टेढ़ी में भू-अभिलेख घोटाले का खुलासा: आदिवासियों की जमीन में दस्तावेजी हेरफेर, सपा जिलाध्यक्ष डॉ. खान ने की FIR की मांग कटनी। जिले के ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टेढ़ी, पटवारी हल्का नंबर 66 में शासकीय अभिलेखों में कथित छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि संबंधित हल्का पटवारी द्वारा सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर आदिवासियों की भूमि के रिकॉर्ड में अनियमित बदलाव किए गए। मामले की शिकायत समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष डॉ. खान द्वारा कलेक्टर महोदय एवं ग्रामीण तहसीलदार श्री तिवारी से की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राजस्व अभिलेखों में की गई छेड़छाड़ न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि आदिवासी समुदाय के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। शिकायत के बाद प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने पर संबंधित हल्का पटवारी को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को सपा ने अधूरा बताया है। डॉ. खान ने कहा कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जालसाजी) और 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी) के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील मामले में आगे क्या कदम उठाता है और आदिवासी समुदाय को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कार्रवाई करता है।
टेढ़ी में भू-अभिलेख घोटाले का खुलासा: आदिवासियों की जमीन में दस्तावेजी हेरफेर, सपा जिलाध्यक्ष डॉ. खान ने की FIR की मांग कटनी। जिले के ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टेढ़ी, पटवारी हल्का नंबर 66 में शासकीय अभिलेखों में कथित छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि संबंधित हल्का पटवारी द्वारा सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर आदिवासियों की भूमि के रिकॉर्ड में अनियमित बदलाव किए गए। मामले की शिकायत समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष डॉ. खान द्वारा कलेक्टर महोदय एवं ग्रामीण तहसीलदार श्री तिवारी से की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राजस्व अभिलेखों में की गई छेड़छाड़ न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि आदिवासी समुदाय के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। शिकायत के बाद प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने पर संबंधित हल्का पटवारी को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को सपा ने अधूरा बताया है। डॉ. खान ने कहा कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जालसाजी) और 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी) के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील मामले में आगे क्या कदम उठाता है और आदिवासी समुदाय को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कार्रवाई करता है।
- माई नदी का ‘मर्डर प्लान’ बेनकाब! अवैध उत्खनन पर SDM का कड़ा एक्शन, निगम–कंपनी को थमाया नोटिस कटनी | माई नदी के किनारे अवैध मिट्टी उत्खनन और प्राकृतिक बहाव से छेड़छाड़ के मामले में प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद एसडीएम प्रमोद कुमार चतुर्वेदी के निर्देशन में संबंधित अधिकारियों और निर्माण कंपनी पर शिकंजा कसा गया है। संयुक्त निरीक्षण के दौरान पाया गया कि— बिना वैध अनुमति नदी किनारे से मिट्टी निकाली जा रही थी। लगभग 5×200 मीटर क्षेत्र में अस्थायी रैम्प बनाकर नदी के प्राकृतिक प्रवाह को प्रभावित किया गया। मौके पर मौजूद जेसीबी चालकों ने बताया कि कार्य निगम के उपयंत्री के निर्देश पर किया जा रहा था। प्रकरण में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 253 के तहत नगर निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर और निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोष सिद्ध होने पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना एवं मशीनरी/सामग्री राजसात करने की कार्रवाई संभव है। प्रशासन ने 28 फरवरी 2026 तक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर एकपक्षीय दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कटनी में नदी-नालों के साथ हो रहे छेड़छाड़ के मामलों पर यह कार्रवाई बड़ा संदेश मानी जा रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोषियों पर अंतिम निर्णय कितना सख्त होता है। 🚨1
- Post by राधे बर्मन1
- *लोकेशन कटनी जिला कटनी* *कटनी से अभिमन्यु विश्वकर्मा की रिपोर्ट* *बारडोली वेलफेयर सोसायटी ने आंगनवाड़ी बच्चों को वितरित की ड्रेस* *कटनी के बड़वारा। समाजसेवा के क्षेत्र में सराहनीय पहल करते हुए बारडोली वेलफेयर सोसायटी द्वारा प्री-स्कूल पोषण एवं शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र मदारीटोला बड़वारा एवं ददरी टोला विलायतकला में अध्ययनरत बच्चों को ड्रेस का वितरण किया गया। कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग बड़वारा की सुपरवाइजर प्रियंका पांडे एवं ज्योति बर्मन के आतिथ्य में आयोजित हुआ* *इस अवसर पर सोसायटी के अध्यक्ष आर. एल. चौधरी ने बच्चों को टी-शर्ट, जैकेट, जूते एवं मोजे प्रदान किए। नए वस्त्र पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। अतिथियों ने कहा कि इस तरह के प्रयास बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं*। *कार्यक्रम में संगीता बर्मन, राजेश कुमार चौधरी, रविकांत राय, कार्यक्रम अधिकारी शिवकुमार चौधरी, माया गुप्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गीता मिश्रा (ददरी टोला विलायतकला) एवं सरोज बाई (मदारीटोला बड़वारा) सहित अन्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही*सभी के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ*।3
- कटनी जिले के माधवनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्मचारी के नाम पर करोड़ों का सट्टा: कपड़ा व्यापारी समेत तीन गिरफ्तार1
- कुंवरपुर के डांग साई बाबा की मजार पास भटा गाकाणया का प्रोग्राम रखा गया है जिसमें कमेटी के सभी मेंबर उपस्थित रहे उसे मुबारक की तीसरी दिन दुआ प्रोग्राम1
- मैहर में नशा मुक्ति की नई पहल — जनसहभागिता से बनेगा सुरक्षित भविष्य *पुष्पेंद्र सिंह ने विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी को सौंपा ज्ञापन* *🚨पत्रकार उमेश चौधरी 🚨* *निर्भीकता से कोई समझौता नहीं* मैहर विधानसभा क्षेत्र में बढ़ते अवैध नशे (शराब एवं गांजा) की समस्या को समाज की सहभागिता से रोकने हेतु एक सकारात्मक एवं रचनात्मक पहल की शुरुआत की गई है। आप के पुष्पेंद्र सिंह ने इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी को ज्ञापन सौंपकर प्रत्येक ग्राम एवं वार्ड स्तर पर “नशा मुक्ति एवं निगरानी समिति” गठित करने का सुझाव दिया है। पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज, परिवार और युवा पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा गंभीर सामाजिक मुद्दा है। यदि हम सब मिलकर जागरूकता और सहयोग की भावना से कार्य करें, तो निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि प्रत्येक गाँव में गठित समिति में महिला स्व-सहायता समूह की सदस्याएँ, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता, शिक्षक, छात्र-छात्राएँ तथा युवा प्रतिनिधि शामिल हों। यह समिति प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अवैध गतिविधियों पर सामुदायिक निगरानी, समय पर संबंधित विभाग को सूचना, जनजागरूकता अभियान, नशा विरोधी रैली एवं संवाद कार्यक्रम तथा युवाओं को खेल, शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य करेगी। पुष्पेंद्र सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि विधायक महोदय एवं प्रशासन के सहयोग से यह पहल एक जनसहभागिता मॉडल के रूप में विकसित हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसी व्यक्ति या दल के विरोध का नहीं, बल्कि समाज हित और आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का अभियान है। उन्होंने क्षेत्र के सभी सामाजिक संगठनों, मातृशक्ति, युवाओं और जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे इस मुहिम को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाएँ। यदि समाज एकजुट होकर आगे आता है, तो मैहर विधानसभा क्षेत्र को नशा मुक्त, सुरक्षित और जागरूक बनाने का संकल्प अवश्य साकार होगा2
- 108 एम्बुलेंस कर्मियों ने लौटाया घायल का मोबाइल,दिया ईमानदारी का परिचय* 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का सराहनीय उदाहरण पेश किया है।शुक्रवार की शाम बड़ा गांव में सड़क दुर्घटना में घायल अनिल कोल निवासी बिझला (पाली) को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया था।उपचार के दौरान उनका मोबाइल फोन एम्बुलेंस में ही छूट गया।ड्यूटी पर तैनात पायलट हिफाज़त खान और ईएमटी देवेंद्र त्रिपाठी को जब मोबाइल मिला तो उन्होंने बिना देर किए जिम्मेदारी निभाते हुए अनिल कोल के पिता श्री कृपाल कोल को बुलाकर मोबाइल सुरक्षित लौटा दिया।इस सराहनीय कार्य पर 108 के जिला प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.एस. चंदेल ने स्टाफ की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे ईमानदार कर्मचारी विभाग की साख को मजबूत करते हैं।जिला प्रशासन ने भी उनके सेवाभाव को सराहा है।1
- खोवा मंडी में मौत बनकर दौड़ी कार! भीड़भाड़ वाले बाजार में मचा कोहराम, दो दुकानें चकनाचूर कटनी। शहर के सबसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र ‘सिल्वर टॉकीज रोड’ स्थित खोवा मंडी में शनिवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेज रफ्तार बेकाबू कार अचानक दो दुकानों को रौंदते हुए अंदर जा घुसी। चंद सेकेंड की इस घटना ने पूरे बाजार को दहला दिया। गनीमत रही कि बड़ा जनहानि हादसा टल गया, वरना स्थिति भयावह हो सकती थी। 🔹 कैसे बना ‘टेस्ट ड्राइव’ आफत? घटना सुबह करीब 11:45 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार “सिद्धार्थ ड्रेसेस” की कार को पास की ही एक दुकान का कर्मचारी टेस्ट ड्राइव कर रहा था। भीड़भाड़ और संकरी गली के बीच अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया। कार सीधे मुन्ना खोवा भंडार और जैन खोवा भंडार के काउंटर तोड़ते हुए दुकान के भीतर जा घुसी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। 🔹 हादसे के अहम बिंदु ▪️ बाल-बाल बची कई जिंदगियां दुकानों पर उस समय ग्राहकों की भारी भीड़ मौजूद थी। कार की चपेट में सीधे तौर पर कोई नहीं आया, लेकिन 1-2 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। ▪️ लाखों का नुकसान दोनों दुकानों का फर्नीचर, काउंटर और सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। व्यापारियों ने भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई है। ▪️ CCTV में कैद दहशत घटना का पूरा मंजर पास में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है। वीडियो में कार को तेजी से दुकान में घुसते देखा जा सकता है, जिसे देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। 🔹 लापरवाही पर उठे बड़े सवाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर भीड़भाड़ वाले बाजार और संकरी गलियों में टेस्ट ड्राइव की अनुमति कैसे दी गई? क्या स्थानीय प्रबंधन और चालक की लापरवाही इस हादसे की असली वजह है? घटना के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बाजार क्षेत्रों में वाहन संचालन के लिए सख्त नियम बनाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। 📌 बड़ा सवाल: अगर कार की दिशा जरा भी बदल जाती, तो क्या यह हादसा किसी बड़ी त्रासदी में नहीं बदल जाता? फिलहाल राहत की बात यह है कि एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह जरूर लगा दिए हैं।1