Shuru
Apke Nagar Ki App…
देश के विभिन्न शहरों में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई मेट्रो लाइनों के शुरू होने से लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने और यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। यह भी बताया गया है कि आने वाले समय में लाखों यात्रियों को इस आधुनिक यात्रा सुविधा का सीधा लाभ मिल सकता है।
Dilip Kumar Bharti
देश के विभिन्न शहरों में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई मेट्रो लाइनों के शुरू होने से लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने और यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। यह भी बताया गया है कि आने वाले समय में लाखों यात्रियों को इस आधुनिक यात्रा सुविधा का सीधा लाभ मिल सकता है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के ऐला गांव में एक सफाई कर्मचारी से जुड़ी शिकायत सामने आई है। यह शिकायत ग्राम ऐला से संबंधित है।1
- देश के विभिन्न शहरों में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई मेट्रो लाइनों के शुरू होने से लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने और यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। यह भी बताया गया है कि आने वाले समय में लाखों यात्रियों को इस आधुनिक यात्रा सुविधा का सीधा लाभ मिल सकता है।1
- माहे मोहर्रम की सातवीं तारीख पर मंगलवार को बांदा शहर में अलम का कदीमी मातमी जुलूस पूरे अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। पूर्वी कोठी स्थित इमामबारगाह से शुरू हुए इस जुलूस में सैकड़ों अकीदतमंदों ने 'या हुसैन' के नारे लगाते हुए हजरत इमाम हुसैन और शोहदाए करबला को खिराजे अकीदत पेश की। इस दौरान इमामबाड़े से मातमी ढोल-ताशे के बीच नेजे भी उठाए गए। जुलूस से पहले पूर्वी कोठी और डिग्गी चौराहा इमामबारगाह में मजलिस का आयोजन हुआ, जिसे गाजीपुर से आए मौलाना सैयद हैदर करबलाई ने संबोधित किया। उन्होंने करबला के वाकये पर रोशनी डालते हुए बताया कि सातवीं मोहर्रम से यजीदी फौज ने नहरे फुरात पर पहरा लगाकर इमाम हुसैन, उनके साथियों और मासूम बच्चों के लिए पानी बंद कर दिया था। इसके बावजूद इमाम हुसैन ने सब्र, इंसाफ और इंसानियत का रास्ता नहीं छोड़ा और करबला के मैदान में शहादत पेश कर दुनिया को हक और सत्य के लिए संघर्ष का संदेश दिया। मजलिस के बाद अलमों का कदीमी जुलूस बरामद हुआ, जिसमें रजा मेहदी, हसन अख्तर, अली जहीर, शजरुल हसन और हसन रजा एडवोकेट ने दर्दभरे मरसिए पेश किए, जिससे अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। अंजुमन अब्बासिया के साहिबे बयाज शमसुल हसन रिजवी द्वारा नौहा पेश किए जाने पर मातमदारों ने सीनाजनी कर शोहदाए करबला को याद किया। यह जुलूस पद्माकर चौराहा, जीजीआईसी, बाकरगंज, छावनी चौराहा, गूलरनाका, अमर टॉकीज, जामा मस्जिद, गोल कोठी और अलीगंज सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। छावनी चौराहे पर झांसी से आए मौलाना फरमान अली आब्दी ने इमाम हुसैन के संदेश को अमन, भाईचारे, इंसाफ और मानवता का प्रतीक बताते हुए लोगों से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। अलीगंज इमामबारगाह में मगरिब की नमाज के बाद भी एक मजलिस हुई, जिसके बाद जुलूस पुनः विभिन्न मार्गों से होता हुआ पूर्वी कोठी इमामबारगाह पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस के समापन के उपरांत नज़रे हजरत अब्बास का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। इस पूरे आयोजन के दौरान जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और भारी पुलिस बल जुलूस के साथ तैनात रहा। आयोजन समिति की ओर से शोएब रिजवी ने शांतिपूर्ण और सफल आयोजन में सहयोग के लिए पुलिस एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अली इमाम आब्दी, मिर्जा यावर हुसैन एडवोकेट, आगा अंसार, मजहर हुसैन, अंसार हुसैन, जफर रजा, असगर रजा, वसीम हैदर, शमीम हैदर, साजिद हुसैन, अहमद रजा, हैदर शिकोह एडवोकेट, मोहसिन रजा एडवोकेट, अली मंजर एडवोकेट सहित सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे।4
- बांदा कांग्रेस कार्यालय पर एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित और कार्यकर्ताओं ने अजय राय जी के निर्देशन में नेट पेपर लीक और बेरोज़गार युवाओं के साथ हो रहे 'खिलवाड़' को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। इस बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे बेरोज़गार युवा लाखों रुपए खर्च करके परीक्षा देने पहुंचते हैं, लेकिन इसके बावजूद पेपर लीक की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। कार्यकर्ताओं ने इस स्थिति को 'बच्चों के साथ खिलवाड़' बताते हुए सरकार से इस मामले में ठोस कार्रवाई की मांग की।1
- सतना में जिला अधिवक्ता संघ के चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए चुनाव मैदान में उतरीं एडवोकेट कल्पना चौधरी लगातार अधिवक्ता साथियों से जनसंपर्क कर रही हैं और उनसे समर्थन तथा आशीर्वाद मांग रही हैं। इन चुनावों के लिए मतदान 3 जुलाई 2026 को होना निर्धारित है, जिसमें कल्पना चौधरी का सरल क्रमांक 3 है। कल्पना चौधरी ने अधिवक्ता साथियों से अपील की है कि वे उन्हें अपना सहयोग प्रदान करें और भारी मतों से विजयी बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें अधिवक्ताओं का विश्वास और समर्थन मिला, तो वे पूरी जिम्मेदारी के साथ अधिवक्ता हितों की रक्षा, संगठन को मजबूती प्रदान करने और साथियों की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करेंगी। अपने संदेश में, उन्होंने अधिवक्ता साथियों के विश्वास पर खरा उतरने का संकल्प व्यक्त करते हुए "आपका विश्वास, हमारी जिम्मेदारी" का नारा दिया है। चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच उत्साह का माहौल है, और कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए मुकाबला भी रोचक होता जा रहा है। सभी की नजरें अब 3 जुलाई 2026 को होने वाले मतदान पर टिकी हुई हैं।2
- सतना में विंध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चुनाव को लेकर व्यापारिक जगत में चर्चाओं का दौर जारी है। चुनाव मैदान में चार प्रत्याशी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, लेकिन समाज सेवा और जनहित के कार्यों में उनकी निरंतर सक्रियता के कारण मनोहर डिगवानी को एक मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। मनोहर डिगवानी अमर ज्योति सेवा समिति के संस्थापक सदस्य के रूप में वर्षों से समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं। उनके प्रयासों से 800 से अधिक नेत्रदान संपन्न हुए हैं, जिनसे 1600 से ज्यादा लोगों को दृष्टि का लाभ मिला है। इसके अलावा, उन्होंने मेडिकल कॉलेज के लिए देहदान और अंगदान के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाकर चिकित्सा शिक्षा एवं मानव सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। व्यापारियों का कहना है कि मनोहर डिगवानी ने हमेशा समाज और व्यापारियों के हितों को प्राथमिकता दी है। प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर उनकी अच्छी पकड़ होने के कारण वे व्यापारियों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सक्षम माने जाते हैं। व्यापारिक वर्ग में यह चर्चा है कि जो व्यक्ति वर्षों से निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करता आया हो, वही संगठन को नई दिशा और मजबूती दे सकता है। यही वजह है कि अनेक प्रतिष्ठित व्यापारी और युवा व्यापारी उनसे उम्मीदें लगाए हुए हैं। नेत्रदान, देहदान जागरूकता, मानव सेवा और व्यापारी हितों के लिए निरंतर कार्य करने वाले मनोहर डिगवानी एवं उनकी पूरी टीम की सेवाओं को समाज और व्यापारी वर्ग सम्मान की दृष्टि से देख रहा है, और वे व्यापारियों की पहली पसंद के रूप में उभर रहे हैं।1
- बांदा जिले के थाना बिसंडा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चौसड़ स्थित ओरन-अतर्रा मार्ग पर 22/23 जून 2026 की रात्रि को दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलों की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। तत्काल सूचना मिलने पर पीआरवी और थाना पुलिस ने सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहाँ इलाज के दौरान तीनों की दुखद मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही उच्च अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतकों के शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम करवाया गया है। पुलिस द्वारा तहरीर प्राप्त कर आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी। मौके पर शांति व्यवस्था सामान्य बनी हुई है, और पुलिस क्षेत्राधिकारी बबेरू, श्री कृष्णकांत त्रिपाठी ने इस घटना की जानकारी दी।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के मटौंध थाना क्षेत्र के उजरेहटा गांव में अवैध मोरम खनन रोकने पर एक किसान को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान आशु सिंह पुत्र कल्याण सिंह ने सोमवार को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। आशु सिंह ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह अपनी गाटा संख्या 503 भूमि का संक्रमणीय भूमिधर है। उनका आरोप है कि गांव के बृज किशोर सिंह अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर, बृज गोपाल सिंह पुत्र स्वर्गीय शिवचरण सिंह और कृष्णपाल सिंह उर्फ पुत्तन पुत्र स्वर्गीय माता दीन सिंह जबरन मोरम से लदे ट्रैक्टर उनके खेत से होकर निकलवा रहे थे। आशु सिंह के अनुसार, 20 जून 2026 की रात करीब 8 से 9 बजे जब उन्होंने अपने खेत से निकल रहे ट्रैक्टरों को रोकने की कोशिश की, तो तीनों आरोपी हाथ में असलहा लेकर आ गए और उन्हें पकड़कर लात-घूसों व बंदूक की बटों से पीटना शुरू कर दिया। शोर मचाने पर ग्रामीणों ने आकर उन्हें बचाया, जिसके बाद जाते समय आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित ने बताया कि ये तीनों आरोपी आपराधिक व गुंडा प्रवृत्ति के हैं। आशु सिंह का आरोप है कि उन्होंने घटना की सूचना मटौंध थाना पुलिस को दी थी, लेकिन पुलिस ने आरोपियों से मिलकर जबरन सुलह करा दी, जिससे उन्हें और उनके परिवार को अब भी जान का खतरा बना हुआ है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ अवैध मोरम खनन, मारपीट, धमकी देने और असलहा दिखाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। इस मारपीट का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें अवैध मोरम से भरे ट्रैक्टर को किसान के खेत से मना करने पर पिटाई दिखाई गई है।1