चुरिहारपुर में लाखों की लागत से बना कूड़ा प्रबंधन केंद्र महज कागजों में हो रहा संचालित लाखों की लागत से बना कूडा घर आंसू बहाने को मजबूर है गोंडा जनपद के विकास खण्ड इटियाथोक के ग्राम पंचायत चुरिहार में बना कूड़ा घर उपयोग से कोसों दूर है ग्रामीणों के मुताबिक जब से यह कूड़ा घर बना है तभी से इस कूड़ा घर में आज तक एक भी कूडा नहीं आया है सरकार के मातहत अधिकारी व कर्मचारी सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे है ऐसे अधिकारी व कर्मचारियी की वजह से सरकार की योजनाएं फेल होती नजर आ रही है । सरकार के द्वारा स्वच्छता अभियान के तहत पूरा घर बनाए गए थे ग्राम पंचायत से निकले वाले कूड़े का प्रबंध किया जाएगा और ग्राम पंचायतें पूरी तरीके से स्वच्छ हो जाएंगी जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा कम हो जाएगा लेकिन यह केवल कागजों में संचालित हो रहा है हकीकत से इसका कोई लेना देना नहीं। इस बारे में ग्राम प्रधान से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन बात नहीं हो पाई वही एडीओ पंचायत गिरजेश पटेल से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि आपके माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
चुरिहारपुर में लाखों की लागत से बना कूड़ा प्रबंधन केंद्र महज कागजों में हो रहा संचालित लाखों की लागत से बना कूडा घर आंसू बहाने को मजबूर है गोंडा जनपद के विकास खण्ड इटियाथोक के ग्राम पंचायत चुरिहार में बना कूड़ा घर उपयोग से कोसों दूर है ग्रामीणों के मुताबिक जब से यह कूड़ा घर बना है तभी से इस कूड़ा घर में आज तक एक भी कूडा नहीं आया है सरकार के मातहत अधिकारी व कर्मचारी सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे है ऐसे अधिकारी व कर्मचारियी की वजह से सरकार की योजनाएं फेल होती नजर आ रही है । सरकार के द्वारा स्वच्छता अभियान के तहत पूरा घर बनाए गए थे ग्राम पंचायत से निकले वाले कूड़े का प्रबंध किया जाएगा और ग्राम पंचायतें पूरी तरीके से स्वच्छ हो जाएंगी जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा कम हो जाएगा लेकिन यह केवल कागजों में संचालित हो रहा है हकीकत से इसका कोई लेना देना नहीं। इस बारे में ग्राम प्रधान से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन बात नहीं हो पाई वही एडीओ पंचायत गिरजेश पटेल से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि आपके माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- Hazrat Baba din Mohammed urf Bangali saha rahmtullah alai ke sthan per 14 fatiha Quran khani 15 April live qawwali1
- yakubganj Bhawan Purva jila Gonda1
- चुरिहारपुर में लाखों की लागत से बना कूड़ा प्रबंधन केंद्र महज कागजों में हो रहा संचालित लाखों की लागत से बना कूडा घर आंसू बहाने को मजबूर है गोंडा जनपद के विकास खण्ड इटियाथोक के ग्राम पंचायत चुरिहार में बना कूड़ा घर उपयोग से कोसों दूर है ग्रामीणों के मुताबिक जब से यह कूड़ा घर बना है तभी से इस कूड़ा घर में आज तक एक भी कूडा नहीं आया है सरकार के मातहत अधिकारी व कर्मचारी सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे है ऐसे अधिकारी व कर्मचारियी की वजह से सरकार की योजनाएं फेल होती नजर आ रही है । सरकार के द्वारा स्वच्छता अभियान के तहत पूरा घर बनाए गए थे ग्राम पंचायत से निकले वाले कूड़े का प्रबंध किया जाएगा और ग्राम पंचायतें पूरी तरीके से स्वच्छ हो जाएंगी जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा कम हो जाएगा लेकिन यह केवल कागजों में संचालित हो रहा है हकीकत से इसका कोई लेना देना नहीं। इस बारे में ग्राम प्रधान से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन बात नहीं हो पाई वही एडीओ पंचायत गिरजेश पटेल से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि आपके माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by पंडित दयाराम शास्त्री1
- हमारे ग्राम सभा इमलिया मिश्र का जो मुख्य रास्ता है, जहां जंगली माता मंदिर, पंचायत भवन, सरकारी स्कूल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है।। उस रास्ते का हालत आप इस वीडियो के माध्यम से देख सकते हैं। इस रास्ते की कई बार शिकायत की गई । परंतु इस रास्ते की कोई सुनवाई नहीं हो रही है विद्यालय मैं आने वाले विद्यार्थी को और ग्रामवासी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इन सब रास्तों का कारण प्रधान नहीं है तो और कौन हो सकता है आप कमेंट में जरूर बताएं अपनी राय ।।। अगर आपको देश देश को आगे लेकर जाना है तो इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें3
- तरबगंज (गोंडा)। एक शादी में उस समय अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब विवाह के रस्म के दौरान दूल्हे को मिर्गी का दौरा आ गया। दौरा पड़ने से दुल्हन ने दूल्हे के साथ विवाह करने से इनकार कर दिया। इसके बाद वर व वधू पक्ष के लोग ने आपस में पंचायत की। मामला नहीं सुलझने पर दोनों पक्ष थाने गए, जहां पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दुल्हन ने शादी से स्पष्ट मना कर दिया इसके बाद शादी रद हो गई। बरात बिना दुल्हन के लौट गई। एक गांव निवासी व्यक्ति ने लखनऊ के चारबाग के रहने वाले युवक से करीब छह माह पूर्व बेटी की शादी तय की थी। वरीक्षा कार्यक्रम के बाद सात मार्च को शादी की तिथि तय थी। निर्धारित तिथि पर करीब आठ बजे रात में बरात पहुंची। बरातियों का स्वागत किया गया। रात करीब साढ़े दस बजे दुल्हा द्वारपूजा के लिए मंडप पर पहुंचा। द्वारपूजा के बाद दूल्हा घर के सामने कुर्सी पर बैठ गया। तभी वह कुर्सी से गिर गया। मुंह से झाग आने लगा। बराती दूल्हे को संभालने में जुट गए। घर के भीतर से दुल्हन ने दूल्हे की ये दशा देखकर शादी से मना कर दिया। दुल्हन के पिता ने आरोप लगाया कि मिर्गी का दौरा पड़ने की बात उनसे छिपाई गई थी। बीमारी के बारे में उन्हें पता होता तो वह विवाह ही तय नहीं करते हैं। वहीं, वर पक्ष के लोगों का कहना था कि दुल्हे को कोई बीमारी नहीं है। इसी बात को लेकर काफी देर तक मंडप पर दोनों पक्षों में बहस होती रही। कुछ लोगों ने पंचायत करके मामले को सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। मामला बढ़ता देख दोनों थाने पहुंच गए, जहां से बरात वापस लौट गई। प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत त्रिपाठी ने कहा कि दोनों पक्ष थाने आए थे। समझाने का प्रयास किया गया। दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया। बरात बिना दुल्हन के लौट गई है। अब कोई विवाद नहीं है।2
- सैनिकों के परिवारों को शिक्षा में सहयोग, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज ने भारतीय सेना से किया समझौता अयोध्या ।टेस्ट प्रिपरेशन सेवाओं की अग्रणी संस्था आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) ने भारतीय सेना के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य सेना के सेवारत और पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों को शैक्षणिक सहायता और कल्याणकारी सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। समझौते के तहत देशभर में एईएसएल के सभी केंद्रों पर सेना से जुड़े विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और विशेष रियायतें दी जाएंगी। इसमें सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरता पुरस्कार विजेताओं, दिव्यांग कर्मियों और ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के परिवारों को लाभ मिलेगा।एमओयू पर भारतीय सेना की ओर से कर्नल, सेरेमोनियल एंड वेलफेयर 3&4 तथा एईएसएल की ओर से चीफ अकैडमिक एंड बिजनेस हेड (दिल्ली-एनसीआर) डॉ. यश पाल ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के बच्चों को रजिस्ट्रेशन फीस छोड़कर बाकी सभी फीस में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। 20 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले कर्मियों और वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के बच्चों की ट्यूशन फीस भी पूरी तरह माफ होगी। वहीं सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों को ट्यूशन फीस में 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।एईएसएल के एमडी और सीईओ चंद्र शेखर गरिसा रेड्डी ने कहा कि शिक्षा उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। भारतीय सेना के साथ यह साझेदारी सैनिकों के परिवारों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान विद्यार्थियों को शैक्षणिक व करियर से संबंधित मेंटरिंग और काउंसलिंग भी वर्चुअल तथा ऑफलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। एईएसएल देशभर में 415 से अधिक केंद्रों के माध्यम से मेडिकल (नीट) और इंजीनियरिंग (जेईई) सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराता है।1
- अयोध्या में इको होटल्स का नया होटल लॉन्च, आध्यात्मिक पर्यटन में बढ़ाएगा सुविधाएं अयोध्या। इको होटल्स एंड रेस्टोरेंट लिमिटेड (BSE: 514402) ने अयोध्या में अपने नए पूर्ण रूप से तैयार होटल की शुरुआत की है। कंपनी का यह कदम तेजी से बढ़ रहे धार्मिक पर्यटन बाजार में उसके रणनीतिक विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।भगवान श्रीराम की नगरी श्री राम जन्मभूमि मंदिर के कारण अयोध्या देश-विदेश के श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। यहां आने वाले भक्तों की संख्या 2023 में 5.75 करोड़ से बढ़कर 2024 में 16 करोड़ से अधिक हो गई, जबकि 2025 के पहले छह महीनों में ही 23 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं। कंपनी के नए होटल में 33 सुसज्जित कमरे, टॉप फ्लोर रेस्टोरेंट, लैंडस्केप्ड लॉन और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं हैं। होटल का रेस्टोरेंट सहर बैक टू द रूट्स सात्विक भोजन परोसता है, जिसमें बिना प्याज-लहसुन के व्यंजन और ग्लूटेन-फ्री नाश्ते की सुविधा भी उपलब्ध है। यह होटल मंदिर से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और हाईवे से अच्छी कनेक्टिविटी रखता है। इको होटल्स एंड रेस्टोरेंट के चेयरमैन विनोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे पर्यटन बाजारों में से एक है। यहां होटल लॉन्च करना कंपनी के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों में विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।कंपनी के अनुसार नई प्रॉपर्टी तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को बेहतर आवास सुविधा देने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल हॉस्पिटैलिटी को भी बढ़ावा देगी। इससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।1