बिहार के नालंदा स्थित विश्व प्रसिद्ध राजगीर मलमास मेले में 27 मई 2026, मंगलवार को पहले शाही स्नान का भव्य आगाज हुआ। सुबह 6 बजे शुरू हुए इस विशेष स्नान पर्व में साधु-संतों, महंतों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यह शाही स्नान दोपहर एक बजे तक चलने वाला है, जिसके लिए प्रशासन ने लगभग एक लाख लोगों के पहुंचने की संभावना जताई है, जिसमें विभिन्न अखाड़ों, संप्रदायों और आम श्रद्धालु शामिल हैं। पूरे मेला क्षेत्र में आध्यात्मिक माहौल छा गया, जहाँ हर-हर महादेव के जयघोषों के बीच साधु-संतों के जत्थे पवित्र कुंड की ओर बढ़ते देखे गए। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित स्नान कराने के लिए प्रशासन ने बैरिकेडिंग और लाइन व्यवस्था की है, ताकि उन्हें कतारबद्ध कर पवित्र ब्रह्मकुंड तक सुरक्षित पहुँचाया जा सके और किसी भी तरह की अफरा-तफरी रोकी जा सके। सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है; हर अखाड़े के साथ एक मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात है। इसके अतिरिक्त, महिला और पुरुष पुलिस कर्मियों की टीमें भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा में लगी हैं, जबकि संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और मेला कंट्रोल रूम से पूरे क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। शाही स्नान की विधिवत शुरुआत उदासीन अखाड़े के साधु-संतों द्वारा हुई, जिसके बाद अन्य अखाड़ों और संप्रदायों के साधु-संतों के जत्थे भी स्नान के लिए रवाना हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने साधु-संतों के दर्शन कर आशीर्वाद भी प्राप्त किया। खाक चौक, बड़ी संगत, धनियां पहाड़ी संगत, रजौली संगत, कैलाश आश्रम, कबीर पंथी, फलाहारी बाबा और सखी संप्रदाय के झुनकिया बाबा सहित विभिन्न अखाड़ों के महंत और साधु-संत इस भव्य शाही स्नान में सम्मिलित हुए, जिससे मेले की भव्यता और बढ़ गई। देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं का मानना है कि राजगीर के पवित्र कुंड में शाही स्नान करने से आध्यात्मिक शांति और पुण्य मिलता है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण और सुरक्षित स्नान के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतें।
बिहार के नालंदा स्थित विश्व प्रसिद्ध राजगीर मलमास मेले में 27 मई 2026, मंगलवार को पहले शाही स्नान का भव्य आगाज हुआ। सुबह 6 बजे शुरू हुए इस विशेष स्नान पर्व में साधु-संतों, महंतों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यह शाही स्नान दोपहर एक बजे तक चलने वाला है, जिसके लिए प्रशासन ने लगभग एक लाख लोगों के पहुंचने की संभावना जताई है, जिसमें विभिन्न अखाड़ों, संप्रदायों और आम श्रद्धालु शामिल हैं। पूरे मेला क्षेत्र में आध्यात्मिक माहौल छा गया, जहाँ हर-हर महादेव के जयघोषों के बीच साधु-संतों के जत्थे पवित्र कुंड की ओर बढ़ते देखे गए। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित स्नान कराने के लिए प्रशासन ने बैरिकेडिंग और लाइन व्यवस्था
की है, ताकि उन्हें कतारबद्ध कर पवित्र ब्रह्मकुंड तक सुरक्षित पहुँचाया जा सके और किसी भी तरह की अफरा-तफरी रोकी जा सके। सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है; हर अखाड़े के साथ एक मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात है। इसके अतिरिक्त, महिला और पुरुष पुलिस कर्मियों की टीमें भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा में लगी हैं, जबकि संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और मेला कंट्रोल रूम से पूरे क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। शाही स्नान की विधिवत शुरुआत उदासीन अखाड़े के साधु-संतों द्वारा हुई, जिसके बाद अन्य अखाड़ों और संप्रदायों के साधु-संतों के जत्थे भी स्नान के लिए
रवाना हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने साधु-संतों के दर्शन कर आशीर्वाद भी प्राप्त किया। खाक चौक, बड़ी संगत, धनियां पहाड़ी संगत, रजौली संगत, कैलाश आश्रम, कबीर पंथी, फलाहारी बाबा और सखी संप्रदाय के झुनकिया बाबा सहित विभिन्न अखाड़ों के महंत और साधु-संत इस भव्य शाही स्नान में सम्मिलित हुए, जिससे मेले की भव्यता और बढ़ गई। देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं का मानना है कि राजगीर के पवित्र कुंड में शाही स्नान करने से आध्यात्मिक शांति और पुण्य मिलता है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण और सुरक्षित स्नान के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतें।
- बिहार के नालंदा स्थित विश्व प्रसिद्ध राजगीर मलमास मेले में 27 मई 2026, मंगलवार को पहले शाही स्नान का भव्य आगाज हुआ। सुबह 6 बजे शुरू हुए इस विशेष स्नान पर्व में साधु-संतों, महंतों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यह शाही स्नान दोपहर एक बजे तक चलने वाला है, जिसके लिए प्रशासन ने लगभग एक लाख लोगों के पहुंचने की संभावना जताई है, जिसमें विभिन्न अखाड़ों, संप्रदायों और आम श्रद्धालु शामिल हैं। पूरे मेला क्षेत्र में आध्यात्मिक माहौल छा गया, जहाँ हर-हर महादेव के जयघोषों के बीच साधु-संतों के जत्थे पवित्र कुंड की ओर बढ़ते देखे गए। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित स्नान कराने के लिए प्रशासन ने बैरिकेडिंग और लाइन व्यवस्था की है, ताकि उन्हें कतारबद्ध कर पवित्र ब्रह्मकुंड तक सुरक्षित पहुँचाया जा सके और किसी भी तरह की अफरा-तफरी रोकी जा सके। सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है; हर अखाड़े के साथ एक मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात है। इसके अतिरिक्त, महिला और पुरुष पुलिस कर्मियों की टीमें भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा में लगी हैं, जबकि संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और मेला कंट्रोल रूम से पूरे क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। शाही स्नान की विधिवत शुरुआत उदासीन अखाड़े के साधु-संतों द्वारा हुई, जिसके बाद अन्य अखाड़ों और संप्रदायों के साधु-संतों के जत्थे भी स्नान के लिए रवाना हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने साधु-संतों के दर्शन कर आशीर्वाद भी प्राप्त किया। खाक चौक, बड़ी संगत, धनियां पहाड़ी संगत, रजौली संगत, कैलाश आश्रम, कबीर पंथी, फलाहारी बाबा और सखी संप्रदाय के झुनकिया बाबा सहित विभिन्न अखाड़ों के महंत और साधु-संत इस भव्य शाही स्नान में सम्मिलित हुए, जिससे मेले की भव्यता और बढ़ गई। देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं का मानना है कि राजगीर के पवित्र कुंड में शाही स्नान करने से आध्यात्मिक शांति और पुण्य मिलता है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण और सुरक्षित स्नान के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतें।3
- बकरीद पर्व को लेकर पकड़ीदयाल में पुलिस प्रशासन ने फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने वाले या ऐसे संदेशों को साझा करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल की टीम सोशल मीडिया गतिविधियों पर लगातार कड़ी निगरानी रख रही है ताकि किसी भी प्रकार की गलत सूचना के प्रसार को रोका जा सके।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में मज़ाकिया अंदाज़ में कहा गया है कि अगर ख़ान सर की लंबाई चालीस इंच होती, तो विराट उनके छात्र होते।1
- एक जानकारी में गोरखपुर से बेंगलुरु जाने वाली इंडिगो फ्लाइट का रूट मैप पर दिखाया गया है। दोस्तों को संबोधित करते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि इसमें कैसे फ्लाइट का मार्ग मैप पर स्पष्ट रूप से नजर आता है।1
- बिहार की राजनीति में 'हरे गमछे' को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है, जिसके बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर एक बड़ा हमला बोला है। प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी पर तीखा वार करते हुए कहा कि जो लोग आज 'हरे गमछे' पर सवाल उठा रहे हैं, वे खुद भी उसी राजनीति से निकले हुए हैं। इस बयान के बाद राज्य में 'हरे गमछे' को लेकर चल रहा राजनीतिक बवाल और भी गरमा गया है।1
- पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन क्षेत्र से एक समाचार अपडेट सामने आया है, जो 'माता रानी' पर केंद्रित है। मोतिहारी पुलिस से संबंधित इस खबर को ब्रेकिंग न्यूज के तौर पर हाइलाइट किया गया है। इसे एक रील वीडियो के रूप में सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, ताकि चंपारण के दर्शकों तक यह महत्वपूर्ण जानकारी पहुंच सके।1
- मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट में आज एक बार फिर 'सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं' यह बात सही साबित हुई। जिले के पारू थाना क्षेत्र के केशोपुर बभनगाँव निवासी संजीत महतो को दस साल पुराने अपनी पत्नी की हत्या के मुकदमे में आज इंसाफ मिला, जहाँ एडीजे-1 की अदालत ने उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया। संजीत महतो के खिलाफ यह मामला उनके ससुर शंकर महतो ने पारू थाना में कांड संख्या 250/16 के तहत दर्ज कराया था। अभियोजन पक्ष की ओर से चार गवाहों ने अदालत में गवाही दी, लेकिन आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण कोर्ट ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया। मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने संजीत महतो का बचाव करते हुए मजबूती से अपना पक्ष रखा और उन्हें न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई। अधिवक्ता एस.के. झा ने इस फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज संजीत महतो की रिहाई इस कथन को चरितार्थ करती है कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। उन्होंने बताया कि संजीत महतो एक गरीब परिवार से आते हैं और उनके विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने के चलते उन्हें निर्दोष पाया गया।2
- भोज लाइफ केयर हॉस्पिटल अब विभिन्न प्रकार की चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करेगा, जहाँ जेनरल फिजिसियन एवं सर्जन डॉ. कौशल कुमार अपनी सेवाएँ देंगे। डॉ. कुमार भारत सरकार के पूर्व चिकित्सा पदाधिकारी और बी.एच.यू. (बनारस) से भी जुड़े रहे हैं। हॉस्पिटल में मिलने वाली सुविधाओं में जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स (हड्डी का इलाज), चर्म रोग एवं बाल का ईलाज, प्रसूति एवं स्त्री रोग, गर्भावस्था और प्रसव से जुड़ी चिकित्सा, तथा कैंसर केयर शामिल हैं। इसके साथ ही, यहाँ एक्स-रे, ईसीजी, ट्रॉमा केयर, फिजियोथेरेपी, अल्ट्रासाउंड, ऑपरेशन थिएटर और एक कम्प्यूटरीकृत लैब जैसी आधुनिक सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी।1