सीमलवाड़ा में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आधुनिक भारत के शिल्पकार और देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि मनाई। सांसद कार्यालय के समीप होटल ऋतुराज परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 'चाचा नेहरू' के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उनके बताए आदर्शों और सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रियकांत पंड्या, जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष मुस्ताक अहमद पठान, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विनोद कुमार कटारा, पंचायतीराज जिलाध्यक्ष रूपचंद भगोरा, पंचायत समिति सदस्य महेंद्र भगोरा, ओबीसी प्रकोष्ठ प्रदेश सचिव सुरेश भोई, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश पाटीदार, ओबीसी जिलाध्यक्ष राकेश लबाना, विधि प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बालगोविंद पाटीदार और एनएसयूआई अध्यक्ष रितेश भगोरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, मंडल अध्यक्ष शंकरलाल यादव, धूलेश्वर पाटीदार, विभीषण भगोरा, धवल पटेल, कांति भाई महाराज, पीयूष कलाल, विनोद कुमार यादव, अमरसिंह डामोर, प्रवीण डामोर, अमृतलाल कलाल, शाहिद बंगा, नारायणलाल, गुड्डूलाल और मोहन भाई समेत अनेक कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्र भारत को आधुनिक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ाया। उन्होंने नेहरू के हरित क्रांति, औद्योगिक विकास, शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीकी संस्थानों की स्थापना तथा धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की मजबूत नींव रखने में महत्वपूर्ण योगदान पर जोर दिया। भगोरा ने बताया कि अंग्रेजों की गुलामी के बाद देश जातिवाद, भेदभाव और सामाजिक विषमताओं से जूझ रहा था, लेकिन नेहरू ने भारतीय संविधान की मूल भावना को सर्वोपरि रखते हुए देश को एक मजबूत, सार्वभौम और विकासशील राष्ट्र बनाने की दिशा में काम किया, साथ ही लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करते हुए सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला रखी। इस अवसर पर ताराचंद भगोरा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सार्वजनिक संपत्तियों और संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे देश की आर्थिक संरचना कमजोर हो रही है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करें और देशहित की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएं। कार्यक्रम के अंत में सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'चाचा नेहरू' की पुण्यतिथि पर उनके आदर्शों, सिद्धांतों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर चलने का तथा कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
सीमलवाड़ा में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आधुनिक भारत के शिल्पकार और देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि मनाई। सांसद कार्यालय के समीप होटल ऋतुराज परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 'चाचा नेहरू' के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उनके बताए आदर्शों और सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रियकांत पंड्या, जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष मुस्ताक अहमद पठान, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विनोद कुमार कटारा, पंचायतीराज जिलाध्यक्ष रूपचंद भगोरा, पंचायत समिति सदस्य महेंद्र भगोरा, ओबीसी प्रकोष्ठ प्रदेश सचिव सुरेश भोई, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश पाटीदार, ओबीसी जिलाध्यक्ष राकेश लबाना, विधि प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बालगोविंद पाटीदार और एनएसयूआई अध्यक्ष रितेश भगोरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, मंडल अध्यक्ष शंकरलाल यादव, धूलेश्वर पाटीदार, विभीषण भगोरा, धवल पटेल, कांति भाई महाराज, पीयूष कलाल, विनोद कुमार यादव, अमरसिंह डामोर, प्रवीण डामोर, अमृतलाल कलाल, शाहिद बंगा, नारायणलाल, गुड्डूलाल और मोहन भाई समेत अनेक कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्र भारत को आधुनिक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ाया। उन्होंने नेहरू के हरित क्रांति, औद्योगिक विकास, शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीकी संस्थानों की स्थापना तथा धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की मजबूत नींव रखने में महत्वपूर्ण योगदान पर जोर दिया। भगोरा ने बताया कि अंग्रेजों की गुलामी के बाद देश जातिवाद, भेदभाव और सामाजिक विषमताओं से जूझ रहा था, लेकिन नेहरू ने भारतीय संविधान की मूल भावना को सर्वोपरि रखते हुए देश को एक मजबूत, सार्वभौम और विकासशील राष्ट्र बनाने की दिशा में काम किया, साथ ही लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करते हुए सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला रखी। इस अवसर पर ताराचंद भगोरा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सार्वजनिक संपत्तियों और संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे देश की आर्थिक संरचना कमजोर हो रही है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करें और देशहित की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएं। कार्यक्रम के अंत में सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'चाचा नेहरू' की पुण्यतिथि पर उनके आदर्शों, सिद्धांतों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर चलने का तथा कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
- ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सीमलवाड़ा विधानसभा क्षेत्र चौरासी ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता हाथों में खेती के औजार, गैस सिलेंडर, मटके लिए और मोटरसाइकिल को धक्का लगाते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने सरकार विरोधी नारे भी लगाए। ज्ञापन में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर विशेष नाराजगी जताई गई, साथ ही बिजली, पानी, सड़क, राजस्व संबंधी मामलों, किसानों की लंबित मांगों, शिक्षा व्यवस्था, महिला अत्याचार और गोवध की बढ़ती घटनाओं तथा बेरोजगार युवाओं की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आमजन महंगाई, बेरोजगारी और विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं से परेशान है, लेकिन सरकार उनके समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। इस प्रदर्शन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव एवं पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद कटारा, पूर्व विधायक शंकरलाल आहारी, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रियाकांत पंड्या, जिला उपाध्यक्ष मुश्ताक अहमद पठान सहित सैकड़ों महिला-पुरुष कार्यकर्ता, किसान, मजदूर और बेरोजगार युवा शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो पार्टी द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमाया रहा और कांग्रेस नेताओं ने जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।1
- डूंगरपुर जिले में बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ओडा बडा गांव में हुए सनसनीखेज हत्या के मामले का पर्दाफाश करते हुए 06 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और लट्ठ भी जब्त किए हैं। यह पूरा मामला आपसी रंजिश का बताया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बीते 6 मई 2026 की शाम को ओडा बडा निवासी तेजराम खराड़ी अपने घर पर काम कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी सुरेश डामोर अपने अन्य साथियों के साथ मोटरसाइकिलों पर सवार होकर हाथों में लोहे की पाइप, चेन और लाठियां लेकर उनके घर में घुस गए। आरोपियों ने तेजराम पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे उनके सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने आए तेजराम के माता-पिता के साथ भी आरोपियों ने बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल तेजराम को पहले डूंगरपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से नाजुक हालत में उन्हें उदयपुर रेफर किया गया। जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए आखिरकार 22 मई 2026 को इलाज के दौरान तेजराम ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में नामजद 6 मुख्य आरोपियों सुरेश डामोर, अरविन्द डामोर, प्रकाश डामोर, नरेश डामोर, गणेश डामोर और अश्विन डामोर को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी आरोपी ओडा बडा के बताए जा रहे हैं। डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीवसिंह और वृत्ताधिकारी मदनलाल के सुपरविजन में बिछीवाड़ा थानाधिकारी कैलाश चंद्र सोनी की टीम इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से वारदात के अन्य पहलुओं और फरार आरोपियों के बारे में पूछताछ जारी है।1
- डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर चलाए गए "ऑपरेशन शिकंजा" के तहत बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने ओडा बडा गांव में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले का बड़ा खुलासा करते हुए छह मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीवसिंह और वृत्ताधिकारी मदनलाल के सुपरविजन में बिछीवाड़ा थानाधिकारी कैलाशचंद्र सोनी की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और लट्ठ भी जब्त कर लिए हैं। यह घटना 6 मई 2026 की शाम को हुई थी, जब ओडा बडा निवासी तेजराम खराड़ी अपने घर पर काम कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी सुरेश डामोर अपने अन्य साथियों के साथ मोटरसाइकिलों पर लोहे की पाइप, चेन और लाठियां लेकर उनके घर में घुस गए। आरोपियों ने तेजराम पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उनके सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने आए तेजराम के माता-पिता के साथ भी आरोपियों ने बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल तेजराम को पहले डूंगरपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से नाजुक हालत के चलते उन्हें उदयपुर रेफर कर दिया गया था, लेकिन इलाज के दौरान 22 मई 2026 को तेजराम ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ओडा बडा निवासी सुरेश डामोर, अरविंद डामोर, प्रकाश डामोर, नरेश डामोर, गणेश डामोर और अश्विन डामोर सहित कुल छह नामजद मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बिछीवाड़ा थानाधिकारी कैलाशचंद्र सोनी की टीम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीवसिंह और वृत्ताधिकारी मदनलाल के सुपरविजन में इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा पुलिस थाना द्वारा मौजा ओड़ा बड़ा में 06 मई, 2026 को हुई हत्या का बड़ा खुलासा करते हुए कुल छह मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लट्ठ भी जब्त किए हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार, डूंगरपुर द्वारा चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत, थानाधिकारी कैलाशचन्द्र सोनी के नेतृत्व में की गई। प्रार्थी रामा पिता हुका डामोर (63) निवासी ओड़ा बड़ा ने 08 मई, 2026 को बिछीवाड़ा पुलिस थाने में एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 06 मई, 2026 की शाम करीब 6 बजे, जब वह और उनका पुत्र तेजराम घर की दीवार का काम कर रहे थे और उनकी पत्नी कावी साफ-सफाई कर रही थीं, तभी अभियुक्त सुरेश पुत्र रूपसी डामोर निवासी भेहणा अपने साथियों नरेश डामोर, आशीष डामोर, प्रकाश डामोर, अंकित डामोर, गणेश डामोर, जयेश डामोर, रोहित वरहात और अन्य व्यक्तियों के साथ मोटरसाइकिलों पर सवार होकर उनके घर के आँगन में घुस आए। सभी हमलावर हाथों में लोहे की पाइप, चेन और लट्ठ लिए हुए थे। उन्होंने तेजराम खराड़ी पर हमला कर लातों, मुक्कों, लोहे की पाइप और चेन से मारपीट की, जिससे तेजराम के सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। जब प्रार्थी रामा और उनकी पत्नी कावी बीच-बचाव करने गए, तो उनके साथ भी मारपीट की गई और कावी के दाहिने हाथ पर गंभीर चोटें आईं। उनकी चीख-पुकार सुनकर विजय पिता रमेश खराड़ी, प्रवीण पिता जीवा खराड़ी, प्रवीण पिता प्रभु लाल खराड़ी और कमला पिता जीवा खराड़ी दौड़कर आए, जिन्हें देखकर सभी अभियुक्त मौके से फरार हो गए। घायल तेजराम को तत्काल डूंगरपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे उदयपुर के अस्पताल में रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान, 22 मई, 2026 को तेजराम पिता रामा खराड़ी (30) निवासी ओड़ा बड़ा की मृत्यु हो गई। इसके बाद मृतक का पोस्टमॉर्टम करवाया गया और शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। अनुसंधान के दौरान, पुलिस ने घटनास्थल से आरोपियों द्वारा प्रयुक्त मोटरसाइकिलों को जब्त किया। पुलिस ने वांछित आरोपी सुरेश डामोर, अरविंद डामोर, गणेश डामोर, प्रकाश डामोर, अश्विन डामोर और नरेश डामोर को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से आगे की जांच जारी है।1
- डूंगरपुर के भंडारिया घाटा गौशाला में “वंदे गंगा जल संरक्षण - जन अभियान 2026” के अंतर्गत एक स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण करके किया गया। इसका आयोजन समाजसेवी बंसीलाल कटाराहंसमुख पंड्या के मुख्य आतिथ्य में तथा जिला कलक्टर देशलदान की मौजूदगी में हुआ। इस अवसर पर भंडारिया गौशाला में गायों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, उन्हें हरी घास एवं गुड़ खिलाया गया, और भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए पक्षियों के लिए परिंडे भी बांधे गए। कार्यक्रम में कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर दिनेश चंद्र बामनिया, समाजसेवी हसमुख पंड्या सहित विभिन्न संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। विधायक प्रत्याशी बंसी लाल कटारा और जिला कलेक्टर ने भी पक्षियों के लिए परिंडे बांधने की बात कही, ताकि उन्हें भीषण गर्मी से राहत मिल सके।3
- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार, बुधवार को आसपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने आसपुर तहसील मुख्यालय पर जनसमस्याओं को लेकर एक धरना-प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गजेंद्र सिंह खरोडिया के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बिजली-पानी की समस्या, बेरोजगारी, रसोई गैस की किल्लत सहित आमजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपना तीखा विरोध जताया। ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह खरोडिया ने विशेष रूप से बिजली कटौती को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के डूंगरपुर दौरे के दौरान तो विद्युत आपूर्ति बराबर थी, लेकिन उनके जाने के बाद यह पूरी तरह चरमरा गई, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरा गुस्सा दिखा। राकेश बामनिया ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह कांग्रेस शासनकाल में स्वीकृत हुए विकास कार्यों को रोक रही है। उन्होंने बिजली कटौती और पंचायतों में बजट रोकने जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। खुदेड़ा के सरपंच रामलाल ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उसके पास कांग्रेस सरकार द्वारा बनाई गई नहरों की मरम्मत के लिए भी बजट नहीं है, ऐसे में विकास कार्यों के लिए बजट कहाँ से मिलेगा। उन्होंने पानी, बिजली, हर घर नल-जल योजना, पेंशन और रोजगार गारंटी सहित सभी योजनाओं में बजट की कमी का आरोप लगाया। रामलाल ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली के नाम पर स्मार्ट मीटर लगाकर लोगों को लूटा जा रहा है और पेट्रोल-डीजल की नई दरों को चार बार लागू कर सीधा जनता पर बोझ डाला जा रहा है। इसके अतिरिक्त, कोर्ट के आदेश के बावजूद भाजपा सरकार द्वारा पंचायत राज चुनाव न कराए जाने को लेकर भी कांग्रेस में भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार के माध्यम से राज्य सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस 'हल्ला बोल' प्रदर्शन के ज़रिए कांग्रेस ने महंगाई और बिजली-पानी संकट के साथ-साथ भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला।1
- डूंगरपुर के सीमलवाड़ा में भारतीय जनता पार्टी का पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत दो दिवसीय जिला स्तरीय कार्य योजना एवं प्रशिक्षण कार्यशाला बुधवार को शहर स्थित वरदान स्कूल परिसर में भव्य रूप से शुरू हुई। इस महाप्रशिक्षण शिविर में संगठन की रीति-नीति, राष्ट्रवाद, बूथ सशक्तिकरण, जनसंघ के इतिहास, मीडिया प्रबंधन, सामाजिक चुनौतियों और नई तकनीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिसके बाद 'वंदे मातरम्' और 'भारत माता की जय' के नारों से पूरा सभागार गूंज उठा। राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी मुख्य अतिथि रहे, जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर सागवाड़ा विधायक शंकर लाल डेचा, पूर्व राज्यमंत्री सुशील कटारा, डूंगरपुर प्रत्याशी बंशीलाल कटारा, चौरासी प्रत्याशी कारीलाल ननोमा, पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा सहित भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। पहले सत्र में कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने 'हमारा सैद्धांतिक अधिष्ठान' विषय पर अपने विचार रखे, जिसमें उन्होंने एकात्म मानववाद, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और भाजपा की पंच निष्ठाओं को संगठन की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनसंघ की स्थापना का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रवादी विचारधारा को मजबूत करना था, और आज देश पुनः विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। खराड़ी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से राष्ट्रसेवा के भाव से काम करने और संगठन व राष्ट्रहित में समर्पित रहने का आह्वान किया। दूसरे सत्र में उदयपुर जिला महामंत्री पंकज बोराणा ने भारतीय जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक की यात्रा को विस्तार से बताते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा 1951 में स्थापित जनसंघ ने वर्षों के संघर्ष के बाद भाजपा के रूप में विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का स्वरूप लिया है, जिसके देशभर में 14 करोड़ से अधिक सदस्य और लगभग ढाई करोड़ सक्रिय कार्यकर्ता हैं। तीसरे सत्र में डूंगरपुर प्रत्याशी बंशीलाल कटारा ने देश के समक्ष वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा की, जिसमें विदेशी ताकतों और फंडिंग के माध्यम से अस्थिरता और अराजकता फैलाने के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा पर जोर दिया। चौथे सत्र में प्रदेश संयोजक सहकारिता प्रकोष्ठ प्रमोद सामर ने संगठन की अनुशासित और योजनाबद्ध कार्यशैली को भाजपा की ताकत बताते हुए नई तकनीक और आधुनिक व्यवस्थाओं को संगठन से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। पांचवें सत्र में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा ने बूथ प्रबंधन, स्थायी कार्यक्रम, सूचना प्रौद्योगिकी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम पर प्रशिक्षण दिया, जिसमें बूथ को भाजपा की सबसे बड़ी शक्ति बताया और प्रत्येक पदाधिकारी को कम से कम एक बूथ गोद लेकर संगठनात्मक गतिविधियां संचालित करने का आह्वान किया। अंतिम सत्र में प्रदेश प्रवक्ता मुकेश रावत ने सोशल मीडिया, मीडिया प्रबंधन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रभावी सूचना तंत्र के माध्यम से संगठन की सकारात्मक छवि निर्माण पर जोर दिया और कार्यकर्ताओं से तथ्यात्मक व सकारात्मक प्रचार-प्रसार करने को कहा। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों की अध्यक्षता क्रमशः जिलाध्यक्ष अशोक पटेल रणोली, पूर्व राज्यमंत्री सुशील कटारा, पूर्व जिलाध्यक्ष गुरुप्रसाद पटेल, विधायक शंकर लाल डेचा, पूर्व सांसद कनकमल कटारा और छठे सत्र में पूर्व जिलाध्यक्ष बेलजी पटेल ने की। अतिथियों का परिचय जिला प्रवक्ता राजेश पाटीदार, जिला उपाध्यक्ष हंसमुख पंड्या और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दीनदयाल सिंह चौहान ने कराया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री पंकज जैन, सुरमाल परमार और ईश्वरलाल लबाना ने किया। कार्यशाला में जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, महामंत्री, विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- वागड़ अंचल का धम्बोला अपनी पुष्टिमार्गीय सेवा-परंपरा, भव्य मनोरथों और श्री गोवर्धननाथजी की अखंड भक्ति के लिए एक विशेष पहचान रखता है। यह परंपरा मेवाड़ के विश्वविख्यात नाथद्वारा और कांकरोली मंदिरों से जुड़ी मानी जाती है, जहाँ आज भी सेवा, शृंगार और उत्सव उसी श्रद्धा व मर्यादा से मनाए जाते हैं। धम्बोला की यह गौरवपूर्ण परंपरा धर्म, साहस, समर्पण और त्याग की एक ऐतिहासिक गाथा में निहित है। संवत 1914-15 (1857-58 ई.) के दौरान जब देश राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा था, मेवाड़ के कुलगुरु एवं पुष्टिमार्गीय आचार्य श्री पद्मावती माझी महाराज गुजरात यात्रा के दौरान डूंगरपुर के चौरासी क्षेत्र पहुँचे थे। इस यात्रा के समय हुई एक बड़ी लूट की घटना से धर्म और कुलगुरु की प्रतिष्ठा को आघात पहुँचा। ऐसे विकट समय में धम्बोला के धर्मनिष्ठ ब्राह्मण जीवरामजी पंड्या और उदयरामजी पंड्या ने ब्राह्मण समाज का नेतृत्व करते हुए धर्म और न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनके धर्मनिष्ठा, साहस और समर्पण से प्रभावित होकर माझी महाराज ने धम्बोला में प्रवास किया और संवत 1915 की अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर कांकरोली से श्री द्वारिकाधीशजी को जीवरामजी पंड्या के मस्तक पर तथा श्री गोवर्धननाथजी को उदयरामजी पंड्या के मस्तक पर धम्बोला पधराया। साथ ही, दोनों भाइयों को आजीवन तन-मन-धन से ठाकुरजी की सेवा का आदेश प्रदान किया, जिसके साथ ही धम्बोला में पुष्टिमार्गीय सेवा-परंपरा का शुभारंभ हुआ। प्रारंभ में दोनों भाइयों ने अपने-अपने घरों में ठाकुरजी की सेवा आरंभ की। बाद में उदयरामजी की संतान न होने पर उन्होंने अपने बड़े भाई जीवरामजी के पुत्र शिवरामजी को श्री गोवर्धननाथजी की सेवा का उत्तरदायित्व सौंपा, जिसमें अपनी कृषि भूमि एवं अन्य संपत्ति भी शामिल थी ताकि ठाकुरजी की सेवा-व्यवस्था निरंतर चलती रहे। शिवरामजी ने पूर्ण निष्ठा के साथ सेवा-संरक्षण का दायित्व निभाया, यहाँ तक कि सरकारी जप्ती के एक दौर में जब ठाकुरजी की भूमि पर संकट उत्पन्न हुआ, तब उन्होंने आवश्यक दस्तावेज सरकार के समक्ष प्रस्तुत कर भूमि को सुरक्षित कराया। समय के साथ, धम्बोला के ब्राह्मण समाज के आग्रह पर शिवरामजी ने गाँव के ब्राह्मण परिवारों को भी कुटुंबवार सेवा का अवसर प्रदान किया, जिसमें भोग सेवा, फूल सेवा, शृंगार सेवा और उत्सव व्यवस्था जैसे दायित्व सौंपे गए। यह परंपरा आज भी श्रद्धा और अनुशासन के साथ निभाई जा रही है। धम्बोला में श्री गोवर्धननाथजी की सेवा केवल दैनिक तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षभर उत्सवों और मनोरथों की अविरल धारा प्रवाहित होती रहती है। इनमें अन्नकूट महोत्सव, छप्पन भोग, डोलो उत्सव, आम मनोरथ, नंद महोत्सव, पलना उत्सव, होली, दीपावली और अधिक मास के विविध मनोरथ शामिल हैं, जो श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करते हैं। मयूरासन, कमल तलाई, नाव मनोरथ, दान लीला, चीरहरण लीला, माखन चोर लीला, सांझी लीला, फूल बंगला, मोती बंगला और गुलाबी घटा जैसे मनोरथ यहाँ की विशिष्ट पहचान बन चुके हैं। विशेष रूप से श्रावण मास में आयोजित हिंडोला उत्सव आकर्षण का केंद्र रहता है, जहाँ चांदी, कलकत्ती कांच, फूलों, फलों और सूखे मेवों से सुसज्जित हिंडोलों में विराजमान श्री गोवर्धननाथजी के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं। धम्बोला की यह गौरवशाली परंपरा आज भी जीवरामजी पंड्या, उदयरामजी पंड्या और शिवरामजी पंड्या के धर्मसाहस, सेवा-भाव और समर्पण की एक जीवंत स्मृति है। पुष्टिमार्ग की संपूर्ण सेवा पद्धति राग, भोग और श्रृंगार पर आधारित है, जिसमें ठाकुरजी को बालस्वरूप मानकर उनकी सेवा की जाती है। प्रतिदिन आठ दर्शन होते हैं – मंगला, श्रृंगार, ग्वाल, राजभोग, उत्थापन, भोग, संध्या आरती और शयन – और प्रत्येक दर्शन में अलग भाव व भोग रहता है। जन्माष्टमी, नंदोत्सव, अन्नकूट और हिंडोला सहित वर्षभर के विभिन्न उत्सव द्वापर युग में नंदबाबा के घर हुई कृष्ण लीलाओं के अनुरूप मनाए जाते हैं, जहाँ 'नंद-नंदन' सेवा का प्रमुख भाव है। श्रीमद् वल्लभाचार्य ने इस भक्ति मार्ग का प्राकट्य किया था और गोस्वामी विट्ठलनाथजी (गुसाईंजी) ने इसमें अनेक विलक्षणताओं का समावेश कर इसे और समृद्ध बनाया। यह मूलतः भावप्रधान भक्ति मार्ग है, जहाँ प्रभु को सूक्ष्म से सूक्ष्म सुख पहुँचाने का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस मार्ग की विशेषता यह है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार ठाकुरजी की सेवा से जुड़ सकता है, चाहे वह चित्रकला, श्रृंगार, संगीत या पाककला के माध्यम से हो। सांझी, रंगोली, उत्सव, राग, भोग और श्रृंगार जैसे विविध माध्यमों से भक्ति का अवसर प्रदान करना पुष्टिमार्ग की अनूठी विशेषता है। आचार्य चरणों ने श्रीमद्भागवत एवं भगवान की इच्छा के अनुरूप इस सेवा परंपरा को विकसित कर भक्तों के लिए सहज, मधुर और अलौकिक भक्ति का मार्ग प्रशस्त किया।1
- “वंदे गंगा जल संरक्षण - जन अभियान 2026” के अंतर्गत भंडारिया घाटा गौशाला में एक स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण करके किया। यह स्वच्छता कार्यक्रम समाजसेवी बंसीलाल कटारा और हंसमुख पंड्या के मुख्य आतिथ्य में तथा जिला कलक्टर देशलदान की मौजूदगी में संपन्न हुआ। इस अवसर पर भंडारिया गौशाला में गायों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, उन्हें हरी घास एवं गुड़ खिलाया गया, और पक्षियों के लिए परिंडे भी बांधे गए। कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हनुमान सिंह राठौड़, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर दिनेश चंद्र बामनिया, समाजसेवी हसमुख पंड्या सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।2