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बिसंडा थाना क्षेत्र के ग्राम चौसड़ स्थित ओरन-अतर्रा मार्ग पर देर रात दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई।
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बिसंडा थाना क्षेत्र के ग्राम चौसड़ स्थित ओरन-अतर्रा मार्ग पर देर रात दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई।
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- बाँदा जिले के मरका स्थित यमुना नदी पुल से एक पति-पत्नी ने नदी में छलांग लगा दी। इस घटना में पत्नी की मौत हो गई, जबकि पति को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।1
- माहे मोहर्रम की सातवीं तारीख पर मंगलवार को बांदा शहर में अलम का कदीमी मातमी जुलूस पूरे अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। पूर्वी कोठी स्थित इमामबारगाह से शुरू हुए इस जुलूस में सैकड़ों अकीदतमंदों ने 'या हुसैन' के नारे लगाते हुए हजरत इमाम हुसैन और शोहदाए करबला को खिराजे अकीदत पेश की। इस दौरान इमामबाड़े से मातमी ढोल-ताशे के बीच नेजे भी उठाए गए। जुलूस से पहले पूर्वी कोठी और डिग्गी चौराहा इमामबारगाह में मजलिस का आयोजन हुआ, जिसे गाजीपुर से आए मौलाना सैयद हैदर करबलाई ने संबोधित किया। उन्होंने करबला के वाकये पर रोशनी डालते हुए बताया कि सातवीं मोहर्रम से यजीदी फौज ने नहरे फुरात पर पहरा लगाकर इमाम हुसैन, उनके साथियों और मासूम बच्चों के लिए पानी बंद कर दिया था। इसके बावजूद इमाम हुसैन ने सब्र, इंसाफ और इंसानियत का रास्ता नहीं छोड़ा और करबला के मैदान में शहादत पेश कर दुनिया को हक और सत्य के लिए संघर्ष का संदेश दिया। मजलिस के बाद अलमों का कदीमी जुलूस बरामद हुआ, जिसमें रजा मेहदी, हसन अख्तर, अली जहीर, शजरुल हसन और हसन रजा एडवोकेट ने दर्दभरे मरसिए पेश किए, जिससे अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। अंजुमन अब्बासिया के साहिबे बयाज शमसुल हसन रिजवी द्वारा नौहा पेश किए जाने पर मातमदारों ने सीनाजनी कर शोहदाए करबला को याद किया। यह जुलूस पद्माकर चौराहा, जीजीआईसी, बाकरगंज, छावनी चौराहा, गूलरनाका, अमर टॉकीज, जामा मस्जिद, गोल कोठी और अलीगंज सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। छावनी चौराहे पर झांसी से आए मौलाना फरमान अली आब्दी ने इमाम हुसैन के संदेश को अमन, भाईचारे, इंसाफ और मानवता का प्रतीक बताते हुए लोगों से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। अलीगंज इमामबारगाह में मगरिब की नमाज के बाद भी एक मजलिस हुई, जिसके बाद जुलूस पुनः विभिन्न मार्गों से होता हुआ पूर्वी कोठी इमामबारगाह पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस के समापन के उपरांत नज़रे हजरत अब्बास का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। इस पूरे आयोजन के दौरान जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और भारी पुलिस बल जुलूस के साथ तैनात रहा। आयोजन समिति की ओर से शोएब रिजवी ने शांतिपूर्ण और सफल आयोजन में सहयोग के लिए पुलिस एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अली इमाम आब्दी, मिर्जा यावर हुसैन एडवोकेट, आगा अंसार, मजहर हुसैन, अंसार हुसैन, जफर रजा, असगर रजा, वसीम हैदर, शमीम हैदर, साजिद हुसैन, अहमद रजा, हैदर शिकोह एडवोकेट, मोहसिन रजा एडवोकेट, अली मंजर एडवोकेट सहित सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे।4
- बांदा कांग्रेस कार्यालय पर एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित और कार्यकर्ताओं ने अजय राय जी के निर्देशन में नेट पेपर लीक और बेरोज़गार युवाओं के साथ हो रहे 'खिलवाड़' को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। इस बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे बेरोज़गार युवा लाखों रुपए खर्च करके परीक्षा देने पहुंचते हैं, लेकिन इसके बावजूद पेपर लीक की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। कार्यकर्ताओं ने इस स्थिति को 'बच्चों के साथ खिलवाड़' बताते हुए सरकार से इस मामले में ठोस कार्रवाई की मांग की।1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद बांदा का प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। इसी क्रम में, मंडलायुक्त अजीत कुमार ने निजी अस्पतालों और कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें फायर सेफ्टी से जुड़ी व्यवस्थाओं में कई गंभीर खामियां मिलीं। इन खामियों के मद्देनजर, अस्पतालों को 24 घंटे के भीतर सुधार करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं और ऐसा न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसके अतिरिक्त, आकाश कोचिंग सेंटर को सुरक्षा मानकों को पूरी तरह से लागू करने तक सभी कक्षाएं स्थगित करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन की ओर से होटलों, लाइब्रेरी और अन्य सार्वजनिक स्थलों की जांच भी लगातार जारी है। इस निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट और मुख्य अग्निशमन अधिकारी भी मंडलायुक्त के साथ मौजूद रहे।2
- उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में हुए दान राशि चोरी प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, जिसके बाद दोषियों पर कार्रवाई की उम्मीदें बढ़ गई हैं। सोमवार को लखनऊ के लोक भवन में एसआईटी अध्यक्ष और लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने अपनी टीम के दोनों सदस्यों के साथ यह रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री और अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद को सौंपी। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए उपलब्ध अभिलेखों, वित्तीय लेन-देन, संबंधित कर्मचारियों और अन्य पक्षों से प्राप्त तथ्यों का गहन परीक्षण किया है। रिपोर्ट में इस प्रकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का उल्लेख है, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। राम मंदिर दान चोरी प्रकरण सामने आने के बाद शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया था। टीम को निष्पक्ष और विस्तृत जांच करके दोषियों की पहचान करने तथा उनकी जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए थे। अब यह प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद सभी की निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद संबंधित दोषियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, हालांकि रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद राम मंदिर दान चोरी मामले में जल्द ही बड़े निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है और श्रद्धालु व आमजन भी इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई होती है।1
- शहर क्षेत्र में नशीले पदार्थों के विरुद्ध एक सघन चेकिंग और जागरूकता अभियान संचालित किया गया। इस अभियान का संचालन थाना एएचटी, एसजेपीयू, चाइल्ड हेल्प लाइन और ग्रामीण स्वावलंबन समिति की एक संयुक्त टीम द्वारा किया गया।1
- बांदा में शहीदाने कर्बला की याद में मनाए जा रहे मोहर्रम की सातवीं तारीख को शिया समुदाय द्वारा पूर्वी कोठी से एक मातमी जुलूस निकाला गया। इस दौरान शिया समुदाय के लोगों ने सीनाजनी मातम करते हुए याद-ए-हुसैन में खुद को लहूलुहान कर लिया। इसके साथ ही, छावनी मोहल्ले से लेकर जिला परिषद रोड तक अलम जुलूस भी निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे और लंगर का भी आयोजन हुआ। दस दिवसीय मोहर्रम की श्रृंखला के तहत मंगलवार को मोहर्रम की सातवीं पर शहर के विभिन्न इमामबाड़ों से दोपहर तीन बजे से अलम जुलूस उठाए गए। ये सभी जुलूस अपने-अपने परंपरागत मार्गों से होते हुए जिला परिषद रोड पर पहुंचे, जहां मातमी धुनों के बीच करतब भी दिखाए गए। देर शाम, शहर की पूर्वी कोठी से शिया समुदाय का अलम जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में शिया समुदाय के लोगों ने सीनाजनी मातम कर खुद को लहूलुहान किया। यह जुलूस मातमी धुनों के बीच सट्टन चौराहा स्थित शिया इमामबाड़े में समाप्त हुआ, जहाँ देर रात तक मजलिस का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पुलिस अधीक्षक पूरे जुलूस पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे, जबकि शहर कोतवाल बलराम सिंह लगातार गस्त करते नजर आए। मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष शोएब नियाजी और अरशद निजामी भी जुलूस में मौजूद रहे।2