सतना में जिला अधिवक्ता संघ के चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए चुनाव मैदान में उतरीं एडवोकेट कल्पना चौधरी लगातार अधिवक्ता साथियों से जनसंपर्क कर रही हैं और उनसे समर्थन तथा आशीर्वाद मांग रही हैं। इन चुनावों के लिए मतदान 3 जुलाई 2026 को होना निर्धारित है, जिसमें कल्पना चौधरी का सरल क्रमांक 3 है। कल्पना चौधरी ने अधिवक्ता साथियों से अपील की है कि वे उन्हें अपना सहयोग प्रदान करें और भारी मतों से विजयी बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें अधिवक्ताओं का विश्वास और समर्थन मिला, तो वे पूरी जिम्मेदारी के साथ अधिवक्ता हितों की रक्षा, संगठन को मजबूती प्रदान करने और साथियों की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करेंगी। अपने संदेश में, उन्होंने अधिवक्ता साथियों के विश्वास पर खरा उतरने का संकल्प व्यक्त करते हुए "आपका विश्वास, हमारी जिम्मेदारी" का नारा दिया है। चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच उत्साह का माहौल है, और कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए मुकाबला भी रोचक होता जा रहा है। सभी की नजरें अब 3 जुलाई 2026 को होने वाले मतदान पर टिकी हुई हैं।
सतना में जिला अधिवक्ता संघ के चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए चुनाव मैदान में उतरीं एडवोकेट कल्पना चौधरी लगातार अधिवक्ता साथियों से जनसंपर्क कर रही हैं और उनसे समर्थन तथा आशीर्वाद मांग रही हैं। इन चुनावों के लिए मतदान 3 जुलाई 2026 को होना निर्धारित है, जिसमें कल्पना चौधरी का सरल क्रमांक 3 है। कल्पना चौधरी ने अधिवक्ता साथियों से अपील की है कि वे उन्हें अपना सहयोग प्रदान करें और भारी मतों से विजयी बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें अधिवक्ताओं
का विश्वास और समर्थन मिला, तो वे पूरी जिम्मेदारी के साथ अधिवक्ता हितों की रक्षा, संगठन को मजबूती प्रदान करने और साथियों की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करेंगी। अपने संदेश में, उन्होंने अधिवक्ता साथियों के विश्वास पर खरा उतरने का संकल्प व्यक्त करते हुए "आपका विश्वास, हमारी जिम्मेदारी" का नारा दिया है। चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच उत्साह का माहौल है, और कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए मुकाबला भी रोचक होता जा रहा है। सभी की नजरें अब 3 जुलाई 2026 को होने वाले मतदान पर टिकी हुई हैं।
- सतना में जिला अधिवक्ता संघ के चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए चुनाव मैदान में उतरीं एडवोकेट कल्पना चौधरी लगातार अधिवक्ता साथियों से जनसंपर्क कर रही हैं और उनसे समर्थन तथा आशीर्वाद मांग रही हैं। इन चुनावों के लिए मतदान 3 जुलाई 2026 को होना निर्धारित है, जिसमें कल्पना चौधरी का सरल क्रमांक 3 है। कल्पना चौधरी ने अधिवक्ता साथियों से अपील की है कि वे उन्हें अपना सहयोग प्रदान करें और भारी मतों से विजयी बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें अधिवक्ताओं का विश्वास और समर्थन मिला, तो वे पूरी जिम्मेदारी के साथ अधिवक्ता हितों की रक्षा, संगठन को मजबूती प्रदान करने और साथियों की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करेंगी। अपने संदेश में, उन्होंने अधिवक्ता साथियों के विश्वास पर खरा उतरने का संकल्प व्यक्त करते हुए "आपका विश्वास, हमारी जिम्मेदारी" का नारा दिया है। चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच उत्साह का माहौल है, और कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए मुकाबला भी रोचक होता जा रहा है। सभी की नजरें अब 3 जुलाई 2026 को होने वाले मतदान पर टिकी हुई हैं।2
- सतना में विंध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चुनाव को लेकर व्यापारिक जगत में चर्चाओं का दौर जारी है। चुनाव मैदान में चार प्रत्याशी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, लेकिन समाज सेवा और जनहित के कार्यों में उनकी निरंतर सक्रियता के कारण मनोहर डिगवानी को एक मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। मनोहर डिगवानी अमर ज्योति सेवा समिति के संस्थापक सदस्य के रूप में वर्षों से समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं। उनके प्रयासों से 800 से अधिक नेत्रदान संपन्न हुए हैं, जिनसे 1600 से ज्यादा लोगों को दृष्टि का लाभ मिला है। इसके अलावा, उन्होंने मेडिकल कॉलेज के लिए देहदान और अंगदान के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाकर चिकित्सा शिक्षा एवं मानव सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। व्यापारियों का कहना है कि मनोहर डिगवानी ने हमेशा समाज और व्यापारियों के हितों को प्राथमिकता दी है। प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर उनकी अच्छी पकड़ होने के कारण वे व्यापारियों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सक्षम माने जाते हैं। व्यापारिक वर्ग में यह चर्चा है कि जो व्यक्ति वर्षों से निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करता आया हो, वही संगठन को नई दिशा और मजबूती दे सकता है। यही वजह है कि अनेक प्रतिष्ठित व्यापारी और युवा व्यापारी उनसे उम्मीदें लगाए हुए हैं। नेत्रदान, देहदान जागरूकता, मानव सेवा और व्यापारी हितों के लिए निरंतर कार्य करने वाले मनोहर डिगवानी एवं उनकी पूरी टीम की सेवाओं को समाज और व्यापारी वर्ग सम्मान की दृष्टि से देख रहा है, और वे व्यापारियों की पहली पसंद के रूप में उभर रहे हैं।1
- बसंत कुमार गुप्ता ने गंभीर आरोप लगाया है कि तहसीलदार के आदेश के बावजूद अवैध निर्माण हटाने के निर्देशों की लगातार धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उनका कहना है कि इस स्थिति के कारण कानून का उल्लंघन हो रहा है। भारतीय जन मोर्चा पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र राय ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे स्पष्ट आदेश के बावजूद कार्रवाई न होना कहीं न कहीं कानून के दुरुपयोग का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि कलेक्टर की जन सुनवाई में आवेदन देने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं होती, तो यह सीधे तौर पर कानून और संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों की अवहेलना है। राय के अनुसार, वर्तमान स्थिति में भ्रष्टाचार के सामने कानून को न्याय मांगने के लिए हाथ जोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है। भारतीय जन मोर्चा पार्टी इस पूरी स्थिति का पुरजोर विरोध करती है। पार्टी ने विशेष रूप से मंदिर की जमीन हड़पने की कोशिशों का भी विरोध किया है। भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने प्रशासन से जनता को तुरंत न्याय दिलाने और उन्हें अपनी शिकायतों के लिए भटकने पर मजबूर न करने की मांग की है।1
- रीवा में ब्राह्मण समाज के प्रति एक युवक द्वारा कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना ने एक सार्वजनिक बहस को जन्म दिया है। यह नया विवाद भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर के बाद दिए गए एक बयान को लेकर और भी तेज हो गया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी बघेली कलाकार मनीष पटेल के एक विवादित टाइटल को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे और एफआईआर दर्ज करने की स्थिति बनी थी। सामने आए इस वीडियो का उद्देश्य किसी भी जाति, धर्म या समुदाय के प्रति नफरत फैलाना नहीं है, बल्कि इसका मुख्य लक्ष्य पूरे घटनाक्रम, विवाद की वास्तविक वजह और इस पर लोगों की विभिन्न प्रतिक्रियाओं की जानकारी प्रदान करना है।1
- चित्रकूट जनपद से सटे बांदा जनपद के पंद्रह मजदूर परिवारों ने आज जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई है। इन परिवारों ने कर्वी के तरौंहा निवासी एक व्यक्ति पर ईंट भट्ठे में की गई मजदूरी का भुगतान न करने का गंभीर आरोप लगाया है। सोमवार सुबह 11:30 बजे कलेक्ट्रेट पहुँचकर उन्होंने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। शिकायतकर्ता महिला मजदूर सुशीला, जो बांदा जनपद के सिंहपुर की निवासी हैं, ने बताया कि कर्वी के तरौंहा निवासी सुरेश नामक व्यक्ति उन्हें और चौदह अन्य परिवारों को अक्टूबर 2025 में राजस्थान के हिसार स्थित एक ईंट भट्ठे में काम करने के लिए लेकर गया था। मजदूरों को प्रतिदिन 540 रुपए की दर से मजदूरी का भुगतान करने का वादा किया गया था, लेकिन उन्हें हर पंद्रह दिन में केवल खाना-खुराक के लिए ही कुछ पैसे दिए जाते थे। पीड़ितों के अनुसार, बीती 17 जून 2026 को सुरेश उनकी पूरी मजदूरी का पैसा लेकर मौके से फरार हो गया। इसके बाद, ये मजदूर किसी तरह चित्रकूट पहुँचकर आज जिलाधिकारी कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की मांग की है।1
- चित्रकूट जनपद के कर्वी कोतवाली अंतर्गत कालूपुर पाही गांव में बीते रविवार शाम लगभग 7:00 बजे एक दुखद घटना घटी, जहाँ 22 वर्षीय नागेंद्र, पुत्र हरिप्रसाद, ने अज्ञात कारणों से फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से नागेंद्र की फुफेरी बहन की शादी का जश्न का माहौल तुरंत गम में तब्दील हो गया। मृतक के परिजनों ने बताया कि नागेंद्र की फुफेरी बहन की शादी का कार्यक्रम शिवरामपुर के चकला गुरु बाबा गांव में चल रहा था। नागेंद्र वहीं पर घरेलू काम करवाने के बाद शाम को अपने घर कालूपुर पाही आया था। घर को सुना पाकर वह चुपचाप कमरे के अंदर गया और साड़ी का फंदा डालकर अपनी जान दे दी। जब नागेंद्र चकला गुरु बाबा गांव नहीं पहुंचा तो परिजन उसे बुलाने कालूपुर पाही पहुंचे। घर में जाकर जब उन्होंने देखा तो उनके होश उड़ गए, नागेंद्र साड़ी के फंदे में फाँसी पर लटका हुआ था और उसकी मौत हो चुकी थी। नागेंद्र की मौत की खबर मिलते ही शादी वाले घर में खुशियाँ मातम में बदल गईं। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर आज सोमवार दोपहर 1:00 बजे जिला मुख्यालय में पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस अब आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुट गई है।1
- पन्ना कलेक्ट्रेट में ऑग्ज़ीलियरी नर्स मिडवाइव्स (ANM) ने अपने अधिकारों की मांग को लेकर जोरदार हुंकार भरी। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर तक एक रैली निकाली और अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन डिप्टी सीएम के नाम सौंपा।1
- सतना में यातायात पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक नाबालिग चालक को बाइक पर हूटर लगाकर सायरन बजाते और नंबर प्लेट छुपाकर गाड़ी चलाते हुए पकड़ा। इस उल्लंघन के बाद चालक और उसके परिजनों को थाना लाया गया, जहाँ उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने इस मामले में कुल ₹2500 का अर्थदंड शुल्क वसूला है।1