मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के तहत, अमदरा पुलिस ने मैहर जिले के टिसकिली और कुठिलगवां गांवों में नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। यह कार्यक्रम पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना (भा.पु.से.) के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में जिलेभर में संचालित व्यापक जागरूकता अभियान का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत शनिवार को जिले के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में भी विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। सोमवार को अमदरा थाना क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में वर्तमान समय में तेज़ी से बढ़ रहे साइबर अपराधों तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि साइबर ठग फर्जी कॉल, वीडियो कॉल, सोशल मीडिया, नकली एपीके फाइल, फर्जी निवेश योजनाएं, टास्क फ्रॉड, यूपीआई/क्यूआर कोड, फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर और ओटीपी प्राप्त करके लोगों से ठगी करते हैं। एस.आई. लक्ष्मण प्रसाद बुनकर ने सभी नागरिकों से अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचने और ओटीपी, पिन, सीवीवी या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की अपील की। उन्होंने यह भी सलाह दी कि संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत काट दें और किसी भी प्रकार के लालच या दबाव में न आएं। कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि "डिजिटल अरेस्ट" नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती, इसलिए ऐसे झांसे में बिल्कुल न फंसें। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित नागरिकों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा अपने परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया। अमदरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होते हैं तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं, ताकि एक सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में सभी अपना योगदान दे सकें।
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के तहत, अमदरा पुलिस ने मैहर जिले के टिसकिली और कुठिलगवां गांवों में नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। यह कार्यक्रम पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना (भा.पु.से.) के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में जिलेभर में संचालित व्यापक जागरूकता अभियान का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत शनिवार को जिले के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में भी विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए
थे। सोमवार को अमदरा थाना क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में वर्तमान समय में तेज़ी से बढ़ रहे साइबर अपराधों तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि साइबर ठग फर्जी कॉल, वीडियो कॉल, सोशल मीडिया, नकली एपीके फाइल, फर्जी निवेश योजनाएं, टास्क फ्रॉड, यूपीआई/क्यूआर कोड, फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर और ओटीपी प्राप्त करके लोगों से ठगी करते हैं। एस.आई. लक्ष्मण प्रसाद बुनकर ने सभी नागरिकों से अज्ञात लिंक पर क्लिक न
करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचने और ओटीपी, पिन, सीवीवी या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की अपील की। उन्होंने यह भी सलाह दी कि संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत काट दें और किसी भी प्रकार के लालच या दबाव में न आएं। कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि "डिजिटल अरेस्ट" नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती, इसलिए ऐसे झांसे में बिल्कुल न फंसें। कार्यक्रम के समापन पर
उपस्थित नागरिकों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा अपने परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया। अमदरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होते हैं तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं, ताकि एक सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में सभी अपना योगदान दे सकें।
- मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के तहत, अमदरा पुलिस ने मैहर जिले के टिसकिली और कुठिलगवां गांवों में नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। यह कार्यक्रम पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना (भा.पु.से.) के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में जिलेभर में संचालित व्यापक जागरूकता अभियान का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत शनिवार को जिले के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में भी विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। सोमवार को अमदरा थाना क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में वर्तमान समय में तेज़ी से बढ़ रहे साइबर अपराधों तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि साइबर ठग फर्जी कॉल, वीडियो कॉल, सोशल मीडिया, नकली एपीके फाइल, फर्जी निवेश योजनाएं, टास्क फ्रॉड, यूपीआई/क्यूआर कोड, फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर और ओटीपी प्राप्त करके लोगों से ठगी करते हैं। एस.आई. लक्ष्मण प्रसाद बुनकर ने सभी नागरिकों से अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचने और ओटीपी, पिन, सीवीवी या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की अपील की। उन्होंने यह भी सलाह दी कि संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत काट दें और किसी भी प्रकार के लालच या दबाव में न आएं। कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि "डिजिटल अरेस्ट" नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती, इसलिए ऐसे झांसे में बिल्कुल न फंसें। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित नागरिकों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा अपने परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया। अमदरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होते हैं तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं, ताकि एक सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में सभी अपना योगदान दे सकें।4
- प्रदेश अध्यक्ष राजेश दुबे ने एक बड़ा बयान दिया है।1
- मैहर मां शारदा देवी धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहाँ मैहर रोपवे के पास चल रहे पाइपलाइन बिछाने के कार्य में ठेकेदार की कथित लापरवाही के कारण एक दर्शनार्थी हादसे का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि सड़क की खुदाई के बाद गड्ढों को निर्धारित मानकों के अनुसार भरने और मजबूत करने के बजाय केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया था। बरसात के चलते मिट्टी धंसने से सड़क बेहद खतरनाक हो गई है। इसी खतरनाक सड़क पर, मां शारदा के दर्शन करने दोपहिया वाहन से पहुंचे एक दर्शनार्थी का वाहन अनियंत्रित होकर फिसल गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में दर्शनार्थी का पैर टूटने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। खुदाई वाले स्थानों पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी संबंधी संकेतक लगाए गए हैं। बरसात के कारण सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई है, जिससे प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन गंभीर हालातों को देखते हुए, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पाइपलाइन निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराई जाए। साथ ही, लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के विरुद्ध उचित कार्यवाही की जाए तथा सड़क की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- धार्मिक नगरी मैहर में अवैध शराब कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं, जहाँ मैहर स्टेशन क्षेत्र में एक फल की दुकान की आड़ में अवैध रूप से शराब का भंडारण और बिक्री किए जाने का दावा किया जा रहा है। सामने आए एक वीडियो के आधार पर यह आरोप लगाया गया है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा धार्मिक एवं संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास शराब बिक्री पर नियंत्रण और प्रतिबंध संबंधी निर्देशों के बावजूद, मैहर स्टेशन से लेकर अन्य क्षेत्रों तक अवैध शराब कारोबार फल-फूल रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में एक दुकानदार को फल व्यवसाय की आड़ में शराब बेचते हुए दिखाया गया है, जिसने प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यदि खुलेआम इस प्रकार अवैध शराब की बिक्री हो रही है, तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों ने मांग की है कि वीडियो की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए और पूरे स्टेशन क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाई जाए। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच कर आवश्यक कार्यवाही करता है या फिर यह मामला भी केवल चर्चाओं तक ही सीमित रह जाता है।1
- मैहर-रीवा रोड पुल पर उस समय लंबा जाम लग गया, जब सड़क पर वाहनों की दोनों ओर लंबी कतारें लग गईं। इस जाम के कारण राहगीरों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि सड़क पर वाहनों का अत्यधिक दबाव और अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहन ही जाम का प्रमुख कारण बने। जाम के दौरान छोटे-बड़े वाहन काफी देर तक फंसे रहे।1
- सतना जिले में जिला पंचायत कार्यालय के पास स्थित शासकीय आवासों के निकट आज पेयजल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन अचानक फट गई, जिससे एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। पाइपलाइन फटने के कारण पिछले आधे घंटे से सड़क पर तेज रफ्तार में पानी लगातार बह रहा है, जिसके परिणामस्वरूप पूरी सड़क जलमग्न हो गई है।1