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ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सीमलवाड़ा विधानसभा क्षेत्र चौरासी ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता हाथों में खेती के औजार, गैस सिलेंडर, मटके लिए और मोटरसाइकिल को धक्का लगाते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने सरकार विरोधी नारे भी लगाए। ज्ञापन में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर विशेष नाराजगी जताई गई, साथ ही बिजली, पानी, सड़क, राजस्व संबंधी मामलों, किसानों की लंबित मांगों, शिक्षा व्यवस्था, महिला अत्याचार और गोवध की बढ़ती घटनाओं तथा बेरोजगार युवाओं की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आमजन महंगाई, बेरोजगारी और विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं से परेशान है, लेकिन सरकार उनके समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। इस प्रदर्शन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव एवं पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद कटारा, पूर्व विधायक शंकरलाल आहारी, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रियाकांत पंड्या, जिला उपाध्यक्ष मुश्ताक अहमद पठान सहित सैकड़ों महिला-पुरुष कार्यकर्ता, किसान, मजदूर और बेरोजगार युवा शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो पार्टी द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमाया रहा और कांग्रेस नेताओं ने जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

8 hrs ago
user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
मुकेश कुमार आर. पंड्या
Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
8 hrs ago

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सीमलवाड़ा विधानसभा क्षेत्र चौरासी ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता हाथों में खेती के औजार, गैस सिलेंडर, मटके लिए और मोटरसाइकिल को धक्का लगाते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने सरकार विरोधी नारे भी लगाए। ज्ञापन में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर विशेष नाराजगी जताई गई, साथ ही बिजली, पानी, सड़क, राजस्व संबंधी मामलों, किसानों की लंबित मांगों, शिक्षा व्यवस्था, महिला अत्याचार और गोवध की बढ़ती घटनाओं तथा बेरोजगार युवाओं की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आमजन महंगाई, बेरोजगारी और विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं से परेशान है, लेकिन सरकार उनके समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। इस प्रदर्शन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव एवं पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद कटारा, पूर्व विधायक शंकरलाल आहारी, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रियाकांत पंड्या, जिला उपाध्यक्ष मुश्ताक अहमद पठान सहित सैकड़ों महिला-पुरुष कार्यकर्ता, किसान, मजदूर और बेरोजगार युवा शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो पार्टी द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमाया रहा और कांग्रेस नेताओं ने जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

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  • डूंगरपुर जिले में बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ओडा बडा गांव में हुए सनसनीखेज हत्या के मामले का पर्दाफाश करते हुए 06 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और लट्ठ भी जब्त किए हैं। यह पूरा मामला आपसी रंजिश का बताया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बीते 6 मई 2026 की शाम को ओडा बडा निवासी तेजराम खराड़ी अपने घर पर काम कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी सुरेश डामोर अपने अन्य साथियों के साथ मोटरसाइकिलों पर सवार होकर हाथों में लोहे की पाइप, चेन और लाठियां लेकर उनके घर में घुस गए। आरोपियों ने तेजराम पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे उनके सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने आए तेजराम के माता-पिता के साथ भी आरोपियों ने बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल तेजराम को पहले डूंगरपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से नाजुक हालत में उन्हें उदयपुर रेफर किया गया। जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए आखिरकार 22 मई 2026 को इलाज के दौरान तेजराम ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में नामजद 6 मुख्य आरोपियों सुरेश डामोर, अरविन्द डामोर, प्रकाश डामोर, नरेश डामोर, गणेश डामोर और अश्विन डामोर को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी आरोपी ओडा बडा के बताए जा रहे हैं। डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीवसिंह और वृत्ताधिकारी मदनलाल के सुपरविजन में बिछीवाड़ा थानाधिकारी कैलाश चंद्र सोनी की टीम इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से वारदात के अन्य पहलुओं और फरार आरोपियों के बारे में पूछताछ जारी है।
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    डूंगरपुर जिले में बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ओडा बडा गांव में हुए सनसनीखेज हत्या के मामले का पर्दाफाश करते हुए 06 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और लट्ठ भी जब्त किए हैं। यह पूरा मामला आपसी रंजिश का बताया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बीते 6 मई 2026 की शाम को ओडा बडा निवासी तेजराम खराड़ी अपने घर पर काम कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी सुरेश डामोर अपने अन्य साथियों के साथ मोटरसाइकिलों पर सवार होकर हाथों में लोहे की पाइप, चेन और लाठियां लेकर उनके घर में घुस गए। आरोपियों ने तेजराम पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे उनके सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने आए तेजराम के माता-पिता के साथ भी आरोपियों ने बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल तेजराम को पहले डूंगरपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से नाजुक हालत में उन्हें उदयपुर रेफर किया गया। जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए आखिरकार 22 मई 2026 को इलाज के दौरान तेजराम ने दम तोड़ दिया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में नामजद 6 मुख्य आरोपियों सुरेश डामोर, अरविन्द डामोर, प्रकाश डामोर, नरेश डामोर, गणेश डामोर और अश्विन डामोर को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी आरोपी ओडा बडा के बताए जा रहे हैं। डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीवसिंह और वृत्ताधिकारी मदनलाल के सुपरविजन में बिछीवाड़ा थानाधिकारी कैलाश चंद्र सोनी की टीम इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से वारदात के अन्य पहलुओं और फरार आरोपियों के बारे में पूछताछ जारी है।
    user_तेजसिंह राठौड
    तेजसिंह राठौड
    Nurse डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर चलाए गए "ऑपरेशन शिकंजा" के तहत बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने ओडा बडा गांव में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले का बड़ा खुलासा करते हुए छह मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीवसिंह और वृत्ताधिकारी मदनलाल के सुपरविजन में बिछीवाड़ा थानाधिकारी कैलाशचंद्र सोनी की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और लट्ठ भी जब्त कर लिए हैं। यह घटना 6 मई 2026 की शाम को हुई थी, जब ओडा बडा निवासी तेजराम खराड़ी अपने घर पर काम कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी सुरेश डामोर अपने अन्य साथियों के साथ मोटरसाइकिलों पर लोहे की पाइप, चेन और लाठियां लेकर उनके घर में घुस गए। आरोपियों ने तेजराम पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उनके सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने आए तेजराम के माता-पिता के साथ भी आरोपियों ने बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल तेजराम को पहले डूंगरपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से नाजुक हालत के चलते उन्हें उदयपुर रेफर कर दिया गया था, लेकिन इलाज के दौरान 22 मई 2026 को तेजराम ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ओडा बडा निवासी सुरेश डामोर, अरविंद डामोर, प्रकाश डामोर, नरेश डामोर, गणेश डामोर और अश्विन डामोर सहित कुल छह नामजद मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बिछीवाड़ा थानाधिकारी कैलाशचंद्र सोनी की टीम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीवसिंह और वृत्ताधिकारी मदनलाल के सुपरविजन में इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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    डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर चलाए गए "ऑपरेशन शिकंजा" के तहत बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने ओडा बडा गांव में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले का बड़ा खुलासा करते हुए छह मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीवसिंह और वृत्ताधिकारी मदनलाल के सुपरविजन में बिछीवाड़ा थानाधिकारी कैलाशचंद्र सोनी की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और लट्ठ भी जब्त कर लिए हैं।

यह घटना 6 मई 2026 की शाम को हुई थी, जब ओडा बडा निवासी तेजराम खराड़ी अपने घर पर काम कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी सुरेश डामोर अपने अन्य साथियों के साथ मोटरसाइकिलों पर लोहे की पाइप, चेन और लाठियां लेकर उनके घर में घुस गए। आरोपियों ने तेजराम पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उनके सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने आए तेजराम के माता-पिता के साथ भी आरोपियों ने बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल तेजराम को पहले डूंगरपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से नाजुक हालत के चलते उन्हें उदयपुर रेफर कर दिया गया था, लेकिन इलाज के दौरान 22 मई 2026 को तेजराम ने दम तोड़ दिया।

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ओडा बडा निवासी सुरेश डामोर, अरविंद डामोर, प्रकाश डामोर, नरेश डामोर, गणेश डामोर और अश्विन डामोर सहित कुल छह नामजद मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बिछीवाड़ा थानाधिकारी कैलाशचंद्र सोनी की टीम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीवसिंह और वृत्ताधिकारी मदनलाल के सुपरविजन में इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा पुलिस थाना द्वारा मौजा ओड़ा बड़ा में 06 मई, 2026 को हुई हत्या का बड़ा खुलासा करते हुए कुल छह मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लट्ठ भी जब्त किए हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार, डूंगरपुर द्वारा चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत, थानाधिकारी कैलाशचन्द्र सोनी के नेतृत्व में की गई। प्रार्थी रामा पिता हुका डामोर (63) निवासी ओड़ा बड़ा ने 08 मई, 2026 को बिछीवाड़ा पुलिस थाने में एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 06 मई, 2026 की शाम करीब 6 बजे, जब वह और उनका पुत्र तेजराम घर की दीवार का काम कर रहे थे और उनकी पत्नी कावी साफ-सफाई कर रही थीं, तभी अभियुक्त सुरेश पुत्र रूपसी डामोर निवासी भेहणा अपने साथियों नरेश डामोर, आशीष डामोर, प्रकाश डामोर, अंकित डामोर, गणेश डामोर, जयेश डामोर, रोहित वरहात और अन्य व्यक्तियों के साथ मोटरसाइकिलों पर सवार होकर उनके घर के आँगन में घुस आए। सभी हमलावर हाथों में लोहे की पाइप, चेन और लट्ठ लिए हुए थे। उन्होंने तेजराम खराड़ी पर हमला कर लातों, मुक्कों, लोहे की पाइप और चेन से मारपीट की, जिससे तेजराम के सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। जब प्रार्थी रामा और उनकी पत्नी कावी बीच-बचाव करने गए, तो उनके साथ भी मारपीट की गई और कावी के दाहिने हाथ पर गंभीर चोटें आईं। उनकी चीख-पुकार सुनकर विजय पिता रमेश खराड़ी, प्रवीण पिता जीवा खराड़ी, प्रवीण पिता प्रभु लाल खराड़ी और कमला पिता जीवा खराड़ी दौड़कर आए, जिन्हें देखकर सभी अभियुक्त मौके से फरार हो गए। घायल तेजराम को तत्काल डूंगरपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे उदयपुर के अस्पताल में रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान, 22 मई, 2026 को तेजराम पिता रामा खराड़ी (30) निवासी ओड़ा बड़ा की मृत्यु हो गई। इसके बाद मृतक का पोस्टमॉर्टम करवाया गया और शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। अनुसंधान के दौरान, पुलिस ने घटनास्थल से आरोपियों द्वारा प्रयुक्त मोटरसाइकिलों को जब्त किया। पुलिस ने वांछित आरोपी सुरेश डामोर, अरविंद डामोर, गणेश डामोर, प्रकाश डामोर, अश्विन डामोर और नरेश डामोर को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से आगे की जांच जारी है।
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    डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा पुलिस थाना द्वारा मौजा ओड़ा बड़ा में 06 मई, 2026 को हुई हत्या का बड़ा खुलासा करते हुए कुल छह मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लट्ठ भी जब्त किए हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार, डूंगरपुर द्वारा चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत, थानाधिकारी कैलाशचन्द्र सोनी के नेतृत्व में की गई।

प्रार्थी रामा पिता हुका डामोर (63) निवासी ओड़ा बड़ा ने 08 मई, 2026 को बिछीवाड़ा पुलिस थाने में एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 06 मई, 2026 की शाम करीब 6 बजे, जब वह और उनका पुत्र तेजराम घर की दीवार का काम कर रहे थे और उनकी पत्नी कावी साफ-सफाई कर रही थीं, तभी अभियुक्त सुरेश पुत्र रूपसी डामोर निवासी भेहणा अपने साथियों नरेश डामोर, आशीष डामोर, प्रकाश डामोर, अंकित डामोर, गणेश डामोर, जयेश डामोर, रोहित वरहात और अन्य व्यक्तियों के साथ मोटरसाइकिलों पर सवार होकर उनके घर के आँगन में घुस आए। सभी हमलावर हाथों में लोहे की पाइप, चेन और लट्ठ लिए हुए थे। उन्होंने तेजराम खराड़ी पर हमला कर लातों, मुक्कों, लोहे की पाइप और चेन से मारपीट की, जिससे तेजराम के सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। जब प्रार्थी रामा और उनकी पत्नी कावी बीच-बचाव करने गए, तो उनके साथ भी मारपीट की गई और कावी के दाहिने हाथ पर गंभीर चोटें आईं। उनकी चीख-पुकार सुनकर विजय पिता रमेश खराड़ी, प्रवीण पिता जीवा खराड़ी, प्रवीण पिता प्रभु लाल खराड़ी और कमला पिता जीवा खराड़ी दौड़कर आए, जिन्हें देखकर सभी अभियुक्त मौके से फरार हो गए।

घायल तेजराम को तत्काल डूंगरपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे उदयपुर के अस्पताल में रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान, 22 मई, 2026 को तेजराम पिता रामा खराड़ी (30) निवासी ओड़ा बड़ा की मृत्यु हो गई। इसके बाद मृतक का पोस्टमॉर्टम करवाया गया और शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। अनुसंधान के दौरान, पुलिस ने घटनास्थल से आरोपियों द्वारा प्रयुक्त मोटरसाइकिलों को जब्त किया। पुलिस ने वांछित आरोपी सुरेश डामोर, अरविंद डामोर, गणेश डामोर, प्रकाश डामोर, अश्विन डामोर और नरेश डामोर को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से आगे की जांच जारी है।
    user_भूपेन्द्र गामोट
    भूपेन्द्र गामोट
    Advertising agency डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • डूंगरपुर के भंडारिया घाटा गौशाला में “वंदे गंगा जल संरक्षण - जन अभियान 2026” के अंतर्गत एक स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण करके किया गया। इसका आयोजन समाजसेवी बंसीलाल कटाराहंसमुख पंड्या के मुख्य आतिथ्य में तथा जिला कलक्टर देशलदान की मौजूदगी में हुआ। इस अवसर पर भंडारिया गौशाला में गायों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, उन्हें हरी घास एवं गुड़ खिलाया गया, और भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए पक्षियों के लिए परिंडे भी बांधे गए। कार्यक्रम में कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर दिनेश चंद्र बामनिया, समाजसेवी हसमुख पंड्या सहित विभिन्न संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। विधायक प्रत्याशी बंसी लाल कटारा और जिला कलेक्टर ने भी पक्षियों के लिए परिंडे बांधने की बात कही, ताकि उन्हें भीषण गर्मी से राहत मिल सके।
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    डूंगरपुर के भंडारिया घाटा गौशाला में “वंदे गंगा जल संरक्षण - जन अभियान 2026” के अंतर्गत एक स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण करके किया गया। इसका आयोजन समाजसेवी बंसीलाल कटाराहंसमुख पंड्या के मुख्य आतिथ्य में तथा जिला कलक्टर देशलदान की मौजूदगी में हुआ।

इस अवसर पर भंडारिया गौशाला में गायों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, उन्हें हरी घास एवं गुड़ खिलाया गया, और भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए पक्षियों के लिए परिंडे भी बांधे गए। कार्यक्रम में कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर दिनेश चंद्र बामनिया, समाजसेवी हसमुख पंड्या सहित विभिन्न संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

विधायक प्रत्याशी बंसी लाल कटारा और जिला कलेक्टर ने भी पक्षियों के लिए परिंडे बांधने की बात कही, ताकि उन्हें भीषण गर्मी से राहत मिल सके।
    user_Maheshwar choubisa
    Maheshwar choubisa
    Graphic designer डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • कुशलगढ़ क्षेत्र के बड़ी सरवा गांव में रात्रिकालीन क्रिकेट टूर्नामेंट बी.एस.पी.एल. सीजन-3 का फाइनल मुकाबला रोमांच और उत्साह के बीच संपन्न हुआ। इस निर्णायक मैच में थाला एक्सप्रेस टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 ओवर में 53 रन बनाए। इसके जवाब में, जोगमाया टीम दबाव में बिखर गई और पूरी टीम मात्र 30 रन पर ऑल आउट हो गई। इस जीत के साथ, थाला एक्सप्रेस टीम ने विजेता ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि जोगमाया टीम उपविजेता रही। फाइनल के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष संजय सिंह राजपूत ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी तथा इनामी राशि प्रदान कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, और ऐसे आयोजन युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करते हैं। इस कार्यक्रम में राहुल झाला, लाखन जी, राहुल गोड, रोहित वाडेल, अर्जुन वाडेल और नयन झाला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेल प्रेमी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
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    कुशलगढ़ क्षेत्र के बड़ी सरवा गांव में रात्रिकालीन क्रिकेट टूर्नामेंट बी.एस.पी.एल. सीजन-3 का फाइनल मुकाबला रोमांच और उत्साह के बीच संपन्न हुआ। इस निर्णायक मैच में थाला एक्सप्रेस टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 ओवर में 53 रन बनाए। इसके जवाब में, जोगमाया टीम दबाव में बिखर गई और पूरी टीम मात्र 30 रन पर ऑल आउट हो गई। इस जीत के साथ, थाला एक्सप्रेस टीम ने विजेता ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि जोगमाया टीम उपविजेता रही।

फाइनल के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष संजय सिंह राजपूत ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी तथा इनामी राशि प्रदान कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, और ऐसे आयोजन युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करते हैं।

इस कार्यक्रम में राहुल झाला, लाखन जी, राहुल गोड, रोहित वाडेल, अर्जुन वाडेल और नयन झाला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेल प्रेमी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुल्तान जी का खेरवाड़ा में मंगलवार रात्रि किसान चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कैलाश चौधरी ने किसानों को संबोधित करते हुए आधुनिक खेती अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ तकनीकी उपकरणों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक विधियों का उपयोग करने से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं और बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं। कैलाश चौधरी ने यह भी कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और देश की वास्तविक प्रगति किसानों की उन्नति के माध्यम से ही संभव है। किसान चौपाल के दौरान किसानों के साथ कृषि, सिंचाई और खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विधानसभा मीडिया संयोजक जीतू भाई शुक्ला ने बताया कि इस कार्यक्रम में बाबूलाल खराड़ी, उदयपुर शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह, उदयपुर देहात जिला अध्यक्ष पुष्कर तेली, किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री जीवन चौधरी, तथा जिला अध्यक्ष दालीचंद डांगी सहित कई जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मनीष पुरोहित ने किया।
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    झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुल्तान जी का खेरवाड़ा में मंगलवार रात्रि किसान चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कैलाश चौधरी ने किसानों को संबोधित करते हुए आधुनिक खेती अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ तकनीकी उपकरणों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक विधियों का उपयोग करने से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं और बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं।

कैलाश चौधरी ने यह भी कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और देश की वास्तविक प्रगति किसानों की उन्नति के माध्यम से ही संभव है। किसान चौपाल के दौरान किसानों के साथ कृषि, सिंचाई और खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

विधानसभा मीडिया संयोजक जीतू भाई शुक्ला ने बताया कि इस कार्यक्रम में बाबूलाल खराड़ी, उदयपुर शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह, उदयपुर देहात जिला अध्यक्ष पुष्कर तेली, किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री जीवन चौधरी, तथा जिला अध्यक्ष दालीचंद डांगी सहित कई जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मनीष पुरोहित ने किया।
    user_Vishnu lohar
    Vishnu lohar
    Local News Reporter झाड़ोल, उदयपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • वागड़ अंचल का धम्बोला अपनी पुष्टिमार्गीय सेवा-परंपरा, भव्य मनोरथों और श्री गोवर्धननाथजी की अखंड भक्ति के लिए एक विशेष पहचान रखता है। यह परंपरा मेवाड़ के विश्वविख्यात नाथद्वारा और कांकरोली मंदिरों से जुड़ी मानी जाती है, जहाँ आज भी सेवा, शृंगार और उत्सव उसी श्रद्धा व मर्यादा से मनाए जाते हैं। धम्बोला की यह गौरवपूर्ण परंपरा धर्म, साहस, समर्पण और त्याग की एक ऐतिहासिक गाथा में निहित है। संवत 1914-15 (1857-58 ई.) के दौरान जब देश राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा था, मेवाड़ के कुलगुरु एवं पुष्टिमार्गीय आचार्य श्री पद्मावती माझी महाराज गुजरात यात्रा के दौरान डूंगरपुर के चौरासी क्षेत्र पहुँचे थे। इस यात्रा के समय हुई एक बड़ी लूट की घटना से धर्म और कुलगुरु की प्रतिष्ठा को आघात पहुँचा। ऐसे विकट समय में धम्बोला के धर्मनिष्ठ ब्राह्मण जीवरामजी पंड्या और उदयरामजी पंड्या ने ब्राह्मण समाज का नेतृत्व करते हुए धर्म और न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनके धर्मनिष्ठा, साहस और समर्पण से प्रभावित होकर माझी महाराज ने धम्बोला में प्रवास किया और संवत 1915 की अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर कांकरोली से श्री द्वारिकाधीशजी को जीवरामजी पंड्या के मस्तक पर तथा श्री गोवर्धननाथजी को उदयरामजी पंड्या के मस्तक पर धम्बोला पधराया। साथ ही, दोनों भाइयों को आजीवन तन-मन-धन से ठाकुरजी की सेवा का आदेश प्रदान किया, जिसके साथ ही धम्बोला में पुष्टिमार्गीय सेवा-परंपरा का शुभारंभ हुआ। प्रारंभ में दोनों भाइयों ने अपने-अपने घरों में ठाकुरजी की सेवा आरंभ की। बाद में उदयरामजी की संतान न होने पर उन्होंने अपने बड़े भाई जीवरामजी के पुत्र शिवरामजी को श्री गोवर्धननाथजी की सेवा का उत्तरदायित्व सौंपा, जिसमें अपनी कृषि भूमि एवं अन्य संपत्ति भी शामिल थी ताकि ठाकुरजी की सेवा-व्यवस्था निरंतर चलती रहे। शिवरामजी ने पूर्ण निष्ठा के साथ सेवा-संरक्षण का दायित्व निभाया, यहाँ तक कि सरकारी जप्ती के एक दौर में जब ठाकुरजी की भूमि पर संकट उत्पन्न हुआ, तब उन्होंने आवश्यक दस्तावेज सरकार के समक्ष प्रस्तुत कर भूमि को सुरक्षित कराया। समय के साथ, धम्बोला के ब्राह्मण समाज के आग्रह पर शिवरामजी ने गाँव के ब्राह्मण परिवारों को भी कुटुंबवार सेवा का अवसर प्रदान किया, जिसमें भोग सेवा, फूल सेवा, शृंगार सेवा और उत्सव व्यवस्था जैसे दायित्व सौंपे गए। यह परंपरा आज भी श्रद्धा और अनुशासन के साथ निभाई जा रही है। धम्बोला में श्री गोवर्धननाथजी की सेवा केवल दैनिक तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षभर उत्सवों और मनोरथों की अविरल धारा प्रवाहित होती रहती है। इनमें अन्नकूट महोत्सव, छप्पन भोग, डोलो उत्सव, आम मनोरथ, नंद महोत्सव, पलना उत्सव, होली, दीपावली और अधिक मास के विविध मनोरथ शामिल हैं, जो श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करते हैं। मयूरासन, कमल तलाई, नाव मनोरथ, दान लीला, चीरहरण लीला, माखन चोर लीला, सांझी लीला, फूल बंगला, मोती बंगला और गुलाबी घटा जैसे मनोरथ यहाँ की विशिष्ट पहचान बन चुके हैं। विशेष रूप से श्रावण मास में आयोजित हिंडोला उत्सव आकर्षण का केंद्र रहता है, जहाँ चांदी, कलकत्ती कांच, फूलों, फलों और सूखे मेवों से सुसज्जित हिंडोलों में विराजमान श्री गोवर्धननाथजी के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं। धम्बोला की यह गौरवशाली परंपरा आज भी जीवरामजी पंड्या, उदयरामजी पंड्या और शिवरामजी पंड्या के धर्मसाहस, सेवा-भाव और समर्पण की एक जीवंत स्मृति है। पुष्टिमार्ग की संपूर्ण सेवा पद्धति राग, भोग और श्रृंगार पर आधारित है, जिसमें ठाकुरजी को बालस्वरूप मानकर उनकी सेवा की जाती है। प्रतिदिन आठ दर्शन होते हैं – मंगला, श्रृंगार, ग्वाल, राजभोग, उत्थापन, भोग, संध्या आरती और शयन – और प्रत्येक दर्शन में अलग भाव व भोग रहता है। जन्माष्टमी, नंदोत्सव, अन्नकूट और हिंडोला सहित वर्षभर के विभिन्न उत्सव द्वापर युग में नंदबाबा के घर हुई कृष्ण लीलाओं के अनुरूप मनाए जाते हैं, जहाँ 'नंद-नंदन' सेवा का प्रमुख भाव है। श्रीमद् वल्लभाचार्य ने इस भक्ति मार्ग का प्राकट्य किया था और गोस्वामी विट्ठलनाथजी (गुसाईंजी) ने इसमें अनेक विलक्षणताओं का समावेश कर इसे और समृद्ध बनाया। यह मूलतः भावप्रधान भक्ति मार्ग है, जहाँ प्रभु को सूक्ष्म से सूक्ष्म सुख पहुँचाने का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस मार्ग की विशेषता यह है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार ठाकुरजी की सेवा से जुड़ सकता है, चाहे वह चित्रकला, श्रृंगार, संगीत या पाककला के माध्यम से हो। सांझी, रंगोली, उत्सव, राग, भोग और श्रृंगार जैसे विविध माध्यमों से भक्ति का अवसर प्रदान करना पुष्टिमार्ग की अनूठी विशेषता है। आचार्य चरणों ने श्रीमद्भागवत एवं भगवान की इच्छा के अनुरूप इस सेवा परंपरा को विकसित कर भक्तों के लिए सहज, मधुर और अलौकिक भक्ति का मार्ग प्रशस्त किया।
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    वागड़ अंचल का धम्बोला अपनी पुष्टिमार्गीय सेवा-परंपरा, भव्य मनोरथों और श्री गोवर्धननाथजी की अखंड भक्ति के लिए एक विशेष पहचान रखता है। यह परंपरा मेवाड़ के विश्वविख्यात नाथद्वारा और कांकरोली मंदिरों से जुड़ी मानी जाती है, जहाँ आज भी सेवा, शृंगार और उत्सव उसी श्रद्धा व मर्यादा से मनाए जाते हैं। धम्बोला की यह गौरवपूर्ण परंपरा धर्म, साहस, समर्पण और त्याग की एक ऐतिहासिक गाथा में निहित है।

संवत 1914-15 (1857-58 ई.) के दौरान जब देश राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा था, मेवाड़ के कुलगुरु एवं पुष्टिमार्गीय आचार्य श्री पद्मावती माझी महाराज गुजरात यात्रा के दौरान डूंगरपुर के चौरासी क्षेत्र पहुँचे थे। इस यात्रा के समय हुई एक बड़ी लूट की घटना से धर्म और कुलगुरु की प्रतिष्ठा को आघात पहुँचा। ऐसे विकट समय में धम्बोला के धर्मनिष्ठ ब्राह्मण जीवरामजी पंड्या और उदयरामजी पंड्या ने ब्राह्मण समाज का नेतृत्व करते हुए धर्म और न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनके धर्मनिष्ठा, साहस और समर्पण से प्रभावित होकर माझी महाराज ने धम्बोला में प्रवास किया और संवत 1915 की अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर कांकरोली से श्री द्वारिकाधीशजी को जीवरामजी पंड्या के मस्तक पर तथा श्री गोवर्धननाथजी को उदयरामजी पंड्या के मस्तक पर धम्बोला पधराया। साथ ही, दोनों भाइयों को आजीवन तन-मन-धन से ठाकुरजी की सेवा का आदेश प्रदान किया, जिसके साथ ही धम्बोला में पुष्टिमार्गीय सेवा-परंपरा का शुभारंभ हुआ।

प्रारंभ में दोनों भाइयों ने अपने-अपने घरों में ठाकुरजी की सेवा आरंभ की। बाद में उदयरामजी की संतान न होने पर उन्होंने अपने बड़े भाई जीवरामजी के पुत्र शिवरामजी को श्री गोवर्धननाथजी की सेवा का उत्तरदायित्व सौंपा, जिसमें अपनी कृषि भूमि एवं अन्य संपत्ति भी शामिल थी ताकि ठाकुरजी की सेवा-व्यवस्था निरंतर चलती रहे। शिवरामजी ने पूर्ण निष्ठा के साथ सेवा-संरक्षण का दायित्व निभाया, यहाँ तक कि सरकारी जप्ती के एक दौर में जब ठाकुरजी की भूमि पर संकट उत्पन्न हुआ, तब उन्होंने आवश्यक दस्तावेज सरकार के समक्ष प्रस्तुत कर भूमि को सुरक्षित कराया। समय के साथ, धम्बोला के ब्राह्मण समाज के आग्रह पर शिवरामजी ने गाँव के ब्राह्मण परिवारों को भी कुटुंबवार सेवा का अवसर प्रदान किया, जिसमें भोग सेवा, फूल सेवा, शृंगार सेवा और उत्सव व्यवस्था जैसे दायित्व सौंपे गए। यह परंपरा आज भी श्रद्धा और अनुशासन के साथ निभाई जा रही है।

धम्बोला में श्री गोवर्धननाथजी की सेवा केवल दैनिक तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षभर उत्सवों और मनोरथों की अविरल धारा प्रवाहित होती रहती है। इनमें अन्नकूट महोत्सव, छप्पन भोग, डोलो उत्सव, आम मनोरथ, नंद महोत्सव, पलना उत्सव, होली, दीपावली और अधिक मास के विविध मनोरथ शामिल हैं, जो श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करते हैं। मयूरासन, कमल तलाई, नाव मनोरथ, दान लीला, चीरहरण लीला, माखन चोर लीला, सांझी लीला, फूल बंगला, मोती बंगला और गुलाबी घटा जैसे मनोरथ यहाँ की विशिष्ट पहचान बन चुके हैं। विशेष रूप से श्रावण मास में आयोजित हिंडोला उत्सव आकर्षण का केंद्र रहता है, जहाँ चांदी, कलकत्ती कांच, फूलों, फलों और सूखे मेवों से सुसज्जित हिंडोलों में विराजमान श्री गोवर्धननाथजी के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं। धम्बोला की यह गौरवशाली परंपरा आज भी जीवरामजी पंड्या, उदयरामजी पंड्या और शिवरामजी पंड्या के धर्मसाहस, सेवा-भाव और समर्पण की एक जीवंत स्मृति है।

पुष्टिमार्ग की संपूर्ण सेवा पद्धति राग, भोग और श्रृंगार पर आधारित है, जिसमें ठाकुरजी को बालस्वरूप मानकर उनकी सेवा की जाती है। प्रतिदिन आठ दर्शन होते हैं – मंगला, श्रृंगार, ग्वाल, राजभोग, उत्थापन, भोग, संध्या आरती और शयन – और प्रत्येक दर्शन में अलग भाव व भोग रहता है। जन्माष्टमी, नंदोत्सव, अन्नकूट और हिंडोला सहित वर्षभर के विभिन्न उत्सव द्वापर युग में नंदबाबा के घर हुई कृष्ण लीलाओं के अनुरूप मनाए जाते हैं, जहाँ 'नंद-नंदन' सेवा का प्रमुख भाव है। श्रीमद् वल्लभाचार्य ने इस भक्ति मार्ग का प्राकट्य किया था और गोस्वामी विट्ठलनाथजी (गुसाईंजी) ने इसमें अनेक विलक्षणताओं का समावेश कर इसे और समृद्ध बनाया। यह मूलतः भावप्रधान भक्ति मार्ग है, जहाँ प्रभु को सूक्ष्म से सूक्ष्म सुख पहुँचाने का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस मार्ग की विशेषता यह है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार ठाकुरजी की सेवा से जुड़ सकता है, चाहे वह चित्रकला, श्रृंगार, संगीत या पाककला के माध्यम से हो। सांझी, रंगोली, उत्सव, राग, भोग और श्रृंगार जैसे विविध माध्यमों से भक्ति का अवसर प्रदान करना पुष्टिमार्ग की अनूठी विशेषता है। आचार्य चरणों ने श्रीमद्भागवत एवं भगवान की इच्छा के अनुरूप इस सेवा परंपरा को विकसित कर भक्तों के लिए सहज, मधुर और अलौकिक भक्ति का मार्ग प्रशस्त किया।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • “वंदे गंगा जल संरक्षण - जन अभियान 2026” के अंतर्गत भंडारिया घाटा गौशाला में एक स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण करके किया। यह स्वच्छता कार्यक्रम समाजसेवी बंसीलाल कटारा और हंसमुख पंड्या के मुख्य आतिथ्य में तथा जिला कलक्टर देशलदान की मौजूदगी में संपन्न हुआ। इस अवसर पर भंडारिया गौशाला में गायों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, उन्हें हरी घास एवं गुड़ खिलाया गया, और पक्षियों के लिए परिंडे भी बांधे गए। कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हनुमान सिंह राठौड़, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर दिनेश चंद्र बामनिया, समाजसेवी हसमुख पंड्या सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
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    “वंदे गंगा जल संरक्षण - जन अभियान 2026” के अंतर्गत भंडारिया घाटा गौशाला में एक स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण करके किया।

यह स्वच्छता कार्यक्रम समाजसेवी बंसीलाल कटारा और हंसमुख पंड्या के मुख्य आतिथ्य में तथा जिला कलक्टर देशलदान की मौजूदगी में संपन्न हुआ। इस अवसर पर भंडारिया गौशाला में गायों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, उन्हें हरी घास एवं गुड़ खिलाया गया, और पक्षियों के लिए परिंडे भी बांधे गए। कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हनुमान सिंह राठौड़, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर दिनेश चंद्र बामनिया, समाजसेवी हसमुख पंड्या सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • भंडारिया घाटा गौशाला में "वंदे गंगा जल संरक्षण - जन अभियान 2026" के अंतर्गत एक स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण करके किया गया। यह कार्यक्रम समाजसेवी बंसीलाल कटारा और हसमुख पंड्या के मुख्य आतिथ्य में तथा जिला कलक्टर देशलदान की मौजूदगी में संपन्न हुआ। इस अवसर पर गौशाला में गायों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, उन्हें हरी घास और गुड़ खिलाया गया, और पक्षियों के लिए परिंडे भी बांधे गए। कार्यक्रम में कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हनुमान सिंह राठौड़, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर दिनेश चंद्र बामनिया, समाजसेवी हसमुख पंड्या सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    भंडारिया घाटा गौशाला में "वंदे गंगा जल संरक्षण - जन अभियान 2026" के अंतर्गत एक स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण करके किया गया।

यह कार्यक्रम समाजसेवी बंसीलाल कटारा और हसमुख पंड्या के मुख्य आतिथ्य में तथा जिला कलक्टर देशलदान की मौजूदगी में संपन्न हुआ। इस अवसर पर गौशाला में गायों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, उन्हें हरी घास और गुड़ खिलाया गया, और पक्षियों के लिए परिंडे भी बांधे गए। कार्यक्रम में कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हनुमान सिंह राठौड़, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर दिनेश चंद्र बामनिया, समाजसेवी हसमुख पंड्या सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_भूपेन्द्र गामोट
    भूपेन्द्र गामोट
    Advertising agency डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
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