*स्कूल से चावल ले जाने पर हंगामा, सचिव और प्रधानाध्यापिका आमने-सामने* घोड़ासहन, पूर्वी चम्पारण। घोड़ासहन प्रखंड अंतर्गत उच्च माध्यमिक विद्यालय बिजई में विद्यालय में रखे चावल की बोरियां परिसर से बाहर ले जाने को लेकर शनिवार को विवाद उत्पन्न हो गया। ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापिका पर विद्यालय का चावल बाहर ले जाने और बिक्री करने का आरोप लगाया। घटना को लेकर विद्यालय सचिव और प्रधानाध्यापिका पक्ष आमने-सामने आ गए। सूचना मिलने पर 112 की टीम मौके पर पहुंची। बाद में एसडीओ के आदेश पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने विद्यालय पहुंचकर मामले की जांच की। *ग्रामीणों ने लगाया चावल बाहर ले जाने का आरोप* ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय परिसर में रखे चावल की बोरियों को बाहर ले जाने का प्रयास किया जा रहा था। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए बोरियों को बाहर ले जाने से रोक दिया। इसी दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों द्वारा घटना का वीडियो बनाए जाने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापिका पर विद्यालय के चावल के संबंध में गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। *बीईओ की जांच में स्टॉक में कमी नहीं मिली* मामले की जानकारी मिलने के बाद एसडीओ के आदेश पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विद्यालय पहुंचे। बीईओ ने बताया कि उनके पहुंचने के समय विद्यालय परिसर में काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। उनके पहुंचने से पहले ही 112 की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी थी। 112 की टीम से जानकारी लेने पर बताया गया कि मौके पर चावल का कोई बोरा नहीं मिला। हालाकी वायरल वीडियो में साफ साफ दिख रहा है कि एक व्यक्ति और प्रधानाध्यापिका साथ नजर आ रहे हैं कि स्टॉक रूम से उनके साथ वाला व्यक्ति चावल का बोरा उठाता है और स्टॉक रूम से बाहर निकल जाता है और बाद में प्रधानाध्यापिका स्टॉक रूम को बंद करते दिखाई दे रही है अब सवाल यह उठता है कि जो व्यक्ति चावल लेकर स्टॉक रूम से निकला ओ कोई स्कूल का स्टाप है या ग्रामीण अगर चावल की बोरी को बेचने और कही बाहर भेजने की बात अगर नहीं होती तो आखिर में ग्रामीण और स्कूल के सचिव 112 की टीम को बुलाती क्यों इसके बाद प्रधानाध्यापिका से पूछताछ की गई तथा विद्यालय के संबंधित रजिस्टर प्रखंड कार्यालय लाकर उनकी जांच की गई। बीईओ के अनुसार, स्टॉक रजिस्टर में करीब 15 क्विंटल चावल दर्ज पाया गया और जांच के दौरान स्टॉक में चावल की कमी की पुष्टि नहीं हुई। बीईओ ने बताया कि घटना के दिन प्रधानाध्यापिका अपने बेटे के साथ करीब 8:30 बजे विद्यालय पहुंची थीं। *अब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के जांच पर भी सवाल उठ रहें* ग्रामीणों के अनुसार, घटना के दिन प्रधानाध्यापिका अपने बेटे के साथ करीब 8:30 बजे विद्यालय पहुंची थीं। इसको लेकर अब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की जांच पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विद्यालय खुलने का निर्धारित समय सुबह 9:30 बजे है, तो उससे करीब एक घंटे पहले प्रधानाध्यापिका विद्यालय के स्टॉक रूम में चावल की बोरियां किस उद्देश्य से रखवा रही थीं? उस समय विद्यालय में रसोइया अथवा अन्य कर्मियों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, स्थानीय सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि चावल की बोरी उठाने वाला व्यक्ति कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि प्रधानाध्यापिका के परिवार से जुड़ा हुआ सदस्य था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले को गंभीरता से जांचने के बजाय इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है उनके अनुसार, विद्यालय सचिव द्वारा प्रधानाध्यापिका पर चावल चोरी का आरोप लगाए जाने के बाद विवाद बढ़ा। बीईओ के बयान में पैसे की मांग किए जाने और मांग पूरी नहीं होने पर आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई है। *सचिव ने बीईओ के बयान से अलग रखा पक्ष* वहीं, विद्यालय सचिव ने बीईओ के बयान से अलग अपना पक्ष रखा। सचिव के अनुसार, प्रधानाध्यापिका के बेटे को दो बोरा चावल स्कूटी पर ले जाते हुए पकड़ा गया था। सचिव ने चावल को विद्यालय से बाहर ले जाने की घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि उनके द्वारा किसी प्रकार के पैसे की मांग नहीं की गई थी। उन्होंने पैसे की मांग किए जाने के आरोप को पूरी तरह गलत बताया। वीडियो बनाने को लेकर भी विवाद घटना के दौरान ग्रामीणों द्वारा मोबाइल से वीडियो बनाए जाने को लेकर भी विवाद होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि वीडियो बनाए जाने के दौरान प्रधानाध्यापिका ने एक ग्रामीण के हाथ पर मोबाइल से प्रहार किया, जिससे उसका मोबाइल जमीन पर गिर गया। ग्रामीणों ने घटना से संबंधित वीडियो होने का दावा किया है। हालांकि, वायरल वीडियो और इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति मामले में ग्रामीण और विद्यालय सचिव चावल की बोरियां विद्यालय से बाहर ले जाने का दावा कर रहे हैं, जबकि बीईओ की जांच में स्टॉक रजिस्टर के आधार पर चावल की कमी नहीं मिलने की बात कही गई है। ऐसे में चावल विद्यालय से बाहर ले जाने की वास्तविक स्थिति और विवाद के कारणों का स्पष्ट निष्कर्ष आगे की जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। समाचार माध्यम किसी भी पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों अथवा वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। प्रधानाध्यापिका का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
*स्कूल से चावल ले जाने पर हंगामा, सचिव और प्रधानाध्यापिका आमने-सामने* घोड़ासहन, पूर्वी चम्पारण। घोड़ासहन प्रखंड अंतर्गत उच्च माध्यमिक विद्यालय बिजई में विद्यालय में रखे चावल की बोरियां परिसर से बाहर ले जाने को लेकर शनिवार को विवाद उत्पन्न हो गया। ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापिका पर विद्यालय का चावल बाहर ले जाने और बिक्री करने का आरोप लगाया। घटना को लेकर विद्यालय सचिव और प्रधानाध्यापिका पक्ष आमने-सामने आ गए। सूचना मिलने पर 112 की टीम मौके पर पहुंची। बाद में एसडीओ के आदेश पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने विद्यालय पहुंचकर मामले की जांच की। *ग्रामीणों ने लगाया चावल बाहर ले जाने का आरोप* ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय परिसर में रखे चावल की बोरियों को बाहर ले जाने का प्रयास किया जा रहा था। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए बोरियों को बाहर ले जाने से रोक दिया। इसी दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों द्वारा घटना का वीडियो बनाए जाने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापिका पर विद्यालय के चावल के संबंध में गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। *बीईओ की जांच में स्टॉक में कमी नहीं मिली* मामले की जानकारी मिलने के बाद एसडीओ के आदेश पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विद्यालय पहुंचे। बीईओ ने बताया कि उनके पहुंचने के समय विद्यालय परिसर में काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
उनके पहुंचने से पहले ही 112 की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी थी। 112 की टीम से जानकारी लेने पर बताया गया कि मौके पर चावल का कोई बोरा नहीं मिला। हालाकी वायरल वीडियो में साफ साफ दिख रहा है कि एक व्यक्ति और प्रधानाध्यापिका साथ नजर आ रहे हैं कि स्टॉक रूम से उनके साथ वाला व्यक्ति चावल का बोरा उठाता है और स्टॉक रूम से बाहर निकल जाता है और बाद में प्रधानाध्यापिका स्टॉक रूम को बंद करते दिखाई दे रही है अब सवाल यह उठता है कि जो व्यक्ति चावल लेकर स्टॉक रूम से निकला ओ कोई स्कूल का स्टाप है या ग्रामीण अगर चावल की बोरी को बेचने और कही बाहर भेजने की बात अगर नहीं होती तो आखिर में ग्रामीण और स्कूल के सचिव 112 की टीम को बुलाती क्यों इसके बाद प्रधानाध्यापिका से पूछताछ की गई तथा विद्यालय के संबंधित रजिस्टर प्रखंड कार्यालय लाकर उनकी जांच की गई। बीईओ के अनुसार, स्टॉक रजिस्टर में करीब 15 क्विंटल चावल दर्ज पाया गया और जांच के दौरान स्टॉक में चावल की कमी की पुष्टि नहीं हुई। बीईओ ने बताया कि घटना के दिन प्रधानाध्यापिका अपने बेटे के साथ करीब 8:30 बजे विद्यालय पहुंची थीं। *अब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के जांच पर भी सवाल उठ रहें* ग्रामीणों के अनुसार, घटना के दिन प्रधानाध्यापिका अपने बेटे के साथ करीब 8:30 बजे विद्यालय पहुंची थीं। इसको लेकर
अब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की जांच पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विद्यालय खुलने का निर्धारित समय सुबह 9:30 बजे है, तो उससे करीब एक घंटे पहले प्रधानाध्यापिका विद्यालय के स्टॉक रूम में चावल की बोरियां किस उद्देश्य से रखवा रही थीं? उस समय विद्यालय में रसोइया अथवा अन्य कर्मियों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, स्थानीय सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि चावल की बोरी उठाने वाला व्यक्ति कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि प्रधानाध्यापिका के परिवार से जुड़ा हुआ सदस्य था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले को गंभीरता से जांचने के बजाय इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है उनके अनुसार, विद्यालय सचिव द्वारा प्रधानाध्यापिका पर चावल चोरी का आरोप लगाए जाने के बाद विवाद बढ़ा। बीईओ के बयान में पैसे की मांग किए जाने और मांग पूरी नहीं होने पर आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई है। *सचिव ने बीईओ के बयान से अलग रखा पक्ष* वहीं, विद्यालय सचिव ने बीईओ के बयान से अलग अपना पक्ष रखा। सचिव के अनुसार, प्रधानाध्यापिका के बेटे को दो बोरा चावल स्कूटी पर ले जाते हुए पकड़ा गया था। सचिव ने चावल को विद्यालय से बाहर ले जाने की घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि उनके द्वारा किसी
प्रकार के पैसे की मांग नहीं की गई थी। उन्होंने पैसे की मांग किए जाने के आरोप को पूरी तरह गलत बताया। वीडियो बनाने को लेकर भी विवाद घटना के दौरान ग्रामीणों द्वारा मोबाइल से वीडियो बनाए जाने को लेकर भी विवाद होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि वीडियो बनाए जाने के दौरान प्रधानाध्यापिका ने एक ग्रामीण के हाथ पर मोबाइल से प्रहार किया, जिससे उसका मोबाइल जमीन पर गिर गया। ग्रामीणों ने घटना से संबंधित वीडियो होने का दावा किया है। हालांकि, वायरल वीडियो और इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति मामले में ग्रामीण और विद्यालय सचिव चावल की बोरियां विद्यालय से बाहर ले जाने का दावा कर रहे हैं, जबकि बीईओ की जांच में स्टॉक रजिस्टर के आधार पर चावल की कमी नहीं मिलने की बात कही गई है। ऐसे में चावल विद्यालय से बाहर ले जाने की वास्तविक स्थिति और विवाद के कारणों का स्पष्ट निष्कर्ष आगे की जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। समाचार माध्यम किसी भी पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों अथवा वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। प्रधानाध्यापिका का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
- चकिया में जाम से निजात की कवायद, सड़क किनारे दुकान लगाने वालों को चेतावनी आज मंगलवार को चकिया नगर परिषद क्षेत्र में लगातार लगने वाले जाम की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए नगर परिषद ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्यपालक पदाधिकारी वीरेंद्र मोहन के निर्देश पर नगर परिषद में सड़क किनारे अतिक्रमण कर दुकान लगाने वालों को चिन्हित कर उन्हें दुकानें हटाने की चेतावनी दी गई है। नगर परिषद की ओर से सड़क किनारे माईकिंग कर टेंपो, रिक्शा तथा छोटे-छोटे सामानों की दुकान लगाने वाले दुकानदारों को सूचित किया गया है कि वे अपनी दुकानें सड़क किनारे नहीं लगाएं। नगर परिषद द्वारा बाजार समिति में चिन्हित स्थान पर ही अपनी दुकानें लगाएं, ताकि मुख्य सड़क पर यातायात व्यवस्था सुचारु रह सके और जाम की समस्या से लोगों को राहत मिल सके। नगर परिषद कर्मियों ने दुकानदारों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्देश का पालन नहीं करने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।नगर परिषद की इस पहल के बाद अब देखना होगा कि सड़क किनारे लगने वाली दुकानों और टेंपो-रिक्शा को चिन्हित स्थान पर व्यवस्थित किए जाने से शहर की यातायात व्यवस्था में कितना सुधार होता है।1
- पकरी दयाल गणपति पूजा समझ भव्य मेला और झूला और और भी तरह से पाक वान1
- दवा कारोबारी की हत्या का मामला , वॉल्सऐप चैट से हुआ खुलासा, बहूं ने नौकर से पूछा स्मार्ट हो गर्लफ्रेंड तों होगी फंसाकर करोड़पति ससुर की करवाई, आगे देखिए रिपोर्ट शेयर करें1
- #SamratChaudhary #BiharNews #BiharFlood #FloodNews #FloodVictims #BiharPolitics #SamratChaudhary #BiharNews #BiharFlood #FloodNews #FloodVictims #BiharPoliticsबाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सम्राट चौधरी, परेशान लोगों की मदद को बढ़ाया हाथ!1
- आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण, बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण का लिया जायजा शिवहर में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी प्रतिभा रानी और पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को सुगिया कटसरी पंचायत के रघुनाथपुर आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-133 का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने बच्चों से बातचीत कर आंगनबाड़ी में मिलने वाले भोजन, उसकी गुणवत्ता और मीनू की जानकारी ली। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर का जायजा लेने के लिए मौके पर उनका वजन भी कराया गया। जिलाधिकारी ने सेविका और सहायिका को बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषाहार उपलब्ध कराने, केंद्र में साफ-सफाई रखने और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और विकास को लेकर आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेगा।1
- गणपति की पूजा मंडप में उमड़ रही है भक्तों की भीड़,लग रहे हैं गणपति बप्पा मोरया के नारे।1
- जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण, बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण का लिया जायजा जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण, बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण का लिया जायजा जिले में नौनिहालों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 15 सितंबर 2026 को शिवहर की जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से एक औचक निरीक्षण किया। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने ग्राम पंचायत सुगिया कटसरी स्थित रघुनाथपुर आंगनबाड़ी केंद्र (केंद्र संख्या- 133) का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी।1
- जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण, बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की ली जानकारी शिवहर में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी प्रतिभा रानी और पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को सुगिया कटसरी पंचायत के रघुनाथपुर आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-133 का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने बच्चों से बातचीत कर आंगनबाड़ी में मिलने वाले भोजन, उसकी गुणवत्ता और मीनू की जानकारी ली। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर का जायजा लेने के लिए मौके पर उनका वजन भी कराया गया। जिलाधिकारी ने सेविका और सहायिका को बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषाहार उपलब्ध कराने, केंद्र में साफ-सफाई रखने और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और विकास को लेकर आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेगा।1