शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड अंतर्गत अंगपुर गांव में नाले के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ पिछले कई वर्षों से जल निकासी बंद होने के कारण स्थायी रूप से जलजमाव की गंभीर स्थिति बनी हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव के निवासी कमलेश ठाकुर, प्रहलाद कुमार, जोगी यादव, करू पंडित, मनीष पंडित, जनार्दन ठाकुर, गौरी ठाकुर और बनारसी ठाकुर ने शुक्रवार शाम करीब 5 बजे अपनी समस्या साझा करते हुए बताया कि बरसात के दिनों में यहाँ स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। घरों के आसपास पानी जमा रहने से लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में डेंगू, मलेरिया सहित अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा और अधिक बढ़ जाएगा। ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुरजोर मांग की है कि वे जल्द गांव का निरीक्षण कर नाले की सफाई कराएं और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को जलजमाव की समस्या से राहत मिले और उन्हें संभावित बीमारियों के खतरे से बचाया जा सके।
शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड अंतर्गत अंगपुर गांव में नाले के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ पिछले कई वर्षों से जल निकासी बंद होने के कारण स्थायी रूप से जलजमाव की गंभीर स्थिति बनी हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव के निवासी कमलेश ठाकुर, प्रहलाद कुमार, जोगी यादव, करू पंडित, मनीष पंडित, जनार्दन ठाकुर, गौरी ठाकुर और बनारसी ठाकुर ने शुक्रवार शाम करीब 5 बजे अपनी समस्या साझा करते हुए बताया कि बरसात के दिनों में यहाँ स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। घरों के आसपास पानी जमा रहने से लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में डेंगू, मलेरिया सहित अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा और अधिक बढ़ जाएगा। ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुरजोर मांग की है कि वे जल्द गांव का निरीक्षण कर नाले की सफाई कराएं और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को जलजमाव की समस्या से राहत मिले और उन्हें संभावित बीमारियों के खतरे से बचाया जा सके।
- शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड अंतर्गत अंगपुर गांव में नाले के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ पिछले कई वर्षों से जल निकासी बंद होने के कारण स्थायी रूप से जलजमाव की गंभीर स्थिति बनी हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव के निवासी कमलेश ठाकुर, प्रहलाद कुमार, जोगी यादव, करू पंडित, मनीष पंडित, जनार्दन ठाकुर, गौरी ठाकुर और बनारसी ठाकुर ने शुक्रवार शाम करीब 5 बजे अपनी समस्या साझा करते हुए बताया कि बरसात के दिनों में यहाँ स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। घरों के आसपास पानी जमा रहने से लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में डेंगू, मलेरिया सहित अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा और अधिक बढ़ जाएगा। ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुरजोर मांग की है कि वे जल्द गांव का निरीक्षण कर नाले की सफाई कराएं और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को जलजमाव की समस्या से राहत मिले और उन्हें संभावित बीमारियों के खतरे से बचाया जा सके।1
- शेखपुरा शहर में भीषण गर्मी के बीच एक तरफ जहां कई सार्वजनिक प्याऊ पीने के पानी के अभाव में बंद पड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ खुलेआम पानी की भारी बर्बादी का मामला सामने आया है। शहर के ब्लू स्टोन होटल के सामने सड़क पर लगातार पानी बह रहा है, जो स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। राहगीर और आम नागरिक जहां एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं इस बड़ी लापरवाही के कारण रोजाना हजारों लीटर कीमती पानी व्यर्थ बह रहा है। इस स्थिति से नाराज नागरिकों ने संबंधित विभाग और नगर परिषद से तुरंत इस मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा जल संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन यदि सरकारी और संबंधित एजेंसियां खुद पानी की बर्बादी रोकने में गंभीर नहीं होंगी तो इन अभियानों का उद्देश्य कभी पूरा नहीं होगा। लोगों ने मांग की है कि खराब पाइपलाइन या लीकेज की तत्काल मरम्मत की जाए ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके और जरूरतमंद लोगों को पर्याप्त पेयजल मिल सके।1
- नवादा के काशीचक थाना पुलिस ने चर्चित मोनिका किन्नर हत्याकांड का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान काशीचक थाना क्षेत्र के भट्टा गांव निवासी लखन रवानी के पुत्र करण कुमार के रूप में हुई है, जिससे पुलिस द्वारा सघन पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मोनिका किन्नर की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते की गई थी और शुरुआती जांच में यही विवाद इस वारदात की मुख्य वजह बनकर सामने आया है। इससे पहले 23 अप्रैल 2026 को काशीचक थाना क्षेत्र के भट्टा गांव स्थित गोहिया पोखर से मोनिका का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया था, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और घटना में संलिप्त अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।2
- बिहार के पटना जिला अंतर्गत बख्तियारपुर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी एडमिशन, पार्ट-टाइम नौकरी और विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी विवेक भटनागर उर्फ विवेक कुमार को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। बाढ़-02 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, यह गिरफ्तारी बख्तियारपुर थाना कांड संख्या 209/2025 के तहत तकनीकी अनुसंधान और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर की गई है। इस मामले में रानीसराय निवासी रोशन कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी विवेक भटनागर और उसके साथियों ने उनकी पत्नी का एक निजी यूनिवर्सिटी में एडमिशन कराने, पार्ट-टाइम नौकरी दिलाने तथा वीजा बनवाने के नाम पर ₹8.26 लाख की मांग की थी। पीड़ित रोशन कुमार ने उन पर भरोसा करके ₹3.85 लाख का भुगतान भी कर दिया था, लेकिन बाद में दिए गए एडमिशन के दस्तावेज फर्जी पाए गए। पीड़ित ने जब यूनिवर्सिटी से इस बारे में जानकारी ली, तब धोखाधड़ी का खुलासा हुआ और इसके बाद पीड़ित को धमकियां भी दी गईं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी एक संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को नौकरी और एडमिशन का झांसा देकर ठगता था और वारदात को अंजाम देने के बाद अपना कार्यालय बंद कर फरार हो जाता था। फिलहाल बख्तियारपुर थाना पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।1
- लखीसराय के रामगढ़ चौक प्रखंड के तेतरहाट थाना क्षेत्र के 10+2 उच्च विद्यालय तेतरहाट में छात्राओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर गुरुवार को एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिया बीग्रेड पदाधिकारी एस आई राखी आनंद ने छात्राओं को विस्तार से अपनी सुरक्षा खुद करने के उपाय बताए। उन्होंने छात्राओं को बैड टच और गुड टच में फर्क समझने और किसी के भी गलत व्यवहार पर तुरंत विरोध जताकर घर, स्कूल या पुलिस को बताने की बात कही। साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने, अपनी फोटो व दैनिक गतिविधियां शेयर न करने और अकेले यात्रा के दौरान अनजान लोगों पर भरोसा न करते हुए परिजनों को अपनी लोकेशन बताने की सलाह दी। एस आई राखी आनंद ने आश्वस्त किया कि घरेलू या बाहरी हिंसा का शिकार होने पर छात्राएं सीधे थाना के दूरभाष नंबर पर सूचना दे सकती हैं, जहाँ उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखकर सीधे कार्रवाई की जाएगी। वहीं, थानाध्यक्ष एलू उपाध्याय ने बताया कि यह कार्यक्रम विभागीय निर्देश पर छात्राओं को सशक्त बनाने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने छात्राओं से किसी भी परेशानी को न छिपाकर पुलिस को बताने की अपील की। इस दौरान स्कूल में बड़ी संख्या में छात्राएं और शिक्षक मौजूद रहे, जहां छात्राओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भी एस आई द्वारा विस्तार से दिए गए।1
- लखीसराय के साइबर थाना ने एक साइबर ठगी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित धर्मेंद्र कुमार को बड़ी राहत दिलाई है। साइबर थाना कांड संख्या-19/26 के पीड़ित धर्मेंद्र कुमार के बैंक खाते से साइबर अपराधियों ने उनकी जानकारी के बिना अवैध रूप से 33,000 रुपये निकाल लिए थे। मामले की सूचना मिलने के तुरंत बाद लखीसराय साइबर थाना ने आवश्यक तकनीकी एवं कानूनी कार्रवाई करते हुए इस राशि को होल्ड करवा दिया। इसके बाद पुलिस के सफल प्रयासों से पीड़ित के पूरे 33,000 रुपये उनके बैंक खाते में वापस आ गए हैं। इस मामले के बाद पुलिस ने आम जनता से भी विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। पुलिस ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कॉल, संदिग्ध लिंक या अपने बैंक खाते से जुड़े ओटीपी (OTP) को किसी के भी साथ साझा करने से बचें।1
- बिहार के नवादा जिले के वारिसलीगंज अंतर्गत दौलत पुर वार्ड नंबर 03 में मरम्मत कार्य कराने की अपील की गई है। स्थानीय स्तर पर इस संबंध में विनम्रतापूर्वक आग्रह करते हुए कृपया जल्द से जल्द आवश्यक मरम्मत का कार्य शुरू कराने की मांग की गई है।1
- बिहार के शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड अंतर्गत तियाय गांव में कृषि कार्य के लिए बिना वैध कनेक्शन के अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने का मामला सामने आया है। बिजली विभाग की टीम ने विशेष छापेमारी अभियान के दौरान एक उपभोक्ता को चोरी की बिजली का इस्तेमाल करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए विभाग ने संबंधित उपभोक्ता पर ₹59,361 का जुर्माना लगाया है और करंडे थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। कनिय अभियंता राजकुमार प्रसाद ने बताया कि यह कार्रवाई शुक्रवार की शाम करीब 6 बजे वरीय अधिकारियों के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि संबंधित व्यक्ति बिना किसी अधिकृत कनेक्शन के कृषि कार्य के लिए बिजली का उपयोग कर रहा था, जो विद्युत अधिनियम का उल्लंघन है। इस छापेमारी अभियान में कनिय अभियंता के साथ एसवीओ शंभू कुमार, लाइनमैन मंटू कुमार और विभाग के अन्य कर्मी तथा मानव बल शामिल रहे। विभाग ने इस मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। बिजली विभाग ने इस कार्रवाई के बाद आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल वैध विद्युत कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करें। इसके साथ ही विभाग ने सचेत किया है कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह लगातार अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1