वागड़ अंचल का धम्बोला अपनी पुष्टिमार्गीय सेवा-परंपरा, भव्य मनोरथों और श्री गोवर्धननाथजी की अखंड भक्ति के लिए एक विशेष पहचान रखता है। यह परंपरा मेवाड़ के विश्वविख्यात नाथद्वारा और कांकरोली मंदिरों से जुड़ी मानी जाती है, जहाँ आज भी सेवा, शृंगार और उत्सव उसी श्रद्धा व मर्यादा से मनाए जाते हैं। धम्बोला की यह गौरवपूर्ण परंपरा धर्म, साहस, समर्पण और त्याग की एक ऐतिहासिक गाथा में निहित है। संवत 1914-15 (1857-58 ई.) के दौरान जब देश राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा था, मेवाड़ के कुलगुरु एवं पुष्टिमार्गीय आचार्य श्री पद्मावती माझी महाराज गुजरात यात्रा के दौरान डूंगरपुर के चौरासी क्षेत्र पहुँचे थे। इस यात्रा के समय हुई एक बड़ी लूट की घटना से धर्म और कुलगुरु की प्रतिष्ठा को आघात पहुँचा। ऐसे विकट समय में धम्बोला के धर्मनिष्ठ ब्राह्मण जीवरामजी पंड्या और उदयरामजी पंड्या ने ब्राह्मण समाज का नेतृत्व करते हुए धर्म और न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनके धर्मनिष्ठा, साहस और समर्पण से प्रभावित होकर माझी महाराज ने धम्बोला में प्रवास किया और संवत 1915 की अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर कांकरोली से श्री द्वारिकाधीशजी को जीवरामजी पंड्या के मस्तक पर तथा श्री गोवर्धननाथजी को उदयरामजी पंड्या के मस्तक पर धम्बोला पधराया। साथ ही, दोनों भाइयों को आजीवन तन-मन-धन से ठाकुरजी की सेवा का आदेश प्रदान किया, जिसके साथ ही धम्बोला में पुष्टिमार्गीय सेवा-परंपरा का शुभारंभ हुआ। प्रारंभ में दोनों भाइयों ने अपने-अपने घरों में ठाकुरजी की सेवा आरंभ की। बाद में उदयरामजी की संतान न होने पर उन्होंने अपने बड़े भाई जीवरामजी के पुत्र शिवरामजी को श्री गोवर्धननाथजी की सेवा का उत्तरदायित्व सौंपा, जिसमें अपनी कृषि भूमि एवं अन्य संपत्ति भी शामिल थी ताकि ठाकुरजी की सेवा-व्यवस्था निरंतर चलती रहे। शिवरामजी ने पूर्ण निष्ठा के साथ सेवा-संरक्षण का दायित्व निभाया, यहाँ तक कि सरकारी जप्ती के एक दौर में जब ठाकुरजी की भूमि पर संकट उत्पन्न हुआ, तब उन्होंने आवश्यक दस्तावेज सरकार के समक्ष प्रस्तुत कर भूमि को सुरक्षित कराया। समय के साथ, धम्बोला के ब्राह्मण समाज के आग्रह पर शिवरामजी ने गाँव के ब्राह्मण परिवारों को भी कुटुंबवार सेवा का अवसर प्रदान किया, जिसमें भोग सेवा, फूल सेवा, शृंगार सेवा और उत्सव व्यवस्था जैसे दायित्व सौंपे गए। यह परंपरा आज भी श्रद्धा और अनुशासन के साथ निभाई जा रही है। धम्बोला में श्री गोवर्धननाथजी की सेवा केवल दैनिक तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षभर उत्सवों और मनोरथों की अविरल धारा प्रवाहित होती रहती है। इनमें अन्नकूट महोत्सव, छप्पन भोग, डोलो उत्सव, आम मनोरथ, नंद महोत्सव, पलना उत्सव, होली, दीपावली और अधिक मास के विविध मनोरथ शामिल हैं, जो श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करते हैं। मयूरासन, कमल तलाई, नाव मनोरथ, दान लीला, चीरहरण लीला, माखन चोर लीला, सांझी लीला, फूल बंगला, मोती बंगला और गुलाबी घटा जैसे मनोरथ यहाँ की विशिष्ट पहचान बन चुके हैं। विशेष रूप से श्रावण मास में आयोजित हिंडोला उत्सव आकर्षण का केंद्र रहता है, जहाँ चांदी, कलकत्ती कांच, फूलों, फलों और सूखे मेवों से सुसज्जित हिंडोलों में विराजमान श्री गोवर्धननाथजी के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं। धम्बोला की यह गौरवशाली परंपरा आज भी जीवरामजी पंड्या, उदयरामजी पंड्या और शिवरामजी पंड्या के धर्मसाहस, सेवा-भाव और समर्पण की एक जीवंत स्मृति है। पुष्टिमार्ग की संपूर्ण सेवा पद्धति राग, भोग और श्रृंगार पर आधारित है, जिसमें ठाकुरजी को बालस्वरूप मानकर उनकी सेवा की जाती है। प्रतिदिन आठ दर्शन होते हैं – मंगला, श्रृंगार, ग्वाल, राजभोग, उत्थापन, भोग, संध्या आरती और शयन – और प्रत्येक दर्शन में अलग भाव व भोग रहता है। जन्माष्टमी, नंदोत्सव, अन्नकूट और हिंडोला सहित वर्षभर के विभिन्न उत्सव द्वापर युग में नंदबाबा के घर हुई कृष्ण लीलाओं के अनुरूप मनाए जाते हैं, जहाँ 'नंद-नंदन' सेवा का प्रमुख भाव है। श्रीमद् वल्लभाचार्य ने इस भक्ति मार्ग का प्राकट्य किया था और गोस्वामी विट्ठलनाथजी (गुसाईंजी) ने इसमें अनेक विलक्षणताओं का समावेश कर इसे और समृद्ध बनाया। यह मूलतः भावप्रधान भक्ति मार्ग है, जहाँ प्रभु को सूक्ष्म से सूक्ष्म सुख पहुँचाने का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस मार्ग की विशेषता यह है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार ठाकुरजी की सेवा से जुड़ सकता है, चाहे वह चित्रकला, श्रृंगार, संगीत या पाककला के माध्यम से हो। सांझी, रंगोली, उत्सव, राग, भोग और श्रृंगार जैसे विविध माध्यमों से भक्ति का अवसर प्रदान करना पुष्टिमार्ग की अनूठी विशेषता है। आचार्य चरणों ने श्रीमद्भागवत एवं भगवान की इच्छा के अनुरूप इस सेवा परंपरा को विकसित कर भक्तों के लिए सहज, मधुर और अलौकिक भक्ति का मार्ग प्रशस्त किया।
वागड़ अंचल का धम्बोला अपनी पुष्टिमार्गीय सेवा-परंपरा, भव्य मनोरथों और श्री गोवर्धननाथजी की अखंड भक्ति के लिए एक विशेष पहचान रखता है। यह परंपरा मेवाड़ के विश्वविख्यात नाथद्वारा और कांकरोली मंदिरों से जुड़ी मानी जाती है, जहाँ आज भी सेवा, शृंगार और उत्सव उसी श्रद्धा व मर्यादा से मनाए जाते हैं। धम्बोला की यह गौरवपूर्ण परंपरा धर्म, साहस, समर्पण और त्याग की एक ऐतिहासिक गाथा में निहित है। संवत 1914-15 (1857-58 ई.) के दौरान जब देश राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा था, मेवाड़ के कुलगुरु एवं पुष्टिमार्गीय आचार्य श्री पद्मावती माझी महाराज गुजरात यात्रा के दौरान डूंगरपुर के चौरासी क्षेत्र पहुँचे थे। इस यात्रा के समय हुई एक बड़ी लूट की घटना से धर्म और कुलगुरु की प्रतिष्ठा को आघात पहुँचा। ऐसे विकट समय में धम्बोला के धर्मनिष्ठ ब्राह्मण जीवरामजी पंड्या और उदयरामजी पंड्या ने ब्राह्मण समाज का नेतृत्व करते हुए धर्म और न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनके धर्मनिष्ठा, साहस और समर्पण से प्रभावित होकर माझी महाराज ने धम्बोला में प्रवास किया और संवत 1915 की अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर कांकरोली से श्री द्वारिकाधीशजी को जीवरामजी पंड्या के मस्तक पर तथा श्री गोवर्धननाथजी को उदयरामजी पंड्या के मस्तक पर धम्बोला पधराया। साथ ही, दोनों भाइयों को आजीवन तन-मन-धन से ठाकुरजी की सेवा का आदेश प्रदान किया, जिसके साथ ही धम्बोला में पुष्टिमार्गीय सेवा-परंपरा का शुभारंभ हुआ। प्रारंभ में दोनों भाइयों ने अपने-अपने घरों में ठाकुरजी की सेवा आरंभ की। बाद में उदयरामजी की संतान न होने पर उन्होंने अपने बड़े भाई जीवरामजी के पुत्र शिवरामजी को श्री गोवर्धननाथजी की सेवा का उत्तरदायित्व सौंपा, जिसमें अपनी कृषि भूमि एवं अन्य संपत्ति भी शामिल थी ताकि ठाकुरजी की सेवा-व्यवस्था निरंतर चलती रहे। शिवरामजी ने पूर्ण निष्ठा के साथ सेवा-संरक्षण का दायित्व निभाया, यहाँ तक कि सरकारी जप्ती के एक दौर में जब ठाकुरजी की भूमि पर संकट उत्पन्न हुआ, तब उन्होंने आवश्यक दस्तावेज सरकार के समक्ष प्रस्तुत कर भूमि को सुरक्षित कराया। समय के साथ, धम्बोला के ब्राह्मण समाज के आग्रह पर शिवरामजी ने गाँव के ब्राह्मण परिवारों को भी कुटुंबवार सेवा का अवसर प्रदान किया, जिसमें भोग सेवा, फूल सेवा, शृंगार सेवा और उत्सव व्यवस्था जैसे दायित्व सौंपे गए। यह परंपरा आज भी श्रद्धा और अनुशासन के साथ निभाई जा रही है। धम्बोला में श्री गोवर्धननाथजी की सेवा केवल दैनिक तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षभर उत्सवों और मनोरथों की अविरल धारा प्रवाहित होती रहती है। इनमें अन्नकूट महोत्सव, छप्पन भोग, डोलो उत्सव, आम मनोरथ, नंद महोत्सव, पलना उत्सव, होली, दीपावली और अधिक मास के विविध मनोरथ शामिल हैं, जो श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करते हैं। मयूरासन, कमल तलाई, नाव मनोरथ, दान लीला, चीरहरण लीला, माखन चोर लीला, सांझी लीला, फूल बंगला, मोती बंगला और गुलाबी घटा जैसे मनोरथ यहाँ की विशिष्ट पहचान बन चुके हैं। विशेष रूप से श्रावण मास में आयोजित हिंडोला उत्सव आकर्षण का केंद्र रहता है, जहाँ चांदी, कलकत्ती कांच, फूलों, फलों और सूखे मेवों से सुसज्जित हिंडोलों में विराजमान श्री गोवर्धननाथजी के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं। धम्बोला की यह गौरवशाली परंपरा आज भी जीवरामजी पंड्या, उदयरामजी पंड्या और शिवरामजी पंड्या के धर्मसाहस, सेवा-भाव और समर्पण की एक जीवंत स्मृति है। पुष्टिमार्ग की संपूर्ण सेवा पद्धति राग, भोग और श्रृंगार पर आधारित है, जिसमें ठाकुरजी को बालस्वरूप मानकर उनकी सेवा की जाती है। प्रतिदिन आठ दर्शन होते हैं – मंगला, श्रृंगार, ग्वाल, राजभोग, उत्थापन, भोग, संध्या आरती और शयन – और प्रत्येक दर्शन में अलग भाव व भोग रहता है। जन्माष्टमी, नंदोत्सव, अन्नकूट और हिंडोला सहित वर्षभर के विभिन्न उत्सव द्वापर युग में नंदबाबा के घर हुई कृष्ण लीलाओं के अनुरूप मनाए जाते हैं, जहाँ 'नंद-नंदन' सेवा का प्रमुख भाव है। श्रीमद् वल्लभाचार्य ने इस भक्ति मार्ग का प्राकट्य किया था और गोस्वामी विट्ठलनाथजी (गुसाईंजी) ने इसमें अनेक विलक्षणताओं का समावेश कर इसे और समृद्ध बनाया। यह मूलतः भावप्रधान भक्ति मार्ग है, जहाँ प्रभु को सूक्ष्म से सूक्ष्म सुख पहुँचाने का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस मार्ग की विशेषता यह है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार ठाकुरजी की सेवा से जुड़ सकता है, चाहे वह चित्रकला, श्रृंगार, संगीत या पाककला के माध्यम से हो। सांझी, रंगोली, उत्सव, राग, भोग और श्रृंगार जैसे विविध माध्यमों से भक्ति का अवसर प्रदान करना पुष्टिमार्ग की अनूठी विशेषता है। आचार्य चरणों ने श्रीमद्भागवत एवं भगवान की इच्छा के अनुरूप इस सेवा परंपरा को विकसित कर भक्तों के लिए सहज, मधुर और अलौकिक भक्ति का मार्ग प्रशस्त किया।
- सीमलवाड़ा में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आधुनिक भारत के शिल्पकार और देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि मनाई। सांसद कार्यालय के समीप होटल ऋतुराज परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 'चाचा नेहरू' के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उनके बताए आदर्शों और सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रियकांत पंड्या, जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष मुस्ताक अहमद पठान, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विनोद कुमार कटारा, पंचायतीराज जिलाध्यक्ष रूपचंद भगोरा, पंचायत समिति सदस्य महेंद्र भगोरा, ओबीसी प्रकोष्ठ प्रदेश सचिव सुरेश भोई, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश पाटीदार, ओबीसी जिलाध्यक्ष राकेश लबाना, विधि प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बालगोविंद पाटीदार और एनएसयूआई अध्यक्ष रितेश भगोरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, मंडल अध्यक्ष शंकरलाल यादव, धूलेश्वर पाटीदार, विभीषण भगोरा, धवल पटेल, कांति भाई महाराज, पीयूष कलाल, विनोद कुमार यादव, अमरसिंह डामोर, प्रवीण डामोर, अमृतलाल कलाल, शाहिद बंगा, नारायणलाल, गुड्डूलाल और मोहन भाई समेत अनेक कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्र भारत को आधुनिक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ाया। उन्होंने नेहरू के हरित क्रांति, औद्योगिक विकास, शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीकी संस्थानों की स्थापना तथा धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की मजबूत नींव रखने में महत्वपूर्ण योगदान पर जोर दिया। भगोरा ने बताया कि अंग्रेजों की गुलामी के बाद देश जातिवाद, भेदभाव और सामाजिक विषमताओं से जूझ रहा था, लेकिन नेहरू ने भारतीय संविधान की मूल भावना को सर्वोपरि रखते हुए देश को एक मजबूत, सार्वभौम और विकासशील राष्ट्र बनाने की दिशा में काम किया, साथ ही लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करते हुए सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला रखी। इस अवसर पर ताराचंद भगोरा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सार्वजनिक संपत्तियों और संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे देश की आर्थिक संरचना कमजोर हो रही है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करें और देशहित की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएं। कार्यक्रम के अंत में सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'चाचा नेहरू' की पुण्यतिथि पर उनके आदर्शों, सिद्धांतों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर चलने का तथा कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।1
- एएनएम एलएचवी संघ राजस्थान के नेतृत्व में बुधवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक राकेश शर्मा को 13 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। संघ प्रमुख सपना पूनिया और संयुक्त कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राणा सहित प्रदेश एवं जिला स्तरीय अन्य पदाधिकारी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। इस दौरान निदेशालय में हुई बैठक में कई लंबित मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी, जिससे जून माह में उनके समाधान की उम्मीद जगी है। संघ की जिला संयोजक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष मीना कुमारी पारेता ने बताया कि चर्चा के दौरान एएनएम से जीएनएम प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके कार्मिकों की डीपीसी सूची 15 जून तक जारी करने, एएनएम से एलएचवी पदोन्नति सूची में संशोधन कर उसे पुनः जारी करने तथा लंबित एमएसीपी प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने पर अधिकारियों ने सकारात्मक सहमति दी है। अधिकारियों ने यह भी आश्वस्त किया कि यदि किसी कर्मचारी के प्रकरण में कोई आपत्ति होगी तो उसकी सूचना सीधे संबंधित कर्मचारी को दी जाएगी, अन्यथा जिम्मेदार कार्मिक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, बैठक में यह भी तय हुआ कि 12 मई को राज्य स्तर पर सम्मानित होने वाली सूची में प्रत्येक जिले से एक एएनएम एवं एक एलएचवी का नाम शामिल किया जाएगा, और ऐसा न होने पर संबंधित सीएमएचओ से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में ग्रेड पे में सुधार, सेवा नियमों में संशोधन, पदनाम परिवर्तन, स्थायीकरण, एएनएम से जीएनएम बन चुके कार्मिकों की अंतिम सूची जारी कर पदस्थापन देने, भर्ती नियमों के अनुसार उच्च प्रशिक्षणधारी कार्मिकों को 10 प्रतिशत लाभ प्रदान करने, वेतन विसंगतियों के समाधान तथा एएनएम, एलएचवी, बीएचएस एवं डीएचएस के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। अतिरिक्त निदेशक राकेश शर्मा ने संगठन की इन मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए जून माह में कई बिंदुओं पर समाधान का आश्वासन दिया। इस सकारात्मक प्रतिक्रिया के लिए संघ पदाधिकारियों, जिनमें प्रदेश कोष प्रभारी पुष्पा मीना, जयपुर संभाग अध्यक्ष सीमा मिश्रा, खैरथल-तिजारा जिला अध्यक्ष सरोज, प्रदेश कानून मंत्री चंद्रप्रभा प्रजापति, जयपुर जिला अध्यक्ष अनीता चौधरी सहित मनोज, सरला रतन, किरण मेघवाल, दीपा मीना एवं अन्य पदाधिकारी शामिल थे, ने उनका आभार व्यक्त किया।1
- डूंगरपुर के दौवड़ा तहसील मुख्यालय पर आज राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। ब्लॉक अध्यक्ष राकेश रोत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जनहित के विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए माननीय तहसीलदार महोदय को एक ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों, रसोई गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि, युवाओं में रोजगार की कमी और नीट पेपर लीक जैसे गंभीर विषयों को उठाया। उन्होंने अपने विरोध को अनूठे ढंग से प्रस्तुत किया, जिसमें सिर पर खाली गैस सिलेंडर रखकर, गले में बल्बों की माला पहनकर और बिना पेट्रोल की मोटरसाइकिल को धक्का लगाते हुए तहसील कार्यालय तक मार्च निकालना शामिल था। कार्यकर्ताओं ने "पेट्रोल-डीजल के दाम कम करो", "रसोई गैस सस्ती करो" और "युवाओं को रोजगार दो" जैसे नारों के साथ सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाई। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष वल्लभ राम पाटीदार, पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार, जिला उपाध्यक्ष मनोज पाटीदार, जिला संगठन महामंत्री नारायण पंड्या, प्रवक्ता सुखदेव यादव, सेवादल जिला अध्यक्ष उर्मिला अहारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। अंत में, ब्लॉक अध्यक्ष राकेश रोत ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा आमजन के हितों की लड़ाई लड़ती रही है और जनता से जुड़े हर मुद्दे पर संघर्ष जारी रखेगी।1
- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार, आज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने ब्लॉक अध्यक्ष राकेश रोत के नेतृत्व में दौवड़ा तहसील मुख्यालय पर जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर एक अनोखा विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार को राज्य सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दाम, रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि, युवाओं में रोजगार की कमी और नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। विरोध को अनोखे ढंग से प्रस्तुत करते हुए, कार्यकर्ताओं ने अपने सिर पर खाली गैस सिलेंडर रखकर, गले में बल्बों की माला पहनकर और बिना पेट्रोल की मोटरसाइकिल को धक्का लगाते हुए तहसील कार्यालय तक मार्च निकाला। इस अनूठे प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने "पेट्रोल-डीजल के दाम कम करो", "रसोई गैस सस्ती करो" और "युवाओं को रोजगार दो" जैसे नारों के साथ सरकार से अपनी मुख्य मांगें रखीं।2
- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने आज ब्लॉक अध्यक्ष राकेश रोत के नेतृत्व में दौवड़ा तहसील मुख्यालय पर राज्य सरकार के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद माननीय तहसीलदार महोदय को सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई में वृद्धि, पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतें, रसोई गैस सिलेंडर के दामों में इजाफा, युवाओं में रोज़गार की कमी और नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मसलों को लेकर ज़ोरदार नारेबाज़ी की। अपने विरोध को अनूठे ढंग से व्यक्त करते हुए, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिर पर खाली गैस सिलेंडर रखकर, गले में बल्बों की माला पहनकर और बिना पेट्रोल की मोटरसाइकिल को धक्का लगाते हुए तहसील कार्यालय तक मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में “पेट्रोल-डीजल के दाम कम करो”, “रसोई गैस सस्ती करो”, और “युवाओं को रोज़गार दो” जैसे नारे गूँजे। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष वल्लभ राम पाटीदार, पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार, जिला उपाध्यक्ष मनोज पाटीदार, जिला संगठन महामंत्री नारायण पंड्या, प्रवक्ता सुखदेव यादव, सेवादल जिला अध्यक्ष उर्मिला अहारी, महासचिव मीनाक्षी परमार, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष कन्यालाल पटेल, सचिव महेंद्र पाटीदार, पेंशनर प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष दीनबंधु परमार, ब्लॉक संगठन महामंत्री तखतसिंह डाबी, गौरव यादव, मंडल अध्यक्ष विद्यासागर सुथार, आतरी मंडल अध्यक्ष लक्ष्मण रोत, पंचायती राज ब्लॉक अध्यक्ष देवीलाल अहारी, खेलकूद प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष प्रवीण गमेती, आदिवासी कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश अहारी, महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शिला अहारी, रामलाल अहारी, डायालाल खटीक, सुनीता अहारी, दुर्गा रोत, रामचंद्र जी पाटीदार, रामचंद्र कटारा, दिनेश जी यादव, मरताभाई आसेला, मणिलाल जी सेलज, नारायण लाल अहारी वागदरी, दया शंकर जी, राजेश पातली, प्रभु लाल अहारी, गणेश रघुनाथपुरा, व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुरेश जी पाटीदार, मोगजी भाई वसी, तोलाराम कटारा, जितेंद्र अहारी, रमेश जी भोजता, कोलन भाई रोत, धूलेश्वर पाटीदार, मणिलाल माताटेबा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। अंत में, ब्लॉक अध्यक्ष राकेश रोत ने यह दृढ़तापूर्वक कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा आमजन के हितों की लड़ाई लड़ी है और भविष्य में भी जनता से जुड़े हर मुद्दे पर अपना संघर्ष जारी रखेगी।1
- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने ब्लॉक अध्यक्ष राकेश रोत के नेतृत्व में दौवड़ा तहसील मुख्यालय पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जनहित के विभिन्न मुद्दों को लेकर माननीय तहसीलदार महोदय को राज्य सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों, रसोई गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि, युवाओं में रोजगार की कमी और नीट पेपर लीक जैसे गंभीर विषयों पर सरकार के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी की। अपने विरोध को अनोखे ढंग से प्रस्तुत करते हुए, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिर पर खाली गैस सिलेंडर रखकर, गले में बल्बों की माला पहनकर और बिना पेट्रोल की मोटरसाइकिल को धक्का लगाते हुए तहसील कार्यालय तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी "पेट्रोल-डीजल के दाम कम करो", "रसोई गैस सस्ती करो" और "युवाओं को रोजगार दो" जैसे नारे लगा रहे थे। इस अनूठे प्रदर्शन ने आमजन की समस्याओं और महंगाई से जनता को हो रही परेशानियों को प्रभावी तरीके से उजागर किया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष वल्लभ राम पाटीदार, पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार, जिला उपाध्यक्ष मनोज पाटीदार, जिला संगठन महामंत्री नारायण पंड्या, प्रवक्ता सुखदेव यादव, सेवादल जिला अध्यक्ष उर्मिला अहारी, महासचिव मीनाक्षी परमार, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष कन्यालाल पटेल, सचिव महेंद्र पाटीदार, पेंशनर प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष दीनबंधु परमार, ब्लॉक संगठन महामंत्री तखतसिंह डाबी, मंडल अध्यक्ष विद्यासागर सुथार, आतरी मंडल अध्यक्ष लक्ष्मण रोत, पंचायती राज ब्लॉक अध्यक्ष देवीलाल अहारी, खेलकूद प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष प्रवीण गमेती, आदिवासी कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश अहारी, महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शिलाअहारी रामलाल अहारी, तथा व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुरेश जी पाटीदार सहित गौरव यादव, डायालाल खटीक, सुनीता अहारी, दुर्गा रोत, रामचंद्र पाटीदार, रामचंद्र कटारा, दिनेश यादव, मरताभाई आसेला, मणिलाल सेलज, नारायण लाल अहारी वागदरी, दया शंकर जी, राजेश पातली, प्रभु लाल अहारी, गणेश रघुनाथपुरा, मोगजी भाई वसी, तोलाराम कटारा, जितेंद्र अहारी, रमेश जी भोजता, कोलन भाई रोत, धूलेश्वर पाटीदार, मणिलाल माताटेबा जैसे बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। अंत में, ब्लॉक अध्यक्ष राकेश रोत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा आमजन के हितों की लड़ाई लड़ती रही है और जनता से जुड़े हर मुद्दे पर आगे भी उनका संघर्ष जारी रहेगा।1
- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार, बुधवार को आसपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने आसपुर तहसील मुख्यालय पर जनसमस्याओं को लेकर एक धरना-प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गजेंद्र सिंह खरोडिया के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बिजली-पानी की समस्या, बेरोजगारी, रसोई गैस की किल्लत सहित आमजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपना तीखा विरोध जताया। ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह खरोडिया ने विशेष रूप से बिजली कटौती को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के डूंगरपुर दौरे के दौरान तो विद्युत आपूर्ति बराबर थी, लेकिन उनके जाने के बाद यह पूरी तरह चरमरा गई, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरा गुस्सा दिखा। राकेश बामनिया ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह कांग्रेस शासनकाल में स्वीकृत हुए विकास कार्यों को रोक रही है। उन्होंने बिजली कटौती और पंचायतों में बजट रोकने जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। खुदेड़ा के सरपंच रामलाल ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उसके पास कांग्रेस सरकार द्वारा बनाई गई नहरों की मरम्मत के लिए भी बजट नहीं है, ऐसे में विकास कार्यों के लिए बजट कहाँ से मिलेगा। उन्होंने पानी, बिजली, हर घर नल-जल योजना, पेंशन और रोजगार गारंटी सहित सभी योजनाओं में बजट की कमी का आरोप लगाया। रामलाल ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली के नाम पर स्मार्ट मीटर लगाकर लोगों को लूटा जा रहा है और पेट्रोल-डीजल की नई दरों को चार बार लागू कर सीधा जनता पर बोझ डाला जा रहा है। इसके अतिरिक्त, कोर्ट के आदेश के बावजूद भाजपा सरकार द्वारा पंचायत राज चुनाव न कराए जाने को लेकर भी कांग्रेस में भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार के माध्यम से राज्य सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस 'हल्ला बोल' प्रदर्शन के ज़रिए कांग्रेस ने महंगाई और बिजली-पानी संकट के साथ-साथ भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला।1
- सीमलवाड़ा में चौरासी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को उपखंड कार्यालय पर पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस की बढ़ती कीमतों, पेयजल संकट, अघोषित बिजली कटौती, बेरोजगारी, मनरेगा में काम नहीं मिलने और किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए नारेबाजी कर अपना विरोध जताया, जिसके दौरान उपखंड कार्यालय परिसर में करीब एक घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगे पेट्रोल और डीजल के विरोध में मोटरसाइकिलों को धक्का देकर अनूठा प्रदर्शन किया। वहीं, महिलाओं ने पानी की समस्या पर सिर पर खाली मटके रखकर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया, जबकि मनरेगा में रोजगार न मिलने से नाराज श्रमिक हाथों में गेती-फावड़े लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने भाजपा सरकार पर आमजन की समस्याओं से पूरी तरह बेखबर रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतें गरीब और मध्यम वर्ग का बजट बिगाड़ रही हैं, और केंद्र व राज्य सरकारें महंगाई रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई हैं। भगोरा ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर जनता को कोई राहत नहीं मिल रही है, जिससे किसान, मजदूर, युवा और महिलाएं सभी परेशान हैं, पर सरकार उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है। पूर्व विधायक शंकरलाल अहारी ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भीषण गर्मी में क्षेत्र के लोग पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। उन्होंने नौतपा में 45 डिग्री से अधिक तापमान के बावजूद गांवों में घंटों अघोषित बिजली कटौती और 'जल जीवन मिशन' के बड़े-बड़े दावों के बावजूद अधिकांश गांवों में गहराए पेयजल संकट का मुद्दा उठाया। अहारी ने बताया कि हैंडपंप सूख चुके हैं, टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, और पशुओं के लिए भी पानी व चारे का संकट बना हुआ है, जिससे स्पष्ट होता है कि भाजपा सरकार जनविरोधी नीतियों पर काम कर रही है और आमजन की समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह नाकाम रही है। ब्लॉक अध्यक्ष विनोद कटारा ने युवाओं के भविष्य के साथ लगातार हो रहे खिलवाड़ पर चिंता व्यक्त की और नीट परीक्षा पेपर लीक मामले का उल्लेख किया, कहा कि लाखों छात्र-छात्राओं की मेहनत पर पानी फेर दिया गया, लेकिन दोषियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने मनरेगा में मजदूरों को पर्याप्त काम न मिलने, किसानों को आपदा राहत न दिए जाने और वृद्धजनों व जरूरतमंदों को समय पर पेंशन न मिलने का भी जिक्र किया। कटारा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल प्रचार में व्यस्त है, जबकि गांवों में आमजन बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि बरसात का मौसम नजदीक है, लेकिन जर्जर और नकारा स्कूल भवनों की अब तक मरम्मत नहीं करवाई गई है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को गंभीर खतरा बना हुआ है। उन्होंने सरकार से इन सभी समस्याओं का तत्काल प्रभाव से समाधान करने की मांग की। इस प्रदर्शन के दौरान पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, पूर्व विधायक शंकरलाल अहारी, विधायक प्रत्याशी महेश रोत, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रियकांत पंड्या, पूर्व जिला उपाध्यक्ष मुश्ताक अहमद खान पठान, ब्लॉक अध्यक्ष विनोद कटारा, रूपचंद भगोरा, सुरेश भोई, सरपंच संजय कलासुआ, मुकेश खांट, महेंद्र भगोरा, अमृतलाल कलाल, शाहिद बंगा, बालगोविंद पाटीदार, मंडल अध्यक्ष धनेश्वर पाटीदार, शंकरलाल यादव, राजमल कोठारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।1