बिहार की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर में, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने दस सर्कुलर रोड स्थित अपने सरकारी आवास को खाली करने के आदेश को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कड़े शब्दों में स्पष्ट कहा है कि वह किसी भी कीमत पर अपना आवास खाली नहीं करेंगी और चाहे कुछ भी हो जाए, वह अपना घर नहीं छोड़ेंगी। इस मामले में राबड़ी देवी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें आवास खाली करने के लिए मजबूर किया जा रहा है और 'बल' का प्रयोग किया जा रहा है, जिस पर उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह तरीका उचित है। इसी दौरान, तीखी बहस और आक्रोश भी देखने को मिला, जब पत्रकारों ने इस विषय पर उनसे सवाल पूछने का प्रयास किया, तो राबड़ी देवी का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने गुस्से में एक पत्रकार के हाथ से माइक झटक कर किनारे कर दिया, जिसका वीडियो भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। सरकार की ओर से सरकारी आवास खाली करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन राबड़ी देवी ने अपनी बात साफ करते हुए कहा है कि वह झुकने वाली नहीं हैं। अब यह देखना होगा कि सरकार इस विवाद को लेकर अगला कदम क्या उठाती है और क्या यह मुद्दा और गहराएगा।
बिहार की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर में, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने दस सर्कुलर रोड स्थित अपने सरकारी आवास को खाली करने के आदेश को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कड़े शब्दों में स्पष्ट कहा है कि वह किसी भी कीमत पर अपना आवास खाली नहीं करेंगी और चाहे कुछ भी हो जाए, वह अपना घर नहीं छोड़ेंगी। इस मामले में राबड़ी देवी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें आवास खाली करने के लिए मजबूर किया जा रहा है और 'बल' का प्रयोग किया जा रहा है, जिस पर उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह तरीका उचित है। इसी दौरान, तीखी बहस और आक्रोश भी देखने को मिला, जब पत्रकारों ने इस विषय पर उनसे सवाल पूछने का प्रयास किया, तो राबड़ी देवी का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने गुस्से में एक पत्रकार के हाथ से माइक झटक कर किनारे कर दिया, जिसका वीडियो भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। सरकार की ओर से सरकारी आवास खाली करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन राबड़ी देवी ने अपनी बात साफ करते हुए कहा है कि वह झुकने वाली नहीं हैं। अब यह देखना होगा कि सरकार इस विवाद को लेकर अगला कदम क्या उठाती है और क्या यह मुद्दा और गहराएगा।
- बिहार की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर में, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने दस सर्कुलर रोड स्थित अपने सरकारी आवास को खाली करने के आदेश को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कड़े शब्दों में स्पष्ट कहा है कि वह किसी भी कीमत पर अपना आवास खाली नहीं करेंगी और चाहे कुछ भी हो जाए, वह अपना घर नहीं छोड़ेंगी। इस मामले में राबड़ी देवी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें आवास खाली करने के लिए मजबूर किया जा रहा है और 'बल' का प्रयोग किया जा रहा है, जिस पर उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह तरीका उचित है। इसी दौरान, तीखी बहस और आक्रोश भी देखने को मिला, जब पत्रकारों ने इस विषय पर उनसे सवाल पूछने का प्रयास किया, तो राबड़ी देवी का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने गुस्से में एक पत्रकार के हाथ से माइक झटक कर किनारे कर दिया, जिसका वीडियो भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। सरकार की ओर से सरकारी आवास खाली करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन राबड़ी देवी ने अपनी बात साफ करते हुए कहा है कि वह झुकने वाली नहीं हैं। अब यह देखना होगा कि सरकार इस विवाद को लेकर अगला कदम क्या उठाती है और क्या यह मुद्दा और गहराएगा।1
- दरभंगा के DMCH में एक गर्भवती महिला की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद, महिला के परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। यह मामला अस्पताल में व्याप्त कथित आपराधिक लापरवाही और जवाबदेही की कमी को उजागर करता है, जिस पर तुरंत ध्यान देने और गहन जांच की मांग उठ रही है।1
- बिहार पुलिस द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में एक अद्भुत नज़ारा देखने को मिला, जहाँ डीजीपी बिहार विनय कुमार की उपस्थिति में प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। यह आयोजन प्रतिभा के प्रति सम्मान की भावना को दर्शाता है।1
- आज हुई बारिश के कारण दरभंगा शहर की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है, जहाँ पूरा शहर पानी में डूब गया है। शहर में पानी निकासी की कोई भी उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह गंभीर समस्या उत्पन्न हुई है। इस जलभराव की स्थिति को सीधे तौर पर दरभंगा नगर निगम के भ्रष्टाचार का प्रमाण बताया जा रहा है, जो एक ही बारिश में शहर के जलमग्न होने से स्पष्ट दिखाई दे रहा है।1
- केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीआई(एम) पोलित ब्यूरो सदस्य के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के विरोध में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की दरभंगा जिला कमेटी ने शनिवार को एक प्रतिवाद मार्च और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया। यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार और ईडी की कार्रवाई के खिलाफ था, जिसे पार्टी ने राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कदम बताया। कार्यक्रम के तहत, दोपहर 12 बजे पालो मैदान से प्रतिवाद मार्च निकाला गया, जो लहेरियासराय टावर होते हुए कर्पूरी चौक तक पहुंचा। मार्च के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने केंद्र सरकार तथा ईडी की कार्रवाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मार्च समाप्त होने के बाद लहेरियासराय टावर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है, और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता बनाए रखना आवश्यक है। वक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की जा रही ऐसी कार्रवाई का विरोध लगातार जारी रहेगा। इस कार्यक्रम में सीपीआई(एम) के जिला पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी संख्या मौजूद रही।1
- स्थानीय सरकारी रास्ते पर लगातार गाय का गोबर रखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जब कोई व्यक्ति इस संबंध में आवाज़ उठाता है या इसका विरोध करता है, तो उसे थाने में शिकायत करने या कानूनी कार्रवाई (केस) करने की धमकी दी जाती है।1
- उत्तर प्रदेश से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला पुलिसकर्मी ने अपने ही पति और ससुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में आगे की जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।1
- समस्तीपुर जिले में एक युवक को घर में घुसकर तीन गोलियां मारी गईं, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहाँ उसकी मृत्यु हो गई। इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद समस्तीपुर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मृतक युवक को उसके घर में घुसकर हमलावरों ने निशाना बनाया और तीन गोली मारकर उसकी जान ले ली। इस हत्याकांड को लेकर स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है।1