15 दिन में ध्वस्त पुल! प्रशासन की लापरवाही ने जनता को फिर किया शर्मसार मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश: मिर्जापुर में गंगा नदी पर बना करोड़ों की लागत वाला पुल उद्घाटन के महज 15 दिनों के भीतर ही धराशायी हो गया। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस पुल का उद्देश्य नेवड़िया घाट और गैरा घाट के बीच आवागमन को आसान बनाना था, लेकिन प्रशासन की लापरवाही ने जनता की उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि पुल की गुणवत्ता बेहद घटिया थी और निर्माण में भ्रष्टाचार की बू साफ नजर आ रही है। वहीं अधिकारी तेज आंधी और अचानक बढ़े जलस्तर का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। PWD विभाग ने मरम्मत कार्य शुरू करने का दावा तो किया है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर इतनी जल्दी पुल कैसे टूट गया? क्या निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई? यह घटना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जनता पूछ रही है—क्या उनकी सुरक्षा और सुविधा सिर्फ कागजों तक सीमित है? #आपकी जंग #भ्रष्टाचार_बेनकाब #जनता_की_आवाज़
15 दिन में ध्वस्त पुल! प्रशासन की लापरवाही ने जनता को फिर किया शर्मसार मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश: मिर्जापुर में गंगा नदी पर बना करोड़ों की लागत वाला पुल उद्घाटन के महज 15 दिनों के भीतर ही धराशायी हो गया। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस पुल का उद्देश्य नेवड़िया घाट और गैरा घाट के बीच आवागमन को आसान बनाना था, लेकिन प्रशासन की लापरवाही ने जनता की उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि पुल की गुणवत्ता बेहद घटिया थी और निर्माण में भ्रष्टाचार की बू साफ नजर आ रही है। वहीं अधिकारी तेज आंधी और अचानक बढ़े जलस्तर का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। PWD विभाग ने मरम्मत कार्य शुरू करने का दावा तो किया है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर इतनी जल्दी पुल कैसे टूट गया? क्या निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई? यह घटना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जनता पूछ रही है—क्या उनकी सुरक्षा और सुविधा सिर्फ कागजों तक सीमित है? #आपकी जंग #भ्रष्टाचार_बेनकाब #जनता_की_आवाज़
- টিকিট না পেলেই দলীয় প্রার্থীকে শুভেচ্ছা বার্তা প্রাক্তন বিধায়ক নীরজ জিম্বার। ব্যক্তিগত কাজে এসে বিজেপি প্রার্থী আনন্দময় বর্মনের সঙ্গে সৌজন্য সাক্ষাৎকার প্রাক্তন দার্জিলিংয়ের বিজেপি বিধায়ক নীরজ জিম্বা! এদিন নকশালবাড়ির হাতিঘিসার জমিদারগুড়ি থেকে প্রচার শুরু করেন মাটিগাড়া নকশালবাড়ি বিধানসভা কেন্দ্রে বিজেপি প্রার্থী আনন্দময় বর্মন। আর বীরসিং জোতে আনন্দময়কে দেখে সৌজন্য সাক্ষাৎ করেন নীরজ। আনন্দকে শুভেচ্ছা জানিয়ে ভোটের আগাম শুভেচ্ছা দেন তিনি। তিনি বলেন এখন তো সব হাইব্রিড লিডার রয়েছে! উনি সাধারণ মানুষদের মত এক ভালো মানুষ। বিপুল ভোটে বিজয়ী হবে আনন্দ। টিকিট না পেলেও প্রচার করছি। টিকিটের থেকে বেশি আমাদের টার্গেট গোর্খাল্যান্ড! দুবার বিধায়ক হয়েছি বিধায়ক আগামী দিনেও সুযোগ হবে আবার আসব। তবে বাংলায় পরিবর্তন হবে। অন্যদিকে প্রচার ভালো চলছে। নিরজ দা প্রাক্তন বিধায়ক। ভালো সম্পর্ক রয়েছে উনার সঙ্গে। আগামী দিনে একসঙ্গে কাজ করব মত বিজেপি প্রার্থী আনন্দময় বর্মনের।1
- Post by P, k,i1
- ভোটার তালিকায় নাম তোলাকে ঘিরে সকাল থেকেই উপচে পড়া ভিড়*1
- Post by Panitanki Times1
- "নির্বাচনী প্রচারে সরগরম জলপাইগুড়ি জেলার নাগ্রাকাটা বিধানসভা।আসন্ন বিধানসভা নির্বাচন ঘোষণা হওয়ার পরেই বঙ্গ বিজেপির একাধিক কেন্দ্রীয় নেতৃত্ব জেলার বিভিন্ন বিধানসভার প্রার্থীদের হয়ে প্রচারে নেমেছেন। আজ উত্তরবঙ্গের জলপাইগুড়ি জেলার নাগরাকাটা বিধানসভায় আদিবাসী সংস্কৃতি চর্চা কেন্দ্রে ডুয়ার্সের চা বলের শ্রমিক ও বিভিন্ন বিধানসভার প্রার্থী সহ রাজ্য ও কেন্দ্রীয় নেতৃত্তের উপস্থিতিতে কর্মী সভার আয়োজন করা হয়। এদিন নাগরাকাটা ট্রি প্ল্যান্টার্স ক্লাবের মাঠে অস্থায়ী হেলিপ্যাটে নেমে সড়ক পথ ধরে ইনডোর অনুষ্ঠানে সামিল হন রাষ্ট্রীয় অধ্যক্ষ নীতিন নবীন। এদিন মঞ্চে আসতেই আদিবাসী শ্রমিকদের তরফে জয় জোহার শুভেচ্ছা বার্তা নিয়ে ডুয়ার্সের শ্রমিকদের হাতে তোলা চা পাতা, উত্তরবঙ্গের বিভিন্ন কালচার সম্পর্কিত উপহার দিয়ে স্বাগত জানানো হয় দলীয় কর্মীদের তরফে। এরপর মঞ্চে উঠেই ডুয়ার্সের চা শ্রমিকদের বঞ্চনা নিয়ে সরব হন নীতিন। একে একে চা বাগানে শ্রমিকদের প্রতি রাজ্য সরকারের বঞ্চনার প্রতিবাদে ক্ষুদ্ধ হয়ে বঙ্গে বিজেপির সরকারকে নিয়ে আসার আহ্বান জানান।1
- ধূপগুড়িতে বিয়ের দাবিতে ধরনা, এলাকায় ব্যাপক উত্তেজনা1
- मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश: मिर्जापुर में गंगा नदी पर बना करोड़ों की लागत वाला पुल उद्घाटन के महज 15 दिनों के भीतर ही धराशायी हो गया। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस पुल का उद्देश्य नेवड़िया घाट और गैरा घाट के बीच आवागमन को आसान बनाना था, लेकिन प्रशासन की लापरवाही ने जनता की उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि पुल की गुणवत्ता बेहद घटिया थी और निर्माण में भ्रष्टाचार की बू साफ नजर आ रही है। वहीं अधिकारी तेज आंधी और अचानक बढ़े जलस्तर का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। PWD विभाग ने मरम्मत कार्य शुरू करने का दावा तो किया है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर इतनी जल्दी पुल कैसे टूट गया? क्या निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई? यह घटना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जनता पूछ रही है—क्या उनकी सुरक्षा और सुविधा सिर्फ कागजों तक सीमित है? #आपकी जंग #भ्रष्टाचार_बेनकाब #जनता_की_आवाज़1
- পোস্টার ছেঁড়া নিয়ে তৃণমূল–বিজেপি সংঘাত, উত্তপ্ত নকশালবাড়ি!1
- Post by P, k,i1