माहे मोहर्रम की सातवीं तारीख पर मंगलवार को बांदा शहर में अलम का कदीमी मातमी जुलूस पूरे अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। पूर्वी कोठी स्थित इमामबारगाह से शुरू हुए इस जुलूस में सैकड़ों अकीदतमंदों ने 'या हुसैन' के नारे लगाते हुए हजरत इमाम हुसैन और शोहदाए करबला को खिराजे अकीदत पेश की। इस दौरान इमामबाड़े से मातमी ढोल-ताशे के बीच नेजे भी उठाए गए। जुलूस से पहले पूर्वी कोठी और डिग्गी चौराहा इमामबारगाह में मजलिस का आयोजन हुआ, जिसे गाजीपुर से आए मौलाना सैयद हैदर करबलाई ने संबोधित किया। उन्होंने करबला के वाकये पर रोशनी डालते हुए बताया कि सातवीं मोहर्रम से यजीदी फौज ने नहरे फुरात पर पहरा लगाकर इमाम हुसैन, उनके साथियों और मासूम बच्चों के लिए पानी बंद कर दिया था। इसके बावजूद इमाम हुसैन ने सब्र, इंसाफ और इंसानियत का रास्ता नहीं छोड़ा और करबला के मैदान में शहादत पेश कर दुनिया को हक और सत्य के लिए संघर्ष का संदेश दिया। मजलिस के बाद अलमों का कदीमी जुलूस बरामद हुआ, जिसमें रजा मेहदी, हसन अख्तर, अली जहीर, शजरुल हसन और हसन रजा एडवोकेट ने दर्दभरे मरसिए पेश किए, जिससे अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। अंजुमन अब्बासिया के साहिबे बयाज शमसुल हसन रिजवी द्वारा नौहा पेश किए जाने पर मातमदारों ने सीनाजनी कर शोहदाए करबला को याद किया। यह जुलूस पद्माकर चौराहा, जीजीआईसी, बाकरगंज, छावनी चौराहा, गूलरनाका, अमर टॉकीज, जामा मस्जिद, गोल कोठी और अलीगंज सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। छावनी चौराहे पर झांसी से आए मौलाना फरमान अली आब्दी ने इमाम हुसैन के संदेश को अमन, भाईचारे, इंसाफ और मानवता का प्रतीक बताते हुए लोगों से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। अलीगंज इमामबारगाह में मगरिब की नमाज के बाद भी एक मजलिस हुई, जिसके बाद जुलूस पुनः विभिन्न मार्गों से होता हुआ पूर्वी कोठी इमामबारगाह पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस के समापन के उपरांत नज़रे हजरत अब्बास का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। इस पूरे आयोजन के दौरान जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और भारी पुलिस बल जुलूस के साथ तैनात रहा। आयोजन समिति की ओर से शोएब रिजवी ने शांतिपूर्ण और सफल आयोजन में सहयोग के लिए पुलिस एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अली इमाम आब्दी, मिर्जा यावर हुसैन एडवोकेट, आगा अंसार, मजहर हुसैन, अंसार हुसैन, जफर रजा, असगर रजा, वसीम हैदर, शमीम हैदर, साजिद हुसैन, अहमद रजा, हैदर शिकोह एडवोकेट, मोहसिन रजा एडवोकेट, अली मंजर एडवोकेट सहित सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे।
माहे मोहर्रम की सातवीं तारीख पर मंगलवार को बांदा शहर में अलम का कदीमी मातमी जुलूस पूरे अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। पूर्वी कोठी स्थित इमामबारगाह से शुरू हुए इस जुलूस में सैकड़ों अकीदतमंदों ने 'या हुसैन' के नारे लगाते हुए हजरत इमाम हुसैन और शोहदाए करबला को खिराजे अकीदत पेश की। इस दौरान इमामबाड़े से मातमी ढोल-ताशे के बीच नेजे भी उठाए गए। जुलूस से पहले पूर्वी कोठी और डिग्गी चौराहा इमामबारगाह में मजलिस का आयोजन हुआ, जिसे गाजीपुर से आए मौलाना सैयद हैदर करबलाई ने संबोधित किया। उन्होंने करबला के वाकये पर रोशनी डालते हुए बताया कि सातवीं मोहर्रम
से यजीदी फौज ने नहरे फुरात पर पहरा लगाकर इमाम हुसैन, उनके साथियों और मासूम बच्चों के लिए पानी बंद कर दिया था। इसके बावजूद इमाम हुसैन ने सब्र, इंसाफ और इंसानियत का रास्ता नहीं छोड़ा और करबला के मैदान में शहादत पेश कर दुनिया को हक और सत्य के लिए संघर्ष का संदेश दिया। मजलिस के बाद अलमों का कदीमी जुलूस बरामद हुआ, जिसमें रजा मेहदी, हसन अख्तर, अली जहीर, शजरुल हसन और हसन रजा एडवोकेट ने दर्दभरे मरसिए पेश किए, जिससे अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। अंजुमन अब्बासिया के साहिबे बयाज शमसुल हसन रिजवी द्वारा नौहा पेश किए जाने पर
मातमदारों ने सीनाजनी कर शोहदाए करबला को याद किया। यह जुलूस पद्माकर चौराहा, जीजीआईसी, बाकरगंज, छावनी चौराहा, गूलरनाका, अमर टॉकीज, जामा मस्जिद, गोल कोठी और अलीगंज सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। छावनी चौराहे पर झांसी से आए मौलाना फरमान अली आब्दी ने इमाम हुसैन के संदेश को अमन, भाईचारे, इंसाफ और मानवता का प्रतीक बताते हुए लोगों से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। अलीगंज इमामबारगाह में मगरिब की नमाज के बाद भी एक मजलिस हुई, जिसके बाद जुलूस पुनः विभिन्न मार्गों से होता हुआ पूर्वी कोठी इमामबारगाह पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस के समापन के उपरांत नज़रे हजरत अब्बास
का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। इस पूरे आयोजन के दौरान जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और भारी पुलिस बल जुलूस के साथ तैनात रहा। आयोजन समिति की ओर से शोएब रिजवी ने शांतिपूर्ण और सफल आयोजन में सहयोग के लिए पुलिस एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अली इमाम आब्दी, मिर्जा यावर हुसैन एडवोकेट, आगा अंसार, मजहर हुसैन, अंसार हुसैन, जफर रजा, असगर रजा, वसीम हैदर, शमीम हैदर, साजिद हुसैन, अहमद रजा, हैदर शिकोह एडवोकेट, मोहसिन रजा एडवोकेट, अली मंजर एडवोकेट सहित सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे।
- बांदा में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सेंट मेरीज कॉलेज परिसर में एक भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। इस गरिमामय आयोजन में प्रदेश सरकार के मंत्री रामकेश निषाद, जिला प्रशासन के अधिकारी, छात्र-छात्राएं, महिलाएं और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। सुबह की ताजगी के बीच हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाना था, जहाँ सैकड़ों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ रहने का संकल्प लिया। मंत्री रामकेश निषाद ने स्वयं भी योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास किया और कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम ही नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पूरी दुनिया का भारत की इस प्राचीन परंपरा को अपनाना देश के लिए गौरव का विषय है। इस योग शिविर में छात्र-छात्राओं और महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। प्रशिक्षकों के निर्देशन में सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया तथा नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया, जिससे बांदा में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह और संकल्प के साथ संपन्न हुआ।1
- बिसंडा थाना क्षेत्र के ग्राम चौसड़ स्थित ओरन-अतर्रा मार्ग पर देर रात दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा स्थित मोहल्ला तरौस कम्हरिया में आलमगीर द्वारा तैयार की गई एक भव्य ताजिया लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस आकर्षक ताजिया के निर्माण में कारीगर को लगभग दो वर्ष का समय लगा और इसकी लागत करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। आलमगीर ने बताया कि ताजिया को पारंपरिक कला और बारीक कारीगरी का उपयोग करके तैयार किया गया है। इसकी खूबसूरती और विशेष डिजाइन को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मोहल्ले के लोगों ने कारीगर की कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए इस ताजिया को क्षेत्र की एक विशेष पहचान करार दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसकी नक्काशी और सजावट में विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके कारण यह लोगों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है।2
- हमीरपुर स्थित जिला अस्पताल के महिला शौचालय में एक नवजात बच्चे का शव मिलने से पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, जिसने स्थल का निरीक्षण किया और नवजात के शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन भी सक्रिय हो गया है; मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के निर्देश दिए हैं, ताकि नवजात को वहाँ छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके। पुलिस अस्पताल के कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। फिलहाल, जिला अस्पताल के महिला शौचालय में नवजात का शव मिलने की यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है, और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच करने में जुटी है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के ऐला गांव में एक सफाई कर्मचारी से जुड़ी शिकायत सामने आई है। यह शिकायत ग्राम ऐला से संबंधित है।1
- कांग्रेस ने नीट पेपर लीक मामले और देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने एक प्रेसवार्ता में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा वर्ष 2018, 2021, 2022, 2024 और 2026 में भी गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों से घिरी रही है। पार्टी का कहना है कि हाल ही में हुई नीट परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। कांग्रेस ने इस बात पर जोर दिया कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों में भारी तनाव और निराशा बढ़ रही है। इस दौरान, कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान का जिक्र करते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया।3
- देश के विभिन्न शहरों में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई मेट्रो लाइनों के शुरू होने से लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने और यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। यह भी बताया गया है कि आने वाले समय में लाखों यात्रियों को इस आधुनिक यात्रा सुविधा का सीधा लाभ मिल सकता है।1
- पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक के निर्देशन और कोतवाली प्रभारी संतोष सिंह की अध्यक्षता में मौदहा पुलिस ने कस्बे में कानून एवं शांति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पैदल गश्त की। इस गश्त के दौरान पुलिस टीम ने मुख्य मार्गों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों में सुरक्षा का भाव जागृत किया। यह विशेष गश्त मोहर्रम पर्व को देखते हुए की गई थी। पुलिस टीम ने विभिन्न इमामबाड़ों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आयोजकों से संवाद कर आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की। पैदल गश्त में क्राइम इंस्पेक्टर चंद्रशेखर गौतम, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अभिषेक त्रिवेदी सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस की इस सक्रियता से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में विश्वास का माहौल देखा गया।1
- Post by Jitendra kumar कोरी2