की दर से बुकिंग करानी होगी। नवादा के वन प्रमंडल कार्यालय के पदाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह घटा हुआ शुल्क सप्ताह के चार दिनों यानी सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार के लिए प्रभावी होगा। वहीं शनिवार और रविवार को पर्यटकों को ₹50 एंट्री फीस देनी होगी, जबकि प्रत्येक मंगलवार को ककोलत बंद रहता है। इसके साथ ही ककोलत में वाहनों की पार्किंग के लिए भी दरें तय की गई हैं, जिसके तहत दो पहिया वाहन के लिए ₹20, तिपहिया वाहन के लिए ₹30, चौपहिया वाहन के लिए ₹50 और भारी वाहनों के लिए ₹100 का भुगतान करना होगा। सैलानियों के लिए एक और राहत की बात यह है कि 4.5 फीट से कम लंबाई वाले बच्चों के लिए ककोलत के झरने का आनंद लेना सभी दिन पूरी तरह से फ्री रहेगा।1
- नवादा के हिसुआ में गंदी सियासत और दगाबाज़ों के राज के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया गया है। वर्तमान व्यवस्था में देश का चौकीदार ही चोर बन चुका है और देश लूटने वालों के सिर पर ही ताज टिका हुआ है। यहाँ आम जनता भूख और लाचारी से दम तोड़ रही है, जबकि देश को लूटने वाले लुटेरों को केवल अपनी ही कुर्सी पर नाज़ है।1
- मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की घोर निंदा की है। उन्होंने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि छात्र कोई चोर या डकैत नहीं हैं, बल्कि वे पढ़ाई करने वाले लोग हैं। विधायक का कहना है कि छात्रों पर इस तरह लाठी चलाना बिल्कुल भी अच्छा नहीं है।1
- नालंदा जिला अंतर्गत बिहार शरीफ की सड़कों पर हुए भारी जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बेहद बढ़ा दी हैं। इस गंभीर समस्या की ज़मीनी हकीकत दिखाने के लिए 'बिहार का विराट' खुद ग्राउंड रिपोर्ट पर उतरे हैं। सड़कों की हालत बेहद खराब है और वे पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं, जिसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवाजाही करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों के तालाब में तब्दील होने और राहगीरों के मुश्किल सफर को देखकर अब सीधे तौर पर व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यही स्मार्ट सिटी की असली तस्वीर है? इस बदहाली के लिए आखिर ज़िम्मेदार कौन है, इसे लेकर तीखा आक्रोश है। लोगों से इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की गई है ताकि यह आवाज़ सीधे संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुँच सके।1
- बिहार के नालंदा में एक सनकी पति का जुर्म सामने आया है, जिसने लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया है।2
- रॉकी यादव के बॉडीगार्ड की हत्या मामले में झारखंड पुलिस ने बिहार पुलिस यानी सरकारी बॉडीगार्ड को हिरासत में ले लिया है।1